जम्मू-कश्मीर के टंगमर्ग में लगातार हो रही बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण द्रुंग-टंगमर्ग मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। रविवार सुबह सड़क का एक हिस्सा मलबे की चपेट में आ जाने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बहाली कार्य को बिना किसी खतरे के चलाने के उद्देश्य से यातायात को तुरंत निलंबित कर दिया गया। मार्ग को दोबारा खोलने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, नागरिक प्रशासन, सीआरपीएफ 176 बटालियन, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (PHE) विभाग, सड़क एवं भवन (R&B) विभाग टंगमर्ग और स्थानीय स्वयंसेवकों की एक संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। मलबे को साफ करने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कर्मचारियों और मशीनरी को काम में लगाया गया है। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को काम पूरा होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने तथा प्रतिकूल मौसम में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।
जम्मू-कश्मीर के टंगमर्ग में लगातार हो रही बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण द्रुंग-टंगमर्ग मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। रविवार सुबह सड़क का एक हिस्सा मलबे की चपेट में आ जाने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बहाली कार्य को बिना किसी खतरे के चलाने के उद्देश्य से यातायात को तुरंत निलंबित कर दिया गया। मार्ग को दोबारा खोलने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, नागरिक प्रशासन, सीआरपीएफ 176 बटालियन, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (PHE) विभाग, सड़क एवं भवन (R&B) विभाग टंगमर्ग और स्थानीय स्वयंसेवकों की एक संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। मलबे को साफ करने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कर्मचारियों और मशीनरी को काम में लगाया गया है। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को काम पूरा होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने तथा प्रतिकूल मौसम में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।
- जम्मू-कश्मीर के टंगमर्ग में लगातार हो रही बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण द्रुंग-टंगमर्ग मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। रविवार सुबह सड़क का एक हिस्सा मलबे की चपेट में आ जाने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बहाली कार्य को बिना किसी खतरे के चलाने के उद्देश्य से यातायात को तुरंत निलंबित कर दिया गया। मार्ग को दोबारा खोलने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, नागरिक प्रशासन, सीआरपीएफ 176 बटालियन, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (PHE) विभाग, सड़क एवं भवन (R&B) विभाग टंगमर्ग और स्थानीय स्वयंसेवकों की एक संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। मलबे को साफ करने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कर्मचारियों और मशीनरी को काम में लगाया गया है। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को काम पूरा होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने तथा प्रतिकूल मौसम में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय (हाई-पावर्ड) टास्क फोर्स का ऐलान किया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व नंदन नीलेकणि करेंगे।1
- बीजेपी नेता रविंद्र रैना ने बीयरवाह का दौरा कर इमारत ढहने के हादसे के दौरान कई लोगों की जान बचाने वाले SHO मुदस्सिर अहमद की बहादुरी और समय पर की गई कार्रवाई की सराहना की है। इस दौरान रविंद्र रैना ने अधिकारी को उनकी निष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के लिए बधाई दी और उनका धन्यवाद व्यक्त किया।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। पार्टी नेताओं ने इस घटनाक्रम को शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों की बड़ी जीत बताया है।1
- 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल की स्ट्रिंगमो सिस्टर्स ने भारतीय सेना के समर्थन में एक बेहद भावुक और आत्मा को छू लेने वाली श्रद्धांजलि प्रस्तुत की है। देशभक्ति, भावना और ऊर्जा से भरपूर यह प्रस्तुति किसी की भी आँखों में आँसू ला देने वाली है। यह प्रस्तुति हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और अटूट जज्बे को दिल से दिया गया एक सलाम है।1
- वहीद पारा ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की माँग की है। उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ भी भारत के अन्य हिस्सों के प्रदर्शनकारियों की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाने चाहिए।1
- कश्मीर घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में भूस्खलन हुआ है, जिससे द्रंग झरने की ओर जाने वाली द्रंग-टंगमर्ग सड़क पूरी तरह से बाधित हो गई है। सड़क मार्ग पर मलबा आने के बाद यातायात को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है और अगले आदेश तक किसी भी पर्यटक या नागरिक को झरने की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। घटनास्थल पर सीआरपीएफ (CRPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद हैं, जो स्थिति को संभालने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।4