पलिया सहित पूरे जिले में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद उल फितर का पर्व आज पूरे देश में ईद -उल -फितर का पर्व बहुत ही अकीकत,एहतराम उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है । सुबह से ही की ईदगाहों, मस्जिदों और मदारिसो में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी थी। हल्की बूंदाबांदी और बादलों से घिरे मौसम ने त्योहार के माहौल को और खुशनुमा बना दिया। वहीं पूरे जिले की सभी तहसीलों सहित पलिया तहसील की मदीना मस्ज़िद,रज़ा मस्जिद,जामा मस्ज़िद, गौसिया मस्ज़िद, सहित अन्य इबादतगाहों में ईद -उल -फितर की नमाज़ बहुत ही अकीदात और एहतराम के साथ अदा की गई और साथ ही मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए भी दुआएं मांगी गईं। इसके बाद सभी ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की गौरतलब है कि ईद-उल-फितर का यह त्यौहार असल में खुदा की तरफ से उन बंदों के लिए एक रूहानी इनाम है, जिन्होंने चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद पूरे तीस दिनों तक रोजे रखे और अपनी नफ्स पर काबू पाकर अल्लाह की इबादत की। क्योंकि इस दिन घरों में खास तौर पर दूध और सूखे मेवों से बनी सेवइयां और शीर-खुरमा तैयार किया जाता है, जो रिश्तों में मिठास घोलने का काम करता है। ईद का एक बड़ा मकसद समाज के गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करना भी है, इसीलिए नमाज से पहले 'फितरा' यानी दान देना जरूरी होता है ताकि समाज का हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो, आज के दिन भूखा न रहे और नए कपड़े पहनकर अपनी खुशियां मना सके। मदीना मस्जिद के मुफ्ती अब्दुल गफ्फार ने भी ईद की नमाज़ के बाद अकीदतमंदों के बीच इंसानियत का पैगाम दिया। मुफ्ती अब्दुल गफ्फार ने कहा कि रमजान के तीस दिन हमें यह सिखाते हैं कि भूख और प्यास की शिद्दत क्या होती है, ताकि हम साल भर गरीबों और भूखों का दर्द महसूस कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि ईद की खुशी तभी मुकम्मल होती है जब हम अपने पड़ोसियों का ख्याल रखें। मुफ्ती साहब ने कहा कि इस्लाम अमन और सलामती का मजहब है, और आज के दिन हमारा सबसे बड़ा फर्ज यह है कि हम अपने मुल्क की तरक्की के लिए मिलकर काम करें और किसी के बहकावे में न आकर आपसी सौहार्द को कायम रखें। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह ताला सबकी इबादतों को कुबूल फरमाए और पलिया सहित पूरे जिले में भाईचारे की मिठास हमेशा बनी रहे।नगर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। बाइट=मुफ्ती अब्दुल गफ्फार, मदीना मस्ज़िद
पलिया सहित पूरे जिले में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद उल फितर का पर्व आज पूरे देश में ईद -उल -फितर का पर्व बहुत ही अकीकत,एहतराम उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है । सुबह से ही की ईदगाहों, मस्जिदों और मदारिसो में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी थी। हल्की बूंदाबांदी और बादलों से घिरे मौसम ने त्योहार के माहौल को और खुशनुमा बना दिया। वहीं पूरे जिले की सभी तहसीलों सहित पलिया तहसील की मदीना मस्ज़िद,रज़ा मस्जिद,जामा मस्ज़िद, गौसिया मस्ज़िद, सहित अन्य इबादतगाहों में ईद -उल -फितर की नमाज़ बहुत ही अकीदात और एहतराम के साथ अदा की गई
और साथ ही मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए भी दुआएं मांगी गईं। इसके बाद सभी ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की गौरतलब है कि ईद-उल-फितर का यह त्यौहार असल में खुदा की तरफ से उन बंदों के लिए एक रूहानी इनाम है, जिन्होंने चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद पूरे तीस दिनों तक रोजे रखे और अपनी नफ्स पर काबू पाकर अल्लाह की इबादत की। क्योंकि इस दिन घरों में खास तौर पर दूध और सूखे मेवों से बनी सेवइयां और शीर-खुरमा तैयार किया जाता है, जो रिश्तों में मिठास घोलने का काम करता है। ईद का एक
बड़ा मकसद समाज के गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करना भी है, इसीलिए नमाज से पहले 'फितरा' यानी दान देना जरूरी होता है ताकि समाज का हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो, आज के दिन भूखा न रहे और नए कपड़े पहनकर अपनी खुशियां मना सके। मदीना मस्जिद के मुफ्ती अब्दुल गफ्फार ने भी ईद की नमाज़ के बाद अकीदतमंदों के बीच इंसानियत का पैगाम दिया। मुफ्ती अब्दुल गफ्फार ने कहा कि रमजान के तीस दिन हमें यह सिखाते हैं कि भूख और प्यास की शिद्दत क्या होती है, ताकि हम साल भर गरीबों और भूखों का दर्द महसूस कर सकें। उन्होंने
जोर दिया कि ईद की खुशी तभी मुकम्मल होती है जब हम अपने पड़ोसियों का ख्याल रखें। मुफ्ती साहब ने कहा कि इस्लाम अमन और सलामती का मजहब है, और आज के दिन हमारा सबसे बड़ा फर्ज यह है कि हम अपने मुल्क की तरक्की के लिए मिलकर काम करें और किसी के बहकावे में न आकर आपसी सौहार्द को कायम रखें। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह ताला सबकी इबादतों को कुबूल फरमाए और पलिया सहित पूरे जिले में भाईचारे की मिठास हमेशा बनी रहे।नगर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। बाइट=मुफ्ती अब्दुल गफ्फार, मदीना मस्ज़िद
- Post by Sanjay Kumar1
- रिहायशी इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला तेंदुए का शव,वन विभाग की टीम जांच पड़ताल में जुटी1
- लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी जिले का दुधवा टाइगर रिजर्व वन्यजीवों की कब्रगाह बनता जा रहा है, वही एक बार फिर रिहायशी इलाके में जंगलों से भटक कर पहुंचे एक तेंदुए का संदिग्ध अवस्था में शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया । बताया जा रहा है कि शनिवार को दुधवा के ही संपूर्णानगर वनरेंज के परसपुर बीट के ग्राम लगदहन में खेतों में एक तेंदुए का का क्षत विक्षिप्त हालत में संदिग्ध अवस्था में शव पड़ा हुआ दिखाई दिया ।यह देखकर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई वहीं ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलने पर मौके पर वन विभाग के आला अधिकारी पहुंचे । जिन्होंने बाघ के शव को कब्जे में लेकर मौका मुआयना किया है । वही जानकारी देते हुए डिप्टी डायरेक्टर बताया है कि रिहासी इलाके में खेतों में एक तेंदुए का शव पड़ा हुआ दिखाई दिया है हालांकि वन विभाग के टीम मौके पर पहुंच तेंदू केशव को कब्जे में ले लिया है हालांकि पोस्टमार्टम की के लिए शव को भेज दिया गया है ताकि तेंदुए की मौत के असली कारणों का पता लगाया जा रहा है कि तेंदुए की मौत आखिरकार कैसे हुई है ।1
- थाना कोसी में दिनांक 21-03-2026 की रात्रि में लगभग 03:00 से 04:00 बजे के बीच में चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा के द्वारा एक वाहन को संदिग्ध मान करके रोका गया था, उसी समय घना कोहरा होने के कारण पीछे से एक अन्य ट्रक जो कि राजस्थान नंबर का था, उसके द्वारा आकर बाबा को हिट किया गया जिसमें कि इनकी मृत्यु हो गई। जो कंटेनर बाबा के द्वारा रोका गया था उसमें किराने का सामान पाया गया और जिस ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी वह राजस्थान नंबर का था, जिसमें तार लदे हुए थे। ट्रक के चालक और परिचालक दोनों अलवर, राजस्थान के रहने वाले हैं। दुर्घटना में ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और चालक भी चोटिल हुआ है जो कि उपचाररत है। प्रकरण में गोतस्करी की किसी प्रकार की बात नहीं आई है। जो कुछ लोग इस घटना को लेकर के इकट्ठे हुए थे और उनके द्वारा थाना छाता क्षेत्र में जाम लगाया गया व पथराव किया गया था, आवश्यक बल प्रयोग करके जाम खुलवा दिया गया है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट:- शाहिद लखाही1
- *दलित महिला पर दबंगों का हमला, पुलिस सुलह समझौते का बना रही दबाव* *पुलिस ने पीड़िता महिला के पति को जबरन थाने पर बैठाया, शांति भंग की आशंका में किया फर्जी चालान* अवध की दुनिया समाचार पत्र रिपोर्टर रवीन्द्र कुमार *सोहावल/अयोध्या* सोहावल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत फिरोजपुर उपहर का गंभीर मामला सामने आया है दलित समाज की पीड़िता महिला श्यामा देवी ने हमारे ब्यूरो को बताया की वह गांव फिरोजपुर उपहर की रहने वाली है घटना बुधवार रात को लगभग 10:30 बजे जब वह अपने घर के पास बैठी थी इस समय गांव के ही निवासी रंगबाज व क्षेत्रीय दबंग शोभित यादव पुत्र छेदीलाल और उसका सहयोगी सुनील यादव पुत्र वंशराज लाठी डंडे लेकर आए और पीड़िता को जाति सूचक गालियां देते हुए अपमानित करने लगे विरोध करने पर आरोपियों ने लात घूंसो से जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा, पीड़िता के शोर मचाने पर बीच बचाव के लिए उसके पति आए तो उनको भी दबंगो ने मारा पीटा और हंगामा किया इस समय गांव के लोगों द्वारा मुझे और मेरे पति को बचाया गया तब फिर से विपक्षी शोभित यादव ,सुनील यादव ने भद्दी भद्दी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए, पीड़िता को दोनों हाथ पर एवं आंख के पास काफ़ी चोट आई है इतने पर भी जब अपराधियों का मन नहीं भरा तब समय लगभग 11:10 बजे शोभित यादव ,सुनील यादव बंदूक लेकर जान से मारने की नियत से पीड़िता के घर में घुस आए , महिला ने हाथ में हथियार देखकर खुद को और परिवार के सदस्यों को कमरे में बंद कर लिया, जिससे उसकी किसी तरह से जान बची , घटना से पीड़ित परिवार डरा सहमा हुआ है मामले की शिकायत रौनाही थाना पर किया था लेकिन विपक्षियों के दबाव में पुलिस ने पीड़िता के पति को थाने में बैठा लिया और विपक्षी से सुलह समझौते का दबाव बनाया गया, पीड़ित ने सुलह से इंकार किया पुलिस ने पीड़िता के पति का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया पीड़िता ने कहा यदि मेरे व मेरे परिवार पर कोई जानलेवा हमला या अप्रिय घटना हुई तो इसका जिम्मेदार स्थानीय पुलिस प्रशासन व अधिकारी होंगे योगी सरकार में जिस तरह से दलित परिवार को मारा जा रहा है और रौनाही पुलिस एफआईआर दर्ज करने की जगह पर दबंगों को बचाने का प्रयास कर रही है यह मानवता विरोधी घटना है ,हमारे ब्यूरो द्वारा रौनाही थाना प्रभारी से वार्ता कर उनका पक्ष जानना चाहा तो वह फोन नहीं उठा रहे, यह है उत्तर प्रदेश पुलिस यही है इनका रवैया कहीं गरीबों की सुनवाई नहीं करती और उल्टा उन्हें को थाने में बैठा लिया जाता है1
- निघासन में पलिया रोड गयात्री मंदिर के सामने खुलेआम अंडे का ठेला लगा हुआ है यहां के लोगों ने जब हटाने को कहा तो उसने कहा है कि चाहे जो हो जाए मैं नहीं हटाऊंगा मैं हमेशा से यही पर लगाता हूं और लगाता रहूंगा जिसको जो करना है कर ले1
- Post by न्यूज़ पेपर1
- Post by Sanjay Kumar1