समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत शाहपुर पटोरी नगर परिषद इलाके में स्थित गोरगामा मंदिर के पास एक बच्चे की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान गोरगामा गांव निवासी मंटू कुमार के पुत्र अर्णव कुमार के रूप में हुई है, जो सड़क किनारे खेल रहा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मृत बच्चे के शव को अपने कब्जे में लिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया गया है। इधर, इस घटना से आक्रोशित परिजन और अन्य लोग उस अज्ञात वाहन की तलाश में जगह-जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और स्थानीय लोगों से भी मदद ली जा रही है। उनका उद्देश्य है कि उस लापरवाह वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत शाहपुर पटोरी नगर परिषद इलाके में स्थित गोरगामा मंदिर के पास एक बच्चे की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान गोरगामा गांव निवासी मंटू कुमार के पुत्र अर्णव कुमार के रूप में हुई है, जो सड़क किनारे खेल रहा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मृत बच्चे के शव को अपने कब्जे में लिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया गया है। इधर, इस घटना से आक्रोशित परिजन और अन्य लोग उस अज्ञात वाहन की तलाश में जगह-जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और स्थानीय लोगों से भी मदद ली जा रही है। उनका उद्देश्य है कि उस लापरवाह वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत शाहपुर पटोरी नगर परिषद इलाके में स्थित गोरगामा मंदिर के पास एक बच्चे की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान गोरगामा गांव निवासी मंटू कुमार के पुत्र अर्णव कुमार के रूप में हुई है, जो सड़क किनारे खेल रहा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मृत बच्चे के शव को अपने कब्जे में लिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया गया है। इधर, इस घटना से आक्रोशित परिजन और अन्य लोग उस अज्ञात वाहन की तलाश में जगह-जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और स्थानीय लोगों से भी मदद ली जा रही है। उनका उद्देश्य है कि उस लापरवाह वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- जंदाहा में टाइल्स और मार्बल का एक भव्य शोरूम खुल गया है, जो ग्राहकों के लिए घर के सजावट और निर्माण सामग्री के नए विकल्प लेकर आया है। इस नए शोरूम में ग्राहकों को आधुनिक डिज़ाइन के टाइल्स और मार्बल की एक विस्तृत श्रृंखला मिलेगी। यह पहल क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को अपने घरों को नवीनतम रुझानों के अनुसार सजाने का अवसर प्रदान करेगी।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महनार के राजकीय मध्य विद्यालय में बाल श्रम के उन्मूलन का संकल्प दिलाया गया।1
- चिकित्सा विज्ञान एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहाँ वैज्ञानिक 'जीन एडिटिंग' और 'CRISPR' तकनीक का उपयोग करके सूअर के अंगों को इंसानों में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर रहे हैं। अमेरिका में पहली बार एक जीन-एडिटेड सूअर का किडनी इंसान के शरीर में सफलतापूर्वक काम करने लगा है, जिसने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इस हैरतअंगेज दुनिया में, वैज्ञानिकों ने सूअरों को चुना है और 'अल्फा-गैल' जैसी चुनौतियों का समाधान करते हुए, 69 जेनेटिक एडिट्स की मदद से यह उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता भविष्य के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है कि क्या अंगों की कमी हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी और क्या जानवरों के अंग लाखों लोगों की जान बचाने में सक्षम होंगे।1
- गरीबों के राशनकार्ड रद्द किए जाने के विरोध में खेग्रामस-माले ने एक विरोध मार्च निकाला है। यह विरोध मार्च राशनकार्ड रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ किया गया, जिसका असर सीधे तौर पर गरीब वर्ग पर पड़ रहा है।1
- बाढ़ अनुमंडल से एक बार फिर हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ उमानाथ बिंद टोली निवासी 40 वर्षीय विजय महतो की गंगा नदी में डूबने से मृत्यु हो गई। बताया गया है कि विजय महतो प्रतिदिन की तरह नाव से गंगा पार खेती के काम के लिए गए थे। दोपहर लगभग दो बजे स्नान करते समय वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। स्थानीय लोगों ने काफी खोजबीन के बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही इसी गाँव के सात अन्य लोगों की गंगा में डूबने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे इन हादसों के मद्देनजर, प्रशासन ने कई घाटों पर आवाजाही और स्नान पर प्रतिबंध लगा रखा है। साथ ही, लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को लगातार सतर्क रहने, प्रतिबंधित घाटों पर न जाने और नदी में अनावश्यक जोखिम से बचने की चेतावनी भी दी जा रही है। बाढ़ के एसडीपीओ ने भी आम लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और गंगा नदी में लापरवाही न बरतने की भावुक अपील की थी, इसके बावजूद डूबने की ये घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले 17 दिनों में गंगा नदी में डूबने से अब तक कुल नौ लोगों की जान जा चुकी है। इन लगातार हो रहे हादसों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र में भय तथा शोक का माहौल बना हुआ है। विजय महतो की असामयिक मृत्यु के बाद उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी इन लगातार हो रही घटनाओं से बेहद चिंतित हैं और प्रशासन से प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।1
- hhshejejrihrrbdhurnhrbdhjrdnjhejrjrdhjdjjrjhhfhdhjrhhh kya mai yek achha photo grafar hu1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के मदुदाबाद स्थित लक्ष्मी गैस एजेंसी में गंभीर अनियमितताओं को लेकर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुई, जो अब कानूनी प्रक्रिया तक पहुँच चुकी है। स्थानीय थाना मोहिउद्दीननगर में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मुदस्सिर सबा नजमी के आवेदन पर, शनिवार को थाना कांड संख्या 166/26 के तहत एजेंसी की संचालक सुमन कुमारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे पहले, बीते शुक्रवार को अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी राजीव कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी नवकंज कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मुदस्सिर सबा नजमी और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में लक्ष्मी गैस एजेंसी में एक संयुक्त छापेमारी की गई थी। इस जांच के दौरान एजेंसी में कई अनियमितताओं की पुष्टि हुई, जिसके बाद 73 उपभोक्ता कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और रसीदें जब्त किए गए। शिकायतों के संबंध में संतोषजनक जवाब न मिलने तथा आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन न होने पर, एजेंसी कार्यालय को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया था। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नजमी के आवेदन में बताया गया है कि पिछले एक महीने से एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं द्वारा गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध न कराने, लंबी कतारों में खड़ा रखने, सिलेंडरों की कालाबाजारी करने, निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने, गोदाम से स्वयं सिलेंडर लेने वालों से जबरन डिलीवरी शुल्क लेने, और अग्निशमन विभाग से NOC न लेने जैसी गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच में गठित प्रशासनिक टीम ने ग्राहकों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि की। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का उपयोग करने वाले होटल और रेस्तरां पर भी उसकी पैनी नजर है। प्रशासन ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन और आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1