मधेपुरा के कस्तूरबा स्कूल में 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत, परिजनों का आरोप ,छुट्टी मिलती तो बच जाती बेटी" बिहार के मधेपुरा से एक बेहद दर्दनाक और सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आठवीं कक्षा की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका की पहचान मझुआ गांव निवासी बबलू शर्मा की पुत्री संतोषी कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि संतोषी अपनी छोटी बहन के साथ पिछले दो साल से इसी विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी। रविवार की रात वह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुई और खाना खाने के बाद करीब साढ़े नौ बजे सोने चली गई। लेकिन रात करीब तीन बजे उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई। साथ पढ़ने वाली छात्रा ने वार्डन को सूचना दी। आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद तत्काल इलाज की बजाय बच्चियों को शरीर पर तेल लगाने को कहा गया।इसके बाद आनन-फानन में छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। बाइट --स्थानीय बाइट -मृतका का चाचा मृतका की चाचा का कहना है कि उन्होंने एक दिन पहले ही भतीजी को घर ले जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने मना कर दिया। उनका कहना है कि अगर छुट्टी मिल जाती, तो उनकी भतीजी आज जिंदा होती। सबसे बड़ा सवाल—क्या समय पर सही इलाज मिलता तो संतोषी की जान बच सकती थी? क्या स्कूल प्रशासन ने लापरवाही बरती? और आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ, जिससे एक हंसती-खेलती बच्ची की मौत हो गई? फिलहाल इस पूरे मामले में जांच की मांग तेज हो गई है। देखना होगा कि प्रशासन इस घटना पर क्या कार्रवाई करता है और सच कब तक सामने आता है।
मधेपुरा के कस्तूरबा स्कूल में 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत, परिजनों का आरोप ,छुट्टी मिलती तो बच जाती बेटी" बिहार के मधेपुरा से एक बेहद दर्दनाक और सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आठवीं कक्षा की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा
गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक 13 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका की पहचान मझुआ गांव निवासी बबलू शर्मा की पुत्री संतोषी कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि संतोषी अपनी छोटी बहन के साथ पिछले दो साल से इसी विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही थी। रविवार की रात वह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुई और खाना खाने के बाद करीब साढ़े नौ बजे सोने चली गई। लेकिन रात करीब तीन बजे उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने
आई। साथ पढ़ने वाली छात्रा ने वार्डन को सूचना दी। आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद तत्काल इलाज की बजाय बच्चियों को शरीर पर तेल लगाने को कहा गया।इसके बाद आनन-फानन में छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। बाइट --स्थानीय बाइट -मृतका का चाचा मृतका की चाचा का कहना है कि उन्होंने एक दिन पहले ही भतीजी को घर ले जाने की
अनुमति मांगी थी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने मना कर दिया। उनका कहना है कि अगर छुट्टी मिल जाती, तो उनकी भतीजी आज जिंदा होती। सबसे बड़ा सवाल—क्या समय पर सही इलाज मिलता तो संतोषी की जान बच सकती थी? क्या स्कूल प्रशासन ने लापरवाही बरती? और आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ, जिससे एक हंसती-खेलती बच्ची की मौत हो गई? फिलहाल इस पूरे मामले में जांच की मांग तेज हो गई है। देखना होगा कि प्रशासन इस घटना पर क्या कार्रवाई करता है और सच कब तक सामने आता है।
- सुपौल में कोशी प्रमंडल, सहरसा के आयुक्त श्री राजेश कुमार ने समाहरणालय परिसर स्थित विभिन्न शाखाओं का विस्तृत निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला स्थापना शाखा, जिला अभिलेखागार शाखा, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA), जिला परिषद सुपौल, जिला विधि शाखा, जिला आपूर्ति शाखा तथा जिला भू-अर्जन शाखा का क्रमवार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, कार्य निष्पादन की गति तथा कार्यालय व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखें तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। निरीक्षण के पश्चात आयुक्त द्वारा जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित हुए। इस दौरान कुल 55 परिवादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें आयुक्त के समक्ष रखीं। आयुक्त ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- Post by मो फिजाकत1
- #saharsa जिला के नौहट्टा प्रखंड में दो दर्जन से अधिक छात्रों को सम्मानित किया गया 🙏 DrGautam Krishna ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को ट्रॉफी दे कर और उत्साह बढ़ाया 😱 #tauseefkamal #nauhatta #htktoday #LocalNews #today #drgautamkrishna #viralreel1
- सहरसा नौहट्टा स्थानीय मॉडर्न पब्लिक स्कूल सह मॉडर्न कोचिंग सेंटर के प्रांगण में एक भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार बोर्ड 2026 की मैट्रिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र मोहम्मद एहसान की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। बताते चलें कि मोहम्मद एहसान ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के बल पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में जिला टॉप 10 में 5वां स्थान प्राप्त कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। साथ ही, उन्होंने प्रखंड (ब्लॉक) में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय और अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोजपा नेता अब्दुर रज्जाक ने छात्र मोहम्मद एहसान को अंगवस्त्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में अब्दुर रज्जाक ने कहा कि मोहम्मद एहसान जैसी प्रतिभाएं हमारे क्षेत्र का भविष्य हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के बावजूद जिला टॉप-10 में जगह बनाना यह साबित करता है कि अगर संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। संस्थान और शिक्षकों का मार्गदर्शन भी सराहनीय है।"संस्थान के निदेशक और शिक्षकों ने छात्र की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान छात्र के परिजनों के साथ-साथ विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे, जो इस सफलता से काफी प्रेरित नजर आए। समारोह के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया और भविष्य में भी शिक्षा के स्तर को इसी प्रकार ऊंचा बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- सुपौल जिला के नगर परिषद त्रिवेणीगंज टाॅपर कोचिंग सेंटर बेहतर पढ़ाई के लिए एक मात्र कोचिंग सेंटर अच्छे अंक की गारन्टी संस्थापक- मनीष कुमार मनीषी1
- Post by Sachin Kumar Paswan1
- Post by मो फिजाकत1
- क्षेत्र के नवहट्टा बस स्टैंड पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब गैस की भारी किल्लत से परेशान दर्जनों एलजी टेंपो चालकों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हफ्तों से गैस न मिलने के कारण चालकों के वाहन खड़े हो गए हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर गहरा संकट मंडराने लगा है। अपनी मांगों को लेकर चालकों ने बस स्टैंड परिसर में जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।विरोध जता रहे चालकों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "जब वाहन सड़क पर चलेंगे ही नहीं, तो कमाई कहां से होगी? और बिना कमाई के हम बैंक की मासिक किस्त (EMI) कैसे भरेंगे?" चालकों ने चिंता व्यक्त की कि गैस न मिलने के कारण उन पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है और परिवार का भरण-पोषण करना नामुमकिन होता जा रहा है। उनके अनुसार, न तो गैस मिल रही है और न ही कमाई हो रही है, ऐसे में वे पूरी तरह से बेबस हो चुके हैं।1
- अररिया जिलान्तर्गत प्रखंड रानीगंज ग्राम पंचायत परसाहाट में पैक्स अध्यक्ष पद चुनाव के लोकप्रिय उम्मीदवार-रोहन कुमार से खास बातचीत। पैक्स चुनाव 20 अप्रैल 2026 को मतदान1