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बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।
Samarpit sahu
बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।
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- बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।1
- बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।4
- बालाघाट जिले के कटंगी स्थित एक अस्पताल में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई, जहाँ उनकी वीरता को नमन किया गया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप के जयकारे गूँजे और समाज को एकता की सीख दी गई।1
- लांजी तहसील के ग्राम बापडी निवासी सुभाष बनोटे ने जनसुनवाई में कारंजा उप डाकघर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2018 को उन्होंने अपनी बेटी हीना बनोटे के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना में 5 हजार रुपये जमा कराकर खाता खुलवाया था। बनोटे के अनुसार, खाते की पासबुक में मैनुअल एंट्री के दौरान 5 हजार रुपये की राशि दर्ज थी और उस पर डाकघर की सील भी लगी हुई थी। हालांकि, जब पासबुक की कंप्यूटराइज्ड कॉपी में एंट्री कराई गई, तो हीना के खाते में 5 हजार रुपये की राशि जमा नहीं दिख रही थी। उन्होंने अपनी समस्या के समाधान और बेटी हीना के खाते में 5 हजार रुपये की राशि दिलवाने की मांग की है। इस प्रकरण में अग्रणी बैंक प्रबंधक को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- सिवनी कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना मंगलवार को कुरई विकासखंड मुख्यालय पहुँचीं और वहाँ आयोजित विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई में सीधे आमजनों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित नागरिकों की विभिन्न समस्याओं, शिकायतों और माँगों को सुना, जिसका मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का समाधान करना था। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी श्रीमती अंजली शाह, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरई श्री प्रशांत उइके सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी भी जनसुनवाई में मौजूद रहकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई कर रहे थे। प्रशासन का यह प्रयास है कि प्रत्येक आवेदक की समस्या का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित हो, और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।2
- सिवनी में लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनादौन अपर कलेक्टर के रीडर माधव प्रसाद तिवारी को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने यह गिरफ्तारी उपभोक्ता फोरम कार्यालय के पास की। बताया गया है कि माधव प्रसाद तिवारी ने गंगाढाना गांव, ब्लॉक छपारा के निवासी फरियादी ठाकुर संतोष सिंह सिसोदिया से बिना अनुमति पेड़ काटने के एक प्रकरण में लगी जुर्माना कार्रवाई को निरस्त करने और मामले का निराकरण कराने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी।1
- सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन ने आज श्री श्याम तोरणद्वार निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम सिवनी में आयोजित किया गया।1
- बालाघाट जिले की भरवेली पंचायत में हुए तख्तापलट के बाद अब उर्मिला मालेश को निर्विरोध सरपंच चुन लिया गया है। इस चुनावी प्रक्रिया में उन्होंने जीत हासिल की है। उर्मिला मालेश ने घोषणा की है कि उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। चुनाव जीतने के बाद, गांव में एक विजय रैली निकाली गई।1