औरैया के प्राथमिक विद्यालय अयाना में सोमवार सुबह शिक्षा का मंदिर अखाड़े में तब्दील हो गया, जहां स्कूल समय पर न खुलने के बाद शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक के बीच जमकर बवाल और हाथापाई हुई। प्रधानाध्यापक के छुट्टी पर होने की वजह से स्कूल समय पर नहीं खुल सका और बच्चे, शिक्षक और अभिभावक गेट के बाहर ही खड़े होकर इंतजार करते रहे। सुबह करीब 7:50 बजे जब स्कूल का ताला खुला, तो उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। सहायक अध्यापक शिखा मिश्रा ने शिक्षामित्र नूरीना मुबारक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर विद्यालय स्टाफ और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक अमृत प्रकाश पांडेय स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और उन्होंने स्कूल का कार्यभार सहायक अध्यापक अजय कुमार को सौंपा था। हालांकि, अजय कुमार के भी छुट्टी पर चले जाने के कारण विद्यालय की चाबी शिक्षामित्र को सौंप दी गई थी, जिससे स्कूल पहुंचने में देरी हुई और ताला समय पर नहीं खुल पाया। थानाध्यक्ष अयाना जयप्रकाश पाल ने बताया कि सहायक अध्यापक की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जिस स्कूल में बच्चों को अनुशासन और संस्कार सिखाए जाते हैं, वहां शिक्षकों के इस तरह आपस में भिड़ने के बाद शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर किस पर तय होगी।
औरैया के प्राथमिक विद्यालय अयाना में सोमवार सुबह शिक्षा का मंदिर अखाड़े में तब्दील हो गया, जहां स्कूल समय पर न खुलने के बाद शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक के बीच जमकर बवाल और हाथापाई हुई। प्रधानाध्यापक के छुट्टी पर होने की वजह से स्कूल समय पर नहीं खुल सका और बच्चे, शिक्षक और अभिभावक गेट के बाहर ही खड़े होकर इंतजार करते रहे। सुबह करीब 7:50 बजे जब स्कूल का ताला खुला, तो उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। सहायक अध्यापक शिखा मिश्रा ने शिक्षामित्र नूरीना मुबारक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर विद्यालय स्टाफ और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक अमृत प्रकाश पांडेय स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और उन्होंने स्कूल का कार्यभार सहायक अध्यापक अजय कुमार को सौंपा था। हालांकि, अजय कुमार के भी छुट्टी पर चले जाने के कारण विद्यालय की चाबी शिक्षामित्र को सौंप दी गई थी, जिससे स्कूल पहुंचने में देरी हुई और ताला समय पर नहीं खुल पाया। थानाध्यक्ष अयाना जयप्रकाश पाल ने बताया कि सहायक अध्यापक की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जिस स्कूल में बच्चों को अनुशासन और संस्कार सिखाए जाते हैं, वहां शिक्षकों के इस तरह आपस में भिड़ने के बाद शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर किस पर तय होगी।
- उत्तर प्रदेश के औरैया में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू के प्रथम आगमन पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सांगठनिक मजबूती पर विशेष जोर देते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल करने का मूल मंत्र दिया। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। औरैया से असम टॉक्स के लिए आकाश उर्फ अक्की भईया की यह रिपोर्ट है।1
- औरैया के प्राथमिक विद्यालय अयाना में सोमवार सुबह शिक्षा का मंदिर अखाड़े में तब्दील हो गया, जहां स्कूल समय पर न खुलने के बाद शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक के बीच जमकर बवाल और हाथापाई हुई। प्रधानाध्यापक के छुट्टी पर होने की वजह से स्कूल समय पर नहीं खुल सका और बच्चे, शिक्षक और अभिभावक गेट के बाहर ही खड़े होकर इंतजार करते रहे। सुबह करीब 7:50 बजे जब स्कूल का ताला खुला, तो उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। सहायक अध्यापक शिखा मिश्रा ने शिक्षामित्र नूरीना मुबारक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर विद्यालय स्टाफ और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक अमृत प्रकाश पांडेय स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और उन्होंने स्कूल का कार्यभार सहायक अध्यापक अजय कुमार को सौंपा था। हालांकि, अजय कुमार के भी छुट्टी पर चले जाने के कारण विद्यालय की चाबी शिक्षामित्र को सौंप दी गई थी, जिससे स्कूल पहुंचने में देरी हुई और ताला समय पर नहीं खुल पाया। थानाध्यक्ष अयाना जयप्रकाश पाल ने बताया कि सहायक अध्यापक की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जिस स्कूल में बच्चों को अनुशासन और संस्कार सिखाए जाते हैं, वहां शिक्षकों के इस तरह आपस में भिड़ने के बाद शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर किस पर तय होगी।1
- सिद्धार्थनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी एन.सी.आर.पी. (N.C.R.P.)/समन्वय पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से दर्ज कराई गई 9 अलग-अलग शिकायतों से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से एक आईफोन, एक वीवो मोबाइल, एक लैपटॉप और ₹20,000 नकद बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य इस साइबर ठगी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाना और उसका पर्दाफाश करना है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवासपुर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों को पोषण किट वितरित की गई। अभियान को गति देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने मरीजों को किट सौंपी। उन्होंने मरीजों से अपील की कि वे अपना उपचार बीच में न छोड़ें, समय पर दवाएं लें और पौष्टिक भोजन का सेवन करें, क्योंकि नियमित दवा के साथ पौष्टिक आहार ही टीबी को हराने की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक टीबी मरीज को बेहतर उपचार के साथ पोषण सहायता उपलब्ध कराकर जल्द स्वस्थ करना है। पोषण किट प्राप्त करने वाले मरीजों में विनय, विनोद, रागिनी, रोहित, दिनेश, भागीरथ, धर्म, माया देवी, मिथुन और राकेश शामिल रहे। इन सभी मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी हरिओम मिश्रा, ऋषि यादव, राकेश सहित अन्य कर्मचारियों ने भी उपस्थित रहकर मरीजों को टीबी से बचाव, नियमित इलाज और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान, निःशुल्क उपचार और पोषण सहायता जैसी योजनाएं संचालित कर रही है, ताकि कोई भी मरीज संसाधनों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।1
- कानपुर देहात के सट्टी थानाक्षेत्र के बहोरापुर गांव में मारपीट और अपमान से आहत होकर महेंद्र उर्फ मिलन कटियार नाम के एक युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सोनेलाल और उसके भतीजे अंकित को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना रविवार शाम की है, जब महेंद्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उनके परिजन उन्हें अकबरपुर के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महेंद्र की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि वह सहाबापुर गांव में अपने एक दोस्त को छोड़ने गए थे, जहां बाबू के घर वालों ने उनके साथ बेवजह मारपीट की और उन्हें अपमानित किया। इसी प्रताड़ना से दुखी होकर वे जहर खा रहे हैं। वीडियो में महेंद्र ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की। इस मामले में मृतक के पिता शशि कपूर की तहरीर पर पुलिस ने सहाबापुर निवासी सोनेलाल और अंकित के खिलाफ मारपीट, अपमानित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। सट्टी थानाध्यक्ष कालीचरन कुशवाहा ने बताया कि मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।3
- मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने विकास भवन सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए। उन्होंने पोर्टल पर सभी सूचनाओं को समय से और पूरी तरह त्रुटिरहित अपलोड करने की हिदायत दी। सीडीओ ने बी, सी और डी श्रेणी में प्रदर्शित योजनाओं को लेकर संबंधित विभागों को तत्काल कार्ययोजना बनाने और उन्हें ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने फैमिली आईडी फीडिंग व सत्यापन के काम में तेजी लाने तथा सभी पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। इसके साथ ही, कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने, तकनीकी मानकों का पालन करने और भौतिक व वित्तीय प्रगति का समय पर अपडेट देने के लिए निर्देशित किया गया। इस समीक्षा बैठक के दौरान पीडी डीआरडीए अनिरुद्ध सिंह और डीपीआरओ विकास पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिला अंतर्गत विकास खंड अकबरपुर के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के गठन में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से कम से कम 05-05 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन गाँवों में अभी कम समूह हैं, वहाँ विशेष अभियान चलाकर महिलाओं को जोड़ा जाए। इसके साथ ही, बैंक अधिकारियों और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों (BMMs) को गठित हो चुके समूहों के बैंक खाते जल्द से जल्द खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें समय पर रिवाल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का लाभ मिल सके। आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों में प्रगति असंतोषजनक पाई गई है, वहाँ विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा अधिक से अधिक ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के गठन के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने दोटूक शब्दों में कहा है कि विकास कार्यों और समूह गठन के इस विशेष लक्ष्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने खंड विकास अधिकारी (BDO) को निर्देश दिया है कि वे साप्ताहिक स्तर पर इस कार्य की प्रगति की निगरानी करें। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा न करने वाले क्लस्टर प्रभारियों और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा अंतर्गत अमराहट थाना क्षेत्र के विलासपुर बांगर गांव में एक नवविवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान कीर्ति के रूप में हुई है, जिसका विवाह करीब पांच महीने पहले विलासपुर बांगर निवासी तारा सिंह के पुत्र धर्मवीर के साथ हुआ था। जानकारी के मुताबिक, दिबियापुर निवासी कीर्ति का विवाह 13 फरवरी 2026 को हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही धर्मवीर नौकरी के सिलसिले में बाहर चला गया, जिसके बाद कीर्ति अपने सास-ससुर के साथ गांव में ही रह रही थी। सोमवार शाम को जब कीर्ति के ससुर बकरियां चराने खेत गए थे और सास घर के बाहर बैठी थीं, इसी दौरान घर में अकेली मौजूद कीर्ति ने फांसी लगा ली। देर शाम जब ससुर घर लौटे, तो उन्होंने अपनी पुत्रवधू का शव फंदे से लटका देखा और तत्काल अमराहट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतका के मायके पक्ष को मामले की जानकारी देकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमराहट थाना प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2