कुण्डल CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं, CMHO डॉ सीताराम मीणा के आदेश हुए बेअसर दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं, जिससे मरीजों को पर्ची कटवाने के बाद भी बिना उपचार के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है इस स्थिति से मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं से नाराजगी दिखाई गई,CMHO का एक बेबस हिसाब ऑडियो वायरल हुआ जिसमें CMHO, बोल रहे हैं - डॉक्टर को उठाकर थोड़ी लाएंगे हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा। कुण्डल CHC में आज एक भी डॉक्टर नहीं था मौजूद,डॉक्टरों की कमी और CMHO डॉ. सीताराम मीणा का ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग मे एक बार फिर से हड़कंप मच गया है. उनके वायरल ऑडियो में अस्पताल की गिरती स्वास्थ जन सेवाओं साफ़ साफ़ दिखाई दे रही हैं और डॉक्टरों की कमी सामने आई है. कुण्डल CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं,CMHO का बेबस ऑडियो वायरल,बोले- उठाकर थोड़ी लाएंगे डॉक्टर हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा। कुण्डल CHC राजस्थान के दौसा जिले में ग्राम पंचायत कुण्डल CHC में आज एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलती नज़र सामने आई है. कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते एक बार फिर से उजागर हो गया है. अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर CMHO डॉ. सीताराम मीणा का एक कथित ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.इस ऑडियो ने स्वास्थ्य विभाग की लाचारी और प्रशासनिक विफलता को जगजाहिर कर दिया है.जिससे मरीजों के द्वारा आज पर्ची कटवाने के बाद भी डॉक्टर का कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुच पाए ईलाज नहीं होने को लेकर आज मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से नाराज़गी जताई 'उठाकर थोड़ी लाएंगे डॉक्टर'हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा - CMHO की बेबसी वायरल ऑडियो में CMHO डॉ. सीताराम मीणा से खासे नाराज और लाचार सुनाई दे रहे हैं.ऑडियो में वे साफ़ साफ़ कह रहे हैं कि “दो डॉक्टर जयपुर से लगाए, दो दौसा से लगाए, लेकिन कोई ज्वाइन करने नहीं आया. हम क्या कर सकते हैं,उठाकर थोड़ी लेकर आएंगे,हम,वो हमारे कहने से थोड़ी आयेंगे.ऑडियो में वे आगे यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी तरफ से पूरी कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके हाथ में सिर्फ आदेश देना है,लेकिन डॉक्टर नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं. इस ऑडियो से ये भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है की जो स्वास्थ्य विभाग में जिले के अधिकारी द्वारा उन कर्मचारियों पर कोई भी कार्रवाई बिना उच्च अधिकारियों के दबाव के नहीं की जा सकती इस वायरल ऑडियो क्लिप से ये भी सामने आने से पूरे स्वास्थ्य विभाग महकमे में हड़कंप मचा गया है. जब की कुण्डल CHC में स्वीकृत 4 डॉक्टर हो रखे हैं, और अस्पताल में एक भी मौजूदगी में एक भी नहीं कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.जानकारी के अनुसार यहां स्वीकृत चार चिकित्सकों में से एक महिला चिकित्सक डॉ. ज्योति मीणा को 14 जनवरी 2026 से अजीतगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, जबकि शेष तीन चिकित्सकों डॉ. रोशन जाजोरिया, डॉ. शुभम खंडेलवाल और डॉ. हरिओम मीना उच्च अध्ययन (पीजी) के लिए रिलीव किए जा चुके हैं. जिससे अब नतीजे ये ,अस्पताल पूरी तरह डॉक्टर विहीन हो चुका है। मरीजों को घंटों तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई मरीजों को पर्ची कटवाने के बाद भी बिना ईलाज के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है। *CMHO डॉ सीताराम मीणा के आदेश हुए बेअसर* उच्चाधिकारियों द्वारा CHC में चिकित्सक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन ये आदेश जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए. हालात यह हैं कि आदेश होने के बावजूद अस्पताल में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। उच्च अधिकारियों (BCMO)के दबाव से नर्सिंग ऑफिसर लिख रहे दवाइयां , हेल्पर के भरोसे के भरोसे दवाइयां, अन्य पद भी खाली डॉक्टरों की कमी के चलते आयुष चिकित्सक को ही मरीजों को देखना और दवाइयां लिखने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है. इतना ही नहीं, पिछले करीब दो वर्षों से फार्मासिस्ट का पद भी यहां खाली है, जिसके कारण दवाओं का वितरण भी नर्सिंग ऑफिसर और डीडीसी हेल्पर के भरोसे किया जा रहा है. इससे मरीजों को दवाइयों के सही उपयोग की जानकारी नहीं मिल पा रही.. साथ हीअस्पताल में एलएचवी (LHV) का पद पिछले तीन वर्षों से और एएनएम (ANM) का पद पिछले दो वर्षों से रिक्त है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं. अब देखना ये है कि क्या कुण्डल CHC में मरीज को डॉक्टर की सुविधा मिल पाएगी ये तो आने वाला वक्त बतायेगा
कुण्डल CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं, CMHO डॉ सीताराम मीणा के आदेश हुए बेअसर दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं, जिससे मरीजों को पर्ची कटवाने के बाद भी बिना उपचार के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है इस स्थिति से मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं से नाराजगी दिखाई गई,CMHO का एक बेबस हिसाब ऑडियो वायरल हुआ जिसमें CMHO, बोल रहे हैं - डॉक्टर को उठाकर थोड़ी लाएंगे हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा। कुण्डल CHC में आज एक भी डॉक्टर नहीं था मौजूद,डॉक्टरों की कमी और CMHO डॉ. सीताराम मीणा का ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग मे एक बार फिर से हड़कंप मच गया है. उनके वायरल ऑडियो में अस्पताल की गिरती स्वास्थ जन सेवाओं साफ़ साफ़ दिखाई दे रही हैं और डॉक्टरों की कमी सामने आई है. कुण्डल CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं,CMHO का बेबस ऑडियो वायरल,बोले- उठाकर थोड़ी लाएंगे डॉक्टर हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा। कुण्डल CHC राजस्थान के दौसा जिले में ग्राम पंचायत कुण्डल CHC में आज एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलती नज़र सामने आई है. कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
(CHC) में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते एक बार फिर से उजागर हो गया है. अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर CMHO डॉ. सीताराम मीणा का एक कथित ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.इस ऑडियो ने स्वास्थ्य विभाग की लाचारी और प्रशासनिक विफलता को जगजाहिर कर दिया है.जिससे मरीजों के द्वारा आज पर्ची कटवाने के बाद भी डॉक्टर का कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुच पाए ईलाज नहीं होने को लेकर आज मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से नाराज़गी जताई 'उठाकर थोड़ी लाएंगे डॉक्टर'हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा - CMHO की बेबसी वायरल ऑडियो में CMHO डॉ. सीताराम मीणा से खासे नाराज और लाचार सुनाई दे रहे हैं.ऑडियो में वे साफ़ साफ़ कह रहे हैं कि “दो डॉक्टर जयपुर से लगाए, दो दौसा से लगाए, लेकिन कोई ज्वाइन करने नहीं आया. हम क्या कर सकते हैं,उठाकर थोड़ी लेकर आएंगे,हम,वो हमारे कहने से थोड़ी आयेंगे.ऑडियो में वे आगे यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी तरफ से पूरी कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके हाथ में सिर्फ आदेश देना है,लेकिन डॉक्टर नियमों की पालना
नहीं कर रहे हैं. इस ऑडियो से ये भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है की जो स्वास्थ्य विभाग में जिले के अधिकारी द्वारा उन कर्मचारियों पर कोई भी कार्रवाई बिना उच्च अधिकारियों के दबाव के नहीं की जा सकती इस वायरल ऑडियो क्लिप से ये भी सामने आने से पूरे स्वास्थ्य विभाग महकमे में हड़कंप मचा गया है. जब की कुण्डल CHC में स्वीकृत 4 डॉक्टर हो रखे हैं, और अस्पताल में एक भी मौजूदगी में एक भी नहीं कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.जानकारी के अनुसार यहां स्वीकृत चार चिकित्सकों में से एक महिला चिकित्सक डॉ. ज्योति मीणा को 14 जनवरी 2026 से अजीतगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, जबकि शेष तीन चिकित्सकों डॉ. रोशन जाजोरिया, डॉ. शुभम खंडेलवाल और डॉ. हरिओम मीना उच्च अध्ययन (पीजी) के लिए रिलीव किए जा चुके हैं. जिससे अब नतीजे ये ,अस्पताल पूरी तरह डॉक्टर विहीन हो चुका है। मरीजों को घंटों तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई मरीजों को पर्ची कटवाने के बाद भी बिना ईलाज के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है। *CMHO
डॉ सीताराम मीणा के आदेश हुए बेअसर* उच्चाधिकारियों द्वारा CHC में चिकित्सक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन ये आदेश जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए. हालात यह हैं कि आदेश होने के बावजूद अस्पताल में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। उच्च अधिकारियों (BCMO)के दबाव से नर्सिंग ऑफिसर लिख रहे दवाइयां , हेल्पर के भरोसे के भरोसे दवाइयां, अन्य पद भी खाली डॉक्टरों की कमी के चलते आयुष चिकित्सक को ही मरीजों को देखना और दवाइयां लिखने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है. इतना ही नहीं, पिछले करीब दो वर्षों से फार्मासिस्ट का पद भी यहां खाली है, जिसके कारण दवाओं का वितरण भी नर्सिंग ऑफिसर और डीडीसी हेल्पर के भरोसे किया जा रहा है. इससे मरीजों को दवाइयों के सही उपयोग की जानकारी नहीं मिल पा रही.. साथ हीअस्पताल में एलएचवी (LHV) का पद पिछले तीन वर्षों से और एएनएम (ANM) का पद पिछले दो वर्षों से रिक्त है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं. अब देखना ये है कि क्या कुण्डल CHC में मरीज को डॉक्टर की सुविधा मिल पाएगी ये तो आने वाला वक्त बतायेगा
- दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं, जिससे मरीजों को पर्ची कटवाने के बाद भी बिना उपचार के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है इस स्थिति से मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं से नाराजगी दिखाई गई,CMHO का एक बेबस हिसाब ऑडियो वायरल हुआ जिसमें CMHO, बोल रहे हैं - डॉक्टर को उठाकर थोड़ी लाएंगे हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा। कुण्डल CHC में आज एक भी डॉक्टर नहीं था मौजूद,डॉक्टरों की कमी और CMHO डॉ. सीताराम मीणा का ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग मे एक बार फिर से हड़कंप मच गया है. उनके वायरल ऑडियो में अस्पताल की गिरती स्वास्थ जन सेवाओं साफ़ साफ़ दिखाई दे रही हैं और डॉक्टरों की कमी सामने आई है. कुण्डल CHC में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं,CMHO का बेबस ऑडियो वायरल,बोले- उठाकर थोड़ी लाएंगे डॉक्टर हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा। कुण्डल CHC राजस्थान के दौसा जिले में ग्राम पंचायत कुण्डल CHC में आज एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलती नज़र सामने आई है. कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते एक बार फिर से उजागर हो गया है. अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर CMHO डॉ. सीताराम मीणा का एक कथित ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.इस ऑडियो ने स्वास्थ्य विभाग की लाचारी और प्रशासनिक विफलता को जगजाहिर कर दिया है.जिससे मरीजों के द्वारा आज पर्ची कटवाने के बाद भी डॉक्टर का कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुच पाए ईलाज नहीं होने को लेकर आज मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से नाराज़गी जताई 'उठाकर थोड़ी लाएंगे डॉक्टर'हम। वो हमारे कहने से थोड़ी आयेगा - CMHO की बेबसी वायरल ऑडियो में CMHO डॉ. सीताराम मीणा से खासे नाराज और लाचार सुनाई दे रहे हैं.ऑडियो में वे साफ़ साफ़ कह रहे हैं कि “दो डॉक्टर जयपुर से लगाए, दो दौसा से लगाए, लेकिन कोई ज्वाइन करने नहीं आया. हम क्या कर सकते हैं,उठाकर थोड़ी लेकर आएंगे,हम,वो हमारे कहने से थोड़ी आयेंगे.ऑडियो में वे आगे यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी तरफ से पूरी कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके हाथ में सिर्फ आदेश देना है,लेकिन डॉक्टर नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं. इस ऑडियो से ये भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है की जो स्वास्थ्य विभाग में जिले के अधिकारी द्वारा उन कर्मचारियों पर कोई भी कार्रवाई बिना उच्च अधिकारियों के दबाव के नहीं की जा सकती इस वायरल ऑडियो क्लिप से ये भी सामने आने से पूरे स्वास्थ्य विभाग महकमे में हड़कंप मचा गया है. जब की कुण्डल CHC में स्वीकृत 4 डॉक्टर हो रखे हैं, और अस्पताल में एक भी मौजूदगी में एक भी नहीं कुण्डल तहसील मुख्यालय में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.जानकारी के अनुसार यहां स्वीकृत चार चिकित्सकों में से एक महिला चिकित्सक डॉ. ज्योति मीणा को 14 जनवरी 2026 से अजीतगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, जबकि शेष तीन चिकित्सकों डॉ. रोशन जाजोरिया, डॉ. शुभम खंडेलवाल और डॉ. हरिओम मीना उच्च अध्ययन (पीजी) के लिए रिलीव किए जा चुके हैं. जिससे अब नतीजे ये ,अस्पताल पूरी तरह डॉक्टर विहीन हो चुका है। मरीजों को घंटों तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई मरीजों को पर्ची कटवाने के बाद भी बिना ईलाज के ही वापस घर लौटना पड़ रहा है। *CMHO डॉ सीताराम मीणा के आदेश हुए बेअसर* उच्चाधिकारियों द्वारा CHC में चिकित्सक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन ये आदेश जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए. हालात यह हैं कि आदेश होने के बावजूद अस्पताल में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। उच्च अधिकारियों (BCMO)के दबाव से नर्सिंग ऑफिसर लिख रहे दवाइयां , हेल्पर के भरोसे के भरोसे दवाइयां, अन्य पद भी खाली डॉक्टरों की कमी के चलते आयुष चिकित्सक को ही मरीजों को देखना और दवाइयां लिखने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है. इतना ही नहीं, पिछले करीब दो वर्षों से फार्मासिस्ट का पद भी यहां खाली है, जिसके कारण दवाओं का वितरण भी नर्सिंग ऑफिसर और डीडीसी हेल्पर के भरोसे किया जा रहा है. इससे मरीजों को दवाइयों के सही उपयोग की जानकारी नहीं मिल पा रही.. साथ हीअस्पताल में एलएचवी (LHV) का पद पिछले तीन वर्षों से और एएनएम (ANM) का पद पिछले दो वर्षों से रिक्त है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं. अब देखना ये है कि क्या कुण्डल CHC में मरीज को डॉक्टर की सुविधा मिल पाएगी ये तो आने वाला वक्त बतायेगा4
- ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, जब युवक अन्य लोगों के साथ एनिकट में नहा रहा था। अचानक वह पानी में डूब गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना सैंथल पुलिस थाने को दी। सूचना मिलने पर सैंथल थाने के एएसआई उमराव सिंह पुलिस टीम के साथ खरताला एनिकट पहुंचे। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पानी में उतरकर युवक की तलाश शुरू की, लेकिन शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली। इसके बाद सैंथल थाना पुलिस ने दौसा आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित किया। आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की तलाश के बाद भी युवक नहीं मिला, जिसके बाद दौसा सिविल डिफेंस की एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया। दोनों टीमों ने मिलकर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा। शाम 4:45 बजे, कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव खरताला एनिकट से बरामद किया गया। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया। सैंथल थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर एम्बुलेंस से दौसा जिला अस्पताल भेजा। मृतक युवक की पहचान कान्हा बैरवा (उम्र लगभग 18-19 वर्ष) पुत्र पप्पू राम बैरवा के रूप में हुई है, जो बैरवा की बड़ी ढाणी, धर्मपुरा का निवासी था। ग्रामीणों ने बताया कि कान्हा मजदूरी का काम करता था और उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। उसकी शादी भी नहीं हुई थी।4
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- 📰 ब्रेकिंग न्यूज़ | मंडावरी (दौसा) मंडावरी क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कोठी वाली ढाणी के पास तेज़ रफ्तार कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने भिड़ंत में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। 🚨 हादसे का पूरा विवरण आज दोपहर करीब 1:00 बजे एक ग्रैंड विटारा कार (DL 7CW 1118) और बजाज प्लेटिना बाइक (RJ29 SJ0844) के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दंपत्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान गुमान सिंह (66 वर्ष) और उनकी पत्नी श्रीमती सरोज के रूप में हुई है। दोनों खेड़ला खुर्द (थाना मंडावरी) के निवासी थे। 👮 पुलिस की तत्परता हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोश के चलते जाम लगाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुधीर उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया और जाम नहीं लगने दिया। ⚖️ आगे की कार्रवाई दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया दुर्घटना में शामिल कार को पुलिस ने ज़ब्त कर लिया चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है 👉 इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- मुख्यमंत्री बोले घर पर मेहमान आते थे तब बनती थी गेहूं की रोटी....खेती किसानी संवाद जमवारामगढ़1
- ANTF का बड़ा एक्शन: 3 करोड़ का नशा जब्त, 25 हजार का इनामी गिरफ्तार 🟨 शॉर्ट एंड स्वीट खबर राजस्थान में एएनटीएफ ने एक ही दिन में चार बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों पर जोरदार प्रहार किया। टीम ने 57.640 किलो अफीम, 35.920 किलो डोडा पोस्त और 21.83 ग्राम MDMA जब्त की, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। राजसमंद में “ऑपरेशन विषभीषण” के तहत पिता-पुत्र तस्कर को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया गया। वहीं “ऑपरेशन पहाड़िया” में 25 हजार के इनामी आरोपी को भी दबोचा गया। चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में भी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त मादक पदार्थ बरामद किए गए। एएनटीएफ का साफ संदेश — नशा तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा 10वीं परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जिलेभर के स्कूलों में जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में दौसा के गुरुकुल विद्यालय में रविवार दोपहर भव्य वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया, जहां मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर तालियों की गूंज से गूंज उठा और अभिभावकों के चेहरे गर्व से खिल उठे। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। छोटे-छोटे बच्चों ने संस्कृत भाषा के माध्यम से सनातन धर्म की परंपराओं और संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया, जिससे पूरा माहौल गुरुकुल परंपरा के अनुरूप नजर आया।विद्यालय के डायरेक्टर जितेश जैमन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आगे बढ़ने और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि मंच पर सम्मान मिलने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और अभिभावकों को भी विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पर गर्व होता है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि एक परिवार है, जिसमें छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों का उज्ज्वल भविष्य संवारते हैं।कार्यक्रम के अंत में सभी मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई और इसी तरह निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया।4