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चंदौली धानापुर श्री राम कथा दूसरे दिन समय 2:00 बजे समय से पहुंचकर कथा सुने सैयदराजा विधायक सुशील सिंह

1 hr ago
user_Ajay Singh
Ajay Singh
Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

चंदौली धानापुर श्री राम कथा दूसरे दिन समय 2:00 बजे समय से पहुंचकर कथा सुने सैयदराजा विधायक सुशील सिंह

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  • चंदौली धानापुर श्री राम कथा दूसरे दिन समय 2:00 बजे समय से पहुंचकर कथा सुने सैयदराजा विधायक सुशील सिंह
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    चंदौली धानापुर श्री राम कथा दूसरे दिन समय 2:00 बजे समय से पहुंचकर कथा सुने सैयदराजा विधायक सुशील सिंह
    user_Ajay Singh
    Ajay Singh
    Local News Reporter सकलडीहा, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *असत्य पर सत्य तथा अधर्म पर धर्म की विजय के पावन पर्व विजयादशमी के अवसर पर आज श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी का विधि-विधान से विशिष्ट पूजन-अर्चन किया।* *श्री नाथ जी जन-जन को सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद प्रदान करें, यही प्रार्थना है।* *प्रसारित वीडियो *असत्य पर सत्य तथा अधर्म पर धर्म की विजय के पावन पर्व विजयादशमी के अवसर पर आज श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी का विधि-विधान से विशिष्ट पूजन-अर्चन किया।* *श्री नाथ जी जन-जन को सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद प्रदान करें, यही प्रार्थना है।* *प्रसारित वीडियो
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    *असत्य पर सत्य तथा अधर्म पर धर्म की विजय के पावन पर्व विजयादशमी के अवसर पर आज श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी का विधि-विधान से विशिष्ट पूजन-अर्चन किया।* 

 *श्री नाथ जी जन-जन को सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद प्रदान करें, यही प्रार्थना है।*
 *प्रसारित वीडियो
*असत्य पर सत्य तथा अधर्म पर धर्म की विजय के पावन पर्व विजयादशमी के अवसर पर आज श्री गोरखनाथ मंदिर में शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी का विधि-विधान से विशिष्ट पूजन-अर्चन किया।* 
*श्री नाथ जी जन-जन को सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद प्रदान करें, यही प्रार्थना है।*
*प्रसारित वीडियो
    user_@karanBhaskar
    @karanBhaskar
    Singer मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कौन हैं माता शीतला? विजयादशमी पर चंदुआ-छित्तूपुर धाम में गूंजा जयकारा, जानिए क्यों दशमी पर होता है माँ का विशेष श्रृंगार और हवन न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि और विजयादशमी के महापर्व पर काशी के चंदुआ-छित्तूपुर स्थित शीतला माता धाम में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रोग-शोक हरने वाली, शीतलता प्रदान करने वाली माँ शीतला के दरबार में उमड़े भक्त, सच्चे मन से मांगी हर मुराद होती है इस पावन अवसर पर माता शीतला का दिव्य श्रृंगार, पूजन और हवन कार्यक्रम का न्यूज़ टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन और उनके परिवार सभी सदस्यों ने आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। माता के दरबार को लाल चुनरियों, हरे पत्तों और गेंदा-गुलाब की मालाओं से अलौकिक रूप से सजाया गया। माता के समक्ष सेब, अनार, केला, मौसमी फल, लड्डू, बताशे, हलवा और पूड़ी का विशाल भोग अर्पित किया गया। हवन कुंड के सामने छोटे-छोटे थाल पर रखे हवन सामग्री के साथ भक्तों ने आहुतियां दीं।कौन हैं माता शीतला? शास्त्रों के अनुसार माता शीतला, माँ दुर्गा का ही एक शीतल और सौम्य स्वरूप हैं। स्कंद पुराण और शीतला अष्टक में इनका वर्णन मिलता है। मान्यता है कि ये रोग, ताप, चेचक और बाधाओं को हर कर भक्तों के जीवन में शीतलता,यानी ठंडक, सुख और शांति प्रदान करती हैं। इनके एक हाथ में झाड़ू, दूसरे में सूप, कलश और नीम के पत्ते होते हैं जो स्वच्छता और आरोग्यता का प्रतीक है। काशी खंड में भी शीतला माता के कई सिद्ध पीठों का वर्णन है, जिनमें चंदुआ-छित्तूपुर का यह धाम स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत जागृत माना जाता है।दशमी पर विशेष पूजन का महत्व: नवरात्र में नौ दिन तक माँ के नौ रूपों की आराधना के बाद दशमी तिथि विजय और सिद्धि का प्रतीक है। इस दिन माता शीतला का श्रृंगार करने, हवन में आहुति देने से परिवार में रोग-शोक दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। इसीलिए इस दिन भक्त अपने परिवार की मंगल कामना लेकर माता के दरबार में आते हैं।स्थानीय मान्यता: चंदुआ-छित्तूपुर के बुजुर्ग बताते हैं कि इस धाम में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी अर्जी लगाता है, माता शीतला उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। जो एक बार माँ के दर्शन कर लेता है, उस पर माँ का आशीर्वाद सदैव बना रहता है और माँ अपनी ममता की छाया में उसे रखती हैं। देर शाम तक मंदिर में घंटा-घड़ियाल, जयकारों और भजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। स्थान: श्री शीतला माता धाम, चंदुआ-छित्तूपुर, वाराणसी
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    कौन हैं माता शीतला? विजयादशमी पर चंदुआ-छित्तूपुर धाम में गूंजा जयकारा, जानिए क्यों दशमी पर होता है माँ का विशेष श्रृंगार और हवन
न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट 
वाराणसी। शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि और विजयादशमी के महापर्व पर काशी के चंदुआ-छित्तूपुर स्थित शीतला माता धाम में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रोग-शोक हरने वाली, शीतलता प्रदान करने वाली माँ शीतला के दरबार में उमड़े भक्त, सच्चे मन से मांगी हर मुराद होती है इस पावन अवसर पर माता शीतला का दिव्य श्रृंगार, पूजन और हवन कार्यक्रम का न्यूज़ टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन और उनके परिवार सभी सदस्यों ने आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। माता के दरबार को लाल चुनरियों, हरे पत्तों और गेंदा-गुलाब की मालाओं से अलौकिक रूप से सजाया गया। माता के समक्ष सेब, अनार, केला, मौसमी फल, लड्डू, बताशे, हलवा और पूड़ी का विशाल भोग अर्पित किया गया। हवन कुंड के सामने छोटे-छोटे थाल पर रखे हवन सामग्री के साथ भक्तों ने आहुतियां दीं।कौन हैं माता शीतला? शास्त्रों के अनुसार माता शीतला, माँ दुर्गा का ही एक शीतल और सौम्य स्वरूप हैं। स्कंद पुराण और शीतला अष्टक में इनका वर्णन मिलता है। मान्यता है कि ये रोग, ताप, चेचक और बाधाओं को हर कर भक्तों के जीवन में शीतलता,यानी ठंडक, सुख और शांति प्रदान करती हैं। इनके एक हाथ में झाड़ू, दूसरे में सूप, कलश और नीम के पत्ते होते हैं जो स्वच्छता और आरोग्यता का प्रतीक है। काशी खंड में भी शीतला माता के कई सिद्ध पीठों का वर्णन है, जिनमें चंदुआ-छित्तूपुर का यह धाम स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत जागृत माना जाता है।दशमी पर विशेष पूजन का महत्व: नवरात्र में नौ दिन तक माँ के नौ रूपों की आराधना के बाद दशमी तिथि विजय और सिद्धि का प्रतीक है। इस दिन माता शीतला का श्रृंगार करने, हवन में आहुति देने से परिवार में रोग-शोक दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। इसीलिए इस दिन भक्त अपने परिवार की मंगल कामना लेकर माता के दरबार में आते हैं।स्थानीय मान्यता: चंदुआ-छित्तूपुर के बुजुर्ग बताते हैं कि इस धाम में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी अर्जी लगाता है, माता शीतला उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। जो एक बार माँ के दर्शन कर लेता है, उस पर माँ का आशीर्वाद सदैव बना रहता है और माँ अपनी ममता की छाया में उसे रखती हैं। देर शाम तक मंदिर में घंटा-घड़ियाल, जयकारों और भजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
स्थान: श्री शीतला माता धाम,
चंदुआ-छित्तूपुर, वाराणसी
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पत्रकार मोहम्मद नसीम अहमद की कथित मारपीट के बाद मौत ने पत्रकारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नसीम अहमद एक आटा मिल में अखबार के लिए विज्ञापन लेने गए थे, जहाँ विवाद के बाद उनके साथ मारपीट हुई। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इस घटना के बाद सवाल उठता है कि पत्रकारों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा? उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चर्चा होती है, लेकिन क्या हर मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई हो रही है? हमारा सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से है: पत्रकार नसीम अहमद के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? हमारी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। ⚖️ कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। 📰 पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा है। वीडियो को अंत तक देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं। वीडियो पसंद आए तो LIKE करें, SHARE करें और Awaaz-e-Bharat को SUBSCRIBE करें। Awaaz-e-Bharat — जनता की आवाज़, जनता के साथ। नोट: मामले की जांच और आरोपों से संबंधित जानकारी आधिकारिक पुष्टि के अनुसार अपडेट की जानी चाहिए। धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
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    उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पत्रकार मोहम्मद नसीम अहमद की कथित मारपीट के बाद मौत ने पत्रकारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नसीम अहमद एक आटा मिल में अखबार के लिए विज्ञापन लेने गए थे, जहाँ विवाद के बाद उनके साथ मारपीट हुई। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
इस घटना के बाद सवाल उठता है कि पत्रकारों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा? उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चर्चा होती है, लेकिन क्या हर मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई हो रही है?
हमारा सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से है:
पत्रकार नसीम अहमद के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
हमारी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
⚖️ कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।
📰 पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा है।
वीडियो को अंत तक देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।
वीडियो पसंद आए तो LIKE करें, SHARE करें और Awaaz-e-Bharat को SUBSCRIBE करें।
Awaaz-e-Bharat — जनता की आवाज़, जनता के साथ।
नोट: मामले की जांच और आरोपों से संबंधित जानकारी आधिकारिक पुष्टि के अनुसार अपडेट की जानी चाहिए। धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    7 hrs ago
  • कौन हैं माता शीतला? विजयादशमी पर चंदुआ-छित्तूपुर धाम में गूंजा जयकारा वाराणसी से न्यूज टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी, शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि और विजयादशमी के महापर्व पर काशी के चंदुआ-छित्तूपुर स्थित शीतला माता धाम में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, रोग-शोक हरने वाली, शीतलता प्रदान करने वाली माँ शीतला के दरबार में उमड़े भक्त, इस पावन अवसर पर माता शीतला का दिव्य श्रृंगार, पूजन और हवन कार्यक्रम का न्यूज़ टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन और उनके परिवार द्वारा आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया माता के दरबार को लाल चुनरियों, हरे पत्तों और गेंदा-गुलाब की मालाओं से अलौकिक रूप से सजाया गया, माता के समक्ष सेब, अनार, केला, मौसमी फल, लड्डू, बताशे, हलवा और पूड़ी का विशाल भोग अर्पित किया गया, शास्त्रों के अनुसार माता शीतला, माँ दुर्गा का ही एक शीतल और सौम्य स्वरूप हैं, स्कंद पुराण और शीतला अष्टक में इनका वर्णन मिलता है, मान्यता है कि ये रोग, ताप, चेचक और बाधाओं को हर कर भक्तों के जीवन में शीतलता प्रदान करती हैं, इनके एक हाथ में झाड़ू, दूसरे में सूप, कलश और नीम के पत्ते होते हैं जो स्वच्छता और आरोग्यता का प्रतीक हैं दशमी पर विशेष पूजन का महत्व, नवरात्र में नौ दिन तक माँ के नौ रूपों की आराधना के बाद दशमी तिथि विजय और सिद्धि का प्रतीक है, इस दिन माता शीतला का श्रृंगार करने, हवन में आहुति देने से परिवार में रोग-शोक दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है, स्थानीय मान्यता है कि इस धाम में जो भी भक्त सच्चे मन से अर्जी लगाता है, माता उसकी मनोकामना पूर्ण करती हैं, देर शाम तक मंदिर में घंटा-घड़ियाल और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा, स्थान: श्री शीतला माता धाम, चंदुआ-छित्तूपुर, वाराणसी।
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    कौन हैं माता शीतला? विजयादशमी पर चंदुआ-छित्तूपुर धाम में गूंजा जयकारा

वाराणसी से न्यूज टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट
वाराणसी, शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि और विजयादशमी के महापर्व पर काशी के चंदुआ-छित्तूपुर स्थित शीतला माता धाम में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, रोग-शोक हरने वाली, शीतलता प्रदान करने वाली माँ शीतला के दरबार में उमड़े भक्त, इस पावन अवसर पर माता शीतला का दिव्य श्रृंगार, पूजन और हवन कार्यक्रम का न्यूज़ टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन और उनके परिवार द्वारा आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया
माता के दरबार को लाल चुनरियों, हरे पत्तों और गेंदा-गुलाब की मालाओं से अलौकिक रूप से सजाया गया, माता के समक्ष सेब, अनार, केला, मौसमी फल, लड्डू, बताशे, हलवा और पूड़ी का विशाल भोग अर्पित किया गया, शास्त्रों के अनुसार माता शीतला, माँ दुर्गा का ही एक शीतल और सौम्य स्वरूप हैं, स्कंद पुराण और शीतला अष्टक में इनका वर्णन मिलता है, मान्यता है कि ये रोग, ताप, चेचक और बाधाओं को हर कर भक्तों के जीवन में शीतलता प्रदान करती हैं, इनके एक हाथ में झाड़ू, दूसरे में सूप, कलश और नीम के पत्ते होते हैं जो स्वच्छता और आरोग्यता का प्रतीक हैं दशमी पर विशेष पूजन का महत्व, नवरात्र में नौ दिन तक माँ के नौ रूपों की आराधना के बाद दशमी तिथि विजय और सिद्धि का प्रतीक है, इस दिन माता शीतला का श्रृंगार करने, हवन में आहुति देने से परिवार में रोग-शोक दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है, स्थानीय मान्यता है कि इस धाम में जो भी भक्त सच्चे मन से अर्जी लगाता है, माता उसकी मनोकामना पूर्ण करती हैं, देर शाम तक मंदिर में घंटा-घड़ियाल और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा, स्थान: श्री शीतला माता धाम, चंदुआ-छित्तूपुर, वाराणसी।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • न्यू वाराणसी स्पोर्टिंग क्लब विशेश्वरगंज की प्रतिमा बनी आकर्षण वाराणसी मे दुर्गा पूजा की धूम है इस वीडियो में हम न्यू वाराणसी स्पोर्टिंग क्लब विशेश्वरगंज के लोगों से पूरी रिपोर्ट दिखा रहे हैं।
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    न्यू वाराणसी स्पोर्टिंग क्लब विशेश्वरगंज की प्रतिमा बनी आकर्षण 
वाराणसी मे दुर्गा पूजा की धूम है इस वीडियो में हम न्यू वाराणसी स्पोर्टिंग क्लब विशेश्वरगंज के लोगों से पूरी रिपोर्ट दिखा रहे हैं।
    user_आवाज News
    आवाज News
    Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • विजयादशमी के पावन एवं शुभ अवसर पर काशी के रामनगर, बंगाली टोला, विजयादशमी के पावन एवं शुभ अवसर पर काशी के रामनगर, बंगाली टोला, देवनाथपुरा, पुराना दुर्गाबाड़ी, सोनारपुरा, चेत सिंह किला सहित विभिन्न पूजा पंडालों में मां भगवती के दर्शन-पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण कर समस्त काशीवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मां दुर्गा की आराधना में उमड़ा श्रद्धालुओं का अपार उत्साह हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति, आस्था और परंपराओं की जीवंत झलक है। मां भगवती की कृपा से हर घर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा एवं सकारात्मकता का संचार करे।
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    विजयादशमी के पावन एवं शुभ अवसर पर काशी के रामनगर, बंगाली टोला,
विजयादशमी के पावन एवं शुभ अवसर पर काशी के रामनगर, बंगाली टोला, देवनाथपुरा, पुराना दुर्गाबाड़ी, सोनारपुरा, चेत सिंह किला सहित विभिन्न पूजा पंडालों में मां भगवती के दर्शन-पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण कर समस्त काशीवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मां दुर्गा की आराधना में उमड़ा श्रद्धालुओं का अपार उत्साह हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति, आस्था और परंपराओं की जीवंत झलक है। मां भगवती की कृपा से हर घर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा एवं सकारात्मकता का संचार करे।
    user_Keshav Choudhary
    Keshav Choudhary
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • वाराणसी के रामनगर में विश्वप्रसिद्ध रामलीला के दौरान राजा की सवारी निकाली गई। इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।
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    वाराणसी के रामनगर में विश्वप्रसिद्ध रामलीला के दौरान राजा की सवारी निकाली गई। इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।
    user_@karanBhaskar
    @karanBhaskar
    Singer मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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