logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में गहमागहमी पैदा कर दी है। लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनका कथित रूप से अपहरण किया, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और घंटों तक बंधक बनाकर रखा, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की। पीड़ित लोकेंद्र सिंह सिकरवार, जो पूर्व में एक शराब कंपनी में ड्राइवर रह चुके हैं, के अनुसार उन्हें रास्ते में रोका गया और अपने कब्जे में लेने के बाद मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्लास्टिक के पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और सूजन भी आ गई। आरोप है कि उन्हें रातभर एक कार्यालयनुमा स्थान पर बंद रखा गया और फिर छोड़ा गया। लोकेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास भी किया गया था, जिसे अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने स्वयं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की गहन जांच हो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ये सभी आरोप अभी पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

3 hrs ago
user_Meera gadriya
Meera gadriya
श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में गहमागहमी पैदा कर दी है। लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनका कथित रूप से अपहरण किया, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और घंटों तक बंधक बनाकर रखा, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की। पीड़ित लोकेंद्र सिंह सिकरवार, जो पूर्व में एक शराब कंपनी में ड्राइवर रह चुके हैं, के अनुसार उन्हें रास्ते में रोका गया और अपने कब्जे में लेने के बाद मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्लास्टिक के पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और सूजन भी आ गई। आरोप है कि उन्हें रातभर एक कार्यालयनुमा स्थान पर बंद रखा गया और फिर छोड़ा गया। लोकेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास भी किया गया था, जिसे अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने स्वयं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की गहन जांच हो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ये सभी आरोप अभी पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में गहमागहमी पैदा कर दी है। लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनका कथित रूप से अपहरण किया, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और घंटों तक बंधक बनाकर रखा, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की। पीड़ित लोकेंद्र सिंह सिकरवार, जो पूर्व में एक शराब कंपनी में ड्राइवर रह चुके हैं, के अनुसार उन्हें रास्ते में रोका गया और अपने कब्जे में लेने के बाद मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्लास्टिक के पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और सूजन भी आ गई। आरोप है कि उन्हें रातभर एक कार्यालयनुमा स्थान पर बंद रखा गया और फिर छोड़ा गया। लोकेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास भी किया गया था, जिसे अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने स्वयं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की गहन जांच हो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ये सभी आरोप अभी पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    1
    करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में गहमागहमी पैदा कर दी है। लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनका कथित रूप से अपहरण किया, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और घंटों तक बंधक बनाकर रखा, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की।

पीड़ित लोकेंद्र सिंह सिकरवार, जो पूर्व में एक शराब कंपनी में ड्राइवर रह चुके हैं, के अनुसार उन्हें रास्ते में रोका गया और अपने कब्जे में लेने के बाद मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्लास्टिक के पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और सूजन भी आ गई। आरोप है कि उन्हें रातभर एक कार्यालयनुमा स्थान पर बंद रखा गया और फिर छोड़ा गया। लोकेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास भी किया गया था, जिसे अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया।

इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने स्वयं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की गहन जांच हो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।

लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ये सभी आरोप अभी पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
    1
    श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
    user_Aryan Meena
    Aryan Meena
    News Anchor श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पूर्व सांसद एवं महापौर श्री अशोक अर्गल जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ भेजी गई हैं। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने अर्गल जी को अपने जीवन का एक 'बहुत ही खास इंसान' बताते हुए, उनके जन्मदिन समारोह में उपस्थित न हो पाने पर गहरा अफसोस व्यक्त किया है। शुभकामना संदेश में यह आशा व्यक्त की गई कि अर्गल जी का जन्मदिन प्यार और खुशियों से भरपूर रहा होगा, जिसके वे पूर्ण रूप से हकदार हैं।
    1
    पूर्व सांसद एवं महापौर श्री अशोक अर्गल जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ भेजी गई हैं। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने अर्गल जी को अपने जीवन का एक 'बहुत ही खास इंसान' बताते हुए, उनके जन्मदिन समारोह में उपस्थित न हो पाने पर गहरा अफसोस व्यक्त किया है। शुभकामना संदेश में यह आशा व्यक्त की गई कि अर्गल जी का जन्मदिन प्यार और खुशियों से भरपूर रहा होगा, जिसके वे पूर्ण रूप से हकदार हैं।
    user_Naresh dhakad
    Naresh dhakad
    Farmer बड़ौदा, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर जिले में बिजली सुधार के लिए शुरू किया गया लगभग 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अटक गया है। यह स्थिति RDSS (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) प्रोजेक्ट की विफलता के कारण पैदा हुई है।
    1
    जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर जिले में बिजली सुधार के लिए शुरू किया गया लगभग 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अटक गया है। यह स्थिति RDSS (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) प्रोजेक्ट की विफलता के कारण पैदा हुई है।
    user_जनहित आवाज न्यूज़
    जनहित आवाज न्यूज़
    Newsagent Khandar, Sawai Madhopur•
    15 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिले के सारसोप गांव स्थित ऐतिहासिक किले पर विराजमान मां चामुंडा माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी दिव्यता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए यहां पहुंचते हैं। विशेष अवसरों, नवरात्रों और अन्य धार्मिक आयोजनों पर तो दूर-दूर से भक्तगण मां के दरबार में शीश नवाने आते हैं। मंदिर परिसर से आसपास का मनमोहक दृश्य भी दिखाई देता है, जो भक्तों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करता है। ग्रामीणों की प्रबल मान्यता है कि मां चामुंडा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जिससे यहां का आध्यात्मिक वातावरण सदैव जीवंत बना रहता है। जय माता रानी।
    1
    सवाई माधोपुर जिले के सारसोप गांव स्थित ऐतिहासिक किले पर विराजमान मां चामुंडा माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी दिव्यता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए यहां पहुंचते हैं। विशेष अवसरों, नवरात्रों और अन्य धार्मिक आयोजनों पर तो दूर-दूर से भक्तगण मां के दरबार में शीश नवाने आते हैं। मंदिर परिसर से आसपास का मनमोहक दृश्य भी दिखाई देता है, जो भक्तों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करता है।

ग्रामीणों की प्रबल मान्यता है कि मां चामुंडा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जिससे यहां का आध्यात्मिक वातावरण सदैव जीवंत बना रहता है। जय माता रानी।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर बनास नदी बॉर्डर पर बजरी परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे इसरदा-सोलापुर और बनेठा क्षेत्र में बजरी ढुलाई रुक गई है। आरोप है कि रवन्ना (ई-परमिट) और रॉयल्टी होने के बावजूद वाहनों को रोका गया है। इस कारण दर्जनों वाहन कई घंटों से नदी क्षेत्र में खड़े हैं, जहां उन्हें न तो आगे जाने की अनुमति मिल रही है और न ही वापस लौटने का रास्ता है। इस स्थिति के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर खाने-पीने की व्यवस्था न होने के कारण वे अत्यधिक परेशान हैं। यह विवाद स्थानीय विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच फँसे वाहनों के कारण उत्पन्न हुआ है। वाहन चालकों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है, साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि वैध परिवहन को क्यों रोका जा रहा है। बनास नदी में फँसे इन दर्जनों बजरी वाहनों के चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
    1
    राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर बनास नदी बॉर्डर पर बजरी परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे इसरदा-सोलापुर और बनेठा क्षेत्र में बजरी ढुलाई रुक गई है। आरोप है कि रवन्ना (ई-परमिट) और रॉयल्टी होने के बावजूद वाहनों को रोका गया है। इस कारण दर्जनों वाहन कई घंटों से नदी क्षेत्र में खड़े हैं, जहां उन्हें न तो आगे जाने की अनुमति मिल रही है और न ही वापस लौटने का रास्ता है।

इस स्थिति के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर खाने-पीने की व्यवस्था न होने के कारण वे अत्यधिक परेशान हैं। यह विवाद स्थानीय विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच फँसे वाहनों के कारण उत्पन्न हुआ है।

वाहन चालकों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है, साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि वैध परिवहन को क्यों रोका जा रहा है। बनास नदी में फँसे इन दर्जनों बजरी वाहनों के चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • सवाई माधोपुर के रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन होटल सवाई विलास में किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के उद्योगपति और वनाधिकारी जुटे, जिसका मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को बढ़ावा देना था। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे, जबकि वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। अरिजीत बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ लोग बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवा सकते हैं। साथ ही, राजस्थान में पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले लगाए गए हैं, जो भविष्य में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए उनके पिछले सहयोग की सराहना की, जिसमें वन विभाग को फंड, वाहन और संसाधन उपलब्ध कराना तथा जंगल में वन चौकियाँ स्थापित करना शामिल था। उन्होंने विशेष रूप से जंगलों से विस्थापित होने वाले गाँवों की मदद का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2022 में वन विभाग ने विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। विस्थापित परिवारों को जो उबड़-खाबड़ ज़मीनें आवंटित की जाती हैं, वे वहाँ जाने से हिचकते हैं। वन मंत्री ने उद्योगपतियों से सीएसआर फंड का उपयोग कर इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर विस्थापित गाँवों को गोद लेकर अच्छी सुविधाओं वाली कॉलोनियाँ विकसित करने में सहयोग करने का आह्वान किया। रणथंभौर में बाघों की संख्या पर बात करते हुए वन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघ हैं, लेकिन अभी उनके विस्थापन की आवश्यकता कम है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में बाघों को रामगढ़ विषधारी और मुकुंदरा जैसे स्थानों पर विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन तात्कालिक आवश्यकता नहीं है।
    1
    सवाई माधोपुर के रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन होटल सवाई विलास में किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के उद्योगपति और वनाधिकारी जुटे, जिसका मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को बढ़ावा देना था।

कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे, जबकि वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। अरिजीत बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ लोग बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवा सकते हैं। साथ ही, राजस्थान में पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले लगाए गए हैं, जो भविष्य में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।

मंत्री ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए उनके पिछले सहयोग की सराहना की, जिसमें वन विभाग को फंड, वाहन और संसाधन उपलब्ध कराना तथा जंगल में वन चौकियाँ स्थापित करना शामिल था। उन्होंने विशेष रूप से जंगलों से विस्थापित होने वाले गाँवों की मदद का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2022 में वन विभाग ने विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। विस्थापित परिवारों को जो उबड़-खाबड़ ज़मीनें आवंटित की जाती हैं, वे वहाँ जाने से हिचकते हैं। वन मंत्री ने उद्योगपतियों से सीएसआर फंड का उपयोग कर इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर विस्थापित गाँवों को गोद लेकर अच्छी सुविधाओं वाली कॉलोनियाँ विकसित करने में सहयोग करने का आह्वान किया।

रणथंभौर में बाघों की संख्या पर बात करते हुए वन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघ हैं, लेकिन अभी उनके विस्थापन की आवश्यकता कम है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में बाघों को रामगढ़ विषधारी और मुकुंदरा जैसे स्थानों पर विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन तात्कालिक आवश्यकता नहीं है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • भोजपुर में भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, श्योपुर जिले में लोगों ने एक कैंडल मार्च निकाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनकाउंटर को कथित रूप से फर्जी बताया और न्याय की गुहार लगाई। इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के अन्य लोगों ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसमूह ने भरत तिवारी के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सच्चाई का उजागर होना आवश्यक है, जिससे आमजन का न्यायपालिका पर विश्वास कायम रह सके। कैंडल मार्च के दौरान, लोगों ने शांति बनाए रखते हुए न्याय की मांग से जुड़े नारे भी लगाए, और आयोजकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में एनकाउंटर की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराना, घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना, दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करना, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना शामिल है।
    3
    भोजपुर में भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, श्योपुर जिले में लोगों ने एक कैंडल मार्च निकाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनकाउंटर को कथित रूप से फर्जी बताया और न्याय की गुहार लगाई।

इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के अन्य लोगों ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसमूह ने भरत तिवारी के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सच्चाई का उजागर होना आवश्यक है, जिससे आमजन का न्यायपालिका पर विश्वास कायम रह सके। कैंडल मार्च के दौरान, लोगों ने शांति बनाए रखते हुए न्याय की मांग से जुड़े नारे भी लगाए, और आयोजकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की।

आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में एनकाउंटर की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराना, घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना, दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करना, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना शामिल है।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.