भाजपा सिरोही नगर मंडल के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का 134वां एपिसोड सुना। रविवार को सिरोही नगर मंडल के सभी 32 बूथों पर कार्यकर्ताओं ने सीधे प्रसारण के माध्यम से देश के विकास, जनकल्याण और प्रेरणादायी विषयों पर पीएम मोदी के विचारों को सुनने के लिए एकत्र हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में खगोल विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि खगोल विज्ञान के प्रति भारत का आकर्षण कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी विरासत का हिस्सा रहा है। पीएम मोदी ने भारतीय सभ्यता में आकाश, ग्रहों और तारों को समझने की प्राचीन परंपरा का जिक्र किया और कहा कि आज भी भारत में कई प्राचीन वेधशालाएं मौजूद हैं, जो उस दौर की वैज्ञानिक सोच और गणितीय क्षमता का प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में कई महत्वपूर्ण गणितीय खोजें हुई हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर खगोल विज्ञान से रहा है, जिनमें नेविगेशन, पंचांग और पर्व-त्योहारों की गणना शामिल है, जो लंबे समय तक आकाशीय घटनाओं के अध्ययन पर आधारित रही हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, खगोल विज्ञान ने हर पीढ़ी में जिज्ञासा जगाई है और लोगों को खोज के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि आज भारत के युवाओं में भी इसे लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और उनकी गतिविधियां अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे कस्बों और स्कूलों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बेंगलुरु की बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी का उदाहरण दिया, जो ऑब्जर्वेशन सेशंस का आयोजन करती है और ग्रामीण क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी को लोकप्रिय बनाने के लिए अभियान चला रही है। इसी प्रकार, 'खगोल मंडल' नामक टीम ने खगोल विज्ञान सीखने के इच्छुक लोगों के लिए 30 घंटे का एक कोर्स भी शुरू किया है। कार्यक्रम सुनने के बाद, भाजपा कार्यकर्ताओं ने "वंदे गंगा जल संरक्षण जनअभियान" के तहत पक्षियों के लिए परिंडे लगाए। इस अवसर पर भाजपा के सभी बूथ अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भाजपा सिरोही नगर मंडल के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" का 134वां एपिसोड सुना। रविवार को सिरोही नगर मंडल के सभी 32 बूथों पर कार्यकर्ताओं ने सीधे प्रसारण के माध्यम से देश के विकास, जनकल्याण और प्रेरणादायी विषयों पर पीएम मोदी के विचारों को सुनने के लिए एकत्र हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में खगोल विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि खगोल विज्ञान के प्रति भारत का आकर्षण कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी विरासत का हिस्सा रहा है। पीएम मोदी ने भारतीय सभ्यता में आकाश, ग्रहों और तारों को समझने की प्राचीन परंपरा का जिक्र किया और कहा कि आज भी भारत में कई प्राचीन वेधशालाएं मौजूद हैं, जो उस दौर की वैज्ञानिक सोच और गणितीय क्षमता का प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में कई महत्वपूर्ण गणितीय खोजें हुई हैं, जिनका संबंध सीधे तौर पर खगोल विज्ञान से रहा है, जिनमें नेविगेशन, पंचांग और पर्व-त्योहारों की गणना शामिल है, जो लंबे समय तक आकाशीय घटनाओं के अध्ययन पर आधारित रही हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, खगोल विज्ञान ने हर पीढ़ी में जिज्ञासा जगाई है और लोगों को खोज के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि आज भारत के युवाओं में भी इसे लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और उनकी गतिविधियां अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे कस्बों और स्कूलों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बेंगलुरु की बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी का उदाहरण दिया, जो ऑब्जर्वेशन सेशंस का आयोजन करती है और ग्रामीण क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी को लोकप्रिय बनाने के लिए अभियान चला रही है। इसी प्रकार, 'खगोल मंडल' नामक टीम ने खगोल विज्ञान सीखने के इच्छुक लोगों के लिए 30 घंटे का एक कोर्स भी शुरू किया है। कार्यक्रम सुनने के बाद, भाजपा कार्यकर्ताओं ने "वंदे गंगा जल संरक्षण जनअभियान" के तहत पक्षियों के लिए परिंडे लगाए। इस अवसर पर भाजपा के सभी बूथ अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- स्थानीय निवासियों ने रात के समय का एक नजारा साझा किया है, जिसमें सड़क लाइटों की अजीब स्थिति दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार, दिन के समय ये लाइटें चालू रहती हैं, जबकि रात होते ही ये बंद कर दी जाती हैं, जिससे अंधेरा छा जाता है।1
- भीनमाल में श्री सावलाजी सेवा संस्थान घांची समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को स्थानीय घांची समाज न्याति नोहरा में आयोजित की गई। संस्थान अध्यक्ष बाबूलाल चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और संगठनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। संस्थान के सचिव दिनेशकुमार भाटी ने बताया कि बैठक में समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक सम्मान समारोह आयोजित करने पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक करियर गाइड शिविर आयोजित करने की योजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न करियर विकल्पों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिस पर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी। इस बैठक में राजमल चौहान, चुन्नीलाल चौहान, माधवाराम सोलंकी, मोहनलाल भाटी, भंवरलाल चौहान, मेघाराम चौहान, पारसमल चौहान, भीखाराम भाटी, दिनेश चौहान, कलाराम चौहान, मसराराम राठौड़, चतराराम चौहान, डायालाल चौहान, हीरालाल चौहान, थानाराम चौहान, कालुराम परमार, चंपालाल राठौड़, दलपत भाटी, कालुराम बोराणा, जुगराज चौहान, नारायण चौहान, घेवाराम मोदी, गणाराम राठौड़, बाबूलाल भाटी सहित बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लिया और समाज के विकास व एकजुटता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रतिभा सम्मान समारोह, करियर गाइड शिविर और समाजहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए 28 जून को समाज की सामान्य सभा (जनरल बैठक) आयोजित की जाएगी। इस सभा में समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है।1
- उदयपुर शहर में तेज़ आंधी और तूफानी बारिश का दौर देखा गया, जहाँ हवाएँ 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चलीं। इस गंभीर मौसम परिवर्तन के मद्देनजर, मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल ने जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है, जिसमें चारभुजा नाथ के दर्शन कराए गए हैं। यह रिपोर्ट नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से संवाददाता नंदलाल पुरबिया द्वारा प्रस्तुत की गई।1
- राजसमंद के कांकरोली स्थित तृतीय पीठ प्रन्यास के द्वारकाधीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर विशेष झांकियों के तहत 'भूल भुलैया में सावन भादो महोत्सव' का आयोजन किया गया। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रसिद्ध डायरेक्टर आसित मोदी द्वारा यह मनोरथ करवाया गया था, जिसमें आसित मोदी भी अपने परिवार सहित मंदिर में मौजूद रहे। मंदिर के तिलकायत डॉक्टर वागीश कुमार के निर्देशन में यह मनोरथ करीब तीन घंटे तक चला। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार से ही जंगल, अंधेरा, तूफान और बारिश जैसा कृत्रिम नज़ारा तैयार किया गया था, जिसमें पक्षियों की कलरव और जानवरों की आवाज़ों से इसे और भी डरावना रूप दिया गया। पुष्टिमार्ग की परंपरा के अनुसार, यह महोत्सव ठाकुर जी को समय-समय पर शीतोपचार (ठंडक प्रदान करने) के लिए आयोजित किया जाता है। इस अनोखे आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान सबसे ताज्जुब की बात यह रही कि दर्शनों के बीच ही वास्तव में मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे श्रद्धालुओं ने दर्शनों का भरपूर आनंद लिया।4
- उदयपुर जिले के मावली उपखंड के सिन्दू सहित आस-पास के गांवों में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र में आए बेमौसम तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के वेग से कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए और बिजली के पोल भी उखड़कर नीचे गिर गए। इस आंधी-तूफान के कारण बिजली के पोल गिरने और तार टूटने से सिन्दू व आस-पास के ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। इसके साथ ही, किसानों की फसलें भी आड़ी पड़ गईं।1
- हमारी गली में पिछले कई दिनों से यह अजीब स्थिति बनी हुई है कि रात के समय स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं, जबकि दिन में वे चालू रहती हैं।1
- राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।2
- पाली शहर में इस समय अत्यंत दुखद और शोकपूर्ण माहौल व्याप्त है। सर्व हिंदू समाज, पाली द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्टर के अनुसार, क्षेत्र की बेटी कुमकुम के आकस्मिक निधन पर कल, 01 जून 2026, सोमवार को शाम 7:00 बजे सूरजपोल, पाली में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से सर्व हिंदू समाज ने शहरवासियों से इस सभा में जुटने की भावुक अपील की है। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आह्वान सर्व हिंदू समाज पाली, शिव सेना पाली और तखत सिंह सोलंकी सहित विभिन्न स्थानीय संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। आयोजकों ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा है कि 'भगवान शिव पुण्यात्मा कुमकुम जी की आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही इस असीम दुख को सहन करने के लिए शोकाकुल परिवार को शक्ति दें।'1