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नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल परंपरा निभाई तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल की परंपरा निभाई गई, मंदिर के खर्चभंडार में सम्पन्न हुआ आषाढ़ी तौल, इस वर्ष अनाज श्रेष्ठ व वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान, वर्ष भर के भविष्यवाणी का आकलन है आषाढी तोल,
Tarun Joshi, Rajsamand
नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल परंपरा निभाई तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल की परंपरा निभाई गई, मंदिर के खर्चभंडार में सम्पन्न हुआ आषाढ़ी तौल, इस वर्ष अनाज श्रेष्ठ व वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान, वर्ष भर के भविष्यवाणी का आकलन है आषाढी तोल,
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- Post by Meena Dave1
- नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल परंपरा निभाई तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल की परंपरा निभाई गई, मंदिर के खर्चभंडार में सम्पन्न हुआ आषाढ़ी तौल, इस वर्ष अनाज श्रेष्ठ व वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान, वर्ष भर के भविष्यवाणी का आकलन है आषाढी तोल,1
- खर्चभंडार में सम्पन्न हुआ आषाढ़ी तौल, इस वर्ष अनाज श्रेष्ठ व वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान नाथद्वारा। प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को श्रीनाथजी मंदिर के ‘खर्च भण्डार’ में प्राचीन परंपरानुसार विभिन्न धान्यादी भौतिक वस्तुओं के तौल से आगामी वर्ष में पैदावार एवं व्यापार हेतु पूर्वानुमान लगाया जाता है जिसे ‘आषाढ़ी तौलना’ कहते हैं । कल पूर्णिमा पर तौल कर रखे धान आदि वस्तुओं को आज सुबह ग्वाल के दर्शनों में पुनः श्रीजी के मुख्य पंड्या परेश नागर के सांनिध्य में खर्च भंडार के भंडारी प्रकाशचंद्र सनाढय व कर्मचारियों की उपस्थिति में तौला गया जिसके आधार पर इस वर्ष धान्य की पैदावार में श्रेष्ठ बतायी गयी है, पंड्या परेश नागर ने बताया कि वर्षा सामान्य से अधिक रहेगी जिसमें आषाढ़ में तीन आना, श्रावण में पांच आना, भाद्रपद (भादवा) में पांच आना व आसोज में दो आना ओर वायु पूर्व दिशा की होगी । गुड़, नमक, मनुष्य व पशु में कमी ओर इसके अलावा सभी जिंसों में बढ़ोतरी नापी गई व हरा मूंग, उड़द, सरसों व घास समान रहे। ज्ञात हो कि परम्परानुसार श्रीनाथजी मंदिर में हर वर्ष छोटे-बड़े विभिन्न पात्रों में भर कर मूंग हरा, मक्का, बाजरा, ज्वार, तिल्ली, गेहूं आदि 27 भौतिक सामग्रियों को श्रीजी के मुख्य पंड्या व खर्च भंडारी आदि की देखरेख में तौल कर खर्च भण्डार के एक कोठे में रख दिया जाता हैं. अगले दिन श्रावण कृष्ण प्रतिपदा के दिन उन सभी पात्रों में रखी वस्तुओं को पुनः श्रीजी के मुख्य पंड्या आदि के सानिध्य में तौला जाता है एवं इन में हुई वृद्धि अथवा कमी के आधार पर आने वाले वर्ष में फसलों, धन-धान्य, पशुओं के चारे, आपदाओं, वर्षा की मात्रा, वायु का रुख आदि का अनुमान लगाया जाता है जो कि कई हद तक आने वाले समय का सटीक फलित करता है। आसपास के गावों के ग्रामीण आदि इस आधार पर आगामी वर्ष में फसलों की बुवाई की तो वहीँ कई अनाज आदि के व्यापारी अपने व्यापार में स्टॉक आदि की योजना बनाते हैं।3
- पुतला दहन मामले में एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुतले को सहारा देने के लिए नाली में पड़े पुराने होर्डिंग का उपयोग किया गया था, राजसमन्द 29-07-2026 पुतला दहन मामले में एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग चारभुजा गढ़बोर चारभुजा तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस के पुतला दहन कार्यक्रम से जुड़े मामले में कोयला निवासी गुमान सिंह खरवड़ ने एसपी हेमंत कलाल को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुतले को सहारा देने के लिए नाली में पड़े पुराने होर्डिंग का उपयोग किया गया था, जिसमें किसी देवी-देवता का चित्र नहीं था। बाद में एआई तकनीक से तस्वीर में देवी माता का चित्र जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। गुमान सिंह ने एफआईआर में दर्ज तथ्यों पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी बात सुने बिना मामला दर्ज किया गया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- श्रीलाड़ आमेटा ब्रह्म संस्था के द्विवार्षिक चुनाव संपन्न, श्यामलाल आमेटा अध्यक्ष निर्वाचित, नई कार्यकारिणी का किया स्वागत श्रीलाड़ आमेटा ब्रह्म संस्था के द्विवार्षिक चुनाव हिरण मगरी सेक्टर 4 स्थित आमेटा भवन में सम्पन्न हुए। इस चुनाव में मेवाड़, वागड़, मालवा सहित विभिन्न गांवो व कस्बों से समाजजनों ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। संस्था भवन में करीब 800 हजार समाजजनों की उपस्थिति में मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमाकांत आमेटा सेवानिवृत्ति शिक्षा उपनिदेशक, गादोली की टीम के सानिध्य में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री, संयुक्त सचिव आदि पदों पर मतदान कर चुनाव संपन्न कराए गए। अध्यक्ष पद पर समाजसेवी भामाशाह एवं शिक्षक नेता श्यामलाल आमेटा गादोली अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से 126 वोटो से विजयी रहे। महामंत्री पद पर प्रेमशंकर आमेटा वल्लभनगर, उपाध्यक्ष पद पर हरिप्रसाद कुराबड, राजेश्वर भट्ट भींडर, संयुक्त सचिव पद पर चंद्रशेखर गांव नाई विजय निर्वाचित हुए।1
- सुनो आप बीती कहानी 5 साल से परेशान थे, 10 दिनों में ठीक हुए, आज 5 साल बाद बीमारी फिर से नहीं हुए आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ में संपर्क करें 83020838351
- श्रीनाथजी के मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल की परंपरा का निर्वहन किया गया तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक आषाढी तोल की परंपरा निभाई गई, मंदिर के खर्चभंडार में सम्पन्न हुआ आषाढ़ी तौल, इस वर्ष अनाज श्रेष्ठ व वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान, वर्ष भर के प्रतिफल का आकलन है आषाढी तोल, राजसमंद स्थित श्रीनाथद्वारा में प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को श्रीनाथजी मंदिर के ‘खर्च भण्डार’ में प्राचीन परंपरानुसार विभिन्न धान्यादी भौतिक वस्तुओं के तौल से आगामी वर्ष में पैदावार एवं व्यापार हेतु पूर्वानुमान लगाया जाता है। जिसे ‘आषाढ़ी तौलना’ कहते हैं । यह परंपरा श्रीनाथजी मंदिर में सदियों से चली आ रही है। कल पूर्णिमा पर तौल कर रखे धान आदि वस्तुओं को आज सुबह ग्वाल के दर्शनों में पुनः श्रीजी के मुख्य पंड्या परेश नागर के सांनिध्य में खर्च भंडार के भंडारी प्रकाशचंद्र सनाढय व कर्मचारियों की उपस्थिति में तौला गया। जिसके आधार पर इस वर्ष धान्य की पैदावार में श्रेष्ठ बतायी गयी है।पंड्या जी परेश नागर ने बताया कि वर्षा सामान्य से अधिक रहेगी जिसमें आषाढ़ में तीन आना, श्रावण में पांच आना, भाद्रपद (भादवा) में पांच आना व आसोज में दो आना ओर वायु पूर्व दिशा की होगी । गुड़, नमक, मनुष्य व पशु में कमी ओर इसके अलावा सभी जिंसों में बढ़ोतरी नापी गई व हरा मूंग, उड़द, सरसों व घास समान रहे। ज्ञात रहे कि परम्परानुसार श्रीनाथजी मंदिर में हर वर्ष छोटे-बड़े विभिन्न पात्रों में भर कर मूंग हरा, मक्का, बाजरा, ज्वार, तिल्ली, गेहूं आदि 27 भौतिक सामग्रियों को श्रीजी के मुख्य पंड्या व खर्च भंडारी आदि की देखरेख में तौल कर खर्च भण्डार के एक कोठे में रख दिया जाता हैं. अगले दिन श्रावण कृष्ण प्रतिपदा के दिन उन सभी पात्रों में रखी वस्तुओं को पुनः श्रीजी के मुख्य पंड्या आदि के सानिध्य में तौला जाता है एवं इन में हुई वृद्धि अथवा कमी के आधार पर आने वाले वर्ष में फसलों, धन-धान्य, पशुओं के चारे, आपदाओं, वर्षा की मात्रा, वायु का रुख आदि का अनुमान लगाया जाता है जो कि कई हद तक आने वाले समय का सटीक फलित करता है । आसपास के गावों के ग्रामीण आदि इस आधार पर आगामी वर्ष में फसलों की बुवाई की तो वहीँ कई अनाज आदि के व्यापारी अपने व्यापार में स्टॉक आदि की योजना बनाते हैं। बाइट - परेश पंड्या ( पंड्या जी श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा )4
- नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव वीर भांजे का खेड़ा हनुमान जी1