नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील के रोहिसी गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित लाखों रुपये का आरओ प्लांट कई सालों से बंद पड़ा है। यह आधुनिक प्लांट अब कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील के रोहिसी गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित लाखों रुपये का आरओ प्लांट कई सालों से बंद पड़ा है। यह आधुनिक प्लांट अब कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में इस प्लांट से गांव वालों को खारे पानी की समस्या से काफी राहत मिली थी। हालांकि, कुछ समय बाद ही इसका संचालन बंद हो गया। तब से लेकर आज तक प्लांट की सुध नहीं ली गई है। प्लांट परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, चारों ओर कीचड़ फैला है, मशीनें जंग खा रही हैं और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बंद पड़ा यह प्लांट अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। प्लांट के चारों ओर सैकड़ों शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना कई युवा यहां बैठकर शराब पीते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां कोई आता-जाता नहीं है। स्थानीय ग्रामीण नेमा राम और अन्य लोगों का कहना है कि प्लांट बंद होने के बाद न तो इसकी मरम्मत करवाई गई और न ही इसे दोबारा चालू करने का कोई प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को इस स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बजट नहीं मिलने से भी प्लांट की स्थिति बिगड़ी है और संचालन रुका हुआ है। जल विभाग अधिकारी रीना कुमारी ने बताया कि इस आरओ का स्टार्ट खराब हो रखा है संबंधित ठेकेदार को बोला हुआ है जल्दी ठीक किया जाएगा प्लांट बंद होने के कारण गांव में पेयजल के लिए अन्य जल स्रोतों पर निर्भरता बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो इस आरओ प्लांट को जल्द से जल्द चालू किया जाए या फिर इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील के रोहिसी गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित लाखों रुपये का आरओ प्लांट कई सालों से बंद पड़ा है। यह आधुनिक प्लांट अब कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील के रोहिसी गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित लाखों रुपये का आरओ प्लांट कई सालों से बंद पड़ा है। यह आधुनिक प्लांट अब कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में इस प्लांट से गांव वालों को खारे पानी की समस्या से काफी राहत मिली थी। हालांकि, कुछ समय बाद ही इसका संचालन बंद हो गया। तब से लेकर आज तक प्लांट की सुध नहीं ली गई है। प्लांट परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, चारों ओर कीचड़ फैला है, मशीनें जंग खा रही हैं और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बंद पड़ा यह प्लांट अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। प्लांट के चारों ओर सैकड़ों शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना कई युवा यहां बैठकर शराब पीते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां कोई आता-जाता नहीं है। स्थानीय ग्रामीण नेमा राम और अन्य लोगों का कहना है कि प्लांट बंद होने के बाद न तो इसकी मरम्मत करवाई गई और न ही इसे दोबारा चालू करने का कोई प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को इस स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बजट नहीं मिलने से भी प्लांट की स्थिति बिगड़ी है और संचालन रुका हुआ है। जल विभाग अधिकारी रीना कुमारी ने बताया कि इस आरओ का स्टार्ट खराब हो रखा है संबंधित ठेकेदार को बोला हुआ है जल्दी ठीक किया जाएगा प्लांट बंद होने के कारण गांव में पेयजल के लिए अन्य जल स्रोतों पर निर्भरता बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो इस आरओ प्लांट को जल्द से जल्द चालू किया जाए या फिर इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- जसनगर थाना क्षेत्र में अवैध बजरी खनन पर बड़ी कार्रवाई, 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त नागौर। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नागौर पुलिस द्वारा अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना जसनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दासावास लूणी नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर शिकंजा कसते हुए पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार जसनगर थाना टीम द्वारा नियमित गश्त के दौरान दासावास स्थित लूणी नदी क्षेत्र में कुछ वाहन संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नजर आए। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया गया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से बजरी का खनन कर परिवहन किया जा रहा था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लिए। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में शामिल लोग मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जब्त वाहनों को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है तथा संबंधित खनिज विभाग को भी सूचना दे दी गई है, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से लूणी नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध खनन की गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।1
- नागौर के रूपनगढ़ बस स्टैंड पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप पड़ा है। बस स्टैंड और कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद, यहाँ से कोई बस नहीं चलती जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।1
- राजस्थान के शिव विधानसभा क्षेत्र में गिरल कंपनियों के खिलाफ ग्रामीण 20-25 दिनों से धरना दे रहे हैं। उनकी सुनवाई न होने पर आखिरकार शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और धरनास्थल पर ही रात्रि विश्राम किया।1
- नागौर के मेड़ता में ट्रेन पटरी पार करते समय दो महिलाएं रेलगाड़ी की चपेट में आ गईं। इस दर्दनाक हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसने जल्दबाजी के खतरनाक नतीजों की याद दिलाई।1
- नागौर के मेड़ता में तेज हवा और भारी बारिश के कारण एक विशाल बिजली का खंभा खेत में गिर गया। इसके चलते इलाके में लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- ये वीडियो में जो रास्ता दिख रहा है इस रास्ते की हालत बहुत खराब है आप देख ही सकते हो ये रास्ता अंदेरी देवरी से नीमगढ़ तक जाने वाला मुख्य रास्ता है इस रास्ते चार_पांच गांव जुड़ते है इसका मुख्य कारण आस पास के सरपंच ये चाहते तो 5 साल के कार्य काल में कभी भी करवा सकते थे पर नहीं करवाए1
- ग्राम रथ अभियान: उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने लाभार्थियों से किया संवाद, कृषि यंत्रों और योजनाओं के लिए बांटे अनुदान ब्यावर प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी बुधवार को जिले के जालिया द्वितीय में आयोजित 'ग्राम रथ अभियान' में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कृषि और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। ### **किसानों को मिला लाखों का अनुदान** कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से विभिन्न लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की गई। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: * **रामकुंवार:** प्याज भंडारण हेतु ₹87,500 (50% सब्सिडी)। * **रामगोपाल:** पीएम कुसुम योजना (सोलर पंप) हेतु ₹1,40,432। * **चांदा देवी:** ड्रिप सिंचाई हेतु ₹37,837। * **सुरेश कुमार:** तारबंदी हेतु ₹40,000। * **महावीर शर्मा:** वर्मी कम्पोस्ट केंद्र हेतु ₹50,000। * **सुशीला देवी:** थ्रेसर मशीन हेतु ₹1,25,000। ### **स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर जोर** स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आयुष्मान आरोग्य योजना से इंदिरा देवी और गिरिराज लाभान्वित हुए। वहीं, 70 वर्षीय दुर्गा देवी को प्रधानमंत्री वय वंदन योजना के तहत निःशुल्क इलाज की सुविधा दी गई। कार्यक्रम में मानुप्रिया को एचपीवी वैक्सीन का लाभ मिला और सोनिया माली को 'लखपति दीदी' के रूप में सम्मानित किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत भारत गुर्जर और रामेश्वर को भी लाभान्वित किया गया। ### **जनता के द्वार पहुंच रही सरकार: दिया कुमारी** उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार 'ग्राम रथ अभियान' के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दे रही है। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना है। पूर्व में जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद कम नजर आते थे, लेकिन हमारी सरकार सुझाव लेने और समाधान करने के लिए जनता के बीच खड़ी है।" ### **क्षेत्र को मिली अटल पथ की सौगात** विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत ने घोषणा की कि क्षेत्र में 2 करोड़ रुपये की लागत से 'अटल पथ' को मंजूरी मिल गई है और जल्द ही काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सड़कों के विकास के लिए 418 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। **गरिमापूर्ण उपस्थिति:** कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट, उपखंड अधिकारी दीपशिखा, सरपंच आदित्य कुमार शर्मा, अनिल कुमार टेलर, हनुवंत सिंह राठौड़, घनश्याम डोल्या, ओम जेदिया, सुशीला देवी खेतावत, कृष्ण गोपाल खेतावत सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।2
- नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील के रोहिसी गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित लाखों रुपये का आरओ प्लांट कई सालों से बंद पड़ा है। यह आधुनिक प्लांट अब कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील के रोहिसी गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए स्थापित लाखों रुपये का आरओ प्लांट कई सालों से बंद पड़ा है। यह आधुनिक प्लांट अब कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में इस प्लांट से गांव वालों को खारे पानी की समस्या से काफी राहत मिली थी। हालांकि, कुछ समय बाद ही इसका संचालन बंद हो गया। तब से लेकर आज तक प्लांट की सुध नहीं ली गई है। प्लांट परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, चारों ओर कीचड़ फैला है, मशीनें जंग खा रही हैं और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बंद पड़ा यह प्लांट अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। प्लांट के चारों ओर सैकड़ों शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना कई युवा यहां बैठकर शराब पीते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां कोई आता-जाता नहीं है। स्थानीय ग्रामीण नेमा राम और अन्य लोगों का कहना है कि प्लांट बंद होने के बाद न तो इसकी मरम्मत करवाई गई और न ही इसे दोबारा चालू करने का कोई प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को इस स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बजट नहीं मिलने से भी प्लांट की स्थिति बिगड़ी है और संचालन रुका हुआ है। जल विभाग अधिकारी रीना कुमारी ने बताया कि इस आरओ का स्टार्ट खराब हो रखा है संबंधित ठेकेदार को बोला हुआ है जल्दी ठीक किया जाएगा प्लांट बंद होने के कारण गांव में पेयजल के लिए अन्य जल स्रोतों पर निर्भरता बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो इस आरओ प्लांट को जल्द से जल्द चालू किया जाए या फिर इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1