मुंगेर के धरहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यहाँ जातीय संघर्ष फैलाने की कोई साजिश रची गई है। यह भी सवाल है कि क्या शराब माफियाओं के खिलाफ बोलना एक युवक को भारी पड़ा, क्योंकि निहत्थे युवक को शराब माफियाओं ने बेरहमी से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर घायल कर दिया। दशरथपुर रेलवे स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात को रोक पाने में धरहरा पुलिस की नाकामी पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि शराब माफियाओं को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने उल्टा घायल पीड़ित युवक को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या बिहार पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव और जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश गोप ने तो धरहरा थाना पुलिस को शराब माफियाओं का संरक्षक तक करार दिया है। इस पूरी घटना की पटकथा को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है, कि क्या इसे किसी बड़े शराब माफिया या थाना के दलालों ने एक साजिश के तहत पहले से तैयार किया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के आधार पर, यह आशंका भी जताई जा रही है कि हरे गमछे से पहचान कर, यानी यादव जाति के पीड़ित युवक को, एक बड़ी साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई है।
मुंगेर के धरहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यहाँ जातीय संघर्ष फैलाने की कोई साजिश रची गई है। यह भी सवाल है कि क्या शराब माफियाओं के खिलाफ बोलना एक युवक को भारी पड़ा, क्योंकि निहत्थे युवक को शराब माफियाओं ने बेरहमी से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर घायल कर दिया। दशरथपुर रेलवे स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात को रोक पाने में धरहरा पुलिस की नाकामी पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि शराब माफियाओं को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने उल्टा घायल पीड़ित युवक को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या बिहार पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव और जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश गोप ने तो धरहरा थाना पुलिस को शराब माफियाओं का संरक्षक तक करार दिया है। इस पूरी घटना की पटकथा को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है, कि क्या इसे किसी बड़े शराब माफिया या थाना के दलालों ने एक साजिश के तहत पहले से तैयार किया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के आधार पर, यह आशंका भी जताई जा रही है कि हरे गमछे से पहचान कर, यानी यादव जाति के पीड़ित युवक को, एक बड़ी साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई है।
- मुंगेर के धरहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यहाँ जातीय संघर्ष फैलाने की कोई साजिश रची गई है। यह भी सवाल है कि क्या शराब माफियाओं के खिलाफ बोलना एक युवक को भारी पड़ा, क्योंकि निहत्थे युवक को शराब माफियाओं ने बेरहमी से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर घायल कर दिया। दशरथपुर रेलवे स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस वारदात को रोक पाने में धरहरा पुलिस की नाकामी पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि शराब माफियाओं को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने उल्टा घायल पीड़ित युवक को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या बिहार पुलिस जाति देखकर कार्रवाई करती है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव और जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश गोप ने तो धरहरा थाना पुलिस को शराब माफियाओं का संरक्षक तक करार दिया है। इस पूरी घटना की पटकथा को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है, कि क्या इसे किसी बड़े शराब माफिया या थाना के दलालों ने एक साजिश के तहत पहले से तैयार किया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के आधार पर, यह आशंका भी जताई जा रही है कि हरे गमछे से पहचान कर, यानी यादव जाति के पीड़ित युवक को, एक बड़ी साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई है।1
- मुंगेर पुलिस महकमे में एक फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत, धरहरा के थानाध्यक्ष चंदन कुमार का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह सोनू कुमार को धरहरा का नया थानेदार नियुक्त किया गया है।1
- महेशखूंट के पकरैल पंचायत के विधार्थी टोल के पास मंगलवार को मिट्टी से लदे एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान पकरैल के गांधी नगर वार्ड संख्या पांच निवासी मुकेश साह के 23 वर्षीय पुत्र अमित कुमार के रूप में हुई है। यह घटना उस समय हुई जब अमित कुमार पकरैल से महेशखूंट की ओर जा रहे थे और विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार मिट्टी लदे ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था, जिसके कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद, ग्रामीणों ने ट्रैक्टर सहित चालक को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे देखते ही देखते सड़क पर काफी भीड़ जमा हो गई। महेशखूंट थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस बीच, मुखिया अरुण कुमार साह ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है।3
- खगड़िया में नए जिलाधिकारी का आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पार्टी ने बेगूसराय के कैंटीन चौक से एक विशाल कैंटीन मार्च और जुलूस निकाला। इस दौरान, राजद किसान जिला अध्यक्ष त्रिभुवन कुमार पिंटू सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधी चुनौती दी, यह आरोप लगाते हुए कि राज्य में महिलाएँ, बेटियाँ और छात्र सुरक्षित नहीं हैं। राजद नेता ने मौजूदा बिहार सरकार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।1
- एक साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बिहार पुलिस में पासिंग आउट परेड का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में, बेगूसराय पुलिस की परेड के दौरान कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया।1
- मुंगेर जिले के नौलक्खा गांव निवासी जयप्रकाश यादव के पुत्र प्रशांत कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल की है। इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रशांत रेवेन्यू ऑफिसर बने हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय प्रशांत ने अपने माता-पिता के साथ-साथ अपनी बहनों को भी दिया है।1
- बिहार के कटिहार जिला स्थित फलका थाना में हाजत में हुई एक मौत के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। इस घटना के विरोध में गुस्साए लोगों ने फलका बाजार को बंद कर दिया और जमकर आगजनी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, भीड़ को शांत करने और समझाने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों पर उग्र स्थानीय ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और उनकी राइफल भी छीन ली।1