कानपुर नगर के माल रोड पर थ्री-व्हीलर ऑटो और बैटरी रिक्शा चालकों की मनमानी के चलते सड़क को कथित तौर पर टेंपो स्टैंड में बदला जा रहा है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज और समृद्धि भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें माल रोड पर टेंपो चालक बीच सड़क पर वाहन खड़े कर सवारियां भरते दिख रहे हैं, जिससे रास्ता बाधित हो रहा है। यह वीडियो 4 जून, बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:58 बजे का बताया जा रहा है, और इसमें साफ देखा जा सकता है कि टेंपो वाले किस तरह सड़क को घेरे हुए हैं। इस स्थिति के कारण माल रोड पर आए दिन भारी जाम लगा रहता है। रिपोर्ट में शासन-प्रशासन और यातायात विभाग पर गहरी नाराजगी जताई गई है, आरोप है कि वे इस समस्या पर आंखें मूंदे रहते हैं और यातायात नियमों के पालन के प्रति उदासीन हैं। यहां तक कि यातायात अधिकारी भी कथित तौर पर यातायात नियमों का पालन करते हुए देखे जा रहे हैं, जो उनकी लापरवाही को दर्शाता है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज ने यातायात विभाग से निवेदन किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर ध्यान दिया जाए और जनता को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाई जाए। रिपोर्ट यह सवाल उठाती है कि आखिर क्यों कानपुर नगर के माल रोड पर बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर सवारियां भरी जा रही हैं और शासन-प्रशासन इस गंभीर विषय पर मौन क्यों है।
कानपुर नगर के माल रोड पर थ्री-व्हीलर ऑटो और बैटरी रिक्शा चालकों की मनमानी के चलते सड़क को कथित तौर पर टेंपो स्टैंड में बदला जा रहा है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज और समृद्धि भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें माल रोड पर टेंपो चालक बीच सड़क पर वाहन खड़े कर सवारियां भरते दिख रहे हैं, जिससे रास्ता बाधित हो रहा है। यह वीडियो 4 जून, बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:58 बजे का बताया जा रहा है, और इसमें साफ देखा जा सकता है कि टेंपो वाले किस तरह सड़क को घेरे हुए हैं। इस स्थिति के कारण माल रोड पर आए दिन भारी जाम लगा रहता है। रिपोर्ट में शासन-प्रशासन और यातायात विभाग पर गहरी नाराजगी जताई गई है, आरोप है कि वे इस समस्या पर आंखें मूंदे रहते हैं और यातायात नियमों के पालन के प्रति उदासीन हैं। यहां तक कि यातायात अधिकारी भी कथित तौर पर यातायात नियमों का पालन करते हुए देखे जा रहे हैं, जो उनकी लापरवाही को दर्शाता है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज ने यातायात विभाग से निवेदन किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर ध्यान दिया जाए और जनता को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाई जाए। रिपोर्ट यह सवाल उठाती है कि आखिर क्यों कानपुर नगर के माल रोड पर बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर सवारियां भरी जा रही हैं और शासन-प्रशासन इस गंभीर विषय पर मौन क्यों है।
- उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में नगर निगम विभाग के एक कूड़ा डंपर की कथित लापरवाही से हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना पनकी थाना क्षेत्र स्थित गैस प्लांट के पास हुई, जहाँ एक अनियंत्रित और तेज़ रफ़्तार डंपर ने, जो कथित तौर पर गलत दिशा से आ रहा था, बाइक सवार युवकों को ज़ोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, वहीं घायल युवक का इलाज अस्पताल में जारी है। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन से उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कूड़ा डंपर शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते हैं और खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हैं। इस स्थिति पर ट्रैफिक पुलिस अधिकारी भी सिर्फ़ औपचारिकता निभाते हुए निष्क्रिय बने रहते हैं। लोगों का कहना है कि अक्सर इन वाहनों से सड़क पर कूड़ा गिरता रहता है, और इन्हें लगातार तेज़ रफ़्तार व गलत दिशा में वाहन चलाते हुए देखा जा सकता है। स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि विभागीय दबाव और प्रभाव के चलते ऐसे वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है। लगातार हो रहे ऐसे दर्दनाक सड़क हादसे ज़िम्मेदारों के खिलाफ़ एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर सड़कों पर दौड़ रहे इन भारी वाहनों की जवाबदेही कब तय होगी। इस घटना से जुड़ी डंपर की लापरवाही और राजन नाम के युवक की मौत का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।1
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में सड़क पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के बाद, उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सदर क्षेत्र स्थित बेतवा पुल से नीचे नदी में जा गिरा। यह हादसा इतना भीषण था कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसमें सवार कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ट्रक के नदी में गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा और उन्होंने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायल कंडक्टर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। वहीं, चालक के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है, हालाँकि पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।1
- उन्नाव के चर्चित 26 वर्षीय युवती हत्याकांड मामले में पुलिस ने उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने युवती की हत्या कर उसके शव को बुलंदशहर में ठिकाने लगाया था। इस सनसनीखेज वारदात ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नजरें अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पर टिकी हैं। जनता यह जानना चाहती है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के संकल्प को मजबूत करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उत्तम हॉस्पिटल पर क्या बड़ा एक्शन लिया जाएगा। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- उन्नाव जिले के सदर तहसील और अचलगंज थाना क्षेत्र के भैसई नौवस्ता में पीडब्ल्यूडी के वर्क आर्डर की अनुमति की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। खनन अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी सीधी मिलीभगत और 'सेटिंग-गेटिंग' होने का साफ संकेत मिलता है। खनन माफियाओं द्वारा नियमों के विपरीत, मानक से कहीं अधिक खुदाई की जा रही है और अनुमति से हटकर अलग गाटा संख्याओं पर भी अवैध तरीके से खनन कराया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से राजस्व को भारी चूना लगाया जा रहा है, जिससे प्रशासन को खुली चुनौती मिल रही है। यह अवैध मिट्टी आजाद मार्ग चौराहे के पास स्थित जालिमखेड़ा, गहिरा में एक स्टेडियम, गड़नखेड़ा, कुलुहागाढ़ा, अचलगंज और पीडी नगर सहित कई जगहों पर बेची जा रही है। स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाते हुए दी गई परमिशन को तुरंत निरस्त करने की मांग की जा रही है। एडीएम उन्नाव ने इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि जिले के जिलाधिकारी महोदय द्वारा इस अवैध खनन के खिलाफ कब और क्या सख्त कार्रवाई की जाती है।1
- दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर में भी हाईअलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान शहर के विभिन्न होटल, बार और ढाबों पर एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस चेकिंग अभियान में कई प्रतिष्ठानों में फायर सिलेंडर नहीं मिले। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर शहर से एक अत्यंत दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना से अस्पताल में चारों ओर अफरा-तफरी मच गई, और आग इतनी तेजी से फैली कि ICU में भर्ती कई गंभीर मरीज धुएं और आग की चपेट में आ गए। इस हादसे में कई जिंदगियां खत्म हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, आग लगते ही पूरे अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि कई मरीज ऐसे थे जो चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थे, और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल की तैयारियां नाकाफी थीं। उनका कहना है कि मरीजों को समय पर सुरक्षित बाहर निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या ऑक्सीजन सिस्टम में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ICU में 13 से 15 मरीज भर्ती थे और सभी को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया। इस दुखद घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चिंताजनक है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे आम नागरिक की जान जोखिम में पड़ रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। हालांकि, जिन परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया, उनके लिए यह हादसा जिंदगी भर का दर्द बन चुका है।1
- ग्रेटर नोएडा में एक भयावह सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ गाड़ियों की जबरदस्त टक्कर हुई। इस हादसे में, सामने से आ रही एक फॉर्च्यूनर और साइड से आई एक स्विफ्ट के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसकी चपेट में कुर्सी पर बैठे लोग भी आ गए, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1