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2 अक्टूबर को ग्राम पंचायत नवगई में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया संतलाल उर्रे को सर्व सहमति से बनाया गया ग्राम सभा अध्यक्ष
Santlal Urre
2 अक्टूबर को ग्राम पंचायत नवगई में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया संतलाल उर्रे को सर्व सहमति से बनाया गया ग्राम सभा अध्यक्ष
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- 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायत नवगई में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया संतलाल उर्रे को सर्व सहमति से बनाया गया ग्राम सभा अध्यक्ष4
- बैगा समाज एवं सरपंचों की ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो रहे मुख्य अतिथि। बैगा समाज एवं सरपंचों की ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो रहे मुख्य अतिथि। बतौली : ग्राम पंचायतों में सदियों से चली आ रही पारंपरिक पूजा पद्धति, बैगा परंपरा और स्थानीय संस्कृति को संजोने के उद्देश्य से एक विशेष ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में चोरकी पानी धाम के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैगाओं द्वारा की जाने वाली पारंपरिक पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्ण बनाए रखना तथा इसे आने वाली नई पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बैगाओं और ग्राम सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में प्रचलित पारंपरिक पूजा पद्धतियों और रीति-रिवाजों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। मुख्य अतिथि विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली पूजा पद्धति हमारी समृद्ध परंपरा और संस्कृति की मूल पहचान है, जिसे भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में वृक्षारोपण का किया गया जिसमें सरमाना के सरना पूजा स्थल में साल वृक्ष का पौधा लगाया गया।4
- बैगा समाज एवं सरपंचों की ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो रहे मुख्य अतिथि सरगुजा-बतौली ग्राम पंचायतों में सदियों से चली आ रही पारंपरिक पूजा पद्धति, बैगा परंपरा और स्थानीय संस्कृति को संजोने के उद्देश्य से एक विशेष ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में चोरकी पानी धाम के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैगाओं द्वारा की जाने वाली पारंपरिक पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्ण बनाए रखना तथा इसे आने वाली नई पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित करना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बैगाओं और ग्राम सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में प्रचलित पारंपरिक पूजा पद्धतियों और रीति-रिवाजों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। मुख्य अतिथि विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली पूजा पद्धति हमारी समृद्ध परंपरा और संस्कृति की मूल पहचान है, जिसे भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में वृक्षारोपण का किया गया जिसमें सरमाना के सरना पूजा स्थल में साल वृक्ष का पौधा लगाया गया,1
- बीजेपी कार्यकर्ताओं की बाइक रैली और रोड शो के दौरान यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। सेवा संकल्प अभियान… लेकिन सड़कों पर ये कैसा संकल्प? बीजेपी कार्यकर्ताओं की बाइक रैली और रोड शो के दौरान यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। तस्वीरों में कई बाइक सवार बिना हेलमेट नजर आ रहे हैं, तो वहीं रैली के दौरान सड़क पर नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं। सवाल ये है कि जनसेवा का संदेश देने निकली इस रैली में ट्रैफिक नियमों का पालन आखिर क्यों नहीं दिखा? क्या राजनीतिक कार्यक्रमों के नाम पर यातायात नियमों से समझौता किया जा सकता है? अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हैं या नहीं।1
- बतौली ब्लाक में हुआ बैगा एवं सरपंच की बैठक पारंपरिक पूजा पद्धति पर हुई बात विधायक रामकुमार टोप्पो हुए सामिल,,1
- स्मित मच्छार की बहादुरी को नमन ये गीत हो रहा वायरल एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है और एक मच्छार आतंकवादियों को हिजड़ा बना देता है1
- अंबिकापुर की बदहाल सड़कों और उड़ती धूल के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब अनोखा विरोध शुरू कर दिया है। स्लग __सामाजिक कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन एंकर __अंबिकापुर की बदहाल सड़कों और उड़ती धूल के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब अनोखा विरोध शुरू कर दिया है। राहगीरों को मास्क बांटकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन को संदेश दिया कि सड़क की धूल अब लोगों के लिए परेशानी बन चुकी है। बारिश के दौरान गड्ढों को लेकर प्रदर्शन के बाद अब बारिश खत्म होते ही धूल के गुबार ने एक बार फिर सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीओ __अंबिकापुर शहर की सड़कें,बारिश में गड्ढों से परेशान और अब बारिश के बाद धूल के गुबार से बेहाल।शहर की प्रमुख सड़कों पर उड़ती धूल के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। राहगीरों को मास्क बांटे गए और शासन-प्रशासन से सड़क पर पानी के नियमित छिड़काव की मांग की गई।दरअसल, बारिश के दौरान बदहाल सड़कों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों के गड्ढों में सरगुजिया नृत्य कर विरोध जता चुके हैं। मंत्री और स्थानीय विधायक के निवास के बाहर भी प्रदर्शन किया गया था।इसके बाद कुछ सड़कों पर सुधार जरूर हुआ, लेकिन बारिश खत्म होते ही कई प्रमुख मार्गों पर उड़ती धूल ने लोगों की परेशानी फिर बढ़ा दी है।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि धूल के गुबार से राहगीरों के साथ-साथ सड़क किनारे दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। अब मांग है कि जब तक सड़क का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक कम से कम पानी का नियमित छिड़काव कराया जाए।वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर 10 दिनों के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो सड़क किनारे तंबू लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बाइट _01 _राहगीर बाइट _02 _दुकान संचालक _महिला बाइट _03 _अंकुर सिन्हा _सामाजिक कार्यकता4
- कुसमुंडा खदान क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा: भारी वाहनों की टक्कर में रलिया निवासी विश्व प्रताप मिट्ठू की दर्दनाक मौत कुसमुंडा (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के प्रमुख कोयलांचल क्षेत्र कुसमुंडा खदान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है। भारी-भरकम खदान वाहनों के बीच हुई इस आमने-सामने की जोरदार टक्कर में एक व्यक्ति की जान चली गई। हादसे की भयावहता घटनास्थल पर मौजूद दृश्यों और क्षतिग्रस्त वाहनों की स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि टक्कर कितनी भयानक थी। दुर्घटना में शामिल भारी वाहनों (डंपर व ट्रकों) के अगले हिस्से के परखच्चे पूरी तरह उड़ चुके हैं और सड़क पर मलबा फैल गया है। मृतक की पहचान इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले मृतक की पहचान विश्व प्रताप मिट्ठू (निवासी: रलिया) के रूप में हुई है। इस अचानक हुई दुर्घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फौरन मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद खदान क्षेत्रों में भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिकों ने मांग की है कि खदान परिसर के भीतर यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों को अधिक सख्त किया जाए ताकि ऐसी अनहोनी घटनाओं को रोका जा सके।2