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किसान नेता राजवीर सिंह जादौन

16 hrs ago
user_मुजीब आलम पत्रकार
मुजीब आलम पत्रकार
Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

किसान नेता राजवीर सिंह जादौन

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं! जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं! जियो टैग पर मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर! आखिर किसके इशारे पर कई दिनों से सरकारी धन का खेल चल रहा है? वाह रे सिस्टम! वाह रे मनरेगा की निगरानी! कागजों में 75 मजदूर रोज फावड़ा चला रहे हैं, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही मजदूर ऐसे गायब कि जैसे कभी थे ही नहीं! और तो और, जिस जगह सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों के पसीने से विकास होने का दावा किया जा रहा है, वहां मौके पर नाला पानी से लबालब और खेत में जानवरों के लिए कर्बी खड़ी दिखाई दे रही है। मामला है विकासखंड कदौरा की ग्राम पंचायत बरदौली का, जहां संतराम के खेत से स्वामीदीन के खेत तक नाला खुदाई कार्य मनरेगा के तहत बताया जा रहा है। कार्य का वर्क कोड 3138009010... और मस्टर रोल संख्या 1291 बताई गई है। आरोप है कि 9 सितंबर से लगातार करीब 75 मजदूरों की NMMS हाजिरी दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर ये 75 मजदूर हैं कहां? 13 सितंबर को मौके पर पहुंचे तो एक भी मजदूर दिखाई नहीं दिया। नाला पानी से भरा हुआ है। मौके पर मजदूरों की जगह दिखाई दे रही है तो सिर्फ जानवरों के लिए खड़ी कर्बी! वाह रे जियो टैग! कैमरे में कुछ और, जमीन पर कुछ और! अब जरा मनरेगा की डिजिटल व्यवस्था पर भी सवाल उठाइए। अगर 75 मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे हैं तो उनकी जियो टैग फोटो कहां है? फोटो में कितने मजदूर दिखाई दे रहे हैं? क्या फोटो उसी स्थान की है जहां वास्तव में काम होना है? क्या NMMS की हाजिरी लगाने से पहले जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं या मोबाइल से ही सरकारी खजाने का हिसाब-किताब चल रहा है? कैमरा अगर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखा रहा और मौके पर भी मजदूर नहीं मिल रहे, तो फिर कागजों में 75 मजदूरों का पसीना आखिर किसके भरोसे बह रहा है? गरीबों के नाम पर सरकारी धन का खेल? मनरेगा गरीब परिवारों को रोजगार देने की योजना है। गरीब मजदूरों के हाथ में काम और मजदूरी पहुंचनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप सही साबित होते हैं और कागजों में मजदूर दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है तो यह गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। सवाल बड़ा है—क्या बिना मौके पर मजदूरों की मौजूदगी के मस्टर रोल सत्यापित हो सकता है? रोजगार सेवक क्या कर रहे थे? ग्राम पंचायत सचिव ने क्या सत्यापन किया? तकनीकी सहायक ने कार्यस्थल देखा या नहीं? कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने क्या जांच की? BDO कदौरा की निगरानी कहां थी? और जिला स्तर पर CDO जालौन तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की मॉनिटरिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है? अब जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेल! अब जरूरत है कि मस्टर रोल संख्या 1291, NMMS की प्रत्येक दिन की हाजिरी, जियो टैग फोटो, मजदूरों के नाम, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्य का तत्काल मिलान कराया जाए। अगर रिकॉर्ड में 75 मजदूर हैं तो जांच के दौरान उन मजदूरों से भी पूछा जाए कि उन्होंने किस दिन, किस समय और किस स्थान पर काम किया। अगर मजदूर वास्तव में काम कर रहे थे तो 13 सितंबर को मौके पर एक भी मजदूर क्यों नहीं मिला? और अगर काम नहीं हो रहा था तो फिर हाजिरी कैसे लगी? वाह रे इंसान! आखिर इतनी हिम्मत आपको कौन दे रहा है? कई दिनों से अगर कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकालने का खेल चल रहा है तो यह सिर्फ फाइलों का मामला नहीं है। यह उस गरीब मजदूर के अधिकार का सवाल है जिसके नाम पर मनरेगा बनाई गई है। याद रखिए—अगर जांच में सरकारी धन की अनियमित निकासी या फर्जी हाजिरी साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी भी होनी चाहिए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी। वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत? मौके से सामने आए वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस वायरल वीडियो को सिर्फ वीडियो मानकर छोड़ते हैं या फिर इसे जांच का आधार बनाकर मौके पर पहुंचते हैं। सरकार का पैसा जनता का पैसा है। गरीबों का हक कोई जेब में रखकर नहीं जा सकता। अब सवाल सिर्फ बरदौली का नहीं—सवाल यह है कि क्या कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में भी NMMS हाजिरी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाएगा? फैसला अब जांच करेगी—कागजों में 75 मजदूर थे या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में? नोट: यह रिपोर्ट मौके से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड के दावों तथा वायरल वीडियो/तस्वीरों के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित जिम्मेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। #Jalaun #Kadoura #Bardouli #Manrega #NREGA #NMMS #JalaunNews #BreakingNews #DMJalaun #CDOJalaun #BDOKadoura #POManrega #JalaunVikas #DRDAJalaun #DistrictMagistrate #ChiefDevelopmentOfficer #मनरेगा #कदौरा #बरदौली #जालौन #मनरेगा_घोटाला #वायरल_वीडियो #ग्राउंड_रिपोर्ट #सरकारी_योजना
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    जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं!
जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं!
जियो टैग पर मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर! 
आखिर किसके इशारे पर कई दिनों से सरकारी धन का खेल चल रहा है?
वाह रे सिस्टम! 
वाह रे मनरेगा की निगरानी! 
कागजों में 75 मजदूर रोज फावड़ा चला रहे हैं, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही मजदूर ऐसे गायब कि जैसे कभी थे ही नहीं!
और तो और, जिस जगह सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों के पसीने से विकास होने का दावा किया जा रहा है, वहां मौके पर नाला पानी से लबालब और खेत में जानवरों के लिए कर्बी खड़ी दिखाई दे रही है।
मामला है विकासखंड कदौरा की ग्राम पंचायत बरदौली का, जहां संतराम के खेत से स्वामीदीन के खेत तक नाला खुदाई कार्य मनरेगा के तहत बताया जा रहा है।
कार्य का वर्क कोड 3138009010... और मस्टर रोल संख्या 1291 बताई गई है।
आरोप है कि 9 सितंबर से लगातार करीब 75 मजदूरों की NMMS हाजिरी दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर ये 75 मजदूर हैं कहां?
13 सितंबर को मौके पर पहुंचे तो एक भी मजदूर दिखाई नहीं दिया।
नाला पानी से भरा हुआ है। मौके पर मजदूरों की जगह दिखाई दे रही है तो सिर्फ जानवरों के लिए खड़ी कर्बी!
वाह रे जियो टैग! कैमरे में कुछ और, जमीन पर कुछ और!
अब जरा मनरेगा की डिजिटल व्यवस्था पर भी सवाल उठाइए।
अगर 75 मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे हैं तो उनकी जियो टैग फोटो कहां है? 
फोटो में कितने मजदूर दिखाई दे रहे हैं? 
क्या फोटो उसी स्थान की है जहां वास्तव में काम होना है?
क्या NMMS की हाजिरी लगाने से पहले जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं या मोबाइल से ही सरकारी खजाने का हिसाब-किताब चल रहा है?
कैमरा अगर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखा रहा और मौके पर भी मजदूर नहीं मिल रहे, तो फिर कागजों में 75 मजदूरों का पसीना आखिर किसके भरोसे बह रहा है?
गरीबों के नाम पर सरकारी धन का खेल?
मनरेगा गरीब परिवारों को रोजगार देने की योजना है। 
गरीब मजदूरों के हाथ में काम और मजदूरी पहुंचनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप सही साबित होते हैं और कागजों में मजदूर दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है तो यह गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा।
सवाल बड़ा है—क्या बिना मौके पर मजदूरों की मौजूदगी के मस्टर रोल सत्यापित हो सकता है?
रोजगार सेवक क्या कर रहे थे?
ग्राम पंचायत सचिव ने क्या सत्यापन किया?
तकनीकी सहायक ने कार्यस्थल देखा या नहीं?
कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने क्या जांच की?
BDO कदौरा की निगरानी कहां थी?
और जिला स्तर पर CDO जालौन तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की मॉनिटरिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है?
अब जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेल!
अब जरूरत है कि मस्टर रोल संख्या 1291, NMMS की प्रत्येक दिन की हाजिरी, जियो टैग फोटो, मजदूरों के नाम, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्य का तत्काल मिलान कराया जाए।
अगर रिकॉर्ड में 75 मजदूर हैं तो जांच के दौरान उन मजदूरों से भी पूछा जाए कि उन्होंने किस दिन, किस समय और किस स्थान पर काम किया।
अगर मजदूर वास्तव में काम कर रहे थे तो 13 सितंबर को मौके पर एक भी मजदूर क्यों नहीं मिला?
और अगर काम नहीं हो रहा था तो फिर हाजिरी कैसे लगी?
वाह रे इंसान! आखिर इतनी हिम्मत आपको कौन दे रहा है?
कई दिनों से अगर कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकालने का खेल चल रहा है तो यह सिर्फ फाइलों का मामला नहीं है। यह उस गरीब मजदूर के अधिकार का सवाल है जिसके नाम पर मनरेगा बनाई गई है।
याद रखिए—अगर जांच में सरकारी धन की अनियमित निकासी या फर्जी हाजिरी साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी भी होनी चाहिए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी।
वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत?
मौके से सामने आए वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। 
वीडियो में मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस वायरल वीडियो को सिर्फ वीडियो मानकर छोड़ते हैं या फिर इसे जांच का आधार बनाकर मौके पर पहुंचते हैं।
सरकार का पैसा जनता का पैसा है। 
गरीबों का हक कोई जेब में रखकर नहीं जा सकता।
अब सवाल सिर्फ बरदौली का नहीं—सवाल यह है कि क्या कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में भी NMMS हाजिरी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाएगा?
फैसला अब जांच करेगी—कागजों में 75 मजदूर थे या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में?
नोट: यह रिपोर्ट मौके से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड के दावों तथा वायरल वीडियो/तस्वीरों के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित जिम्मेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
#Jalaun #Kadoura #Bardouli #Manrega #NREGA #NMMS #JalaunNews #BreakingNews #DMJalaun #CDOJalaun #BDOKadoura #POManrega #JalaunVikas #DRDAJalaun #DistrictMagistrate #ChiefDevelopmentOfficer #मनरेगा 
#कदौरा #बरदौली #जालौन  #मनरेगा_घोटाला #वायरल_वीडियो #ग्राउंड_रिपोर्ट  #सरकारी_योजना
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मां-बाप के साये के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिना: कुदरा कुदारी में 3 अनाथ बच्चों का घुट रहा दम मार्च में जमा हुए थे सरकारी मदद के दस्तावेज; 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं पसीजा प्रशासनिक अमला उरई/जालौन। जिले के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की असामयिक मौत के बाद तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर दाने-दाने को तरस रहे हैं। सिर से मां-बाप का साया उठने के बाद अब इन नौनिहालों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी पहाड़ जैसा साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि मार्च माह में ही सरकारी सहायता के लिए सभी जरूरी फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके थे, लेकिन आधे साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी फाइलें प्रशासनिक दराजों में धूल फांक रही हैं।नअनाथ और निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ढेरों कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है। लेकिन कुदरा कुदारी के इन तीन मासूमों की बदहाली इन तमाम दावों की पोल खोल रही है। 6 महीने पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के चलते बच्चों तक मदद की एक पाई भी नहीं पहुंच सकी है। मासूमों की ऐसी बेबसी देख अब गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि कागजी अड़चनों को दूर कर बच्चों को योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भूख की टीस और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी की जंग जीत सकें।
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    मां-बाप के साये के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिना: कुदरा कुदारी में 3 अनाथ बच्चों का घुट रहा दम
मार्च में जमा हुए थे सरकारी मदद के दस्तावेज; 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं पसीजा प्रशासनिक अमला
उरई/जालौन। जिले के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की असामयिक मौत के बाद तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर दाने-दाने को तरस रहे हैं। सिर से मां-बाप का साया उठने के बाद अब इन नौनिहालों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी पहाड़ जैसा साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि मार्च माह में ही सरकारी सहायता के लिए सभी जरूरी फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके थे, लेकिन आधे साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी फाइलें प्रशासनिक दराजों में धूल फांक रही हैं।नअनाथ और निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ढेरों कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है। लेकिन कुदरा कुदारी के इन तीन मासूमों की बदहाली इन तमाम दावों की पोल खोल रही है। 6 महीने पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के चलते बच्चों तक मदद की एक पाई भी नहीं पहुंच सकी है।
मासूमों की ऐसी बेबसी देख अब गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि कागजी अड़चनों को दूर कर बच्चों को योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भूख की टीस और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी की जंग जीत सकें।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जालौन ब्लॉक के सीगपुरा गांव की 6 बहने हुई बेसहारा 2023 में पिता विजय सिंह बरार की कैंसर से मौत हो गयी उसके 1 महीने बाद ही माँ राम सिया देवी की भी मौत हो गई और अब 14 सितम्बर 2026 में दादी मुला देवी की भी मौत हो गई इसके बाद अंजलि 13 साल दिव्या 10 साल प्रतिज्ञा 9 साल और तीन छोटी और बहने हैं जो बिल्कुल भी बेसहारा हो गयी हैं बहनों ने प्रशासन से सहयोग की अपील की है. आप लोग भी अगर सहयोग करना चाहते है तो.. सुमित प्रताप सिंह..संस्थापक इंसानियत ग्रुप से संपर्क कर मदद कर सकते है mo. No.+919695043802 जालौन ब्लॉक के सीगपुरा गांव की 6 बहने हुई बेसहारा 2023 में पिता विजय सिंह बरार की कैंसर से मौत हो गयी उसके 1 महीने बाद ही माँ राम सिया देवी की भी मौत हो गई और अब 14 सितम्बर 2026 में दादी मुला देवी की भी मौत हो गई इसके बाद अंजलि 13 साल दिव्या 10 साल प्रतिज्ञा 9 साल और तीन छोटी और बहने हैं जो बिल्कुल भी बेसहारा हो गयी हैं बहनों ने प्रशासन से सहयोग की अपील की है. आप लोग भी अगर सहयोग करना चाहते है तो.. सुमित प्रताप सिंह..संस्थापक इंसानियत ग्रुप से संपर्क कर मदद कर सकते है mo. No.+919695043802
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    जालौन ब्लॉक के सीगपुरा  गांव की 6 बहने हुई बेसहारा 2023 में पिता विजय सिंह बरार की कैंसर से मौत हो गयी  उसके 1 महीने बाद ही माँ राम सिया देवी  की भी मौत हो गई और अब 14 सितम्बर 2026 में दादी  मुला देवी की भी मौत हो गई इसके बाद अंजलि 13 साल दिव्या 10 साल प्रतिज्ञा 9 साल और तीन छोटी और बहने हैं जो बिल्कुल भी बेसहारा हो गयी हैं बहनों ने प्रशासन से सहयोग की अपील की है. आप लोग भी अगर सहयोग करना चाहते है तो.. सुमित प्रताप सिंह..संस्थापक इंसानियत ग्रुप से संपर्क कर मदद कर सकते है mo. No.+919695043802
जालौन ब्लॉक के सीगपुरा  गांव की 6 बहने हुई बेसहारा 2023 में पिता विजय सिंह बरार की कैंसर से मौत हो गयी  उसके 1 महीने बाद ही माँ राम सिया देवी  की भी मौत हो गई और अब 14 सितम्बर 2026 में दादी  मुला देवी की भी मौत हो गई इसके बाद अंजलि 13 साल दिव्या 10 साल प्रतिज्ञा 9 साल और तीन छोटी और बहने हैं जो बिल्कुल भी बेसहारा हो गयी हैं बहनों ने प्रशासन से सहयोग की अपील की है. आप लोग भी अगर सहयोग करना चाहते है तो.. सुमित प्रताप सिंह..संस्थापक इंसानियत ग्रुप से संपर्क कर मदद कर सकते है mo. No.+919695043802
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गणेश चतुर्थी पर जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित गणेश मंदिर से विशेष नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज गणेश चतुर्थी पर जालौन नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन गणेश मंदिर के बारे में जानकारी देते हैं मराठों द्वारा स्थापित गणेश मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा काले कलर की स्फटिक शिला से बनी है
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    गणेश चतुर्थी पर जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित गणेश मंदिर से विशेष 
नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज गणेश चतुर्थी पर जालौन नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन गणेश मंदिर के बारे में जानकारी देते हैं 
मराठों द्वारा स्थापित गणेश मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा काले कलर की स्फटिक शिला से बनी है
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • महंत की गद्दी का विवाद... और फंस गया एक महिला का घर! जालौन के चौधरयाना मोहल्ले में मंदिर और जमीन का विवाद फिर चर्चा में है। महंत की गद्दी का विवाद... और फंस गया एक महिला का घर! जालौन के चौधरयाना मोहल्ले में मंदिर और जमीन का विवाद फिर चर्चा में है। आरोप है कि जिस घर और जमीन को महिला अपना पुश्तैनी बताती है, उसी पर तार फेंसिंग और जाली लगाने की कोशिश हो रही है। महिला का आरोप है कि उसे धमकाया भी जा रहा है। लेकिन कहानी सिर्फ आज की नहीं है... स्थानीय लोगों के मुताबिक, मामला महंत रामजीवन दास की गद्दी से जुड़े पुराने विवाद से भी जुड़ा है। गद्दी के प्रमुख शिष्यों के रूप में ओमप्रकाश दास और रामसिया दास के नाम सामने आते हैं। दावा है कि गद्दी का विवाद न्यायालय तक पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात भी कही जाती है। वहीं वर्तमान विवाद में भानुप्रकाश बादल और उनके बेटे शिवम बादल के नाम भी शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों की ओर से लिए जा रहे हैं। लेकिन सवाल सिर्फ गद्दी का नहीं... सवाल जमीन का है, सवाल एक महिला के घर का है। और एक सवाल आस्था से भी है— क्या भगवान कभी चाहेंगे कि किसी को उसके घर से निकालकर, विवाद खड़ा करके कोई खुश रहे? क्या किसी इंसान को दुख पहुंचाकर भगवान खुद खुश रहेंगे? अगर मामला सच में भगवान की गद्दी और मंदिर से जुड़ा है, तो फिर गद्दी के लिए इतना विवाद क्यों और किसी के घर पर संकट क्यों? सवाल गद्दी का है... सवाल जमीन का है... या फिर सवाल इंसानियत का भी है? इन सवालों का जवाब दस्तावेज और प्रशासनिक जांच से ही सामने आएगा। आइए, अब सुनते हैं पीड़ित महिला ने इस पूरे मामले में क्या कहा।
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    महंत की गद्दी का विवाद... और फंस गया एक महिला का घर!
जालौन के चौधरयाना मोहल्ले में मंदिर और जमीन का विवाद फिर चर्चा में है।


महंत की गद्दी का विवाद... और फंस गया एक महिला का घर!
जालौन के चौधरयाना मोहल्ले में मंदिर और जमीन का विवाद फिर चर्चा में है।
आरोप है कि जिस घर और जमीन को महिला अपना पुश्तैनी बताती है, उसी पर तार फेंसिंग और जाली लगाने की कोशिश हो रही है। महिला का आरोप है कि उसे धमकाया भी जा रहा है।
लेकिन कहानी सिर्फ आज की नहीं है...
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मामला महंत रामजीवन दास की गद्दी से जुड़े पुराने विवाद से भी जुड़ा है। गद्दी के प्रमुख शिष्यों के रूप में ओमप्रकाश दास और रामसिया दास के नाम सामने आते हैं। दावा है कि गद्दी का विवाद न्यायालय तक पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात भी कही जाती है।
वहीं वर्तमान विवाद में भानुप्रकाश बादल और उनके बेटे शिवम बादल के नाम भी शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों की ओर से लिए जा रहे हैं।
लेकिन सवाल सिर्फ गद्दी का नहीं...
सवाल जमीन का है, सवाल एक महिला के घर का है।
और एक सवाल आस्था से भी है—
क्या भगवान कभी चाहेंगे कि किसी को उसके घर से निकालकर, विवाद खड़ा करके कोई खुश रहे?
क्या किसी इंसान को दुख पहुंचाकर भगवान खुद खुश रहेंगे?
अगर मामला सच में भगवान की गद्दी और मंदिर से जुड़ा है, तो फिर गद्दी के लिए इतना विवाद क्यों और किसी के घर पर संकट क्यों?
सवाल गद्दी का है... सवाल जमीन का है... या फिर सवाल इंसानियत का भी है?
इन सवालों का जवाब दस्तावेज और प्रशासनिक जांच से ही सामने आएगा।
आइए, अब सुनते हैं पीड़ित महिला ने इस पूरे मामले में क्या कहा।
    user_Kishan kumar
    Kishan kumar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कोंच में देर रात तक गूंजा गणपति बप्पा मोरया कोंच में देर रात शुरू हुआ गणेश प्रतिमाओं का आगमन, 29 स्थानों पर होगी स्थापना जालौन के कोंच नगर में गणेश महोत्सव को लेकर भक्तों में उत्साह चरम पर है। रविवार की देर रात करीब 11 बजे से नगर के विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं का आगमन शुरू हो गया। गाजे-बाजे और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर पंडालों तक पहुंचे। प्रतिमाओं के आगमन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। नगर में इस बार करीब 29 स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। रविवार देर रात से ही अलग-अलग स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को वाहनों के माध्यम से पंडालों तक लाने का सिलसिला शुरू हो गया। प्रतिमा लेकर पहुंचे भक्तों ने रास्ते में ढोल-नगाड़ों की धुन पर जयकारे लगाए। कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई। गणेश प्रतिमाओं के पंडालों में पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश का स्वागत किया। सोमवार से नगर में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों की गूंज सुनाई देगी। सोमवार दोपहर 12 बजे विभिन्न पंडालों में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए गणेश उत्सव समितियों की ओर से पंडालों को सजाने और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गणेश जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। नगर के अलग-अलग मोहल्लों में स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमाओं को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी गणेश महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की तैयारी में हैं। गणेश प्रतिमाओं के आगमन के साथ ही नगर में उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार को विधिवत स्थापना और पूजन के बाद अगले कई दिनों तक विभिन्न पंडालों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे नगर में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से भक्तिमय माहौल रहने की उम्मीद है।
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    कोंच में देर रात तक गूंजा गणपति बप्पा मोरया
कोंच में देर रात शुरू हुआ गणेश प्रतिमाओं का आगमन, 29 स्थानों पर होगी स्थापना
जालौन के कोंच नगर में गणेश महोत्सव को लेकर भक्तों में उत्साह चरम पर है। रविवार की देर रात करीब 11 बजे से नगर के विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं का आगमन शुरू हो गया। गाजे-बाजे और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर पंडालों तक पहुंचे। प्रतिमाओं के आगमन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
नगर में इस बार करीब 29 स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। रविवार देर रात से ही अलग-अलग स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को वाहनों के माध्यम से पंडालों तक लाने का सिलसिला शुरू हो गया। प्रतिमा लेकर पहुंचे भक्तों ने रास्ते में ढोल-नगाड़ों की धुन पर जयकारे लगाए। कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई। गणेश प्रतिमाओं के पंडालों में पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश का स्वागत किया।
सोमवार से नगर में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों की गूंज सुनाई देगी। सोमवार दोपहर 12 बजे विभिन्न पंडालों में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए गणेश उत्सव समितियों की ओर से पंडालों को सजाने और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गणेश जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। नगर के अलग-अलग मोहल्लों में स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमाओं को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी गणेश महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की तैयारी में हैं।
गणेश प्रतिमाओं के आगमन के साथ ही नगर में उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार को विधिवत स्थापना और पूजन के बाद अगले कई दिनों तक विभिन्न पंडालों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे नगर में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से भक्तिमय माहौल रहने की उम्मीद है।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    5 hrs ago
  • जेल रोड पर ब्लैक बक कैफे की आड़ में कथित हुक्का बार! जेल चौकी से चंद कदमों की दूरी पर नशे का खेल? District Magistrate/District Election Officer, Jalaun Dio Jalaun Jalaun Police DM Jalaun उरई कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड स्थित ईशा बैंक्वेट के बगल में ब्लैक बक कैफे में अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने के आरोप सामने आए हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के दावों के मुताबिक, कैफे में युवाओं के साथ किशोरों की मौजूदगी भी बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल—जेल चौकी से चंद कदम दूर कथित हुक्का बार आखिर किसकी नजर से बचकर चल रहा था? क्या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर कार्रवाई में देरी क्यों हुई? बताया जा रहा है कि उरई में पहले भी कैफे और रेस्टोरेंट की आड़ में हुक्का परोसने के मामलों में कार्रवाई हुई है। इसके बावजूद ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही? यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कैफे संचालक और पुलिस का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आपकी राय क्या है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं—जिम्मेदार कौन? #BreakingNews #Orai #Jalaun #OraiNews #JalaunNews #JalaunPolice #OraiPolice #BlackBuckCafe #JailRoadOrai #HookahBar #IllegalHookahBar #YouthSafety #MinorSafety #CrimeNews #UPPolice #UttarPradesh #Investigation #GroundReport #ViralVideo #PoliceAction
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    जेल रोड पर ब्लैक बक कैफे की आड़ में कथित हुक्का बार! जेल चौकी से चंद कदमों की दूरी पर नशे का खेल?
District Magistrate/District Election Officer, Jalaun 
Dio Jalaun Jalaun Police DM Jalaun 
उरई कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड स्थित ईशा बैंक्वेट के बगल में ब्लैक बक कैफे में अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने के आरोप सामने आए हैं।
वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के दावों के मुताबिक, कैफे में युवाओं के साथ किशोरों की मौजूदगी भी बताई जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल—जेल चौकी से चंद कदम दूर कथित हुक्का बार आखिर किसकी नजर से बचकर चल रहा था?
क्या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर कार्रवाई में देरी क्यों हुई?
बताया जा रहा है कि उरई में पहले भी कैफे और रेस्टोरेंट की आड़ में हुक्का परोसने के मामलों में कार्रवाई हुई है। 
इसके बावजूद ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही?
यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर है। 
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कैफे संचालक और पुलिस का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
आपकी राय क्या है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं—जिम्मेदार कौन?
#BreakingNews #Orai #Jalaun #OraiNews #JalaunNews #JalaunPolice #OraiPolice #BlackBuckCafe #JailRoadOrai #HookahBar #IllegalHookahBar #YouthSafety #MinorSafety #CrimeNews #UPPolice #UttarPradesh #Investigation #GroundReport #ViralVideo #PoliceAction
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, सरकारी सहायता के लिए भटक रहा परिवार!! जालौन। जनपद जालौन के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद तीन बच्चे जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों की सरकारी सहायता के लिए मार्च माह में सभी आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित विभाग में जमा कर दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुदरा कुदारी के ये तीन बच्चे आज भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बच्चों की पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उन्हें भोजन, शिक्षा और जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
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    माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, सरकारी सहायता के लिए भटक रहा परिवार!!
जालौन। जनपद जालौन के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद तीन बच्चे जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों की सरकारी सहायता के लिए मार्च माह में सभी आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित विभाग में जमा कर दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुदरा कुदारी के ये तीन बच्चे आज भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बच्चों की पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उन्हें भोजन, शिक्षा और जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप! ➡️ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का आरोप! ➡️ गोंडा जाते वक्त प्रशासनिक मौजूदगी में दुर्व्यवहार की खबर। ➡️ आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का उरई में फूटा भारी गुस्सा। ➡️ जिलाध्यक्ष नीरज गौतम के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार। ➡️ जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को भेजा गया शिकायती ज्ञापन। ➡️ जनप्रतिनिधि के अपमान को बताया लोकतंत्र पर सीधा हमला। ➡️ मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की उठाई कड़ी मांग। ➡️ दोषी व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी। ➡️ मौके पर भारी संख्या में आसपा व भीम आर्मी के कार्यकर्ता रहे मौजूद।
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    नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप!
➡️ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का आरोप!
➡️ गोंडा जाते वक्त प्रशासनिक मौजूदगी में दुर्व्यवहार की खबर।
➡️ आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का उरई में फूटा भारी गुस्सा।
➡️ जिलाध्यक्ष नीरज गौतम के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार।
➡️ जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को भेजा गया शिकायती ज्ञापन।
➡️ जनप्रतिनिधि के अपमान को बताया लोकतंत्र पर सीधा हमला।
➡️ मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की उठाई कड़ी मांग।
➡️ दोषी व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
➡️ मौके पर भारी संख्या में आसपा व भीम आर्मी के कार्यकर्ता रहे मौजूद।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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