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राजगीर का विश्वप्रसिद्ध मलमास मेला 17 मई से शुरू होगा, जिसका टेंडर करोड़ों में हुआ है। तीन साल में एक बार लगने वाला यह मेला देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ मनोरंजन, संस्कृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
Sanjay Verma
राजगीर का विश्वप्रसिद्ध मलमास मेला 17 मई से शुरू होगा, जिसका टेंडर करोड़ों में हुआ है। तीन साल में एक बार लगने वाला यह मेला देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ मनोरंजन, संस्कृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
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- राजगीर का विश्वप्रसिद्ध मलमास मेला 17 मई से शुरू होगा, जिसका टेंडर करोड़ों में हुआ है। तीन साल में एक बार लगने वाला यह मेला देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ मनोरंजन, संस्कृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।1
- गोविंदपुर:- हाथियों का कहर माधोपुर में एक घर किया ध्वस्त आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम माधोपुर में फिर हाथियों का तांडव, घर तोड़ा- अनाज किया चट; आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम गोविंदपुर (नवादा): नवादा जिला के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत थाली थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की देर रात एक बार फिर हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान माधोपुर निवासी शिबालक यादव का घर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जबकि घर में रखे गेहूं, चावल, आलू समेत अन्य खाद्यान्न को हाथियों ने चट कर दिया। लगातार हो रहे हमलों से गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह गोविंदपुर-फतेहपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध करते हुए मुआवजे तथा स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। सड़क जाम की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं थे। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले एक महीने से हाथियों का झुंड लगातार गांव में तबाही मचा रहा है, इसके बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। करीब 10 बजे मुखिया प्रतिनिधि भोला यादव एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस टीम के काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हो सका। ग्रामीणों के अनुसार बीते एक महीने में हाथियों ने माधोपुर गांव में करीब 20 से 25 घरों को नुकसान पहुंचाया है। कई किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। कुछ दिन पहले हाथियों ने एक महिला को कुचलकर मार डाला था, जबकि एक सप्ताह पूर्व जेठसारी गांव में भी एक अधेड़ व्यक्ति की हाथियों के कुचल कर मार दिया था। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में भय का माहौल है। पीड़ित महिला नीलू देवी पति शिबालक यादव ने बताया कि देर रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। तभी अचानक हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। जान बचाने के लिए परिवार के सभी सदस्य घर छोड़कर भागे। इसके बाद हाथियों ने घर को तोड़ डाला और घर में रखा सभी अनाज को हाथियों ने खा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रहा है, जबकि गांव के लोग हर रात जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन से हाथियों के आतंक से स्थायी निजात दिलाने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।1
- road ke ek side nala nhi rahne ke karan panni road pe gir raha hai bishanpur govindpur nawada road ke ek side nala hai aur dusre side nala nhi rahne ke karan bahut gandagi ho raha hai road pe road pe panni bahte rahta hai1
- गोविंदपुर प्रखंड के माधोपुर पंचायत में हाथियों का तांडव, एक महीने से दहशत में ग्रामीण गोविंदपुर प्रखंड के माधोपुर पंचायत में जंगली हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। बीते करीब एक महीने से हाथियों के झुंड द्वारा गांवों में लगातार उत्पात मचाया जा रहा है। कई लोगों की जान जाने, घरों को क्षति पहुंचने और किसानों के अनाज व फसलों के बर्बाद होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि जब तक वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थायी समाधान का आश्वासन नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की टीम केवल औपचारिकता निभा रही है। हाथियों को गांवों से दूर भगाने के लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और न ही प्रभावित परिवारों को अब तक उचित सहायता मिल पाई है। हाथियों के भय से लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचें, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए तथा हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। पुलिस मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।1
- नवादा के नारदीगंज में दो दिवसीय जग का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दिन-ब-दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।1
- नवादा के हिसुआ में सोमवार को भीषण गर्मी के बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई हल्की बारिश से लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली। हालांकि, कुछ इलाकों में गलियां कीचड़युक्त हो गईं।1
- विश्व एथलेटिक्स दिवस हर साल 7 मई को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बिहार के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक ने युवाओं को शुभकामनाएं देकर एथलेटिक्स से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।1
- गोविंदपुर के माधोपुर गाँव में आपसी विवाद में एक युवक को लाठियों से बेरहमी से पीटा गया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में भर्ती कराया गया है। गांव के ही एक व्यक्ति ने घर बुलाकर इस वारदात को अंजाम दिया।1