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“रास्ता दो या जवाब दो!” आजाद नगर की हुंकार से गूंजा कलेक्ट्रेट, नारी-युवा शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन 📍 श्रीगंगानगर से बड़ी खबर राजस्थान के सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब आज़ाद नगर रास्ता बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हाथों में तख्तियां, चेहरे पर दृढ़ संकल्प और आंखों में उम्मीद,आजाद नगर के लोगों ने एक सुर में कहा, “अब और इंतजार नहीं… हमें हमारा रास्ता चाहिए!”
Dr.Sharwan
“रास्ता दो या जवाब दो!” आजाद नगर की हुंकार से गूंजा कलेक्ट्रेट, नारी-युवा शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन 📍 श्रीगंगानगर से बड़ी खबर राजस्थान के सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब आज़ाद नगर रास्ता बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हाथों में तख्तियां, चेहरे पर दृढ़ संकल्प और आंखों में उम्मीद,आजाद नगर के लोगों ने एक सुर में कहा, “अब और इंतजार नहीं… हमें हमारा रास्ता चाहिए!”
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- खानुवाली में उबल पड़ा जनाक्रोश: “बहन हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” के नारों से गूंजा गांव खानुवाली गांव में आज सिर्फ मोमबत्तियों की रोशनी नहीं थी, बल्कि लोगों के दिलों में सुलग रहा गुस्सा भी सड़कों पर उतर आया। मृतका सुदेश कुमारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला, जिसने पूरे इलाके में न्याय की पुकार को और तेज कर दिया। यह कैंडल मार्च रामेश्वर बाबल की अगुवाई में पंचायत घर से शुरू हुआ। सैकड़ों ग्रामीण हाथों में मोमबत्तियां लिए गांव की गलियों से होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचे और वहां से आगे बाबा रामदेव मंदिर तक मार्च निकाला। लेकिन यह सिर्फ एक शांत मार्च नहीं था — यह उस व्यवस्था के खिलाफ जनता का उफनता हुआ गुस्सा था जो अब तक सुदेश कुमारी को न्याय नहीं दिला पाई। मार्च के दौरान गांव की गलियां गूंज उठीं नारों से — “सुदेश कुमारी को न्याय दो” “बहन हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” “हत्यारे को फांसी दो” “राजेश गौड़ शर्म करो” “गौड़ हॉस्पिटल बंद करो” इन नारों ने साफ कर दिया कि अब यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं रही, बल्कि पूरे समाज की अस्मिता और न्याय की लड़ाई बन चुकी है। कैंडल मार्च के समापन पर बाबा रामदेव मंदिर के पास ग्रामीणों ने रावला तहसीलदार के प्रतिनिधि गुरदीप सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में साफ शब्दों में मांग रखी गई कि सुदेश कुमारी की मौत की निष्पक्ष जांच हो और अगर किसी की लापरवाही या लालच से यह मौत हुई है तो दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जिस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, उसमें अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या गरीब और आम आदमी की जान की कीमत इतनी कम हो गई है कि उसकी मौत भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाए? सबसे दर्दनाक दृश्य उस समय देखने को मिला जब सुदेश कुमारी की बेटी ने गांव के लोगों से न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने की अपील की। एक बेटी का अपनी मां के लिए न्याय मांगना किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोर देने के लिए काफी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आवाज सत्ता और प्रशासन के कानों तक पहुंचेगी? खानुवाली के लोगों ने मोमबत्तियों की रोशनी में साफ संदेश दे दिया है — अगर न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ सुदेश कुमारी की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज है जहां इलाज के नाम पर लापरवाही और लालच से लोगों की जान चली जाती है और फिर सच बोलने वालों को ही दबाने की कोशिश होती है। आज खानुवाली पूछ रहा है — क्या न्याय केवल ताकतवर लोगों के लिए है? क्या गरीब की मौत सिर्फ एक खबर बनकर रह जाएगी? मोमबत्तियों की यह लौ शायद छोटी हो, लेकिन इसके पीछे जल रहा गुस्सा बहुत बड़ा है। और अगर यह गुस्सा भड़क गया तो यह सिर्फ खानुवाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके में न्याय की एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। सवाल अब भी खड़ा है — सुदेश कुमारी को न्याय कब मिलेगा? #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ #गंगानगर #JusticeForSudeshKumari #वायरलपोस्ट2025 #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #चिकित्सामंत्री #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #खबरकाअसर #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल1
- बीकानेर संवाददाता शाकिर हुसैन, बीकानेर शहर में रेलवे क्रॉसिंग फाटकों की समस्या पिछले कई वर्षों से आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। मंगलवार रात करीब 9 बजे भी एक रेलवे फाटक करीब एक घंटे तक बंद रहा, जिससे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ।शहर के कोटगेट और सांखला फाटक पर यह समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। जानकारी के अनुसार इन दोनों फाटकों पर दिन में करीब 56 बार फाटक बंद होता है, जिससे शहर के लगभग 3 लाख लोग प्रभावित होते हैं। कई बार फाटक 40 से 50 मिनट तक बंद रहता है, जिसके कारण आमजन, मरीजों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल रात के समय ही नहीं बल्कि दिनभर बनी रहती है, जिससे शहर का ट्रैफिक बार-बार बाधित होता है।इस समस्या के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं। हाल ही में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। वहीं रेलवे विभाग की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अंडरपास और आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) बनाने की योजना बताई जा रही है, लेकिन फिलहाल इस दिशा में ठोस काम शुरू नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है।1
- हाल ही में भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को Kochi Port में तकनीकी और मानवीय कारणों से रुकने की अनुमति दी।1
- हनुमानगढ़ :से है जहां CM भजनलाल शर्मा के कल हनुमानगढ़ दौरे पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे पर उठाए सवाल कहा - मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ के लिए नहीं की कोई घोषणा किसानों और बच्चियों को नहीं मिलने दिया गया मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री से मिलने आ रहे किसानों को किया नजर बंद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे को बताया खानापूर्ति महिलाओं के काले दुपट्टे उतरवाने पर कहा सम्मान नहीं महिलाओं का हुआ अपमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने सर्किट हाऊस में की प्रेस वार्ता1
- - प्रेस वार्ता में पवन गोयल हुए मीडिया से रू-ब-रू, कमेटी के बारे दी विस्तृत जानकारी - भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित की गई है ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ श्रीगंगानगर। क्षेत्र के प्रतिष्ठित वास्तु इंजीनियर पवन के. गोयल को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह श्रीगंगानगर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है कि उन्हें केन्द्र स्तरीय कमेटी में जगह दी गई है। उनकी नियुक्ति का आदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमनदीप गंग द्वारा जारी किया गया। इस कमेटी में राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में से कुल 15 सरकारी एवं गैर-सरकारी लोगों को शामिल किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ है। इसी संदर्भ में आज सोमवार को सुखाडिय़ा सर्किल स्थित होटल प्रतीक प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रू-ब-रू होते हुए पवन के. गोयल ने बताया कि यह कमेटी विभिन्न विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पहले उनका तकनीकी मूल्यांकन करती है। कमेटी का मुख्य कार्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों, हरित क्षेत्र के विकास, पुनर्वास योजनाओं तथा जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी स्वीकृति या अस्वीकृति के संबंध में अनुशंसा करना है। कमेटी हवाई अड्डे, हाईवे (एक्सप्रेस-वे), पोर्ट, टाउनशिप, जल एवं खनन परियोजनाएं, बिजली एवं ताप परियोजनाएं, इंडस्ट्रियल पार्क, बहुमंजिला भवन और सीवरेज योजनाओं जैसी विभिन्न परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन करती है। इसके तहत वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, भूमि उपयोग परिवर्तन आदि विषयों पर तकनीकी विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाती है। प्रेस वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता एवं यूथ आइकॉन सौरभ जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपनी नियुक्ति पर पवन के. गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, सीवरेज और लालगढ़ एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं के संबंध में तकनीकी जानकारी राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, ताकि इन मुद्दों का स्थायी समाधान संभव हो सके। - इंजी. पवन के. गोयल के बारे में.. पवन के. गोयल वर्ष 1982 से इंजीनियरिंग, वास्तु विज्ञान, मूल्यांकन और निर्माण से जुड़े तकनीकी परामर्श कार्य कर रहे हैं। उन्हें जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार और देश-विदेश के कई राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2011 में उन्हें नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा ब्रह्मर्षि अलंकरण से सम्मानित किया गया था। गोयल वास्तुशास्त्र और जियो विज्ञान विषय पर सात पुस्तकों के लेखक भी हैं, जिनमें भारतीय वास्तु शास्त्र, फेंग शुई, उत्तम वास्तु परिचय, वास्तु किरण और उत्तम वास्तु एंड जियो टेक (हिंदी-अंग्रेजी) प्रमुख हैं। उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का भी अध्ययन किया है। गंगानगर में वे कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। रोटरी क्लब ईस्ट, अग्रवाल सभा, विद्यार्थी शिक्षा सदन, नरसिंहपुरा गौशाला, राष्ट्रीय कला मंदिर तथा अग्रवाल सदन सहित अनेक संस्थाओं में उनका योगदान रहा है। - पवन के. गोयल ने किया प्रधानमंत्री सहित सभी का आभार.. पवन के. गोयल ने प्रेस वार्ता के दौरान अपनी इस नियुक्ति के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, सीएम भजनलाल शर्मा सहित सभी श्रीगंगानगरवासियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।1
- Shri Ganga 24 News Rajasthan1
- “रास्ता दो या जवाब दो!” आजाद नगर की हुंकार से गूंजा कलेक्ट्रेट, नारी-युवा शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन 📍 श्रीगंगानगर से बड़ी खबर राजस्थान के सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब आज़ाद नगर रास्ता बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हाथों में तख्तियां, चेहरे पर दृढ़ संकल्प और आंखों में उम्मीद,आजाद नगर के लोगों ने एक सुर में कहा, “अब और इंतजार नहीं… हमें हमारा रास्ता चाहिए!”1
- जयपुर के विश्वकर्मा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग की टीम सड़क पर ट्रकों की जांच कर रही थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान मौके पर बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। सूत्रों के अनुसार आरटीओ इंस्पेक्टर शकीला बानो सिपाहियों के साथ एक ट्रक के पीछे वाहन से जा रही थीं। इसी दौरान अचानक एक बाइक सवार उनकी गाड़ी की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सीधे परिवहन विभाग की गाड़ी के शीशे से जा टकराया, जिससे वाहन का शीशा टूट गया और गाड़ी भी आगे से क्षतिग्रस्त हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन की गति करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। भीषण टक्कर के कारण बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।1
- श्रीगंगानगर के लिए उपलब्धि : इंजी. पवन के. गोयल भारत सरकार की ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ के सदस्य मनोनीत - प्रेस वार्ता में पवन गोयल हुए मीडिया से रू-ब-रू, कमेटी के बारे दी विस्तृत जानकारी - भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित की गई है ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ श्रीगंगानगर। क्षेत्र के प्रतिष्ठित वास्तु इंजीनियर पवन के. गोयल को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह श्रीगंगानगर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है कि उन्हें केन्द्र स्तरीय कमेटी में जगह दी गई है। उनकी नियुक्ति का आदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमनदीप गंग द्वारा जारी किया गया। इस कमेटी में राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में से कुल 15 सरकारी एवं गैर-सरकारी लोगों को शामिल किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ है। इसी संदर्भ में आज सोमवार को सुखाडिय़ा सर्किल स्थित होटल प्रतीक प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रू-ब-रू होते हुए पवन के. गोयल ने बताया कि यह कमेटी विभिन्न विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पहले उनका तकनीकी मूल्यांकन करती है। कमेटी का मुख्य कार्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों, हरित क्षेत्र के विकास, पुनर्वास योजनाओं तथा जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी स्वीकृति या अस्वीकृति के संबंध में अनुशंसा करना है। कमेटी हवाई अड्डे, हाईवे (एक्सप्रेस-वे), पोर्ट, टाउनशिप, जल एवं खनन परियोजनाएं, बिजली एवं ताप परियोजनाएं, इंडस्ट्रियल पार्क, बहुमंजिला भवन और सीवरेज योजनाओं जैसी विभिन्न परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन करती है। इसके तहत वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, भूमि उपयोग परिवर्तन आदि विषयों पर तकनीकी विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाती है। प्रेस वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता एवं यूथ आइकॉन सौरभ जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपनी नियुक्ति पर पवन के. गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, सीवरेज और लालगढ़ एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं के संबंध में तकनीकी जानकारी राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे, ताकि इन मुद्दों का स्थायी समाधान संभव हो सके। - इंजी. पवन के. गोयल के बारे में.. पवन के. गोयल वर्ष 1982 से इंजीनियरिंग, वास्तु विज्ञान, मूल्यांकन और निर्माण से जुड़े तकनीकी परामर्श कार्य कर रहे हैं। उन्हें जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार और देश-विदेश के कई राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2011 में उन्हें नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा ब्रह्मर्षि अलंकरण से सम्मानित किया गया था। गोयल वास्तुशास्त्र और जियो विज्ञान विषय पर सात पुस्तकों के लेखक भी हैं, जिनमें भारतीय वास्तु शास्त्र, फेंग शुई, उत्तम वास्तु परिचय, वास्तु किरण और उत्तम वास्तु एंड जियो टेक (हिंदी-अंग्रेजी) प्रमुख हैं। उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का भी अध्ययन किया है। गंगानगर में वे कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। रोटरी क्लब ईस्ट, अग्रवाल सभा, विद्यार्थी शिक्षा सदन, नरसिंहपुरा गौशाला, राष्ट्रीय कला मंदिर तथा अग्रवाल सदन सहित अनेक संस्थाओं में उनका योगदान रहा है। - पवन के. गोयल ने किया प्रधानमंत्री सहित सभी का आभार.. पवन के. गोयल ने प्रेस वार्ता के दौरान अपनी इस नियुक्ति के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, सीएम भजनलाल शर्मा सहित सभी श्रीगंगानगरवासियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।1