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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में सड़क पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के बाद, उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
KPTV BHARAT NEWS
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में सड़क पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के बाद, उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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- उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में नगर निगम विभाग के एक कूड़ा डंपर की कथित लापरवाही से हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना पनकी थाना क्षेत्र स्थित गैस प्लांट के पास हुई, जहाँ एक अनियंत्रित और तेज़ रफ़्तार डंपर ने, जो कथित तौर पर गलत दिशा से आ रहा था, बाइक सवार युवकों को ज़ोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, वहीं घायल युवक का इलाज अस्पताल में जारी है। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन से उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कूड़ा डंपर शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते हैं और खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हैं। इस स्थिति पर ट्रैफिक पुलिस अधिकारी भी सिर्फ़ औपचारिकता निभाते हुए निष्क्रिय बने रहते हैं। लोगों का कहना है कि अक्सर इन वाहनों से सड़क पर कूड़ा गिरता रहता है, और इन्हें लगातार तेज़ रफ़्तार व गलत दिशा में वाहन चलाते हुए देखा जा सकता है। स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि विभागीय दबाव और प्रभाव के चलते ऐसे वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है। लगातार हो रहे ऐसे दर्दनाक सड़क हादसे ज़िम्मेदारों के खिलाफ़ एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर सड़कों पर दौड़ रहे इन भारी वाहनों की जवाबदेही कब तय होगी। इस घटना से जुड़ी डंपर की लापरवाही और राजन नाम के युवक की मौत का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।1
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में सड़क पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के बाद, उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सदर क्षेत्र स्थित बेतवा पुल से नीचे नदी में जा गिरा। यह हादसा इतना भीषण था कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसमें सवार कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ट्रक के नदी में गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा और उन्होंने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायल कंडक्टर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। वहीं, चालक के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है, हालाँकि पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।1
- उन्नाव के हसनगंज विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकतपुर में प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के मानदंडों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां की बजबजाती नालियां और उनसे फैलने वाले संक्रमण का खतरा इस मिशन की विफलता की गवाही दे रहा है। आरोप है कि पिछले पाँच वर्षों से सफाईकर्मी पूरी तरह नदारद हैं, और ग्राम प्रधान ने इस दौरान जनता के हित के लिए किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दिया है। बताया गया है कि सफाई के नाम पर ग्राम प्रधान, जिम्मेदार अधिकारी, मंत्री और सरकार के धन का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखाया जा रहा है। गाँव में बीते पाँच वर्षों में एक बार भी सफाईकर्मी द्वारा नालियों की सफाई या झराई नहीं की गई है।1
- उन्नाव के चर्चित 26 वर्षीय युवती हत्याकांड मामले में पुलिस ने उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने युवती की हत्या कर उसके शव को बुलंदशहर में ठिकाने लगाया था। इस सनसनीखेज वारदात ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नजरें अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पर टिकी हैं। जनता यह जानना चाहती है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के संकल्प को मजबूत करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उत्तम हॉस्पिटल पर क्या बड़ा एक्शन लिया जाएगा। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर में भी हाईअलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान शहर के विभिन्न होटल, बार और ढाबों पर एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस चेकिंग अभियान में कई प्रतिष्ठानों में फायर सिलेंडर नहीं मिले। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर शहर से एक अत्यंत दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना से अस्पताल में चारों ओर अफरा-तफरी मच गई, और आग इतनी तेजी से फैली कि ICU में भर्ती कई गंभीर मरीज धुएं और आग की चपेट में आ गए। इस हादसे में कई जिंदगियां खत्म हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, आग लगते ही पूरे अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि कई मरीज ऐसे थे जो चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थे, और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल की तैयारियां नाकाफी थीं। उनका कहना है कि मरीजों को समय पर सुरक्षित बाहर निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या ऑक्सीजन सिस्टम में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ICU में 13 से 15 मरीज भर्ती थे और सभी को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया। इस दुखद घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चिंताजनक है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे आम नागरिक की जान जोखिम में पड़ रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। हालांकि, जिन परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया, उनके लिए यह हादसा जिंदगी भर का दर्द बन चुका है।1
- ग्रेटर नोएडा में एक भयावह सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ गाड़ियों की जबरदस्त टक्कर हुई। इस हादसे में, सामने से आ रही एक फॉर्च्यूनर और साइड से आई एक स्विफ्ट के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसकी चपेट में कुर्सी पर बैठे लोग भी आ गए, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1