प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट में भारी बवाल! वकीलों के सम्मान पर चोट का आरोप, जज की कोर्ट का बहिष्कार..... प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत के कोर्ट रूम नंबर 49 में घटित एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और वकीलों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। दिनांक 27 अक्टूबर को अदालत की कार्यवाही के दौरान वकीलों के बैठने के लिए आरक्षित अग्रिम पंक्ति में एक पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी बैठे थे। वहां उपस्थित एक अधिवक्ता ने पुलिस अधिकारी से सम्मानपूर्वक पीछे की सीट पर बैठने का आग्रह करते हुए कहा कि यह वकीलों के लिए निर्धारित स्थान है। जब माननीय न्यायमूर्ति कोर्ट रूम में आए, तो अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (AGA) ने उक्त वकील की शिकायत की। इसके बाद जस्टिस अजय भनोट ने अधिवक्ता की तरफ उंगली उठाई और कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें तुरंत जेल भेजने का आदेश दे दिया। एसोसिएशन का आरोप है कि जब संबंधित अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष विनम्रतापूर्वक माफी मांगनी चाही, तो माननीय न्यायाधीश ने उन्हें जबरन पुलिस अधिकारी से भी माफी मांगने पर मजबूर किया, जो कि एक अधिवक्ता के पेशेवर सम्मान के सर्वथा खिलाफ है। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश द्वारा अदालत कक्ष में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता वी.पी. श्रीवास्तव का भी मजाक उड़ाया गया, जिससे पूरी विधिक बिरादरी आहत है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष कुमार मिश्रा के संयुक्त हस्ताक्षरों से माननीय मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय किसी भी वकील का अपमान करने के लिए स्वतंत्र नहीं है। यदि वकीलों की गरिमा की रक्षा नहीं की जाती, तो विधिक बिरादरी भी पीछे नहीं हटेगी। बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित दंडात्मक व सुधारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मांग पूरी न होने और वकीलों के सम्मान की बहाली न होने की स्थिति में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से जस्टिस अजय भनोट की अदालत के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया है।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट में भारी बवाल! वकीलों के सम्मान पर चोट का आरोप, जज की कोर्ट का बहिष्कार..... प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत के कोर्ट रूम नंबर 49 में घटित एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और वकीलों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। दिनांक 27 अक्टूबर को अदालत की कार्यवाही के दौरान वकीलों के बैठने के लिए आरक्षित अग्रिम पंक्ति में एक पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी बैठे थे। वहां उपस्थित एक अधिवक्ता ने पुलिस अधिकारी से सम्मानपूर्वक पीछे की सीट पर बैठने का आग्रह करते हुए कहा कि यह वकीलों के लिए निर्धारित स्थान है। जब माननीय न्यायमूर्ति कोर्ट रूम में आए, तो अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (AGA) ने उक्त वकील की शिकायत की। इसके बाद जस्टिस अजय भनोट ने अधिवक्ता की तरफ उंगली उठाई और कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें तुरंत जेल भेजने का आदेश दे दिया। एसोसिएशन का आरोप है कि जब संबंधित अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष विनम्रतापूर्वक माफी मांगनी चाही, तो माननीय न्यायाधीश ने उन्हें जबरन पुलिस अधिकारी से भी माफी मांगने पर मजबूर किया, जो कि एक अधिवक्ता के पेशेवर सम्मान के सर्वथा खिलाफ है। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश द्वारा अदालत कक्ष में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता वी.पी. श्रीवास्तव का भी मजाक उड़ाया गया, जिससे पूरी विधिक बिरादरी आहत है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष कुमार मिश्रा के संयुक्त हस्ताक्षरों से माननीय मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय किसी भी वकील का अपमान करने के लिए स्वतंत्र नहीं है। यदि वकीलों की गरिमा की रक्षा नहीं की जाती, तो विधिक बिरादरी भी पीछे नहीं हटेगी। बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित दंडात्मक व सुधारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मांग पूरी न होने और वकीलों के सम्मान की बहाली न होने की स्थिति में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से जस्टिस अजय भनोट की अदालत के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया है।
- प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट में भारी बवाल! वकीलों के सम्मान पर चोट का आरोप, जज की कोर्ट का बहिष्कार..... प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत के कोर्ट रूम नंबर 49 में घटित एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और वकीलों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। दिनांक 27 अक्टूबर को अदालत की कार्यवाही के दौरान वकीलों के बैठने के लिए आरक्षित अग्रिम पंक्ति में एक पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी बैठे थे। वहां उपस्थित एक अधिवक्ता ने पुलिस अधिकारी से सम्मानपूर्वक पीछे की सीट पर बैठने का आग्रह करते हुए कहा कि यह वकीलों के लिए निर्धारित स्थान है। जब माननीय न्यायमूर्ति कोर्ट रूम में आए, तो अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (AGA) ने उक्त वकील की शिकायत की। इसके बाद जस्टिस अजय भनोट ने अधिवक्ता की तरफ उंगली उठाई और कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें तुरंत जेल भेजने का आदेश दे दिया। एसोसिएशन का आरोप है कि जब संबंधित अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष विनम्रतापूर्वक माफी मांगनी चाही, तो माननीय न्यायाधीश ने उन्हें जबरन पुलिस अधिकारी से भी माफी मांगने पर मजबूर किया, जो कि एक अधिवक्ता के पेशेवर सम्मान के सर्वथा खिलाफ है। सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश द्वारा अदालत कक्ष में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता वी.पी. श्रीवास्तव का भी मजाक उड़ाया गया, जिससे पूरी विधिक बिरादरी आहत है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष कुमार मिश्रा के संयुक्त हस्ताक्षरों से माननीय मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय किसी भी वकील का अपमान करने के लिए स्वतंत्र नहीं है। यदि वकीलों की गरिमा की रक्षा नहीं की जाती, तो विधिक बिरादरी भी पीछे नहीं हटेगी। बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित दंडात्मक व सुधारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मांग पूरी न होने और वकीलों के सम्मान की बहाली न होने की स्थिति में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से जस्टिस अजय भनोट की अदालत के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया है।1
- गढ़वा किला तालाब के आसपास कथित अवैध सिलिका क्रेशर प्लांटों का संचालन, खनन विभाग पर सवाल प्रयागराज शंकरगढ़ क्षेत्र के गढ़वा किला तालाब के आसपास कथित रूप से अवैध सिलिका क्रेशर प्लांटों के संचालन का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में तालाब के पास ट्रैक्टर से चलता हुआ क्रेशर प्लांट और धूल का गुबार साफ देखा जा सकता है, जिस पर लिखा है शंकरगढ़ क्षेत्र में तालाब पर अवैध रूप से संचालित क्रेशर प्लांट।स्थानीय लोगों का आरोप है कि शंकरगढ़ में किसके संरक्षण में यह कथित अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। तालाब जैसी सरकारी जमीन पर क्रेशर चलने से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और सिलिका डस्ट से लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के आरोपों के बीच खनन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आखिर जिम्मेदार अधिकारी अनजान हैं या जानबूझकर कार्रवाई से बच रहे हैं? क्षेत्र की जनता ने मांग की है कि गढ़वा किला तालाब के आसपास संचालित सभी क्रेशर प्लांटों की निष्पक्ष जांच कर तत्काल सीज की कार्रवाई की जाए।शुरू ऐप वीडियो की पुष्टि नहीं करता1
- डॉक्टर ए.के. मिश्रा ने दिखाया प्रमाण पत्र, जानलेवा साजिश का आरोप प्रयागराज। स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर डॉक्टर ए.के. मिश्रा् ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. ए.के. मिश्रा ने दावा किया कि कौशाम्बी में उनके नाम, कार्य और पहचान को लेकर बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। कहा कि असली विवाद इस बात का है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा दिया गया यह सम्मान वास्तविक रूप से किसे मिला है—असली डॉक्टर को या किसी फर्जी व्यक्ति को। उन्होंने बताया कि डॉक्टर एच.एल. मिश्रा ने लिखित रूप में साफ किया है कि वे कभी कौशाम्बी में पदस्थ नहीं रहे और न ही उन्होंने कोई रिपोर्ट भेजी। डॉ. ए.के. मिश्रा ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि जिस चेहरे को सम्मान मिलना चाहिए था, उसी पर उंगलियां उठाई गईं, उसे झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया और यहां तक कि उसकी हत्या कराने तक की साजिश रचने का आरोप लगाया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2010 के आसपास डब्ल्यूएचओ के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर हामिद जाफरी के साथ उनकी तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद अधिकारी अचानक पद छोड़कर चले गए और वह पद लंबे समय तक खाली रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास कोई पारंपरिक मेडिकल डिग्री नहीं है, लेकिन लकवा (पैरालिसिस) के सफल इलाज में वे अद्वितीय महारत रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि न्याय की लड़ाई में वह कभी पीछे नहीं रहेंगे।1
- नौकरी के नाम पर सिक्योरिटी मनी वसूली, वेतन से भी कमीशन काटने का आरोप विरोध करने पर नौकरी से निकालने और जमा रकम नहीं लौटाने का दावा । नौकरी के नाम पर सिक्योरिटी मनी वसूली, वेतन से भी कमीशन काटने का आरोप विरोध करने पर नौकरी से निकालने और जमा रकम नहीं लौटाने का दावा । प्रयागराज। बमरौली स्थित विमान प्रशिक्षण केंद्र में सुरक्षा कार्यों से जुड़े रहे कर्मचारियों ने गरुड़ सिक्योरिटी एजेंसी पर आर्थिक शोषण और मनमानी का आरोप लगाया है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया कि नौकरी पर रखने के नाम पर उनसे बतौर सिक्योरिटी मनी एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक जमा कराए गए। इसके बावजूद उन्हें अब तक अपनी जमा रकम वापस नहीं मिली है। पूर्व कर्मचारियों अरुण कुमार, धारा सिंह, भारत भूषण और रविशंकर ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी देने की बात कहकर काम पर रखा गया था, लेकिन वेतन भुगतान के समय 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कंपनी का कमीशन काट लिया जाता था। कर्मचारियों का कहना है कि इस कटौती का विरोध करने पर कुछ लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया गया। अरुण कुमार समेत अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने अपनी सिक्योरिटी मनी वापस पाने के लिए जिलाधिकारी से शिकायत की और आईजीआरएस पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र दिया। उनका आरोप है कि थाने में शिकायत लेकर जाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। पूर्व कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सिक्योरिटी मनी जमा कराए बिना कंपनी काम पर नहीं रखती और रकम वापस मांगने पर टालमटोल करती है। उनके मुताबिक, हर महीने कई कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। पूर्व कर्मचारियों की मांग है कि उनकी जमा सिक्योरिटी मनी वापस कराई जाए ताकि वे आर्थिक संकट से उबरकर रोजगार का दूसरा विकल्प तलाश सकें।1
- तमिलनाडु में चक्रवात का असर, समुद्र का पानी सड़कों तक पहुंचा तमिलनाडु: तमिलनाडु में चक्रवात अर्नब के असर से समुद्र में हलचल देखने को मिल रही है। समुद्र का पानी सड़कों तक पहुंचने की खबर सामने आई है, जिससे तटीय इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ सकती है। समुद्र का पानी सड़क तक आने से आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्थानीय लोगों को समुद्र तट से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। नोट: चक्रवात के नाम और घटना की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।1
- अबकी बार हर घर मोदी बीजेपी NDA सरकार लखनऊ पंजाब उत्तराखंड की जीत मिशन 2027 मेजा विधानसभा क्षेत्र 259 — जनसेवा एवं विकास कार्य आपका राष्ट्रीय स्वयंसंघ सिरसा संघ से नर सेवा आपका सेवक और आर्य समाज के अध्यक्ष सिरसा स्टेट बैंक के सामने हम मेजा के माटी के लालहै जनता के लिए एसडीएम डीएमके सामने स्टांप पेपर में साइन कर रहा हूं और लिख रहा हूं कि जितना मैं काम लिखा हूं और बोल रहा हूं उतना काम मैं करूंगा इसके लिए लखनऊ दिल्ली हमको दौड़ना पड़ेगा मैं दौड़ूंगा और बाकी जितने नेता हैं उनसे पूछे वह क्या काम करेंगे उनसे भी स्टांप पेपर में साइन कराईऐ मेजा के जनता जागो मेजा से जनता से निवेदन है कि मत विको ₹50 साड़ी में मत विको 45 रुपया दारू में यह सब लालच देकर 5 साल दिखेंगे नहीं जय श्री राम नर सेवाआपका सेवक रमेश चंद्र वर्मा उर्फ गुड्डू भैया द्वारा प्रस्तावित प्रमुख कार्य: 2027 259 विधानसभा सभी बहन औरतों के खाता में ₹20000 पहली किस्त आएगी और दूसरा किस्त भी 30000 आएगा 1. 259 मेजा विधानसभा से पक्का घाट का विकास, गंगा मैया नर्मदा नदी से शिवलिंग राधा कृष्ण की मूर्ति सिरसा घाट पर स्थापित किया जाएगा एवं एतवार देवी बाराही माता बबा महाराज अवता के हनुमान जी शीतला माता धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा गंदे नाले के पानी के लिए फिल्टर व्यवस्था। 2. मेजा, मांडा, उरूवा, भारतगंज, मेजा रोड तथा आसपास के⁸ गांवों में सड़क, नाली, प्रकाश और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास। लघु उद्योग का निर्माण करना और बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना 3. जरूरतमंद परिवारों की कन्याओं के विवाह में 101 कन्या का दिल्ली विकास भवन से फॉर्म लाकर आर्थिक एवं आवश्यक सामग्री से सहयोग।करेगे और ₹100000 नगर डेढ़ लाख का मोटरसाइकिल फ्री में जरूरत वस्तु घर गृहस्ती का विधायक की कोटा से अपनी सैलरी से देंगे 4. सिरसा क्षेत्र में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कराने का प्रयास। 5. छतवा श्मशान घाट पर एक पीस आग हीटर मशीन लहास जलने वाला और शौचालय, स्नानघर, टीन शेड, प्रकाश व्यवस्था, एंबुलेंस और अन्य स्मार्ट सुविधाओं की व्यवस्था। 6. गरीब परिवारों के लिए खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की सहायता। 7. क्षेत्र में सब्जी मंडी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने की व्यवस्था। 8. 2 59 मेजाविधान क्षेत्र से तोहफा 3/बस इलेक्ट्रिक अटल बिहारी गरीब रथ 2 59 रमेश चंद्र वर्मा मेजा के लिए निशुल्क आम आदमी का आधा भाड़ा आधार कार्ड से 60 सालके माता-पिता का छूट बस यहां से यहां तक जाएगी 259मेजा से प्रयागराज, लखनऊ, मिर्जापुर और वाराणसी आदि के लिए बेहतर बस परिवहन सुविधा का प्रस्ताव।मै दिया जाएगा 9. महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास। 10. क्षेत्र में 20–22 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए संबंधित विभाग से आवश्यक प्रयास। 11.259 मेजा सबसे पुरानी अस्पताल में 40साल 50 के बीच में जो पुराना अस्पतालों में कम लागत पर जांच, एमराई मशीन एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, सर्जन लेडिज डॉक्टर 24 घंटे दवाइयों तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास। करेंगे उसमें ₹10 में विधायक भी इलाज कराएगा और ₹10 में हमारे मेजा का जनता का भी इलाज होगा 12. प्रत्येक गांव में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण अभियान। 13. गरीब, बुजुर्ग, महिला और जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं में सहयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास। 14. गांव-गांव में जनसंपर्क कर स्थानीय समस्याओं को सुनना और संबंधित विभागों तक पहुंचाना। मुख्य उद्देश्य: विकास, ईमानदारी, जनसेवा, नारी सम्मान, गरीबों की सहायता, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, परिवहन और स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास। 25 वर्ष होने पर हमारे प्रधानमंत्री देश विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है ऐसा प्रधान मंत्री कभी भविष्य में नहीं है आएगा 25 वर्ष में इतना विकशित स्वच्छ भारत हुआ है हर जगह कॉलोनी राशन गला हर गांव में स्वच्छ लैट्रिन बाथरूम स्मार्ट सड़के हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने दिया है हर घर दिया है हर हर मोदी हर घर मोदी हर घर योगी जय हिंद जय भारत विकास भी होगा ईमान भी होगा एवं नारी का सम्मान भी होगा मेजा विधानसभा 2 59 से आप लोग को हार्दिक शुभकामनाएं श्रीराधे73557 128684
- अर्नब तूफान के असर से बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड सुबह से छाए रहे बादल, तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर होती रही बारिश अर्नब तूफान के असर से बदला मौसम, बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड सुबह से छाए रहे बादल, तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर होती रही बारिश जारी, प्रयागराज। जारी क्षेत्र में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आया। तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। आसमान में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिनभर टिप-टिप बारिश की बूंदें गिरती रहीं। मौसम में आए बदलाव से लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते बच्चों और बुजुर्गों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने से लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ने लगा है। वहीं, आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के चलते धूप भी नहीं निकल सकी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अर्नब तूफान के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम ने करवट ले ली है। लोगों को अब धीरे-धीरे ठंड बढ़ने का एहसास होने लगा है। हालांकि, क्षेत्र में हो रही बूंदाबांदी से फिलहाल जनजीवन सामान्य बना हुआ है।2
- थाना खीरी के कचरा चौकी क्षेत्र में टोंस नदी में अवैध बालू खनन जोरों पर थाना खीरी के कचरा चौकी क्षेत्र में टोंस नदी में अवैध बालू खनन जोरों पर प्रयागराज थाना खीरी के कचरा चौकी अंतर्गत टोंस नदी में अवैध बालू खनन का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने पांच घाटों पर अवैध रूप से बालू निकासी की शिकायत की है।ग्रामीणों का आरोप है कि दर्जनों नावों के जरिए दिन-रात टोंस नदी से बालू निकाली जा रही है और जिम्मेदार विभाग बेखबर बना हुआ है। बिना किसी वैध पट्टे के बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जिससे नदी के अस्तित्व और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि कचरा चौकी क्षेत्र के टोंस नदी के सभी घाटों की जांच कर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1