बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी सनी चौधरी ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमले का शिकार हुए जहाज से सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनके साथ जहाज पर 20 अन्य भारतीय कर्मी भी मौजूद थे। सनी चौधरी पिछले एक वर्ष से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और उनकी ड्यूटी 'एमटी जगवीर' नामक जहाज पर थी, जो कोर फकान पोर्ट से माल लेकर न्यू मैंगलोर (भारत) आ रहा था। 15 मई को अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज पर फायरिंग की और उसे वापस लौटने का आदेश दिया, जिसके बाद कैप्टन जहाज को ओमान के सिनास पोर्ट ले गए। जहाज लगभग एक महीने तक समुद्र में ही खड़ा रहा, जिससे चालक दल के पास राशन और पानी की किल्लत हो गई थी। संकट तब और गहरा गया जब 11 जून की सुबह करीब 7:30 बजे अमेरिकी नौसेना ने बिना किसी पूर्व सूचना के जहाज पर मिसाइल हमला कर दिया। इस भीषण हमले में जहाज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और जहाज पर सवार सनी चौधरी सहित सभी 20 भारतीय कर्मियों की जान खतरे में पड़ गई। हमले की सूचना मिलते ही ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत संज्ञान लिया और उनके अनुरोध पर ओमान नौसेना ने फौरन एक युद्धपोत मौके पर भेजा। ओमान नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर समय रहते सभी 20 भारतीयों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सनी चौधरी ने बताया कि यदि बचाव कार्य में कुछ घंटों की भी देरी होती, तो किसी का भी बचना असंभव था। सिनास पोर्ट पहुंचने के बाद भारतीय दूतावास ने सभी कर्मियों के रहने, खाने और वतन वापसी के पुख्ता इंतजाम किए। सकुशल खुर्जा पहुंचने पर परिजनों ने सनी चौधरी का स्वागत किया। सनी ने भारत सरकार और ओमान में भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण ही सभी 20 भारतीय सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट पाए हैं।
बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी सनी चौधरी ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमले का शिकार हुए जहाज से सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनके साथ जहाज पर 20 अन्य भारतीय कर्मी भी मौजूद थे। सनी चौधरी पिछले एक वर्ष से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और उनकी ड्यूटी 'एमटी जगवीर' नामक जहाज पर थी, जो कोर फकान पोर्ट से माल लेकर न्यू मैंगलोर (भारत) आ रहा था। 15 मई को अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज पर फायरिंग की और उसे वापस लौटने का आदेश दिया, जिसके बाद कैप्टन जहाज को ओमान के सिनास पोर्ट ले गए। जहाज लगभग एक महीने तक समुद्र में ही खड़ा रहा, जिससे चालक दल के पास राशन और पानी की किल्लत हो गई थी। संकट तब और गहरा गया जब 11 जून की सुबह करीब 7:30 बजे अमेरिकी नौसेना ने बिना किसी पूर्व सूचना के जहाज पर मिसाइल हमला कर दिया। इस भीषण हमले में
जहाज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और जहाज पर सवार सनी चौधरी सहित सभी 20 भारतीय कर्मियों की जान खतरे में पड़ गई। हमले की सूचना मिलते ही ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत संज्ञान लिया और उनके अनुरोध पर ओमान नौसेना ने फौरन एक युद्धपोत मौके पर भेजा। ओमान नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर समय रहते सभी 20 भारतीयों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सनी चौधरी ने बताया कि यदि बचाव कार्य में कुछ घंटों की भी देरी होती, तो किसी का भी बचना असंभव था। सिनास पोर्ट पहुंचने के बाद भारतीय दूतावास ने सभी कर्मियों के रहने, खाने और वतन वापसी के पुख्ता इंतजाम किए। सकुशल खुर्जा पहुंचने पर परिजनों ने सनी चौधरी का स्वागत किया। सनी ने भारत सरकार और ओमान में भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण ही सभी 20 भारतीय सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट पाए हैं।
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में गूगल मैप के बताए रास्ते का अनुसरण करना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। गूगल मैप के निर्देशों का पालन करते हुए जा रही परिवार की कार गहरे नाले में जा गिरी, जिसमें सवार एक ही परिवार के चार सदस्य फंस गए। यह परिवार करीब 2 घंटे तक अपनी कार सहित नाले में फंसा रहा। इस घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद नाले में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर कार को भी बाहर खींच लिया।3
- बुलंदशहर के छतारी क्षेत्र में स्थित सिद्धगढ़ी गांव के पास एक प्राइवेट बस और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस भयावह हादसे में ट्रक ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अलीगढ़ के हायर मेडिकल सेंटर रेफर किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए देर रात जिले के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। बुलंदशहर के एसपी क्राइम नरेश कुमार ने इस घटना के संबंध में जानकारी दी है, जिसकी रिपोर्ट अमित तोमर, बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज (BTN24) द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- ग्रेटर नोएडा में एक व्यक्ति की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।1
- हरदोई के टोडरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक भव्य जनकल्याण एवं स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्याम बाबू त्रिवेदी, प्रधान झल्लू पांडे, मोहित सिंह, अतुल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। स्वास्थ्य मेले में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, परामर्श और सुविधाएँ प्रदान की गईं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों को उपहार देकर सम्मानित किया गया, वहीं कुष्ठ रोगियों को भी उपहार वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, एक दर्जन लोगों को निःशुल्क चश्मे भी प्रदान किए गए।1
- बुलंदशहर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नेताओं, जिनमें जिला संरक्षक चौधरी कुलदीप गुड्डू, युवा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र आर्य, और राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी जी शामिल थे, ने जिलाधिकारी महोदय और अपर ज़िलाधिकारी महोदय के साथ किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के समक्ष विभिन्न महत्वपूर्ण मांगें रखीं और चेतावनी दी कि यदि अगले 5 दिनों के भीतर इन मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं हुई, तो बुलंदशहर जनपद में जिला मुख्यालय पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। किसानों की मुख्य मांगों में वेव शुगर मिल बुलंदशहर पर लगभग दो माह से बकाया गन्ना भुगतान को 5 दिन के अंदर कराना, सभी समिति सोसाइटियों पर डीएपी डाई और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि पॉश मशीन में किसान जितनी बोरियां खाद लेते हैं, सचिव उतनी ही बोरियां उनके खाते पर चढ़ाएं और ज्यादा बोरियां चढ़ाने वाले सचिवों के खिलाफ कार्रवाई हो। 15 जून 2026 को जनपद की सोसाइटियों पर पॉश मशीन न चलने से यूरिया डाई का वितरण नहीं हो सका, जिस पर आश्वासन मिला कि कल सभी समितियों की पॉश मशीन चलवाकर खाद वितरण समय से कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, माननीय मुख्यमंत्री पोर्टल पर दिए गए प्रार्थना पत्रों की शिकायत का निस्तारण गूगल मैप पर मौके से फोटो अपलोड कर और शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर के बाद मौके पर ही किया जाए, तथा गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो। किसानों को कम से कम 18 घंटे बिजली देने की मांग की गई, साथ ही मनमाफिक बिजली कटौती करने वाले विद्युत विभाग के जेई और संविदा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा संविदा कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली पर उच्च अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया। किसानों ने गांवों में चौपाल लगाकर फार्मर रजिस्ट्री व घरोंनी बनाने की भी मांग की, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का उचित लाभ मिल सके। जिलाधिकारी महोदय ने किसानों को उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। चौधरी कुलदीप गुड्डू ने बताया कि राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी जी की अध्यक्षता में यह चर्चा हुई। इस अवसर पर राजेश सिंह चौहान, मांगेराम त्यागी, हरनाम वर्मा, धर्मेंद्र मलिक, बाबा राजेंद्र मलिक, चौधरी दिगंबर सिंह जिंदाबाद, भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक जिंदाबाद और जय जवान जय किसान के नारे भी लगाए गए।3
- बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी सनी चौधरी ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमले का शिकार हुए जहाज से सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। उनके साथ जहाज पर 20 अन्य भारतीय कर्मी भी मौजूद थे। सनी चौधरी पिछले एक वर्ष से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और उनकी ड्यूटी 'एमटी जगवीर' नामक जहाज पर थी, जो कोर फकान पोर्ट से माल लेकर न्यू मैंगलोर (भारत) आ रहा था। 15 मई को अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज पर फायरिंग की और उसे वापस लौटने का आदेश दिया, जिसके बाद कैप्टन जहाज को ओमान के सिनास पोर्ट ले गए। जहाज लगभग एक महीने तक समुद्र में ही खड़ा रहा, जिससे चालक दल के पास राशन और पानी की किल्लत हो गई थी। संकट तब और गहरा गया जब 11 जून की सुबह करीब 7:30 बजे अमेरिकी नौसेना ने बिना किसी पूर्व सूचना के जहाज पर मिसाइल हमला कर दिया। इस भीषण हमले में जहाज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और जहाज पर सवार सनी चौधरी सहित सभी 20 भारतीय कर्मियों की जान खतरे में पड़ गई। हमले की सूचना मिलते ही ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत संज्ञान लिया और उनके अनुरोध पर ओमान नौसेना ने फौरन एक युद्धपोत मौके पर भेजा। ओमान नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर समय रहते सभी 20 भारतीयों को समुद्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सनी चौधरी ने बताया कि यदि बचाव कार्य में कुछ घंटों की भी देरी होती, तो किसी का भी बचना असंभव था। सिनास पोर्ट पहुंचने के बाद भारतीय दूतावास ने सभी कर्मियों के रहने, खाने और वतन वापसी के पुख्ता इंतजाम किए। सकुशल खुर्जा पहुंचने पर परिजनों ने सनी चौधरी का स्वागत किया। सनी ने भारत सरकार और ओमान में भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण ही सभी 20 भारतीय सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट पाए हैं।2