छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बेटे ने मात्र 5 रुपए के गुटखा के लिए अपनी माँ की हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना डभरा क्षेत्र के ग्राम भेड़िकोना का है। आरोपी लखन माली अपनी पत्नी और माँ तिहारिन बाई के साथ रहता था। बताया गया है कि 14 जून की रात लगभग 7 से 8 बजे के बीच खाना खाने के बाद आरोपी लखन ने अपनी माँ से गुटखा खरीदने के लिए 5 रुपए मांगे। जब माँ ने पैसे न होने की बात कही, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर लखन ने पहले अपनी माँ के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और फिर पत्थर से उनके सिर पर हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी की पत्नी ने गंभीर रूप से घायल तिहारिन बाई को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बेटे ने मात्र 5 रुपए के गुटखा के लिए अपनी माँ की हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना डभरा क्षेत्र के ग्राम भेड़िकोना का है। आरोपी लखन माली अपनी पत्नी और माँ तिहारिन बाई के साथ रहता था। बताया गया है कि 14 जून की रात लगभग 7 से 8 बजे के बीच खाना खाने के बाद आरोपी लखन ने अपनी माँ से गुटखा खरीदने के लिए 5 रुपए मांगे। जब माँ ने पैसे न होने की बात कही, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर लखन ने पहले अपनी माँ के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और फिर पत्थर से उनके सिर पर हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी की पत्नी ने गंभीर रूप से घायल तिहारिन बाई को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई।
- छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया। इस बजट में महिलाओं और विशेषकर जन्म लेने वाली बेटियों के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में 'रानी दुर्गावती योजना' का ऐलान किया। इस योजना के तहत, जन्म लेने वाली हर बच्ची को 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह राशि बच्ची के 18 साल की उम्र पूरी होने पर प्रदान की जाएगी। योजना के तहत, घर में बच्ची का जन्म होते ही उसका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। हालांकि, अभी इस योजना की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।1
- छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से बिजली महंगी हो जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को महंगाई का 'करंट' महसूस होगा।1
- कबीरधाम पुलिस ने चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए कबाड़ी दुकानों पर बड़ा एक्शन लिया है। जिले में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने कुल 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई की।1
- कबीरधाम पुलिस ने चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर लगाम कसने के लिए कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर बड़ी छापामार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई एसडीपीओ आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी योगेश कश्यप के नेतृत्व में की गई, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने दुकानों के रिकॉर्ड, कबाड़ सामग्री और खरीद-बिक्री से संबंधित सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की। पुलिस ने कबाड़ी संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी सूरत में चोरी या संदिग्ध सामान न खरीदें और खरीदी गई सामग्री का पूरा रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से बनाए रखें। कबीरधाम पुलिस ने इस मामले में कड़ी चेतावनी भी जारी की है कि यदि कोई भी चोरी के माल की खरीद-बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नशे की हालत में वाहन चला रहे एक कार चालक और एक ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 16 जून 2026 को चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान, कार क्रमांक CG 07 BQ 9988 और ट्रैक्टर क्रमांक CG 04 PM 4238 के चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 185 के तहत न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने दोनों चालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।1
- कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के माल की खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीपीओ) कवर्धा आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई और सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने दुकानों में रखी विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री, अभिलेखों और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की, साथ ही दुकानदारों से कबाड़ सामग्री के स्रोत के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सभी कबाड़ी व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार का संदिग्ध अथवा चोरी का सामान न खरीदें और न ही उसका संग्रहण करें। कबाड़ी संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि वे खरीदी गई सामग्री का उचित रिकॉर्ड रखें तथा सामग्री बेचने वाले व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके। एसडीपीओ आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए इस प्रकार की जांच और अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के माल की खरीदी-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा चोरी के सामान के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों के लिए चोरी के माल के खपाने के रास्तों को बंद करना तथा जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।1
- छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को एक नई पहचान देने वाले और राज्य के प्रथम रैपर के रूप में जाने जाने वाले APPY RAJA, जिनका वास्तविक नाम चेतन चांडक था, आज मात्र 32 वर्ष की अल्पायु में पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्यों, मित्रों, प्रशंसकों और क्षेत्र के लोगों ने नम आँखों से उन्हें भावभीनी विदाई दी। APPY RAJA का इतनी कम उम्र में निधन छत्तीसगढ़ के संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। उनकी विशिष्ट आवाज, उनके लिखे गीत और उनकी अनूठी कलाकारी हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। 1PM CG NEWS परिवार ने भी इस दुखद घड़ी में दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।1
- बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।1
- बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।4