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गाजीपुर जिले के जखनियां में भुड़कुड़ा कोतवाली पुलिस ने एक विवाहिता की संदिग्ध मौत और दहेज उत्पीड़न के मामले में वांछित चल रहे सास-ससुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को दहेज उत्पीड़न के मामलों में एक सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 139/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 बीएनएस एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से ही मुख्य आरोपियों की तलाश जारी थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 70 वर्षीय कल्पनाथ कश्यप (स्व. संत प्रसाद के पुत्र) और उनकी 68 वर्षीय पत्नी मनोरमा देवी के रूप में हुई है, जो ग्राम अलीपुर मन्दरा, थाना भुड़कुड़ा, जनपद गाजीपुर के निवासी हैं। भुड़कुड़ा प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय के निर्देशन में गठित पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी जखनियां रेलवे स्टेशन के पास मौजूद हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरुवार सुबह दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उच्चतम न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल धनुषधारी यादव, कांस्टेबल मनीष कुमार एवं महिला कांस्टेबल सविता तिवारी शामिल रहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दहेज उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

23 hrs ago
user_Rahul kumar
Rahul kumar
Local News Reporter जखनिया, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
23 hrs ago
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गाजीपुर जिले के जखनियां में भुड़कुड़ा कोतवाली पुलिस ने एक विवाहिता की संदिग्ध मौत और दहेज उत्पीड़न के मामले में वांछित चल रहे सास-ससुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को दहेज उत्पीड़न के मामलों में एक सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 139/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 बीएनएस एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से ही मुख्य आरोपियों की तलाश जारी थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 70 वर्षीय कल्पनाथ कश्यप (स्व. संत प्रसाद के पुत्र) और उनकी 68 वर्षीय पत्नी मनोरमा देवी के रूप में हुई है, जो ग्राम अलीपुर मन्दरा, थाना भुड़कुड़ा, जनपद गाजीपुर के निवासी हैं। भुड़कुड़ा प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय के निर्देशन में गठित पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी जखनियां रेलवे स्टेशन के पास मौजूद हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरुवार सुबह दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उच्चतम न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल धनुषधारी यादव, कांस्टेबल मनीष कुमार एवं महिला कांस्टेबल सविता तिवारी शामिल रहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दहेज उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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  • बंगाल में सफेद साड़ी विवाद पर नया बवाल खड़ा हो गया है, जहाँ लोगों द्वारा एक TMC नेता को "करारा जवाब" दिए जाने की बात सामने आ रही है। चुनावी विवाद के बाद गुस्साई भीड़ कथित तौर पर नेता के घर पहुँच गई, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया विवाद छिड़ गया है। यह पूरा मामला TMC नेता और सफेद साड़ी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना के वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, जहाँ लोग "जैसा किया वैसा भरा?" जैसे सवाल उठाकर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और चर्चा तेज हो गई है। इस घटना ने बंगाल में राजनीतिक लड़ाई को एक बार फिर गरमा दिया है, और यह लगातार गहराते राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।
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    बंगाल में सफेद साड़ी विवाद पर नया बवाल खड़ा हो गया है, जहाँ लोगों द्वारा एक TMC नेता को "करारा जवाब" दिए जाने की बात सामने आ रही है। चुनावी विवाद के बाद गुस्साई भीड़ कथित तौर पर नेता के घर पहुँच गई, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया विवाद छिड़ गया है।

यह पूरा मामला TMC नेता और सफेद साड़ी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना के वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, जहाँ लोग "जैसा किया वैसा भरा?" जैसे सवाल उठाकर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और चर्चा तेज हो गई है।

इस घटना ने बंगाल में राजनीतिक लड़ाई को एक बार फिर गरमा दिया है, और यह लगातार गहराते राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।
    user_नवोदय वार्ता
    नवोदय वार्ता
    Newspaper publisher मऊ, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • खाते समय 🍓 इस बात का ध्यान रखें नहीं तो जिंदगी भर पछताना पड़ेगा और आगे देखें खाते समय 🍓 इस बात का ध्यान रखें नहीं तो जिंदगी भर पछताना पड़ेगा और आगे देखें
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    खाते समय 🍓 इस बात का ध्यान रखें नहीं तो जिंदगी भर पछताना पड़ेगा 
और आगे देखें 
खाते समय 🍓 इस बात का ध्यान रखें 
नहीं तो जिंदगी भर पछताना पड़ेगा 
और आगे देखें
    user_Santlalbind
    Santlalbind
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मऊ (रानीपुर) विकास खंड रानीपुर की ग्राम सभा सरसेना में लाखों रुपये की सरकारी लागत से निर्मित 'संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र' (RRC केंद्र) अब कचरा घर और आवारा पशुओं का अड्डा बन चुका है। यह केंद्र सरकार के ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के दावों की जमीनी हकीकत को दर्शाता है, जहाँ जिस जगह को गांव के कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए इस्तेमाल होना था, वह खुद गंदगी का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है और अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों के अनुसार, केंद्र के भीतर सूखे और गीले कचरे को रीसायकल करने के लिए बनाए गए कंक्रीट के केबिनों में प्लास्टिक की बोतलें, फटे हुए बैग, दवाइयों के खाली रैपर और मलबे का ढेर भरा पड़ा है। केंद्र का निर्माण अधूरा प्रतीत होता है, जहाँ दीवारों पर प्लास्टर और पेंट का काम तो दिख रहा है, लेकिन गेट और बाउंड्री वॉल के पास की जमीन उबड़-खाबड़ और धूल से भरी है। मुख्य द्वार पर लगे लोहे के चैनल गेट खुले होने के कारण यह आवारा पशुओं का ठिकाना भी बन गया है। इस आरआरसी सेंटर का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांव से निकलने वाले प्लास्टिक और अन्य कचरे को प्रोसेस करके दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और उचित देखरेख के अभाव में यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि केंद्र तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन यहाँ न तो कोई कर्मचारी तैनात किया गया है और न ही गांव से कचरा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था की गई है। उन्होंने सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग को दुखद बताया है।
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    मऊ (रानीपुर) विकास खंड रानीपुर की ग्राम सभा सरसेना में लाखों रुपये की सरकारी लागत से निर्मित 'संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र' (RRC केंद्र) अब कचरा घर और आवारा पशुओं का अड्डा बन चुका है। यह केंद्र सरकार के ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के दावों की जमीनी हकीकत को दर्शाता है, जहाँ जिस जगह को गांव के कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए इस्तेमाल होना था, वह खुद गंदगी का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है और अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों के अनुसार, केंद्र के भीतर सूखे और गीले कचरे को रीसायकल करने के लिए बनाए गए कंक्रीट के केबिनों में प्लास्टिक की बोतलें, फटे हुए बैग, दवाइयों के खाली रैपर और मलबे का ढेर भरा पड़ा है। केंद्र का निर्माण अधूरा प्रतीत होता है, जहाँ दीवारों पर प्लास्टर और पेंट का काम तो दिख रहा है, लेकिन गेट और बाउंड्री वॉल के पास की जमीन उबड़-खाबड़ और धूल से भरी है। मुख्य द्वार पर लगे लोहे के चैनल गेट खुले होने के कारण यह आवारा पशुओं का ठिकाना भी बन गया है। इस आरआरसी सेंटर का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांव से निकलने वाले प्लास्टिक और अन्य कचरे को प्रोसेस करके दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और उचित देखरेख के अभाव में यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि केंद्र तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन यहाँ न तो कोई कर्मचारी तैनात किया गया है और न ही गांव से कचरा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था की गई है। उन्होंने सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग को दुखद बताया है।
    user_Ramesh Kumar
    Ramesh Kumar
    Teacher मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जौनपुर स्थित त्रिलोचन महादेव मंदिर के समीप बने एक कुंड में एक बगुला पक्षी स्नान करते हुए देखा गया।
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    जौनपुर स्थित त्रिलोचन महादेव मंदिर के समीप बने एक कुंड में एक बगुला पक्षी स्नान करते हुए देखा गया।
    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के नेतृत्व में शुक्रवार को मऊ पुलिस लाइन में अंतरजनपदीय वाराणसी जोन वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच खेल भावना, आपसी समन्वय, शारीरिक दक्षता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएँ देकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में, पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि खेलकूद पुलिस बल के जीवन का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुणों का विकास करता है, जो पुलिस कार्यों के निर्वहन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस प्रतियोगिता में वाराणसी जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जनपदों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, आजमगढ़, सोनभद्र और मिर्जापुर जनपदों के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिनमें खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। उद्घाटन मैच जनपद चंदौली और जनपद मिर्जापुर के बीच खेला गया, जिसमें मिर्जापुर ने चंदौली को 25-07, 25-07 से पराजित किया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस बल में आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक, विभिन्न जनपदों से आए टीम प्रभारी, तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिससे पुलिस लाइन परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
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    पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के नेतृत्व में शुक्रवार को मऊ पुलिस लाइन में अंतरजनपदीय वाराणसी जोन वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच खेल भावना, आपसी समन्वय, शारीरिक दक्षता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएँ देकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में, पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि खेलकूद पुलिस बल के जीवन का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुणों का विकास करता है, जो पुलिस कार्यों के निर्वहन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।

इस प्रतियोगिता में वाराणसी जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जनपदों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, आजमगढ़, सोनभद्र और मिर्जापुर जनपदों के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिनमें खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। उद्घाटन मैच जनपद चंदौली और जनपद मिर्जापुर के बीच खेला गया, जिसमें मिर्जापुर ने चंदौली को 25-07, 25-07 से पराजित किया।

पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस बल में आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक, विभिन्न जनपदों से आए टीम प्रभारी, तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिससे पुलिस लाइन परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
    user_RISHI RAI
    RISHI RAI
    घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आजमगढ़ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ दो साल से अपने बेटों का इंतजार कर रहे परिजनों को आखिरकार 'नौकरी नहीं, मौत मिली!'। इस दुखद घटना में दो युवकों के कंकाल उनके घर पहुँचे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। परिजन पिछले दो सालों से अपने बेटों की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे, जो काम की तलाश में घर से निकले थे। यह लंबी और दर्दनाक प्रतीक्षा का ऐसा अंत हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, और अब परिवार गहरे मातम में डूबा है।
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    आजमगढ़ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ दो साल से अपने बेटों का इंतजार कर रहे परिजनों को आखिरकार 'नौकरी नहीं, मौत मिली!'। इस दुखद घटना में दो युवकों के कंकाल उनके घर पहुँचे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

परिजन पिछले दो सालों से अपने बेटों की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे, जो काम की तलाश में घर से निकले थे। यह लंबी और दर्दनाक प्रतीक्षा का ऐसा अंत हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, और अब परिवार गहरे मातम में डूबा है।
    user_24News उत्तर प्रदेश
    24News उत्तर प्रदेश
    Azamgarh, Uttar Pradesh•
    15 hrs ago
  • गाजीपुर में गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में साढ़े चार वर्षीय मासूम भांजे दानियाल खान की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने दोषी मामा अमजद खान को फाँसी की सज़ा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शक्ति सिंह की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 21 अक्टूबर 2021 को हुई थी, जब साढ़े चार वर्षीय दानियाल खान अपनी माँ शबाना नाज़ के साथ ननिहाल आया हुआ था। इसी दौरान, आरोपी अमजद खान का अपनी बड़ी बहन से किसी मामूली बात पर विवाद हो गया। विवाद से क्षुब्ध होकर, कंस मामा कहे जाने वाले अमजद खान ने अपने ही मासूम भांजे दानियाल की गर्दन पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। बच्चे की माँ घटना के समय मौके पर मौजूद थीं। इस मामले में मृतक के चाचा अरबाज खान ने गहमर थाने में धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। एडीजीसी क्रिमिनल अखिलेश सिंह ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल नौ गवाहों की गवाही हुई, जिनमें आरोपी की तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल थे। इन सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने अमजद खान को दोषी करार दिया। सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए, न्यायालय ने आरोपी अमजद खान से पूछा कि यदि उसे छोड़ दिया जाए तो वह क्या करेगा, जिस पर उसने जवाब दिया कि वह फिर से हत्या करेगा। अदालत ने इस कथन को भी गंभीरता से लिया और इस मामले को अत्यंत जघन्य और दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी अमजद खान को फाँसी की सज़ा सुनाई। न्यायाधीश शक्ति सिंह ने अपने आदेश में कहा कि दोषी को तब तक फाँसी पर लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु सुनिश्चित न हो जाए, और इसके बाद उन्होंने अपनी कलम तोड़ दी।
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    गाजीपुर में गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में साढ़े चार वर्षीय मासूम भांजे दानियाल खान की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने दोषी मामा अमजद खान को फाँसी की सज़ा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शक्ति सिंह की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 21 अक्टूबर 2021 को हुई थी, जब साढ़े चार वर्षीय दानियाल खान अपनी माँ शबाना नाज़ के साथ ननिहाल आया हुआ था। इसी दौरान, आरोपी अमजद खान का अपनी बड़ी बहन से किसी मामूली बात पर विवाद हो गया। विवाद से क्षुब्ध होकर, कंस मामा कहे जाने वाले अमजद खान ने अपने ही मासूम भांजे दानियाल की गर्दन पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। बच्चे की माँ घटना के समय मौके पर मौजूद थीं। इस मामले में मृतक के चाचा अरबाज खान ने गहमर थाने में धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।

एडीजीसी क्रिमिनल अखिलेश सिंह ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल नौ गवाहों की गवाही हुई, जिनमें आरोपी की तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल थे। इन सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने अमजद खान को दोषी करार दिया।

सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए, न्यायालय ने आरोपी अमजद खान से पूछा कि यदि उसे छोड़ दिया जाए तो वह क्या करेगा, जिस पर उसने जवाब दिया कि वह फिर से हत्या करेगा। अदालत ने इस कथन को भी गंभीरता से लिया और इस मामले को अत्यंत जघन्य और दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी अमजद खान को फाँसी की सज़ा सुनाई। न्यायाधीश शक्ति सिंह ने अपने आदेश में कहा कि दोषी को तब तक फाँसी पर लटकाया जाए जब तक उसकी मृत्यु सुनिश्चित न हो जाए, और इसके बाद उन्होंने अपनी कलम तोड़ दी।
    user_Anubha tiwari
    Anubha tiwari
    गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र में स्थित त्रिलोचन महादेव के दिव्य दर्शन हुए।
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    जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र में स्थित त्रिलोचन महादेव के दिव्य दर्शन हुए।
    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च कोटि के अनुशासन, वर्दी के टर्नआउट, तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बल को ब्रीफ किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने का निर्देश देते हुए यह भी कहा कि दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण सक्रिय दशा में अपने साथ रखें, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया और दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी-राइट इक्विपमेंट जैसी चीजों की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को विशेष रूप से गंभीर और महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक कार्यवाही करने, घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने, तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस परसेंटेज में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक और मेस में भोजन व अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च कोटि के अनुशासन, वर्दी के टर्नआउट, तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से बल को ब्रीफ किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने का निर्देश देते हुए यह भी कहा कि दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण सक्रिय दशा में अपने साथ रखें, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया और दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी-राइट इक्विपमेंट जैसी चीजों की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को विशेष रूप से गंभीर और महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर प्राथमिक कार्यवाही करने, घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने, तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस परसेंटेज में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक और मेस में भोजन व अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ पुलिस सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_RISHI RAI
    RISHI RAI
    घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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