Moradabad:200 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग से GST चोरी गैंग के मुख्य आरोपी को SIT ने किया गिरफ्तार मुरादाबाद, 28 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बड़े GST घोटाले का पर्दाफाश करते हुए फर्जी बिल ट्रेडिंग के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले गैंग के सरगना को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 29 चेकबुक, लैपटॉप, पीसी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और 6 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गिरफ्तार आरोपी का नाम पुनित पुत्र बिशम्बर सिंह (उम्र: 30 वर्ष, शिक्षा: बीएससी-मैथ्स) है, जो मूल रूप से आगरा के थाना सदर बाजार के ताल फिरोज खान मधुनगर नई आबादी 30/34 का निवासी है। हाल ही में वह आगरा के श्री राम कॉम्प्लेक्स, थर्ड फ्लोर, फ्लैट नंबर-09 सेवला में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह 2019 से फर्जी फर्मों के जरिए बिल ट्रेडिंग का धंधा चला रहा था, जिसमें कोई वास्तविक माल का लेन-देन नहीं होता था। घोटाले की शुरुआत और नेटवर्क पुलिस के अनुसार, यह मामला मुरादाबाद के राज्य कर विभाग के प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में AL JAZA TRADERS (GSTIN: 09AAWPQ8913C2Z4) फर्म द्वारा 1.20 करोड़ 50 हजार 458 रुपये की GST चोरी का आरोप लगाया गया था। इस आधार पर थाना सिविल लाइन्स में मुकदमा संख्या 0834/2025 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2), 61(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। SIT ने पुलिस महानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के निर्देश पर तकनीकी संसाधनों और अभिसूचना के आधार पर जांच शुरू की। आरोपी पुनित ने पूछताछ में खुलासा किया कि 2019 में दिल्ली की एक कपड़े की दुकान पर काम के दौरान सिद्दकी नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई। इस व्यक्ति ने पुनित की पत्नी के नाम से MAGNA ENTERPRISES (GSTIN: 07CEEPA0366P1ZF) फर्म रजिस्टर कराई और 20 हजार रुपये दिए। लॉकडाउन के दौरान पैसे बंद होने पर पुनित ने खुद GST पोर्टल का यूजरनेम-पासवर्ड हासिल कर लिया और फर्म से जुड़ी पार्टियों से संपर्क कर कमीशन के साथ पैसे निकालने लगा। इसके बाद रामपुर के मुकिम नामक व्यक्ति के जरिए फर्जी बिल ट्रेडिंग का जाल बिछा। बाजपुर के गुलाब और अमित श्रीवास्तव के माध्यम से चार फर्जी फर्में बनाई गईं: क्रिस्टल ट्रेडिंग (GSTIN: 05AWGPH7310E1Z0, मालिक: हेमंत सिंह) अमृत धारा (GSTIN: 05AWQPY1009H1ZB, मालिक: शरद यादव) अल्पना एंटरप्राइजेज (GSTIN: 05HFGPM3346F1ZH, मालिक: ममता) हरजिंदर एंटरप्राइजेज (GSTIN: 05MCZPS3087A1ZX, मालिक: हरजिंदर सिंह) इन फर्मों से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल कर पैसे खातों में घुमाए जाते थे। आरोपी ने बताया कि इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जहां नाम बदलकर RTGS/NEFT किए जाते थे। कुल मिलाकर: एम/एस आर.के. इंटरनेशनल (खाता: 212xxxxxxxx4908) में 88 करोड़ 79 लाख 89 हजार 177 रुपये एम/एस मैग्ना एंटरप्राइजेज (पत्नी का खाता: 212xxxxxxxx4909) में 57 करोड़ 84 लाख 47 हजार 29 रुपये एम/एस वन्या एंटरप्राइजेज (बेटी का खाता: 40xxxxxxx650) में 122 करोड़ 57 लाख 22 हजार 478 रुपये ट्रेडिंग की कुल राशि लगभग 200 करोड़ के आसपास बताई गई। पैसे निकालकर कैश में पार्टियों को लौटाए जाते, जिसमें आरोपी अपना कमीशन रखता। जब्त सामग्री और आगे की कार्रवाई गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से निम्नलिखित बरामद हुए: 11 मोबाइल फोन (7 आईफोन, 4 एंड्रॉयड) सहित सिम कार्ड 12 एटीएम कार्ड, 1 पासबुक, 1 आरसी, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड 29 चेकबुक, 1 पासपोर्ट फोटोकॉपी, 2 आधार फोटोकॉपी, 1 पैन फोटोकॉपी 8 सिम कार्ड, 3 बिजली बिल, 9 टैक्स इनवॉइस, 32 किरायानामा 5 मुहरें, 2 इंक पैड, 1 लैपटॉप, 2 बिल्टी बुक, 1 पीसी 1,220 रुपये नकद और खाते में 6 लाख रुपये सीज
Moradabad:200 करोड़ की फर्जी बिल ट्रेडिंग से GST चोरी गैंग के मुख्य आरोपी को SIT ने किया गिरफ्तार मुरादाबाद, 28 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बड़े GST घोटाले का पर्दाफाश करते हुए फर्जी बिल ट्रेडिंग के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले गैंग के सरगना को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 29 चेकबुक, लैपटॉप, पीसी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और 6 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गिरफ्तार आरोपी का नाम पुनित पुत्र बिशम्बर सिंह (उम्र: 30 वर्ष, शिक्षा: बीएससी-मैथ्स) है, जो मूल रूप से आगरा के थाना सदर बाजार के ताल फिरोज खान मधुनगर नई आबादी 30/34 का निवासी है। हाल ही में वह आगरा के श्री राम कॉम्प्लेक्स, थर्ड फ्लोर, फ्लैट नंबर-09 सेवला में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह 2019 से फर्जी फर्मों के जरिए बिल ट्रेडिंग का धंधा चला रहा था, जिसमें कोई वास्तविक माल का लेन-देन नहीं होता था। घोटाले की शुरुआत और नेटवर्क पुलिस के अनुसार, यह मामला मुरादाबाद के राज्य कर विभाग के प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में AL JAZA TRADERS (GSTIN: 09AAWPQ8913C2Z4) फर्म द्वारा 1.20 करोड़ 50 हजार 458 रुपये की GST चोरी का आरोप लगाया गया था। इस आधार पर थाना सिविल लाइन्स में मुकदमा संख्या 0834/2025 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2), 61(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। SIT ने पुलिस महानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के निर्देश पर तकनीकी संसाधनों और अभिसूचना के आधार पर जांच शुरू की। आरोपी पुनित ने पूछताछ में खुलासा किया कि 2019 में दिल्ली की एक कपड़े की दुकान पर काम के दौरान सिद्दकी नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई। इस व्यक्ति ने पुनित की पत्नी के नाम से MAGNA ENTERPRISES (GSTIN: 07CEEPA0366P1ZF) फर्म रजिस्टर कराई और 20 हजार रुपये दिए। लॉकडाउन के दौरान पैसे बंद होने पर पुनित ने खुद GST पोर्टल का यूजरनेम-पासवर्ड हासिल कर लिया और फर्म से जुड़ी पार्टियों से संपर्क कर कमीशन के साथ पैसे निकालने लगा। इसके बाद रामपुर के मुकिम नामक व्यक्ति के जरिए फर्जी बिल ट्रेडिंग का जाल बिछा। बाजपुर के गुलाब और अमित श्रीवास्तव के माध्यम से चार फर्जी फर्में बनाई गईं: क्रिस्टल ट्रेडिंग (GSTIN: 05AWGPH7310E1Z0, मालिक: हेमंत सिंह) अमृत धारा (GSTIN: 05AWQPY1009H1ZB, मालिक: शरद यादव) अल्पना एंटरप्राइजेज (GSTIN: 05HFGPM3346F1ZH, मालिक: ममता) हरजिंदर एंटरप्राइजेज (GSTIN: 05MCZPS3087A1ZX, मालिक: हरजिंदर सिंह) इन फर्मों से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल कर पैसे खातों में घुमाए जाते थे। आरोपी ने बताया कि इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जहां नाम बदलकर RTGS/NEFT किए जाते थे। कुल मिलाकर: एम/एस आर.के. इंटरनेशनल (खाता: 212xxxxxxxx4908) में 88 करोड़ 79 लाख 89 हजार 177 रुपये एम/एस मैग्ना एंटरप्राइजेज (पत्नी का खाता: 212xxxxxxxx4909) में 57 करोड़ 84 लाख 47 हजार 29 रुपये एम/एस वन्या एंटरप्राइजेज (बेटी का खाता: 40xxxxxxx650) में 122 करोड़ 57 लाख 22 हजार 478 रुपये ट्रेडिंग की कुल राशि लगभग 200 करोड़ के आसपास बताई गई। पैसे निकालकर कैश में पार्टियों को लौटाए जाते, जिसमें आरोपी अपना कमीशन रखता। जब्त सामग्री और आगे की कार्रवाई गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से निम्नलिखित बरामद हुए: 11 मोबाइल फोन (7 आईफोन, 4 एंड्रॉयड) सहित सिम कार्ड 12 एटीएम कार्ड, 1 पासबुक, 1 आरसी, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड 29 चेकबुक, 1 पासपोर्ट फोटोकॉपी, 2 आधार फोटोकॉपी, 1 पैन फोटोकॉपी 8 सिम कार्ड, 3 बिजली बिल, 9 टैक्स इनवॉइस, 32 किरायानामा 5 मुहरें, 2 इंक पैड, 1 लैपटॉप, 2 बिल्टी बुक, 1 पीसी 1,220 रुपये नकद और खाते में 6 लाख रुपये सीज
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1
- मुरादाबाद के थाना नागफनी इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब 'तारावीह' की नमाज पढ़ने जा रहे एक व्यक्ति की उसके ही सगे साले ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।1
- Post by Jpn7 News1
- गजरौला/धनौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम शीशोवाली में पशुपालन विभाग, अमरोहा द्वारा आयोजित “पशु चिकित्सा शिविर” का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक राजीव तरारा ने गौ पूजन एवं फीता काटकर किया।इस अवसर पर विधायक राजीव तरारा ने कहा कि नरेंद्र मोदी एवं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार किसानों और पशुपालकों के उत्थान के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पशुपालकों की आय दोगुनी करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।विधायक ने बताया कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर, नियमित टीकाकरण, संतुलित पशु आहार एवं उन्नत नस्लों के उपयोग से पशुपालक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।शिविर में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं उपचार किया गया। साथ ही पशुपालकों को पशु रोगों की रोकथाम, स्वच्छता, पोषण एवं आधुनिक पशुपालन पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष कपिल भढ़ाना, जबर सिंह प्रधान, नानक प्रधान, विनोद प्रधान, हरपाल सिंह प्रधान, नन्हे प्रधान, मंगत सिंह, प्रेमपाल, सतपाल पाल, निहार त्यागी, सुंदर सिंह, हुकम सिंह, सतवीर सिंह राणा, सुशील कुमार, विनोद कुमार, सुरेन्द्र सिंह, अमन अग्रवाल, अक्षय सहित पार्टी पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्यजन, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।विधायक राजीव तरारा ने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि पशुधन की सुरक्षा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।1
- Post by India News1
- Post by Ankit kashyap2
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1
- कानपुर कचहरी में वकीलों का 'रंगीला धमाल'! रशियन बार डांसर वीडियो वायरल हो रहा! कानपुर, 28 फरवरी 2026: कानपुर बार एसोसिएशन की होली मिलन में वकीलों ने कचहरी को रंगों से सराबोर कर दिया। #viral #viralvideo1
- अमरोहा। चिकित्सक की डिग्री किराए पर लेकर अस्पताल का संचालन करने के कई मामले पहले चर्चा में रहे हैं। जिसमें कम से कम संबंधित चिकित्सक को यह जानकारी तो रहती थी कि उनके नाम से अस्पताल का पंजीयन हैं। परंतु इस बार जिले में अनोखा मामला सामने आया है। जालसाजों ने एमबीबीएस की डिग्री चोरी कर चिकित्सक के नाम से दो अस्पताल का पंजीयन करा लिया।डिग्री के साथ ही चिकित्सक के अन्य प्रमाण पत्र भी फर्जी तैयार करा लिए। रोगियों का उपचार दिखा कर मेडिकल क्लेम भी लिया जाने लगा। यह फर्जीवाड़ा उस समय पकड़ में आ गया जब एक बीमा कंपनी ने चिकित्सक के असली नंबर पर काल कर इंक्वायरी की। अपने नाम से दो अस्पताल का संचालन की जानकारी सुनकर ग्रेटर नोएडा के चिकित्सक के होश उड़ गए। अब उन्होंने आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर के सेक्टर ओमेगा-2 की ओमेक्स एनआरआइ सिटी निवासी डा. राजीव कुमार चौधरी एमबीबीएस (एमएस) सर्जन हैं। ग्रेटर नोएडा में ही अपना अस्पताल चलाते हैं।पंद्रह दिन पहले उनके पास एक बीमा कंपनी के सर्वेयर की काल आई थी। जिसनें उन्हें बताया कि अमरोहा जनपद के जोया कस्बा संचालित उनके डिवाइन हेल्थकेयर अस्पताल तथा जोया-अमरोहा रोड पर संचालित उनके दूसरे साधना नर्सिंग होम में भर्ती रोगी के मेडिकल क्लेम के संबंध में जानकारी करनी है।यह सुनकर डा. राजीव चौंक गए क्योंकि वह कभी अमरोहा आए ही नहीं थे। उन्होंने सर्वेयर को मना कर दिया तथा स्वयं मामले का पता लगाने में जुट गए। उन्होंने अमरोहा सीएमओ दफ्तर के रिकार्ड से पता किया तो यहां दोनों अस्पतालों का पंजीकरण उनके नाम से डेढ़ साल पहले कराया गया था। इसमें डा. राजीव की डिग्री, शपथ पत्र व फर्जी मुहर व हस्ताक्षर थे। डिग्री तो असली थी, लेकिन शेष सबकुछ फर्जी मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के साउथ दिल्ली मदनगीर निवासी साहिल खुद को डा. राजीव बता कर साधना नर्सिंग होम व डिवाइन हेल्थकेयर अस्पताल में रोगियों का उपचार करता है। इसके अलावा दुष्यंत कुमार निवासी गांव शकरपुर जनपद अमरोहा भी खुद को डाक्टर बताने के साथ ही एक बीमा कंपनी के सर्वेयर के रूप में काम करता है। इनका तीसरा साथी गुलशेर निवासी गांव फौंदापुर थाना नौगावां सादात हैं। इन अस्पतालों में रोगियों का उपचार होना दिखा कर फर्जी तरीके से डा. राजीव के नाम से फाइल तैयार कर बीमा क्लेम लिया जा रहा है। जबकि डा. राजीव ने आज तक अमरोहा आए ही नहीं थे। अब पीड़िता ने एसपी व सीएमओ को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। *बंद पड़ी डाग्नोप्लस लैब से करा रहे सैंपल की जांच* पैथलैब डाग्नोप्लस काफी समय से बंद पड़ी है। हैरत की बात तो यह है कि आरोपित जिस रोगी का उपचार कर क्लेम के लिए आवेदन करते हैं, उसके ब्लड व अन्य प्रकार की जांच डाग्नोप्लस लैब में होना दर्शाते हैं। बकायदा उसकी जांच रिपोर्ट भी तैयार की जा रही हैं। - डा. राजीव कुमार चौधरी, ने बताया की मैं कभी अमरोहा आया ही नहीं। मेरी डिग्री ग्रेटर नोएडा सीएमओ कार्यालय में जरूर पंजीयन के लिए लगी है। उसके अलावा मैंने कहीं प्रयोग नहीं किया। संभवत वहां से डिग्री चोरी की गई है। जिसका दुरुपयोग किया जा रहा है। जानकारी मिलने पर कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया है। - डा. राजीव कुमार चौधरी, पीड़ित3