सरकारी मदद की आस में घिसट-घिसट कर जिंदगी जीने को मजबूर बुजुर्ग विकलांग जलालगढ़ प्रखंड के चक पंचायत अंतर्गत ग्राम डोकरेल वार्ड संख्या 2 निवासी बुजुर्ग सुकदेव ऋषि की जिंदगी इन दिनों काफी कठिन दौर से गुजर रही है। सुकदेव ऋषि जन्म से ही हाथ से विकलांग हैं। पहले वह किसी तरह चल-फिर कर अपना जीवनयापन कर लेते थे, लेकिन कुछ समय पहले गंभीर बीमारी होने के बाद उनके पैर ने भी साथ छोड़ दिया। अब हालत यह है कि वह ठीक से चल भी नहीं पाते और घिसट-घिसट कर ही इधर-उधर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों में पूर्व प्रमुख विवेंद्र सिंह, विक्रम यादव और मिथलेश विश्वास ने बताया कि शारीरिक रूप से पूरी तरह असहाय हो चुके सुकदेव ऋषि के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार सरकार की ओर से दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सुकदेव ऋषि को अब तक दिव्यांग पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं, उनके पास
सरकारी मदद की आस में घिसट-घिसट कर जिंदगी जीने को मजबूर बुजुर्ग विकलांग जलालगढ़ प्रखंड के चक पंचायत अंतर्गत ग्राम डोकरेल वार्ड संख्या 2 निवासी बुजुर्ग सुकदेव ऋषि की जिंदगी इन दिनों काफी कठिन दौर से गुजर रही है। सुकदेव ऋषि जन्म से ही हाथ से विकलांग हैं। पहले वह किसी तरह चल-फिर कर अपना जीवनयापन कर लेते थे, लेकिन कुछ समय पहले गंभीर बीमारी होने के बाद उनके पैर ने भी साथ छोड़ दिया। अब हालत यह है कि वह ठीक से चल भी नहीं पाते और घिसट-घिसट कर ही इधर-उधर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों में पूर्व प्रमुख विवेंद्र सिंह, विक्रम यादव और मिथलेश विश्वास ने बताया कि शारीरिक रूप से पूरी तरह असहाय हो चुके सुकदेव ऋषि के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार सरकार की ओर से दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सुकदेव ऋषि को अब तक दिव्यांग पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं, उनके पास
- दहेज की अपाची बाइक से एक की मौत दो गंभीर रूप से घायल। #दहेज #APACHE_बाइक #बाइक_हादसा #मौत #दुर्घटना #सड़क_दुर्घटना #दहेज_प्रथा #APCHE_160_4V #APCHE_200_4V #बाइक #भारत #उत्तर_प्रदेश #बिहार #राजस्थान #मध्य_प्रदेश #हरियाणा #पंजाब #दिल्ली #खबर #ब्रेकिंग_न्यूज़1
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- कहने का मतलब यही है सरकार कह रहे हैं अफवाह पर ध्यान न दें और यहां हकीकत में गैस नहीं मिलता है। बताया जाता है कि कांग्रेस पार्टी के सरकार में देश को बर्बाद करने में 70 वर्ष लग गया था और आज भाजपा पार्टी की सरकार में सब कुछ अपना है फिर भी देश तबाही के कगार पर हो गया है। देखा ने का मतलब यह है कि सरदार जी ढाबा एण्ड रेसटूरेंट बायसी भारत पेट्रोल के बगल में गैस की किल्लत से ढाबा बंद कर दिया था कस्टुमर खाने पीने से मोहताज हो गया था बाद में सरदार जी अपना दिमाग से कोयला भट्टी बनाकर कस्टुमर को सुविधा दिया।2
- पूर्णिया जिले में लगभग हमारे IOCL, BPCL और HPCL के तीनों सभी का गैस एजेंसी यहाँ पे पूर्णिया जिले में है और लगभग 71 के करीब, जिसमें IOCL के 33, BPCL के 12 और HPCL के 26 गैस एजेंसी हैं। कुल 71 एजेंसी हैं। इसमें सभी के उपभोक्ता मिला करके लगभग हमारे पास 7,36,000 उपभोक्ता यहाँ पे पूर्णिया जिले में हैं और कमर्शियल जो व्यावसायिक उपभोक्ता हैं, वो लगभग 3,700 के लगभग हैं। अभी वर्तमान में स्थिति ये है कि हम लोगों ने निरंतर एक धावा दल का गठन भी किया है, जो सभी एजेंसी पे हमारे डेपुटेड हैं—मार्केटिंग ऑफिसर हैं, विपणन पदाधिकारी हैं और साथ में अनुमंडल पदाधिकारी स्वयं इस पे निरंतर, जब से ये सूचना मिली है कि कहीं पे गैस की कमी है, तो उसको लेकर के निरंतर छापेमारी कर रहे हैं। . . . . . #SeemanchalBytes #Purnea #Purnia1
- Post by Shakti Kumar Shakti Kumar2
- अररिया जिला पलासी प्रखंड गैस एजेंसी हसनपुर पब्लिक की भीड़ देखकर उड़ा हाउस अपने घर की रोशनी चूल्हा जलाने के लिए बुजुर्ग महिला दूध उठाते हैं कष्ट लंबी लाइन भूख प्यासे गैस लेने के लिए1
- जलालगढ़ प्रखंड के चक पंचायत अंतर्गत ग्राम डोकरेल वार्ड संख्या 2 निवासी बुजुर्ग सुकदेव ऋषि की जिंदगी इन दिनों काफी कठिन दौर से गुजर रही है। सुकदेव ऋषि जन्म से ही हाथ से विकलांग हैं। पहले वह किसी तरह चल-फिर कर अपना जीवनयापन कर लेते थे, लेकिन कुछ समय पहले गंभीर बीमारी होने के बाद उनके पैर ने भी साथ छोड़ दिया। अब हालत यह है कि वह ठीक से चल भी नहीं पाते और घिसट-घिसट कर ही इधर-उधर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों में पूर्व प्रमुख विवेंद्र सिंह, विक्रम यादव और मिथलेश विश्वास ने बताया कि शारीरिक रूप से पूरी तरह असहाय हो चुके सुकदेव ऋषि के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार सरकार की ओर से दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सुकदेव ऋषि को अब तक दिव्यांग पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं, उनके पास1
- Post by Gulshankumar1
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