मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव स्थित 'सात खाली' गाँव में विकास के दावों के बीच रूह कंपा देने वाली बदहाली सामने आई है। यहाँ रहने वाले आदिवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव में कीचड़ भरे रास्तों और जानलेवा सफर के बीच जीने को मजबूर हैं। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद इस गाँव के हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो गया है और बीमारों को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। गाँव की इस बदहाली पर प्रशासन और पूरा सिस्टम आँखें मूँद कर बैठा है, जिसे लेकर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इन आदिवासियों का जीवन इतना सस्ता है? गरीब लोगों को केवल सांत्वना देकर छोड़ देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और लापरवाह सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की माँग की गई है।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव स्थित 'सात खाली' गाँव में विकास के दावों के बीच रूह कंपा देने वाली बदहाली सामने आई है। यहाँ रहने वाले आदिवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव में कीचड़ भरे रास्तों और जानलेवा सफर के बीच जीने को मजबूर हैं। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद इस गाँव के हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो गया है और बीमारों को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। गाँव की इस बदहाली पर प्रशासन और पूरा सिस्टम आँखें मूँद कर बैठा है, जिसे लेकर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इन आदिवासियों का जीवन इतना सस्ता है? गरीब लोगों को केवल सांत्वना देकर छोड़ देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और लापरवाह सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की माँग की गई है।
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव स्थित 'सात खाली' गाँव में विकास के दावों के बीच रूह कंपा देने वाली बदहाली सामने आई है। यहाँ रहने वाले आदिवासी आज भी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव में कीचड़ भरे रास्तों और जानलेवा सफर के बीच जीने को मजबूर हैं। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद इस गाँव के हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बेहद मुश्किल हो गया है और बीमारों को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। गाँव की इस बदहाली पर प्रशासन और पूरा सिस्टम आँखें मूँद कर बैठा है, जिसे लेकर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इन आदिवासियों का जीवन इतना सस्ता है? गरीब लोगों को केवल सांत्वना देकर छोड़ देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और लापरवाह सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की माँग की गई है।1
- खरगोन जिले की जनपद बड़वाह के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिंजलवाड़ा के पटेल फलिया के निवासी पिछले 4 वर्षों से पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की इस समस्या का मुख्य कारण क्षेत्र की नल-जल योजना का पिछले चार सालों से बंद होना है। इस पेयजल संकट के समाधान के लिए ग्रामीणों ने अब तक तीन बार जनसुनवाई में आवेदन दिया है और उनकी सीएम हेल्पलाइन शिकायत भी लेवल 3 (L3) पर पहुंच चुकी है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और पंचायत सचिव द्वारा इस समस्या का कोई निराकरण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेने और जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है।4
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद पुलिस थाने में "मैं भी पुलिस" पहल के तहत स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष जागरूकता और निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और समस्त पुलिस स्टाफ द्वारा नगर के पैरंट्स प्राईड इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों को थाने में बुलाकर पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि अपराध घटित होने पर पुलिस किस तरह सक्रिय होती है और अपने दायित्वों का निर्वाह कैसे करती है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भी उन्हीं की तरह हैं और पुलिस से डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उनमें से ही कोई बड़ा होकर भविष्य में पुलिस बन सकता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि यदि उन्हें कुछ भी संदिग्ध लगे या वे कोई बात अपने माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षक या मित्रों से साझा न कर पाएं, तो बेझिझक पुलिस को बताएं। इस दौरान स्कूल की बालिकाओं को समाज में बढ़ रहे अपराधों के प्रति जागरूक किया गया और स्कूल आते-जाते समय किसी भी असहजता या गंभीर व सामान्य घटना की स्थिति में तुरंत मित्र पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर संदीप कुशवाह, रविंद्र चौहान, श्री कृष्णा बिरला, अंतिम बाला भूरिया, गंभीर मीणा और आर विशराम सहित समस्त थाना स्टाफ उपस्थित रहा।4
- खंडवा में विकास कार्यों को लेकर विधायक कंचन ने बड़े फैसले लिए हैं, जिसके बाद से क्षेत्र में विकास कार्य काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में टावर मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है। अपनी मांग को लेकर बेहद नाराज किसानों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सीधे राज्य शासन की अर्थी निकाली और विरोध दर्ज कराते हुए एसडीएम (SDM) निवास का घेराव कर दिया। आक्रोशित किसानों ने अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी इस समस्या का उचित निराकरण नहीं हो जाता, तब तक वे एसडीएम निवास के सामने ही धरने पर बैठे रहेंगे।1
- मध्य प्रदेश के पूर्वी निमाड़ (खंडवा) में विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे ने रामेश्वर कुंड का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक कंचन तनवे ने भी रामेश्वर कुंड पहुंचकर दर्शन किए और वहां चल रहे निर्माण कार्य को देखा।1
- इंदौर के महू में जर्जर सड़कों की समस्या के बीच जब प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई, तो सेंट मैरी स्कूल के सामने बने गहरे गड्ढों को भरने के लिए समाजसेवी आगे आए। लंबे समय से इस सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण स्कूली विद्यार्थियों, अभिभावकों और राहगीरों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के समय इन गड्ढों में पानी भर जाने से हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या को देखते हुए समाजसेवी तुषार शर्मा ने स्वयं पहल की और अपने स्तर पर सड़क के इन गहरे गड्ढों को भरवा दिया। उनके इस प्रयास से सेंट मैरी स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, उनके अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।1
- खरगोन के खरगोन-सनावद मार्ग और निदान वाली गली की बदहाल स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। सड़कों की हालत देखकर यह सवाल उठ रहा है कि यहाँ गड्ढे हैं या मौत का कुआं? प्रशासन की अनदेखी के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले हर व्यक्ति की जान खतरे में पड़ी हुई है। सड़कों की इस जर्जर हालत के कारण रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में जनता अपनी जान जोखिम में डालकर इन रास्तों पर चलने को मजबूर है। प्रशासन से पुरजोर मांग की जा रही है कि इन गड्ढों को जल्द से जल्द भरा जाए और सड़कों का पूरी तरह से कायाकल्प किया जाए।1