हजारीबाग में दो पत्रकारों पर हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारीबाग प्रेस क्लब के सदस्य मंत्री से माफी व आरोपी की गिरफ्तारी की मांग -- -- डिस्टिक मोड़ चौक पर घंटे भर प्रदर्शन, मंत्री माफी मांगो और हमलावर को गिरफ्तार करो के लगे नारे हजारीबाग। बीते 28 अप्रैल को हजारीबाग के दो पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में गुरुवार को जिले के हजारीबाग प्रेस क्लब ने शहर के डिस्टिक मोड़ चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक से दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए, जिनमें घटना को लेकर गहरा आक्रोश साफ तौर पर नजर आया। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने हमलावर युवक की शीघ्र गिरफ्तारी और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। मंत्री माफी मांगो और दोषी को गिरफ्तार करो जैसे नारों से पूरा चौक गूंजता रहा पत्रकारों का आरोप है कि जिस समय यह हमला हुआ, उस दौरान मंत्री स्वयं मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्होंने न तो घटना पर कोई संवेदना प्रकट की और न ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उल्टे, उनके द्वारा मीडिया में दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा कि पत्रकारों का धंधा उनकी टीआरपी से चलता है इसको लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी है प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने इस बयान को न केवल अपमानजनक बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया। उनका कहना था कि इस तरह की भाषा एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक विशेष बात यह रही कि पत्रकारों ने आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी। सड़क पर प्रदर्शन के बावजूद यातायात को पूरी तरह बाधित नहीं किया गया। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध आम जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि हमलावर युवक और मंत्री के रवैये के खिलाफ है। मौके पर मौजूद हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह और सचिव दीपक सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मंत्री की मौजूदगी में घटना होना और उसके बाद भी चुप्पी साध लेना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि मंत्री इरफान अंसारी अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और संबंधित अधिकारियों को हमलावर की जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दें। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और मंत्री द्वारा माफी नहीं मांगी जाती, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पत्रकारिता की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ी है, जिससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हजारीबाग में दो पत्रकारों पर हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारीबाग प्रेस क्लब के सदस्य मंत्री से माफी व आरोपी की गिरफ्तारी की मांग -- -- डिस्टिक मोड़ चौक पर घंटे भर प्रदर्शन, मंत्री माफी मांगो और हमलावर को गिरफ्तार करो के लगे नारे हजारीबाग। बीते 28 अप्रैल को हजारीबाग के दो पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में गुरुवार को जिले के हजारीबाग प्रेस क्लब ने शहर के डिस्टिक मोड़ चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक से दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए, जिनमें घटना को लेकर गहरा आक्रोश साफ तौर पर नजर आया। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने हमलावर युवक की शीघ्र गिरफ्तारी और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। मंत्री माफी मांगो और दोषी को गिरफ्तार करो जैसे नारों से पूरा चौक गूंजता रहा पत्रकारों का आरोप है कि जिस समय यह हमला हुआ, उस दौरान मंत्री स्वयं मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्होंने न तो घटना पर कोई संवेदना प्रकट की और न ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उल्टे, उनके द्वारा मीडिया में दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा कि पत्रकारों का धंधा उनकी टीआरपी से चलता है इसको लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी है प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने इस बयान को न केवल अपमानजनक बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया। उनका कहना था कि इस तरह की भाषा एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक विशेष बात यह रही कि पत्रकारों ने आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी। सड़क पर प्रदर्शन के बावजूद यातायात को पूरी तरह बाधित नहीं किया गया। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध आम जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि हमलावर युवक और मंत्री के रवैये के खिलाफ है। मौके पर मौजूद हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह और सचिव दीपक सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मंत्री की मौजूदगी में घटना होना और उसके बाद भी चुप्पी साध लेना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि मंत्री इरफान अंसारी अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और संबंधित अधिकारियों को हमलावर की जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दें। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और मंत्री द्वारा माफी नहीं मांगी जाती, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पत्रकारिता की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ी है, जिससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
- पत्रकारों से मारपीट पर प्रेस क्लब हजारीबाग का विरोध, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन1
- -- -- डिस्टिक मोड़ चौक पर घंटे भर प्रदर्शन, मंत्री माफी मांगो और हमलावर को गिरफ्तार करो के लगे नारे हजारीबाग। बीते 28 अप्रैल को हजारीबाग के दो पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में गुरुवार को जिले के हजारीबाग प्रेस क्लब ने शहर के डिस्टिक मोड़ चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक से दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए, जिनमें घटना को लेकर गहरा आक्रोश साफ तौर पर नजर आया। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने हमलावर युवक की शीघ्र गिरफ्तारी और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। मंत्री माफी मांगो और दोषी को गिरफ्तार करो जैसे नारों से पूरा चौक गूंजता रहा पत्रकारों का आरोप है कि जिस समय यह हमला हुआ, उस दौरान मंत्री स्वयं मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्होंने न तो घटना पर कोई संवेदना प्रकट की और न ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उल्टे, उनके द्वारा मीडिया में दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा कि पत्रकारों का धंधा उनकी टीआरपी से चलता है इसको लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी है प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने इस बयान को न केवल अपमानजनक बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया। उनका कहना था कि इस तरह की भाषा एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक विशेष बात यह रही कि पत्रकारों ने आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी। सड़क पर प्रदर्शन के बावजूद यातायात को पूरी तरह बाधित नहीं किया गया। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध आम जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि हमलावर युवक और मंत्री के रवैये के खिलाफ है। मौके पर मौजूद हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह और सचिव दीपक सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मंत्री की मौजूदगी में घटना होना और उसके बाद भी चुप्पी साध लेना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि मंत्री इरफान अंसारी अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और संबंधित अधिकारियों को हमलावर की जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दें। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और मंत्री द्वारा माफी नहीं मांगी जाती, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पत्रकारिता की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ी है, जिससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।1
- Sis डायरेक्ट भर्ती लेकर आए हैं1
- हजारीबाग में पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर प्रेस क्लब के अध्यक्ष उमेश प्रताप ने कड़ी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न सिर्फ पत्रकारिता की गरिमा पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने की साजिश भी है। आज प्रेस क्लब हजारीबाग के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त महोदय से मुलाकात कर इस घटना को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की भी जोरदार मांग की गई, ताकि मीडिया कर्मी निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। #Hazaribagh #PressClub #JournalistSafety #MediaFreedom #Jharkhand1
- शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में पत्रकारों के साथ हुए मारपीट के घटना पर विरोध प्रदर्शन। दोषियों पर करवाई, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग।1
- *भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर उपायुक्त ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस* उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने बुधवार को भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि झारखण्ड राज्य अंतर्गत जनगणना 2027 का प्रथम चरण दिनांक 16.05.2026 से 14.06.2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना सम्मिलित है, उपायुक्त ने जानकारी दी कि इस चरण से पूर्व आम नागरिकों की सुविधा हेतु स्व-गणना (Self Enumeration) की व्यवस्था एक विशेष पोर्टल के माध्यम से दिनांक 01.05.2026 से 15.05.2026 तक उपलब्ध रहेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे साइट पर जाकर इस सुविधा का उपयोग करते हुए निर्धारित अवधि में अपनी जानकारी स्वेच्छा से दर्ज करें। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान मकान सूचीकरण एवं गणना हेतु विभिन्न अनुसूचियों के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। इस क्रम में प्रगणकों द्वारा कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी संकलित की जाएगी— प्रश्नावली (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना): 1. भवन नंबर (नगर/स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर) 2. जनगणना मकान नंबर 3. जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4.जनगणना मकान की दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 5.जनगणना मकान की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 6.जनगणना मकान का उपयोग (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य) 7.जनगणना मकान की हालत (अच्छी/रहने योग्य/जर्जर) 8. परिवार क्रमांक 9. परिवार में सामान्य: रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य वर्ग से संबंधित है 13. मकान स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्रोत 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत 19. शौचालय की सुलभता 20. शौचालय का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी 22. स्नानगृह की उपलब्धता 23. रसोईघर तथा एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन 25. रेडियो/ट्रांजिस्टर 26. टेलीविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28. लैपटॉप/कम्प्यूटर 29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन 30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड 31. कार/जीप/वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना हेतु) उपायुक्त श्री सती ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। अतः सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान कर इस कार्य में सहयोग करें। उपायुक्त ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया से अपील की कि वे जनगणना 2027 को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। बैठक में प्रधान जनगणना पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री हेमन्त सती के अलावे जिला जनगणना पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता श्री संतोष सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार, जिला जनगणना समन्वयक नीरज कुमार साहु सहित विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि व अन्य कर्मी उपस्थित थे।3
- पलामू उपायुक्त बने चर्चा के विषय, क्योकि कोई उपायुक्त अपने पावर के अनुसार जनता से कोसो दुर रहते है वही पलामू उपायुक्त ने जनता का समस्याओ को सिड्डी पर ही सुनाण1
- हज़ारीबाग़ में हाल ही में हुई तीन निर्मम हत्याओं की जांच को लेकर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष व सदस्यगण घटना स्थल पर पहुँचे।1