कांग्रेस को झटका! पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने थामा AIMIM का दामन, 2027 से पहले यूपी की सियासत में नई हलचल ओवैसी के नेतृत्व में AIMIM में शामिल हुए डॉ. करन त्रिपाठी, सियासी मैदान में नई पारी को लेकर चर्चाएं तेज। अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिलने लगे हैं। अयोध्या के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी और पूर्व महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने कांग्रेस का साथ छोड़कर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया है। राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के रूप में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले डॉ. त्रिपाठी के इस कदम को प्रदेश की राजनीति में अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आयोजित विशाल जनसभा में AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में डॉ. करन त्रिपाठी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस फैसले से अयोध्या समेत प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस से AIMIM तक, सियासी पारी में नया मोड़. डॉ. करन त्रिपाठी की पहचान शिक्षाविद, समाजसेवी और कांग्रेस के मुखर प्रवक्ता के रूप में रही है। ऐसे में उनका AIMIM में शामिल होना केवल दल परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम और विधानसभा चुनाव में संभावित भूमिका को लेकर अभी तस्वीर साफ होना बाकी है। ओवैसी के साथ 'लंकादहन' की तैयारी! डॉ. करन त्रिपाठी के AIMIM में शामिल होने के घटनाक्रम को राजनीतिक हलकों में नए सियासी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, ओवैसी के साथ गदा उठाने और 'लंकादहन' के प्रतीकात्मक अंदाज ने इस घटनाक्रम को और भी चर्चा में ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या डॉ. करन त्रिपाठी AIMIM के लिए अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में नया राजनीतिक आधार तैयार करेंगे? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में डॉ. करन त्रिपाठी का AIMIM में जाना कांग्रेस के लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित होगा और ओवैसी की पार्टी को इससे कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल, डॉ. करन त्रिपाठी के इस फैसले ने अयोध्या की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस को झटका! पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने थामा AIMIM का दामन, 2027 से पहले यूपी की सियासत में नई हलचल ओवैसी के नेतृत्व में AIMIM में शामिल हुए डॉ. करन त्रिपाठी, सियासी मैदान में नई पारी को लेकर चर्चाएं तेज। अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिलने लगे हैं। अयोध्या के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी और पूर्व महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने कांग्रेस का साथ छोड़कर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया है। राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर कांग्रेस पार्टी के
प्रवक्ता के रूप में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले डॉ. त्रिपाठी के इस कदम को प्रदेश की राजनीति में अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आयोजित विशाल जनसभा में AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में डॉ. करन त्रिपाठी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस फैसले से अयोध्या समेत प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस से AIMIM तक, सियासी पारी में नया मोड़. डॉ. करन त्रिपाठी की पहचान शिक्षाविद, समाजसेवी और कांग्रेस के मुखर
प्रवक्ता के रूप में रही है। ऐसे में उनका AIMIM में शामिल होना केवल दल परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम और विधानसभा चुनाव में संभावित भूमिका को लेकर अभी तस्वीर साफ होना बाकी है। ओवैसी के साथ 'लंकादहन' की तैयारी! डॉ. करन त्रिपाठी के AIMIM में शामिल होने के घटनाक्रम को राजनीतिक हलकों में नए सियासी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, ओवैसी के साथ गदा उठाने और 'लंकादहन' के प्रतीकात्मक अंदाज ने इस घटनाक्रम को
और भी चर्चा में ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या डॉ. करन त्रिपाठी AIMIM के लिए अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में नया राजनीतिक आधार तैयार करेंगे? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में डॉ. करन त्रिपाठी का AIMIM में जाना कांग्रेस के लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित होगा और ओवैसी की पार्टी को इससे कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल, डॉ. करन त्रिपाठी के इस फैसले ने अयोध्या की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
- आओ हम सब सुबह सुबह पर्यावरण प्रति जागे और प्रदूषण भगाये, पर्यावरण संरक्षण करने के लिए जनता को जागरूक करे बताऐ, पर्यावरण बचाने के लिए आपके अभियान के लिए 5 आसान बातें, आप यही लोगों को बता सकते हो - *पर्यावरण संरक्षण के 5 संकल्प -* *1. पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ -* एक व्यक्ति, एक पेड़। अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह पर एक पेड़ जरूर लगाएं। पीपल, नीम, बरगद सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं। *2. पानी बचाओ -* नल को खुला मत छोड़ो। RO का पानी बर्बाद मत करो, उसे पौधों में डाल दो। *3.प्लास्टिक भगाओ -*पॉलिथीन की जगह कपड़े का थैला ले जाओ। यही सबसे बड़ा प्रदूषण है। *4. कचरा मत जलाओ -*कचरा जलाने से सबसे ज्यादा बीमारी फैलती है। कचरे को अलग-अलग करके नगर निगम की गाड़ी में डालो। *5. सुबह-सुबह जागरूकता -* अपने मोहल्ले में 10 लोगों को रोज समझाओ। यही आपका "आज सुबह टाइम्स" अभियान है। , आज सुबह टाइम्स, ।। रिपोर्टिंग, Lal chand SONI,,1
- कांग्रेस को झटका! पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने थामा AIMIM का दामन, 2027 से पहले यूपी की सियासत में नई हलचल ओवैसी के नेतृत्व में AIMIM में शामिल हुए डॉ. करन त्रिपाठी, सियासी मैदान में नई पारी को लेकर चर्चाएं तेज। अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिलने लगे हैं। अयोध्या के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी और पूर्व महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. करन त्रिपाठी ने कांग्रेस का साथ छोड़कर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया है। राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के रूप में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले डॉ. त्रिपाठी के इस कदम को प्रदेश की राजनीति में अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आयोजित विशाल जनसभा में AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में डॉ. करन त्रिपाठी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस फैसले से अयोध्या समेत प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस से AIMIM तक, सियासी पारी में नया मोड़. डॉ. करन त्रिपाठी की पहचान शिक्षाविद, समाजसेवी और कांग्रेस के मुखर प्रवक्ता के रूप में रही है। ऐसे में उनका AIMIM में शामिल होना केवल दल परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम और विधानसभा चुनाव में संभावित भूमिका को लेकर अभी तस्वीर साफ होना बाकी है। ओवैसी के साथ 'लंकादहन' की तैयारी! डॉ. करन त्रिपाठी के AIMIM में शामिल होने के घटनाक्रम को राजनीतिक हलकों में नए सियासी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, ओवैसी के साथ गदा उठाने और 'लंकादहन' के प्रतीकात्मक अंदाज ने इस घटनाक्रम को और भी चर्चा में ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या डॉ. करन त्रिपाठी AIMIM के लिए अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में नया राजनीतिक आधार तैयार करेंगे? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में डॉ. करन त्रिपाठी का AIMIM में जाना कांग्रेस के लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित होगा और ओवैसी की पार्टी को इससे कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल, डॉ. करन त्रिपाठी के इस फैसले ने अयोध्या की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।4
- अयोध्या। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को रामनगरी अयोध्या के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब अयोध्या। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को रामनगरी अयोध्या के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब अयोध्या में उमड़ रहा है। सुबह से ही भक्त मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं। मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु मां के दरबार में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और साधना की प्रतीक हैं। इसी आस्था के साथ भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और मां से सुख-शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मांग रहे हैं। रामनगरी के प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने को देखते हुए मंदिरों के आसपास भीड़ प्रबंधन, आवागमन को सुचारु बनाए रखने और सुरक्षा इंतजामों की महत्ता बढ़ गई है।1
- गोरखनाथ बाबा ने कही मन की बात, 2027 में चुनाव लड़ने का किया ऐलान भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी की मौजूदगी से मिल्कीपुर की राजनीति में बढ़ी हलचल रिपोर्टर देवेंद्र प्रताप गोरखनाथ बाबा ने कही मन की बात, 2027 में चुनाव लड़ने का किया ऐलान भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी की मौजूदगी से मिल्कीपुर की राजनीति में बढ़ी हलचल मिल्कीपुर (अयोध्या)। मिल्कीपुर के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने रविवार को सिद्धिनाथन स्थित अपने आवास पर आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शायराना अंदाज में कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए वर्ष 2027 में एक बार फिर चुनाव लड़ने का खुला ऐलान किया। गोरखनाथ बाबा ने कहा कि वर्ष 2022 में वह चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन पार्टी के निर्देश पर चुनाव मैदान में उतरे। वर्ष 2025 के उपचुनाव के बाद उन्होंने आत्ममंथन किया और क्षेत्र की जनता से लगातार संपर्क बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि मिल्कीपुर की 195 ग्राम पंचायतों के लोगों से प्रतिदिन संवाद करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “वर्ष 2017 में जनता से जो वादे किए थे, उनमें से कुछ अधूरे हैं। अब उन्हें पूरा करने का मन बना लिया है। अपना पूरा जीवन समाज की सेवा में समर्पित किया है और 2027 का चुनाव जरूर लड़ेंगे।” भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि उनके माध्यम से उनकी बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचेगी। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के साथ गद्दारी नहीं की। अपने शायराना अंदाज में उन्होंने कहा, “जिसकी मस्ती जिंदा है, उसकी हस्ती जिंदा है।” साथ ही मिल्कीपुर की पहचान का उल्लेख करते हुए कहा, “पहले लोग कहते थे कि अयोध्या में मिल्कीपुर है, आज कहते हैं कि मिल्कीपुर में अयोध्या है।” उन्होंने क्षेत्र की मिट्टी की ऊर्जा और यहां की जनता के स्नेह को अपनी ताकत बताया। अपने करीब एक घंटे के संबोधन में गोरखनाथ बाबा ने वर्ष 2022 के चुनाव और अवधेश प्रसाद से जुड़े चुनावी विवाद के संबंध में उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने बीच-बीच में नारे लगाकर उनका समर्थन किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी,सुशील मिश्र, रजनीश सिंह,महेश ओझा, शम्भू सिंह,पवन पाण्डेय, वंशीधर द्विवेदी,विवेक पाण्डेय,रजत चौधरी,महेंद्र चौरसिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। गोरखनाथ बाबा के 2027 में चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद मिल्कीपुर की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- अवध की माटी का सम्मान, बल्दीराय तहसील क्षेत्र बना संस्कृति का केंद्र (कुशभवन/सुल्तानपुर) बल्दीराय विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत सिंघनी बहुरावा बाजार स्थित *अमृत गार्डन* में कल रविवार को अवधी भाषा एवं कला-संस्कृति के नाम एक इतिहास बन गया। यहां अवधी कॉमेडी टीम सहित लोक-कला के सैकड़ों कलाकारों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जैसे ही मंच पर ढोलक की थाप गूंजी और कलाकारों ने अवधी में अपनी बात रखी, पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक आयोजन के सूत्रधार *ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार सिंह* रहे। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने बेबाकी से कहा, "हम अंग्रेजी की चकाचौंध में अपनी जड़ों को भूलते जा रहे हैं। अवधी हमारी पहचान है। अवधी कॉमेडी टीम और लोक कलाकार ही इस भाषा को जिंदा रखे हैं। इनका सम्मान करना मतलब अपनी संस्कृति का सम्मान करना है।" उनकी इस निर्भीक सोच की हर तरफ वाह-वाही हो रही है। श्री सिंह ने मंच से एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि अवधी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए *30 अक्टूबर को सिंघनी बहुरावा से भव्य कलश यात्रा* निकाली जाएगी। इसके बाद *परम पूज्य राजन जी महाराज के मुखारविंद से सात दिवसीय भव्य श्री राम कथा* का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि राम कथा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जोड़ने का सेतु है। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, पत्रकार और हजारों ग्रामीण मौजूद रहे। कलाकारों ने कहा कि पहली बार उन्हें ऐसा सम्मान मिला है। नि:संदेह, ब्लॉक प्रमुख के इस कदम ने बल्दीराय को अवध की सांस्कृतिक राजधानी बना दिया है। ब्यूरो: सर्वेश पांडे, वार्तालोक नेटवर्क, रामनगरी अयोध्या*4
- अयोध्या मकान कब्जाने के आरोपों पर दंपती ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल अयोध्या। थाना रामजन्मभूमि क्षेत्र के अंतर्गत हरिदास नगर कॉलोनी में मकान को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को मनी कुमारी और उनके पति हेमंत कुमार ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक व्यक्ति पर मकान हड़पने, उनकी मां को बहला-फुसलाकर ले जाने, धमकी देने और संपत्ति पर कब्जे का प्रयास करने के आरोप लगाए। दंपती ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।दंपती के मुताबिक, मकान को लेकर सिविल न्यायालय में वाद संख्या 909/26 विचाराधीन है। मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को प्रस्तावित है। उनका आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद संपत्ति पर कथित रूप से कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।मनी कुमारी ने आरोप लगाया कि उनकी सास रूप सखी को दो सितंबर को गोंडा निवासी पंकज पाठक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद मकान को अपने नाम कराने का कथित प्रयास किया गया। आरोप है कि 18 सितंबर को सास से मकान का हिबानामा भी अपने नाम करा लिया गया।हेमंत कुमार ठाकुर ने बताया कि 29 सितंबर को पुलिस उन्हें घर से थाने ले गई और बीएनएसएस की धाराओं में चालान कर दिया। उनका आरोप है कि इसी दौरान दूसरा पक्ष पुलिस के साथ उनके घर पहुंचा। मनी कुमारी के अनुसार, वह उस समय अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर में थीं। दरवाजा नहीं खोलने पर बाहर से ताला लगा दिया गया, जिससे वह बच्चों समेत घर के अंदर बंद हो गईं।दंपती ने पुलिस पर आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई और दूसरे पक्ष को कथित रूप से संरक्षण दिया गया। उन्होंने दावा किया कि घटनाक्रम से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है। पीड़ित दंपती ने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और आरोपित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।2
- अयोध्या के मरी माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि की धूम, 16 अक्टूबर को होगा 5100 महाआरती महोत्सव विपिन पांडेय पत्रकार, अयोध्या अयोध्या शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर अयोध्या कैंट स्थित गुप्ता घाट के आदि शक्ति श्री मरी माता मंदिर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मंदिर परिसर में मां की दिव्य ज्योति एवं पिंड के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नौ दिवसीय नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिर परिसर में नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के महंत चंद्रशेखर त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में कई विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इनमें 16 अक्टूबर को 5100 महाआरती महोत्सव, 19 अक्टूबर को सुबह 8 बजे सामूहिक हवन तथा दोपहर 12 बजे कन्या पूजन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके अलावा 24 अक्टूबर को रात 8 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक माता की चौकी का आयोजन किया जाएगा। महंत चंद्रशेखर त्रिपाठी ने सभी मां भक्तों से अपील की है कि वे इन धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर मां के दिव्य दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। मंदिर परिसर में आयोजित होने वालेकार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।4
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी के नाट्य रूपांतरण पर मुकदमे को लेकर पंकज सिंह की कड़ी आपत्ति, बोले—नाटक का उद्देश्य समाज को आईना दिखाना राम मंदिर चढ़ावा चोरी के नाट्य रूपांतरण पर मुकदमे को लेकर पंकज सिंह की कड़ी आपत्ति, बोले—नाटक का उद्देश्य समाज को आईना दिखाना1