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कटाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, कार्रवाई के निर्देश बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम ने टेढ़ागाछ प्रखंड के मटियारी गांव में कनकई नदी किनारे कटाव का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को अविलंब कटाव रोधी कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। मटियारी पंचायत हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होती है। बाद में विधायक ने प्रखंड मुख्यालय में कार्यक्रम में शामिल होकर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया, जहां कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Md Abu Farhan
कटाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, कार्रवाई के निर्देश बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम ने टेढ़ागाछ प्रखंड के मटियारी गांव में कनकई नदी किनारे कटाव का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को अविलंब कटाव रोधी कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। मटियारी पंचायत हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होती है। बाद में विधायक ने प्रखंड मुख्यालय में कार्यक्रम में शामिल होकर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया, जहां कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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- सदर अस्पताल अररिया में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ थी और लगभग सभी बेड भरे हुए थे। इस बीच इमरजेंसी वार्ड में एक बेड खाली होने के बावजूद उपयोग में नहीं लाया जा सका, क्योंकि उस पर खून से सनी चादर पड़ी हुई थी। मरीज के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से कई बार चादर बदलने का अनुरोध किया, लेकिन घंटों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे मरीज को बेड मिलने में अनावश्यक देरी हुई और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। इसी दौरान जब मीडिया टीम अस्पताल पहुंची, तो परिजनों ने अपनी समस्या साझा की। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड के टीम लीडर कृष्ण कुमार से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और तुरंत खून से सनी चादर हटाकर बेड को साफ कराया। इसके बाद मरीज को बेड उपलब्ध कराया गया। यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।1
- जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट == भारत-नेपाल सीमावर्ती जोगबनी बाजार में एक बार फिर चहल-पहल लौटती नजर आ रही है। पड़ोसी देश नेपाल सरकार द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए कड़े टैक्स नियमों में ढील देने के बाद स्थानीय बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ गई है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को राहत मिली है। ज्ञात हो कि नेपाल सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से हाल ही में एक नया भंसार (कस्टम ड्यूटी) नियम लागू किया था। इस नियम के तहत सीमा पार से नेपाल जाने वाले लोगों को 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि, इस नियम के लागू होते ही सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध के स्वर तेज हो गए थे। आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों को रोजमर्रा के उपयोग के सामान ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए और बढ़ते असंतोष के बीच नेपाल सरकार को अपने फैसले में आंशिक बदलाव करते हुय नियमों में ढील के बाद जोगबनी बाजार में फिर से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे स्थानीय व्यापार को संजीवनी मिली है। खासकर वे लोग, जो रोजाना सीमापार से जरूरी सामान लाते-ले जाते हैं, उन्हें इस फैसले से बड़ी राहत मिली है।1
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