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रवासा से हिंदूपुरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी न तो शासन उठा रहा है और न ही प्रशासन। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इतनी जर्जर स्थिति के बावजूद, इस पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।
Sanjay rasoolpura social worker
रवासा से हिंदूपुरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी न तो शासन उठा रहा है और न ही प्रशासन। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इतनी जर्जर स्थिति के बावजूद, इस पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।
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- सारसोप क्षेत्र के समुद्रपुरा गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस अवसर पर गांव के श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में भूमि पूजन एवं हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बजरंग बली मंदिर के निर्माण से गांव में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा तथा यह लोगों की आस्था को एक नया केंद्र प्रदान करेगा। ग्रामीणों ने इस मंदिर के निर्माण में तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प लिया। मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर का निर्माण जनसहयोग से किया जाएगा और इसे एक भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम का अंत प्रसाद वितरण के साथ हुआ।4
- सवाई माधोपुर में मानटाउन थाना पुलिस ने पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेी के निर्देशन और थानाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के तहत, करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र के बूकना गांव निवासी हैमराज पुत्र रामस्वरूप को गिरफ्तार किया गया। आरोपी हैमराज चोरी के एक प्रकरण में न्यायालय से जारी स्थायी वारंट के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसे दस्तयाब कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल भक्तवत्सल, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल भरत की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई को फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- राजस्थान सरकार ने प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और युवाओं की कल्पनाशक्ति को नई उड़ान देने के उद्देश्य से 'DREAM' पहल का शुभारंभ किया है। यह पहल आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'ऑरेंज इकोनॉमी' के विजन को साकार करती है, जो रचनात्मकता और नवाचार की शक्ति पर केंद्रित है। सरकार इस दिशा में संकल्पित है कि राज्य के हुनर, हस्तशिल्प, सिनेमा, संगीत और डिजिटल क्रिएशन को आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार बनाया जाए।1
- राजस्थान के ककोड क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब भगवान के घर भी सुरक्षित नहीं रहे। बीती देर रात चोरों ने प्रसिद्ध ककोड पलसे बालाजी मंदिर को अपना निशाना बनाते हुए वहाँ रखा भारी-भरकम दानपात्र चुरा लिया और फरार हो गए। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, क्योंकि पिछले एक साल से क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही हैं और उनका संयम अब जवाब दे रहा है। यह कोई पहली घटना नहीं है; ककोड और आसपास के इलाकों में पिछले एक साल में एक दर्जन से ज्यादा चोरियां हो चुकी हैं, जिनमें पुलिस एक भी मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है। इससे पहले चोर देवनारायण मंदिर से तांबे का कलश, तेजाजी मंदिर से पीतल का घंटा, तांबे का कलश और पीतल के बर्तन चुरा चुके हैं। वैद्यनाथ धाम और बरड के बालाजी स्थान पर भी चोरों ने हाथ साफ कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों की सबसे बड़ी वजह ककोड पुलिस चौकी का स्टाफ विहीन होना है। यह चौकी वर्तमान में केवल एक हेड कांस्टेबल और एक सिपाही के भरोसे चल रही है, जिसमें भी हेड कांस्टेबल सप्ताह में तीन दिन बनेठा थाने पर रहते हैं, जिससे अधिकांश समय चौकी पर ताला लगा रहता है। सूत्रों के मुताबिक, अपराधियों का खौफ इस कदर है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा यहाँ लगाए गए कार्मिक भी ज्वाइन करने से कतरा रहे हैं। बताया गया है कि यहाँ ट्रांसफर किए गए एक एएसआई (ASI) ने तो डर के मारे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए प्रार्थना पत्र तक दे दिया है। पुलिसकर्मियों के इस डर के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि करीब एक माह पूर्व ककोड चौकी क्षेत्र में अकेले गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी को शिकारियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। लगातार हो रही चोरियों और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जब 'खाकी ही सुरक्षित नहीं है' और पुलिसकर्मी यहां आने से डर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ककोड चौकी में पर्याप्त स्टाफ तैनात नहीं किया गया और इन चोरियों का खुलासा नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- पोकरण SDM ने सोलर कंपनियों द्वारा डाले जा रहे दबाव के संबंध में एक बड़ा खुलासा किया है।1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में गहमागहमी पैदा कर दी है। लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनका कथित रूप से अपहरण किया, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और घंटों तक बंधक बनाकर रखा, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की। पीड़ित लोकेंद्र सिंह सिकरवार, जो पूर्व में एक शराब कंपनी में ड्राइवर रह चुके हैं, के अनुसार उन्हें रास्ते में रोका गया और अपने कब्जे में लेने के बाद मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्लास्टिक के पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और सूजन भी आ गई। आरोप है कि उन्हें रातभर एक कार्यालयनुमा स्थान पर बंद रखा गया और फिर छोड़ा गया। लोकेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास भी किया गया था, जिसे अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने स्वयं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की गहन जांच हो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ये सभी आरोप अभी पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- रणथंभौर दुर्ग मार्ग पर एक बाघ ने डेरा डाल रखा है, जिससे राहगीरों के बीच हलचल है। बाघ RBT 2511 मिश्र दर्रा और अटल सागर के बीच सड़क पर बैठा हुआ देखा गया है।1
- श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- भोजपुर में भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, श्योपुर जिले में लोगों ने एक कैंडल मार्च निकाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनकाउंटर को कथित रूप से फर्जी बताया और न्याय की गुहार लगाई। इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के अन्य लोगों ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसमूह ने भरत तिवारी के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सच्चाई का उजागर होना आवश्यक है, जिससे आमजन का न्यायपालिका पर विश्वास कायम रह सके। कैंडल मार्च के दौरान, लोगों ने शांति बनाए रखते हुए न्याय की मांग से जुड़े नारे भी लगाए, और आयोजकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में एनकाउंटर की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराना, घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना, दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करना, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना शामिल है।3