आग से चंद मिनटों में घर राख, गाय-बछड़ा जिंदा जले; गरीब परिवार पर टूटा संकट कुशलगढ़ से करीब 15 किलोमीटर दूर काकनिया गांव (पंचायत सबलपुरा) में शनिवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग से एक गरीब परिवार का आशियाना जलकर राख हो गया। आग में भूरजी पुत्र देवा पारगी का कवेलू पोस्ट मकान पूरी तरह खाक हो गया। हादसे में घर में बंधी एक गाय और उसका बछड़ा जिंदा जल गए, वहीं घर में रखा घास-चारा और अनाज भी आग की भेंट चढ़ गया। घटना के समय परिवार खेती के कार्य से बाहर गया हुआ था। दोपहर करीब 2 बजे मकान में अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही देर में लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कुछ भी बचाया नहीं जा सका। सूचना पर कुशलगढ़ से अग्निशमन दल सुरेश पंचाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मकान के पास स्थित चार अन्य मकानों को भी आग से खतरा था, लेकिन अग्निशमन दल की तत्परता से उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। घटना की जानकारी पर टिमेडा चौकी प्रभारी रमेश चंद्र कांस्टेबल लोकेंद्र सिंह व पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। वहीं सबलपुरा सरपंच भीमा भाई मईडा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को प्रशासन से शीघ्र आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। आगजनी के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घर का सारा सामान, अनाज और चारा जल जाने से परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द सहायता देने की मांग की है।
आग से चंद मिनटों में घर राख, गाय-बछड़ा जिंदा जले; गरीब परिवार पर टूटा संकट कुशलगढ़ से करीब 15 किलोमीटर दूर काकनिया गांव (पंचायत सबलपुरा) में शनिवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग से एक गरीब परिवार का आशियाना जलकर राख हो गया। आग में भूरजी पुत्र देवा पारगी का कवेलू पोस्ट मकान पूरी तरह खाक हो गया। हादसे में घर में बंधी एक गाय और उसका बछड़ा जिंदा जल गए, वहीं घर में रखा घास-चारा और अनाज भी आग की भेंट चढ़ गया। घटना के समय परिवार खेती के कार्य से बाहर गया हुआ था। दोपहर करीब 2 बजे मकान में अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही देर में लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कुछ भी बचाया नहीं जा सका। सूचना पर कुशलगढ़ से अग्निशमन दल सुरेश पंचाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मकान के पास स्थित चार अन्य मकानों को भी आग से खतरा था, लेकिन अग्निशमन दल की तत्परता से उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। घटना की जानकारी पर टिमेडा चौकी प्रभारी रमेश चंद्र कांस्टेबल लोकेंद्र सिंह व पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। वहीं सबलपुरा सरपंच भीमा भाई मईडा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को प्रशासन से शीघ्र आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। आगजनी के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घर का सारा सामान, अनाज और चारा जल जाने से परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द सहायता देने की मांग की है।
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- खबर का हुआ असर: कच्ची बस्ती वार्ड नंबर 3 में पाइप लाइन का काम शुरू लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत की उम्मीद प्रतापगढ़। शहर के वार्ड नंबर 3 की कच्ची बस्ती में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। खबर सामने आने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और क्षेत्र में पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि कच्ची बस्ती में काफी समय से पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ करवा दिया। पाइप लाइन का काम शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही पानी की समस्या से राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यदि इसी तरह समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई होती रही तो क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।1
- शामगढ़ के नूरजमा मस्जिद में ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर रोजा इफ्तार में हिस्सा लिया और खजूर खिलाकर मुस्लिम समाज जनों रोजा खोला गया वहीं इस कार्यक्रम में पहुंचे सुवासरा विधानसभा पूर्व उम्मीदवार राकेश पाटीदार एवं कई कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम वही माला पहनाकर ,इमाम का स्वागत किया गया,खजूर खिलाकर खोला गया रोजा इफ्तार माला पहनाकर किया स्वागत सम्मान वही पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं का मुस्लिम समाज जनों ने स्वागत किया।1
- मध्यप्रदेश के मन्दसौर सिटी कोतवाली थाने में थाना प्रभारी है पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ फिट रहने का राज, जानिए न्यूज विज्ञापन समाचार लाईव के लिए सम्पर्क करें मो.+9183053 57955 मो.+91822240 473361
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- डूंगरपुर में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत सम्पन्न, आपसी राजीनामे से सुलझे राजस्व और बैंक विवाद संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को डूंगरपुर जिला न्यायक्षेत्र में वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत ने सुलभ और त्वरित न्याय की अवधारणा को चरितार्थ करते हुए जिले के हजारों परिवारों को वर्षों पुराने विवादों से मुक्ति दिलाई। लोक अदालत के दौरान आपसी समझाइश और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कुल 2622 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जिसमें 4.86 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के अवार्ड पारित किए गए। - एमएसीटी मामलों में मिली बड़ी राहत राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे महत्वपूर्ण सफलता मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के मामलों में देखने को मिली। दुर्घटनाओं से संबंधित लंबित 45 मामलों का निस्तारण कर पीड़ित परिवारों को 3 करोड़ 41 लाख 89 हजार रुपये की क्लेम राशि के अवार्ड प्रदान किए गए। इससे पीड़ित पक्षकारों को लंबे समय से चल रहे कानूनी विवादों से राहत मिली और उन्हें त्वरित आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। - प्री-लिटिगेशन और राजस्व मामलों का अंबार खत्म अदालती बोझ कम करने के उद्देश्य से प्री-लिटिगेशन मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। बैंक, विद्युत विभाग और बीएसएनएल जैसे विभागों के 12,553 चिन्हित मामलों में से 457 प्रकरणों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही समाधान कर लिया गया। इसके साथ ही, राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए राजस्व अधिकारियों के सहयोग से विशेष प्रयास किए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के पक्षकारों को बड़ी राहत मिली। - छूट का लाभ पाकर खिले उपभोक्ताओं के चेहरे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज मीणा ने बताया कि लोक अदालत में गठित विभिन्न बेंचों ने बिजली विभाग, बैंकों और निजी वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को मूल राशि और ब्याज में नियमानुसार छूट प्रदान की। बकायादारों के लिए यह अवसर किसी सौगात से कम नहीं था, क्योंकि उन्हें कम राशि जमा कर अपने कानूनी और वित्तीय विवादों को समाप्त करने का मौका मिला। इस आयोजन को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, जिला बार संघ और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। लोक अदालत के माध्यम से न केवल न्यायालयों में लंबित मुकदमों का भार कम हुआ है, बल्कि सहमति से समाधान की भावना को भी बल मिला है। आपसी संवाद और समझाइश के कारण वर्षों से चली आ रही कटुता समाप्त हुई और पक्षकार मुस्कुराते हुए अपने घर लौटे।1
- बांसवाड़ा जिले के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर में आगामी चैत्र नवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर त्रिपुरा सुंदरी ट्रस्ट मंडल एवं पंचाल समाज चौदह चौखरा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में महोत्सव को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा कर जिम्मेदारियां तय की गईं। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष धूलजी भाई पंचाल ने की। कार्यक्रम में संरक्षक चौखरा बांसवाड़ा तोलाचंद्र मुख्य अतिथि रहे, जबकि प्रताप मुंगेड, राजेंद्र प्रसाद घाटोल, गंगाराम बिलोदा, करीलाल माधुगामड़ा, अशोक बड़ोदिया, कांतिलाल छोटा डूंगरा और दिनेश बावलवाड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां त्रिपुरा सुंदरी की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से हुई तथा सुखलाल तलवाड़ा ने ईश वंदना प्रस्तुत की। अध्यक्ष धूलजी भाई पंचाल ने कहा कि चैत्र नवरात्रि आस्था का महापर्व है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में सभी कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियां निष्ठा और समर्पण से निभाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महामंत्री नटवरलाल लिखी ने बताया कि 19 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर नववर्ष अभिनंदन एवं नवरात्रि स्थापना होगी। सुबह 7 बजे से श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर नववर्ष अभिनंदन किया जाएगा तथा दोपहर 12:15 से 1:15 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना होगी। नवरात्रि के दौरान मंदिर में प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक दर्शन होंगे तथा सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे आरती होगी। अष्टमी के दिन मंदिर प्रातः 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक खुला रहेगा और मंगला आरती सुबह 5 बजे होगी। बैठक में सफाई, जल व्यवस्था, बैरिकेडिंग, विद्युत, चिकित्सा, धर्मशाला, प्रसाद, टेंट, पार्किंग और सुरक्षा सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी व समितियां गठित की गईं। साथ ही प्रशासन और पंचायत के साथ समन्वय बनाकर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में दिनेश बावलवाड़ा, कारीलाल, अंबालाल, गंगाराम, अशोक, देवीलाल, डॉ. सुंदरलाल, हसमुख और अरुण सहित चौदह चौखरों के अध्यक्षों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रकाश घाटोल, गिरीश डूंगरा, जगदीश जोसावा, सुरेंद्र डूंगरपुर, घनश्याम पालोदा, नरेंद्र लोहारिया, सूरजमल खेड़ा परतापुर, सुरेंद्र बांसवाड़ा, अंकित पादेडी बोरी, देवीलाल नादिया पथोक, कचरू खमेरा, प्रदीप सज्जनगढ़, देवीलाल सागवाड़ा, चिरंजीत गामड़ी देवल डूंगरपुर, देवीलाल नांदेड़ बेताली, कारीलाल चौरासी, धनपाल तरपोड़, कन्हैयालाल पारसोल, धनजी खड़क, लक्ष्मण परतापुर, कपिल छिंच, राजेश रेयान, विजय सागवाड़ा, पंकज फतेपुरा, मोहन परतापुर, नारायण बड़ोदिया, माधव, भरत, राजेंद्र, बाबूलाल, पंकज, मुकेश, राकेश, संजय तांबेसरा, हीरालाल और जीतेंद्र सहित समाज के पदाधिकारी, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य, ट्रस्ट मंडल के सदस्य व विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री नटवरलाल लिखी ने किया तथा अंत में ईश्वर बोरी ने आभार व्यक्त किया। बैठक की जानकारी मीडिया प्रभारी संजय पंचाल डूंगरा छोटा ने दी।1
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- पानी के लिए तरस रहे शहर के बगीचे, लाखों खर्च के बाद भी रखरखाव बदहाल मिनी सचिवालय, हाउसिंग बोर्ड सहित कई गार्डनों में सूखने की कगार पर पौधे, शहरी रोजगार योजना के श्रमिक लगे होने के बावजूद लापरवाही प्रतापगढ़। शहर में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए गार्डनों की हालत इन दिनों दयनीय होती जा रही है। मिनी सचिवालय गार्डन, हाउसिंग बोर्ड गार्डन सहित शहर के अन्य बगीचों में पौधे पानी के लिए तरसते नजर आ रहे हैं। कई पौधे सूखने की कगार पर हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार इन गार्डनों की देखरेख के लिए शहरी रोजगार योजना के तहत श्रमिक भी लगाए गए हैं, इसके बावजूद पौधों को समय पर पानी और उचित देखभाल नहीं मिल रही है। परिणामस्वरूप हरियाली के लिए लगाए गए पौधे धीरे-धीरे सूखते जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा “एक पौधा मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर लगाए गए पौधों का ही सही तरीके से संरक्षण नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति पर्यावरण के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गार्डनों की देखरेख और सिंचाई की व्यवस्था नहीं की गई तो लगाए गए अधिकांश पौधे नष्ट हो जाएंगे और सरकारी धन भी व्यर्थ चला जाएगा। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी गार्डनों में नियमित रूप से पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर की हरियाली बनी रहे।4