जोधपुर के बासनी थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए 30 वर्षीय अमृत वैष्णव की कथित तौर पर ज़हर खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद, मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने एम्स अस्पताल में धरना शुरू कर दिया है। वे संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, उचित मुआवजा और मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अमृत को एक महिला की गुमशुदगी के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में सामने आया कि अमृत और लापता महिला पिछले पाँच सालों से लगातार संपर्क में थे और उनके बीच 251 बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिसके आधार पर उसे पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था। हालांकि, परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने अमृत पर दबाव बनाया, उसे धमकाया और कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट की धमकी भी दी थी, जिसके परिणामस्वरूप मानसिक तनाव में आकर अमृत ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि युवक अपने साथ पहले से ही ज़हर लेकर आया था और पूछताछ के दौरान मौका पाकर उसने उसका सेवन कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट को बुलाकर बयान दर्ज कराए गए, लेकिन अमृत की जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच चल रही है और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रख लिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में इस मामले की असल सच्चाई क्या सामने आती है।
जोधपुर के बासनी थाने में पूछताछ के लिए बुलाए गए 30 वर्षीय अमृत वैष्णव की कथित तौर पर ज़हर खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद, मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने एम्स अस्पताल में धरना शुरू कर दिया है। वे संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, उचित मुआवजा और मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अमृत को एक महिला की गुमशुदगी के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में सामने आया कि अमृत और लापता महिला पिछले पाँच सालों से लगातार संपर्क में थे और उनके बीच 251 बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिसके आधार पर उसे पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था। हालांकि, परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने अमृत पर दबाव बनाया, उसे धमकाया और कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट की धमकी भी दी थी, जिसके परिणामस्वरूप मानसिक तनाव में आकर अमृत ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि युवक अपने साथ पहले से ही ज़हर लेकर आया था और पूछताछ के दौरान मौका पाकर उसने उसका सेवन कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट को बुलाकर बयान दर्ज कराए गए, लेकिन अमृत की जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच चल रही है और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रख लिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में इस मामले की असल सच्चाई क्या सामने आती है।
- राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री साले मोहम्मद ने बुधवार को अपने पोकरण दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए वर्तमान पोकरण की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि पोकरण के अधिकारी भूमाफियाओं के साथ मिलकर जमीनों का खेल खेल रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि शहर की बेशकीमती जमीनों पर लगातार अतिक्रमण कर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौन स्वीकृति साधे हुए हैं।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा क्षेत्र में लोगों को कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ये लोग भीख मांगने या मंदिर के नाम पर चंदा इकट्ठा करने का बहाना बनाकर घरों में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। निवासियों को ऐसे व्यक्तियों को अपने घर के अंदर न आने देने के लिए कहा गया है और उन्हें सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।1
- बाड़मेर के आचार्य दाणी बाजार स्थित 7 नंबर स्कूल के पास के निवासियों ने पानी की समस्या को लेकर मेवाराम जैन के कार्यालय का रुख किया है। लोग अपनी इस शिकायत को लेकर उनके ऑफिस पहुंचे।1
- जोधपुर ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बोरुंदा के पंचायत सभागार में "नशा मुक्ति जन जागरण शिविर" का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना करना था, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों ने नशा न करने की शपथ ली। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे का भविष्य अंधकारमय है और इसे त्याग देना चाहिए। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि एक नशा मुक्त समाज की स्थापना कर देश का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके। नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू ने कहा कि स्वयं नशा छोड़ना और दूसरों को भी छोड़ने के लिए प्रेरित करना सबसे बड़ी समाज सेवा है। ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। शिविर में नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हुए। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई के संबोधन के बाद सभी उपस्थित ग्रामीणों ने नशा मुक्ति की शपथ ली और नशा मुक्ति प्रतिज्ञा पत्रों पर हस्ताक्षर भी किए। इसके अतिरिक्त, स्मैक और एमडी जैसे मादक पदार्थों का सेवन करने वालों की पहचान कर संबंधित अभिलेखों को अद्यतन किया गया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रामलाल भाम्बू, थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई, ग्राम विकास अधिकारी भजनलाल विश्नोई, आसूअ सुखदेव डूडी, सुभाष विश्नोई, बद्रीनारायण मीणा, भीखसिंह मेडतिया, प्रकाश बढ़ियासर, पुष्पेंद्र सिंह, इस्लाईम देशवाली, भीम सिंह भाटी, महिपाल मेहरू और अन्य कई लोग मौजूद रहे।2
- जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 700 गाड़ियों की नीलामी करने की घोषणा की है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) ट्रैफिक शालिनी राज ने पूरी जानकारी दी है। इस नीलामी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा कुछ संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति शंकर जी से 8560811529 पर या ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम से 02912650729 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- बालोतरा जिले के भीमरलाई फांटे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां एक पिकअप गाड़ी ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चला रहे युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।1