राजस्थान के कोटा विश्वविद्यालय ने पर्यटन एवं आतिथ्य शिक्षा को रोजगारोन्मुखी और उद्योग आधारित बनाने के लिए पुणे के एग्री टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एटीडीसी) के साथ एक पांच वर्षीय ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। पर्यटन विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा के अनुसार, यह समझौता 16 जुलाई को कुलगुरु प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर कृषि पर्यटन (एग्री टूरिज्म) शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास के क्षेत्र में काम करेंगे। कार्यक्रम में एटीडीसी के प्रबंध निदेशक और भारत में 'फादर ऑफ एग्री टूरिज्म कॉन्सेप्ट' के रूप में विख्यात पांडुरंग तावरे विशेष रूप से मौजूद रहे। इस समझौते को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कोटा विश्वविद्यालय का पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग कृषि पर्यटन व्यवसाय प्रबंधन से संबंधित डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम विकसित और संचालित करेगा। इन पाठ्यक्रमों का सिलेबस पूरी तरह उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। दूसरी ओर, एटीडीसी पुणे इन पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार, देशभर में स्टडी टूर, फार्म टूर, कौशल विकास प्रशिक्षण, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट गतिविधियों का संचालन करेगा। इससे विद्यार्थियों को देशभर के सफल कृषि पर्यटन मॉडलों को करीब से समझने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने इसे "कक्षा से खेत तक" जोड़ने का प्रयास बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री देने के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों के मुताबिक दक्ष बनाना है। कृषि पर्यटन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन और उद्यमिता का एक उभरता क्षेत्र है, जिसमें स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पांडुरंग तावरे ने बताया कि इस एमओयू के जरिए विद्यार्थियों को इंडस्ट्री एक्सपोजर, लाइव प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और एग्री पर्यटन आधारित स्टार्टअप शुरू करने के अवसर मिलेंगे। इस साझेदारी से न केवल ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी बल्कि कोटा विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित होगा।
राजस्थान के कोटा विश्वविद्यालय ने पर्यटन एवं आतिथ्य शिक्षा को रोजगारोन्मुखी और उद्योग आधारित बनाने के लिए पुणे के एग्री टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एटीडीसी) के साथ एक पांच वर्षीय ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। पर्यटन विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा के अनुसार, यह समझौता 16 जुलाई को कुलगुरु प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर कृषि पर्यटन (एग्री टूरिज्म) शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास
के क्षेत्र में काम करेंगे। कार्यक्रम में एटीडीसी के प्रबंध निदेशक और भारत में 'फादर ऑफ एग्री टूरिज्म कॉन्सेप्ट' के रूप में विख्यात पांडुरंग तावरे विशेष रूप से मौजूद रहे। इस समझौते को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कोटा विश्वविद्यालय का पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग कृषि पर्यटन व्यवसाय प्रबंधन से संबंधित डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम विकसित और संचालित करेगा। इन पाठ्यक्रमों का सिलेबस पूरी तरह उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। दूसरी ओर, एटीडीसी
पुणे इन पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार, देशभर में स्टडी टूर, फार्म टूर, कौशल विकास प्रशिक्षण, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट गतिविधियों का संचालन करेगा। इससे विद्यार्थियों को देशभर के सफल कृषि पर्यटन मॉडलों को करीब से समझने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने इसे "कक्षा से खेत तक" जोड़ने का प्रयास बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री देने के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों के मुताबिक दक्ष
बनाना है। कृषि पर्यटन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन और उद्यमिता का एक उभरता क्षेत्र है, जिसमें स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पांडुरंग तावरे ने बताया कि इस एमओयू के जरिए विद्यार्थियों को इंडस्ट्री एक्सपोजर, लाइव प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और एग्री पर्यटन आधारित स्टार्टअप शुरू करने के अवसर मिलेंगे। इस साझेदारी से न केवल ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी बल्कि कोटा विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित होगा।
- राजस्थान के कोटा में ईआरसीपी (ERCP) के तहत बने नौनेरा ऐबरा डैम (बैराज) में आज एक मॉकड्रिल आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया। इस मॉकड्रिल के दौरान डैम के कंट्रोल रूम में परियोजना के एक्सईएन (XEN) गजेन्द्र सिंह को आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए जाने की सूचना प्रसारित की गई, जिससे अचानक हड़कंप मच गया। इस आपातकालीन सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एटीएस (ATS) की टीम ने मोर्चा संभाला और आतंकवादियों को ढेर कर दिया। सुरक्षा के इस कड़े अभ्यास के दौरान एटीएस, ईआरटी कमांडो, पुलिस और बैराज की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ-साथ प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मुस्तैद रहे।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले के बकानी में अपनी मांग मनवाने के लिए किसानों ने आंदोलन को तेज कर दिया है। पिछले दिनों से लगातार धरने पर बैठे इन किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान बकानी में फसल बीमा और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।1
- राजस्थान के कोटा विश्वविद्यालय ने पर्यटन एवं आतिथ्य शिक्षा को रोजगारोन्मुखी और उद्योग आधारित बनाने के लिए पुणे के एग्री टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एटीडीसी) के साथ एक पांच वर्षीय ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। पर्यटन विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा के अनुसार, यह समझौता 16 जुलाई को कुलगुरु प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान मिलकर कृषि पर्यटन (एग्री टूरिज्म) शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास के क्षेत्र में काम करेंगे। कार्यक्रम में एटीडीसी के प्रबंध निदेशक और भारत में 'फादर ऑफ एग्री टूरिज्म कॉन्सेप्ट' के रूप में विख्यात पांडुरंग तावरे विशेष रूप से मौजूद रहे। इस समझौते को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कोटा विश्वविद्यालय का पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग कृषि पर्यटन व्यवसाय प्रबंधन से संबंधित डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम विकसित और संचालित करेगा। इन पाठ्यक्रमों का सिलेबस पूरी तरह उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। दूसरी ओर, एटीडीसी पुणे इन पाठ्यक्रमों के प्रचार-प्रसार, देशभर में स्टडी टूर, फार्म टूर, कौशल विकास प्रशिक्षण, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट गतिविधियों का संचालन करेगा। इससे विद्यार्थियों को देशभर के सफल कृषि पर्यटन मॉडलों को करीब से समझने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने इसे "कक्षा से खेत तक" जोड़ने का प्रयास बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को डिग्री देने के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों के मुताबिक दक्ष बनाना है। कृषि पर्यटन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन और उद्यमिता का एक उभरता क्षेत्र है, जिसमें स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पांडुरंग तावरे ने बताया कि इस एमओयू के जरिए विद्यार्थियों को इंडस्ट्री एक्सपोजर, लाइव प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और एग्री पर्यटन आधारित स्टार्टअप शुरू करने के अवसर मिलेंगे। इस साझेदारी से न केवल ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी बल्कि कोटा विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित होगा।4
- मुंबई के अंधेरी इलाके में अभिनेत्री सब्बी सूरी को स्पॉट किया गया है, जहाँ उनका अंदाज कैमरों में कैद हो गया। सार्वजनिक स्थान पर अपने सामान्य अंदाज में नजर आईं अभिनेत्री की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके प्रशंसकों के बीच इस वीडियो और तस्वीरों को बेहद तेजी से साझा किया जा रहा है।1
- राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। अस्पताल परिसर में भर्ती इन प्रसूताओं द्वारा सीधे तौर पर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई गई है।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान से सियासत गरमा गई है। इसे 'चोरी और सीनाजोरी' बताते हुए तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। महाना ने कहा है कि जिसे लगता है कि उसका दान चोरी हुआ है, संभव है कि उसने सच्ची श्रद्धा से दान न दिया हो। उनके अनुसार, जिन्होंने सच्ची श्रद्धा से दान नहीं किया, राम मंदिर में उन्हीं का चढ़ावा चोरी हुआ है। इस बयान पर कांग्रेस समेत विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्ष का स्पष्ट कहना है कि श्रद्धालुओं को कटघरे में खड़ा करने के बजाय इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।1
- कोटा के 80 फीट रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में गुरुवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था, जबकि रेस्टोरेंट के अंदर से धमाकों जैसी आवाजें आने से लोगों में भारी दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर से जुड़े कारणों की आशंका जताई जा रही है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस हादसे में राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन मौके पर आग के कारणों और हुए नुकसान का आकलन करने में जुटा है।1