सिसई : सिसई थाना क्षेत्र के जलका कोयल नदी बालू घाट एवं डुको बालू घाट से माफियाओं द्वारा अवैध बालू का कारोबार ; प्रतिदिन हज़ारों घन फिट बालू का हो रहा परिवहन ग्रामीणों ने गुमला उपायुक्त से की कार्रवाई कि मांग सिसई (गुमला)। थाना क्षेत्र के जलका शिवनाथपुर के ग्रामीणों ने गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित को आवेदन देकर सिसई प्रखंड के जलका कोयल नदी बालू घाट और घाघरा प्रखंड के डुको बालू घाट से बालू माफियाओं द्वारा रोजाना अवैध रूप से हज़ारों घन फिट बालू का उठाव कर हाईवा वाहन से परिवहन किया जा रहा है जबकि बालू घाट का अभीतक कोई निलामी या बंदोबस्ती नहीं हुआ है, बावजूद बालू माफिया धड़ल्ले से बालू का अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। बालू उठाव पर रोक लगाने के लिए उपायुक्त महोदया को आवेदन दिया गया है आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि डुको और जलका कोयल नदी बालू घाट से रोजाना लगभग 100 हाईवा वाहन द्वारा अवैध रूप से बालू उठाकर ले जा रहे हैं प्रतिदिन बालू लदे हाईवा के चलने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क जर्जर हो गई है वहीं बालू उठाव से कुछ दूरी पर सरकारी विद्यालय है जहाँ विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के पढाई में बाधा उत्पन्न हो रही है और धूल उड़ने से बच्चों को काफी परेशानी हो रही है यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही इसपर रोक के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये और यही हाल रहा तो विद्यालय के बच्चे बीमार हो जायेंगे।
सिसई : सिसई थाना क्षेत्र के जलका कोयल नदी बालू घाट एवं डुको बालू घाट से माफियाओं द्वारा अवैध बालू का कारोबार ; प्रतिदिन हज़ारों घन फिट बालू का हो रहा परिवहन ग्रामीणों ने गुमला उपायुक्त से की कार्रवाई कि मांग सिसई (गुमला)। थाना क्षेत्र के जलका शिवनाथपुर के ग्रामीणों ने गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित को आवेदन देकर सिसई प्रखंड के जलका कोयल
नदी बालू घाट और घाघरा प्रखंड के डुको बालू घाट से बालू माफियाओं द्वारा रोजाना अवैध रूप से हज़ारों घन फिट बालू का उठाव कर हाईवा वाहन से परिवहन किया जा रहा है जबकि बालू घाट का अभीतक कोई निलामी या बंदोबस्ती नहीं हुआ है, बावजूद बालू माफिया धड़ल्ले से बालू का अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। बालू उठाव पर रोक
लगाने के लिए उपायुक्त महोदया को आवेदन दिया गया है आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि डुको और जलका कोयल नदी बालू घाट से रोजाना लगभग 100 हाईवा वाहन द्वारा अवैध रूप से बालू उठाकर ले जा रहे हैं प्रतिदिन बालू लदे हाईवा के चलने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क जर्जर हो गई है वहीं
बालू उठाव से कुछ दूरी पर सरकारी विद्यालय है जहाँ विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के पढाई में बाधा उत्पन्न हो रही है और धूल उड़ने से बच्चों को काफी परेशानी हो रही है यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही इसपर रोक के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये और यही हाल रहा तो विद्यालय के बच्चे बीमार हो जायेंगे।
- सिसई (गुमला)। थाना क्षेत्र के जलका शिवनाथपुर के ग्रामीणों ने गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित को आवेदन देकर सिसई प्रखंड के जलका कोयल नदी बालू घाट और घाघरा प्रखंड के डुको बालू घाट से बालू माफियाओं द्वारा रोजाना अवैध रूप से हज़ारों घन फिट बालू का उठाव कर हाईवा वाहन से परिवहन किया जा रहा है जबकि बालू घाट का अभीतक कोई निलामी या बंदोबस्ती नहीं हुआ है, बावजूद बालू माफिया धड़ल्ले से बालू का अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। बालू उठाव पर रोक लगाने के लिए उपायुक्त महोदया को आवेदन दिया गया है आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि डुको और जलका कोयल नदी बालू घाट से रोजाना लगभग 100 हाईवा वाहन द्वारा अवैध रूप से बालू उठाकर ले जा रहे हैं प्रतिदिन बालू लदे हाईवा के चलने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क जर्जर हो गई है वहीं बालू उठाव से कुछ दूरी पर सरकारी विद्यालय है जहाँ विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के पढाई में बाधा उत्पन्न हो रही है और धूल उड़ने से बच्चों को काफी परेशानी हो रही है यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही इसपर रोक के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये और यही हाल रहा तो विद्यालय के बच्चे बीमार हो जायेंगे।4
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- बसिया (गुमला): रमजान-उल-मुबारक के पवित्र महीने के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को बसिया प्रखंड के किंदिरकेला स्थित नूरी मस्जिद में 'अलविदा जुमा' की नमाज पूरी अकीदत और सादगी के साथ अदा की गई। इस मौके पर क्षेत्र के मुस्लिम धर्मावलंबियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने खुदा की इबादत में सिर झुकाया और अमन-चैन की दुआएं मांगी। नमाज से पूर्व मस्जिद के इमाम कैसर इक़बाल और हाफिज मसूद आलम ने खुतबा (धार्मिक उपदेश) देते हुए रमजान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का यह आखिरी जुमा हमें विदाई का संदेश देता है और यह आत्म-मंथन का समय है कि हमने इस पूरे महीने में कितनी नेकियां कमाईं। उन्होंने समाज में भाईचारा बनाए रखने और गरीबों की मदद करने की भी अपील की। *अमन और भाईचारे की दुआ* नमाज के बाद सामूहिक रूप से दुआ मांगी गई। मस्जिद परिसर में हाथ उठाकर जायरीन ने देश और राज्य में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत होने की दुआ की। रमजान के दौरान हुई कमियों की माफी मांगी। नमाज के मद्देनजर किंदिरकेला और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय युवाओं द्वारा बेहतर व्यवस्था की गई थी। नमाजियों की भीड़ को देखते हुए मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नमाज संपन्न होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर जुमे की मुबारकबाद दी। अलविदा की नमाज के साथ ही अब क्षेत्र में ईद-उल-फितर की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में रौनक बढ़ गई है और लोग नए कपड़े, सेवइयां और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी में जुट गए हैं।1
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