डीग जिले के बुढ़ली गांव प्रकरण में आज सर्व समाज के हजारों लोगों ने एकजुट होकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा, पूर्व विधायक वाजिब अली, पूर्व शिक्षा मंत्री जाहिदा खान और डीग कांग्रेस महिला अध्यक्ष श्वेता सैनी के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के घर से सिकरी भगत सिंह चौक तक गांधीवादी तरीके से पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने विवादित बयान देते हुए कहा कि जो निर्दोषों को फंसा रहे हैं, उनका सत्यानाश हो और उनकी रीढ़ की हड्डी में कैंसर हो जाए। जैसे ही मार्च भगत सिंह चौक पहुंचा, पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों ने "पुलिस की गुंडागर्दी नहीं चलेगी" के नारे लगाए। पूर्व विधायक गुढ़ा ने हाथ उठाकर दुआ मांगी कि जो निर्दोषों को फर्जी तरीके से जेल में डाल रहे हैं, ऐ अल्लाह उनका सत्यानाश हो। पूर्व विधायक वाजिब अली और जाहिदा खान ने मौके पर एडीएम डीग से बात कर ज्ञापन सौंपा और पुलिस-प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो दो दिन बाद सभी गांवों को साथ लेकर डीग कलेक्ट्रेट तक पैदल कूच कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। सुबह एडीएम डीग को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 16 जून की रात सिकरी पुलिस ने सोते हुए लोगों के घरों पर धावा बोला, तोड़फोड़ की, महिलाओं से अभद्रता की और थानाधिकारी की अगुवाई में सोने-चांदी के गहने ले गए। इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यूडी द्वारा निजी जमीन पर बने मकानों को तोड़ने के नोटिस देने और एक विशेष जाति को निशाना बनाकर वसूली करने के आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं, एडिशनल एसपी अखिलेश शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अवैध हथियार के वीडियो के बाद जांच को गई टीम पर हमला हुआ था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
डीग जिले के बुढ़ली गांव प्रकरण में आज सर्व समाज के हजारों लोगों ने एकजुट होकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा, पूर्व विधायक वाजिब अली, पूर्व शिक्षा मंत्री जाहिदा खान और डीग कांग्रेस महिला अध्यक्ष श्वेता सैनी के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के घर से सिकरी भगत सिंह चौक तक गांधीवादी तरीके से पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने विवादित बयान देते हुए कहा कि जो निर्दोषों
को फंसा रहे हैं, उनका सत्यानाश हो और उनकी रीढ़ की हड्डी में कैंसर हो जाए। जैसे ही मार्च भगत सिंह चौक पहुंचा, पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों ने "पुलिस की गुंडागर्दी नहीं चलेगी" के नारे लगाए। पूर्व विधायक गुढ़ा ने हाथ उठाकर दुआ मांगी कि जो निर्दोषों को फर्जी तरीके से जेल में डाल रहे हैं, ऐ अल्लाह उनका सत्यानाश हो। पूर्व विधायक वाजिब अली और जाहिदा खान ने मौके पर एडीएम डीग से
बात कर ज्ञापन सौंपा और पुलिस-प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो दो दिन बाद सभी गांवों को साथ लेकर डीग कलेक्ट्रेट तक पैदल कूच कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। सुबह एडीएम डीग को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 16 जून की रात सिकरी पुलिस ने सोते हुए लोगों के घरों पर धावा बोला, तोड़फोड़ की, महिलाओं से अभद्रता की और थानाधिकारी
की अगुवाई में सोने-चांदी के गहने ले गए। इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यूडी द्वारा निजी जमीन पर बने मकानों को तोड़ने के नोटिस देने और एक विशेष जाति को निशाना बनाकर वसूली करने के आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं, एडिशनल एसपी अखिलेश शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अवैध हथियार के वीडियो के बाद जांच को गई टीम पर हमला हुआ था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 18 जून, गुरुवार को डीग में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। किशन लाल जोशी विद्यालय, डीग के बाहर एकत्र होकर शिक्षकों ने एक रैली निकाली, जो जिला कलेक्ट्रेट डीग पहुंची। यहां, जिलाध्यक्ष अनिल सीही और जिला मंत्री देवेंद्र यादव के संयुक्त नेतृत्व में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर विधायी हस्तक्षेप की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अनिल सीही ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी अधिसूचना और उसके संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण राजस्थान के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। इस निर्णय से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान लंबे समय से शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहा है, और राजस्थान का सबसे बड़ा शिक्षक संघ होने के नाते पूरे राज्य में प्रभावित शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात के कारण यह आक्रोश प्रदर्शन देश भर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया है। पूरा मामला यह है कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने टीईटी को न्यूनतम अर्हता के रूप में अधिसूचित किया था। इससे पहले, देश के विभिन्न राज्यों में लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं के अनुसार विधिवत रूप से हो चुकी थीं। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए देश भर में टीईटी की अनिवार्यता लागू कर दी। अब, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें राजकीय सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगें हैं कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग को स्थायी राहत प्रदान की जाए। साथ ही, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण किया जाए। जिला मंत्री देवेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों के परिवार के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावित होती है। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता है। इस प्रदर्शन में डीग जिले के सभी छह खंडों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया, जिसमें अनिल सीही, देवेंद्र यादव, पदम सिंह, सौरभ शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नरेश यादव, बंशीलाल, जग वीर सिंह, जयसिंह कुंतल, होशियार सिंह, भगत सिंह, संतोष कश्यप, प्रीति खंडेलवाल, सुनीता, रेखा अग्रवाल और सीमा गुप्ता सहित कई पदाधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे।3
- भरतपुर जिले के सीकरी क्षेत्र के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी ने दी है।1
- अलवर, राजस्थान के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलवाड़ा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. आतिकां शुक्ला ने शिविर का निरीक्षण किया, जहाँ केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक सुगमता से पहुँचाया गया। शिविर में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत चेक और अन्य दस्तावेज़ वितरित किए गए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवासीय चाबियाँ भी सौंपी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर डॉ. आतिकां शुक्ला मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत अलवाड़ा के जुम्मा खां और मानवधिकार प्रकोष्ठ कांग्रेस कमेटी अलवर के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। शिविर में 22 विभागों के सभी पदाधिकारी और अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित राठी बाजार में बुधवार रात करीब 12 बजे चोरों ने एक प्राइवेट एटीएम को उखाड़ लिया और अपने साथ ले गए। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- भरतपुर के रूपवास उपखंड क्षेत्र की चैकोरा ग्राम पंचायत के भिडयानी गांव में प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में एक गैर मुमकिन रास्ते पर हो रहे अतिक्रमण को जेसीबी की सहायता से हटवाया। तहसीलदार अमित शर्मा ने बताया कि भिडयानी के खसरा नंबर 46 पर स्थित गैर मुमकिन रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी, जिस पर 91 की कार्यवाही प्रस्तावित थी। इसी के तहत पुलिस बल के साथ जेसीबी का उपयोग कर अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान, अतिक्रमण हटाने से प्रभावित हुए कब्जाधारी ने आरोप लगाया कि यह कार्यवाही भू-माफिया के दबाव में की गई है और उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस दिए अतिक्रमण हटाया गया, जो नियमानुसार गलत है। पटवारी मनीष कुमार ने मौके पर रिपोर्ट तैयार कर मौजूद लोगों के हस्ताक्षर करवाकर तहसीलदार अमित शर्मा को प्रस्तुत की। इस अवसर पर एएसआई जितेन्द्र सिंह, हरदम सिंह सहित रूपवास और रुदावल पुलिस थाने का जाप्ता भी मौजूद रहा।1
- मथुरा की राधे श्याम कॉलोनी से गौरव राजपूत ने तपन शर्मा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। गौरव का आरोप है कि तपन सरकारी स्ट्रीट लाइट बंद करके अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है, महिलाओं से छेड़खानी करता है, और हाल ही में उनके छोटे भाई पर हमला भी किया। गौरव और उनके परिवार ने तपन से अपनी जान का खतरा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, गौरव के घर के सामने मेन तिराहे पर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइट को तपन शर्मा हर एक-दो दिन बाद बंद कर देता है। अंधेरे का फायदा उठाकर वह अपने दोस्तों के साथ गांजा व शराब का सेवन करता है और गांजे की बिक्री भी करता है। नशे की हालत में वह नग्न होकर पेशाब करता है और तिराहे पर रहने वाले लोगों की माँ-बहनों से छेड़खानी व गाली-गलौज करता है, जिससे कॉलोनी के सभी लोग बेहद परेशान हैं, लेकिन वह किसी की बात नहीं मानता। दिनांक 16/06/2026 को भी तपन ने स्ट्रीट लाइट बंद कर दी थी। जब गौरव उसे रोकने गए, तो तपन ने उनसे भी गाली-गलौज की। इसके बाद गौरव अपने घर चले गए, लेकिन तपन गौरव के छोटे भाई की कैंटीन में घुस गया और उससे पैटीज मांगने लगा। मना करने पर तपन ने गौरव के छोटे भाई को कई थप्पड़ मारे और वहां से चला गया। इसके बाद गौरव और उनका परिवार तपन के पीछे भागे, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई हुई, जिसमें तपन शर्मा के सिर में चोट आई। गौरव राजपूत का दावा है कि उनके परिवार में से किसी ने तपन के सिर पर वार नहीं किया; उनका मानना है कि चोट जमीन पर गिरने या तपन द्वारा खुद अपना सिर कहीं दीवार से टकराने से लगी होगी, जिसका उनके पास सबूत भी है। गौरव राजपूत ने बताया कि इन घटनाओं के बाद अब तपन शर्मा अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की साजिश रच रहा है। चूंकि गौरव और उनके बड़े भाई काम पर जाते हैं, घर पर केवल महिलाएं और छोटा भाई ही रह जाते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। गौरव ने अधिकारियों से तपन शर्मा की बदतमीज़ी रोकने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट बंद करने, जबरन पैटीज लेने और अन्य बदतमीज़ियों के सबूत होने का दावा भी किया है।1
- एक टिप्पणी में इस बात पर जोर दिया गया है कि मोदी को 'गजब' तरीके से इंप्रेस किया जा रहा है। यह स्थिति इतनी तीखी है कि इसे सुनकर बहुत से लोगों के कान से खून निकल जाएगा, जो इस विषय पर एक अत्यंत तीव्र प्रतिक्रिया या नाराजगी को दर्शा रहा है।1
- भरतपुर जिले की सीकरी तहसील के बुडली गांव से तोड़फोड़ का एक मामला सामने आया है। रिपोर्टर राजेश चौधरी ने इसकी जानकारी दी है।1
- राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलवाड़ा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का निरीक्षण जिला कलेक्टर डॉ. आतिंका शुक्ला ने किया, जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रता के अनुसार लाभार्थियों तक सुगमता से पहुंचाना था। शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को चेक और दस्तावेज वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवासीय चाबियां भी सौंपी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. आतिंका शुक्ला मौजूद रहीं। उनके साथ ग्राम पंचायत अलवाड़ा से जुम्मा खां और मानव अधिकार प्रकोष्ठ कांग्रेस कमेटी अलवर के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। शिविर में 22 विभागों के सभी पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे।3