एंकर...आज पडरौना नगर के राम धाम पोखरा पर धूम धाम से मनाया गया चैती छठ पूजा ब्रती मिहिलाओ ने उगते हुवे सूर्य को अर्घ दिया रिपोर्टर. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर Mo. 8115031333 एंकर...आज पडरौना नगर के राम धाम पोखरा पर धूम धाम से मनाया गया चैती छठ पूजा ब्रती मिहिलाओ ने उगते हुवे सूर्य को अर्घ दिया सलग्न.....दिनांक 25.03.2026. को चैती छठ व्रत रख कर आज सूर्य देव को अर्घ देकर अपने व्रत का समापन किया वही व्रती महिलो ने बताया की यह छठ पूजा नीरजल रह कर किया जाता है हर साल की तरह इस साल भी खूब धूम धाम से मनाया गया वही व्रती महिलाओ ने बताया की चैती छठ पूजा का महत्व क्या है इसके बारे मे विस्तार से बताया की यह मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ मनाने के मुख्य कारण और महत्व इस प्रकार हैं: की यह छठ पूजा संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य: माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं यह चेत छठ पूजा विशेषकर माघ महीने में आता है और कहा जाता है, भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और मुसीबतें दूर हो जाती हैं।रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि (बुद्धि और सफलता) की प्राप्ति होती है। पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार, भगवान शिव ने गणेश जी को यह वरदान दिया था कि जो भी चतुर्थी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे 'तिलकुट चौथ' भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाया जाता है।
एंकर...आज पडरौना नगर के राम धाम पोखरा पर धूम धाम से मनाया गया चैती छठ पूजा ब्रती मिहिलाओ ने उगते हुवे सूर्य को अर्घ दिया रिपोर्टर. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर Mo. 8115031333 एंकर...आज पडरौना नगर के राम धाम पोखरा पर धूम धाम से मनाया गया चैती छठ पूजा ब्रती मिहिलाओ ने उगते हुवे सूर्य को अर्घ दिया सलग्न.....दिनांक 25.03.2026. को चैती छठ व्रत रख कर आज सूर्य देव को अर्घ देकर अपने व्रत का समापन किया वही व्रती महिलो ने बताया की यह छठ पूजा नीरजल रह कर किया जाता है हर साल की तरह इस साल भी खूब धूम
धाम से मनाया गया वही व्रती महिलाओ ने बताया की चैती छठ पूजा का महत्व क्या है इसके बारे मे विस्तार से बताया की यह मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ मनाने के मुख्य कारण और महत्व इस प्रकार हैं: की यह छठ पूजा संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य: माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं यह चेत छठ पूजा विशेषकर माघ महीने में आता है और कहा जाता है, भगवान
गणेश को 'विघ्नहर्ता' माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और मुसीबतें दूर हो जाती हैं।रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि (बुद्धि और सफलता) की प्राप्ति होती है। पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार, भगवान शिव ने गणेश जी को यह वरदान दिया था कि जो भी चतुर्थी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे 'तिलकुट चौथ' भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाया जाता है।
- हंगामा टाइम्स न्यूज़ एजेंसी कुशीनगर दिनांक 25.03.2026. को चैती छठ व्रत रख कर आज सूर्य देव को अर्घ देकर अपने व्रत का समापन किया वही व्रती महिलो ने बताया की यह छठ पूजा नीरजल रह कर किया जाता है हर साल की तरह इस साल भी खूब धूम धाम से मनाया गया वही व्रती महिलाओ ने बताया की चैती छठ पूजा का महत्व क्या है इसके बारे मे विस्तार से बताया की यह मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ मनाने के मुख्य कारण और महत्व इस प्रकार हैं: की यह छठ पूजा संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य: माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं यह चेत छठ पूजा विशेषकर माघ महीने में आता है और कहा जाता है, भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और मुसीबतें दूर हो जाती हैं।रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि (बुद्धि और सफलता) की प्राप्ति होती है। पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार, भगवान शिव ने गणेश जी को यह वरदान दिया था कि जो भी चतुर्थी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे 'तिलकुट चौथ' भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाया जाता है।4
- राजकुमार चौहान के हत्या के विरोध में निकला कैंडल मार्च, लोगों ने लगाया सरकार पर पक्षपात का आरोप, एंकर,,, चौहान समाज से उभरते हुए राजनेता जिला गोरखपुर के बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान के गोली मारकर हत्या के विरोध में आज जनपद कुशीनगर के चौहान समाज के लोगों ने बड़े पैमाने पर कैंडल मार्च निकाला तथा अपना विरोध दर्ज कराया। कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि यह सरकार पक्षपात पूर्ण रवैया से काम कर रही है, जिसके कारण हत्या आरोपी आज भी खुले में घूम रहा है और उसकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज चौहान समाज के संतोष चौहान, ग्रामप्रधान सुविंद चौहान, दिनेश चौहान, सभासद उपेंद्र चौहान , पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार चौहान आदि नेताओं के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया।बायो हम आपको बता दे कि यह कैंडल मार्च जुलूस तरेया रोड स्थित दुदही ब्रह्मस्थान से होते हुए संपूर्ण नगर भ्रमण के बाद ब्लॉक मुख्यालय स्थित शहीद स्थल पर समाप्त हुआ , जहां चौहान समाज के नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, चौहान समाज के लोगों का कहना था कि मृतक राजकुमार चौहान के पारिवारिक जनों को सरकार अहेतुक सहायता कम से कम 10 करोड़ उपलब्ध कराये और उस परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी में रखा जाए, अगर यह सब मांगे पूरी नहीं होती है तो हमारा समाज व्यापक पैमाने पर पूरे भारत में आंदोलन करने पर विवस हो जाएगा।3
- श्री दुर्गा मंदिर प्रागण मे शाहब गंज उत्तरी में दिनांक 25. 03.2026 को नवरात्रि के शुभ अवसर पर विशाल जागरण का कार्यक्रम किया जा रहा है वही 27 मार्च को विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है समिति के द्वारा भक्तजनों से आग्रह किया गया है कि जागरण वह विशाल भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करे व पुण्य के भागी बने इसी कर्म मे समिति द्वारा सभी भक्त जनो को विशेष रूप से आज के दिन जो विशाल जागरण मे समय से उपस्थित होने की अपील की गई आयोजक समिति निवेदक मनोज मद्धेशिया4
- नगर पंचायत छितौनी के बुलहवापुरी वार्ड और पनियहवा नगर में चैत्र छठ पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। सैकड़ों व्रतधारियों ने घाटों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। छठी मैया के गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। व्रतधारियों ने पारंपरिक तरीके से सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना और नारियल सजाकर पूजा-अर्चना की। घाटों पर दीपों की सुंदर सजावट और श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस पर्व को और खास बना दिया। इस अवसर पर चेयरमैन अशोक निषाद, सभासद विजय कुमार मुन्ना, अर्जुन साहनी तथा समाजसेवी शंकर जायसवाल ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं3
- 🌅 चैती छठ पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सिधुआँ-हिरनहा घाट पर दिखी भक्ति की छटा कुशीनगर | पड़रौना चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मनाए जा रहे चैती छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पड़रौना विकास खंड के सिधुआँ-हिरनहा छठ घाट पर व्रती महिलाओं का आस्था का कारवां लगातार बढ़ता नजर आया। सिधुआँ, सुखपुरा मोहन पट्टी, मुसहरी पट्टी, सिधुआँ स्थान, सिधुआँ-मिश्रौली और हिरनहा गांव से बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं छठ घाट पर पहुंचीं। मंगलवार शाम को व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान सूप में जल, दूध, ठेकुआ और फल अर्पित कर सूर्य देव की पूजा की गई, जो आभार, तपस्या और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। 👉 पूजा विधि: व्रती महिलाएं नदी या तालाब में खड़े होकर सूप में ठेकुआ, फल व अन्य प्रसाद लेकर सूर्य देव को जल और दूध का अर्घ्य देती हैं। यह अनुष्ठान परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। बुधवार को चैत्र नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर व्रतियों ने उगते हुए सूर्य (उदीयमान भगवान भास्कर) को अर्घ्य देकर चैती छठ पर्व का समापन किया। अर्घ्य के बाद विधिवत पारण कर व्रत खोला गया। छठ घाट पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, साउंड सिस्टम और चाय-पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। तैयारियों में शोभिलाल, दीनानाथ यादव, आशुतोष उर्फ सन्नी यादव, अमित यादव, राजकुमार यादव, मुकेश यादव, सचिन यादव, अशोक यादव, लक्ष्मण यादव, मनोज, रामप्रसाद यादव और शिवकुमार समेत गांव के दर्जनों युवाओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। ➡️ कुल मिलाकर, सिधुआँ-हिरनहा छठ घाट पर चैती छठ पर्व श्रद्धा, अनुशासन और सामूहिक सहयोग का शानदार उदाहरण बनकर उभरा।6
- Post by Raju Kumar gavatam1
- रामकोला धर्मशमधा वार्ड नंबर. 12 में इस प्लांट के कारण लोगो को बहुत प्रॉब्लम हो रही है 👍1
- रिपोर्टर. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर Mo. 8115031333 एंकर...आज पडरौना नगर के राम धाम पोखरा पर धूम धाम से मनाया गया चैती छठ पूजा ब्रती मिहिलाओ ने उगते हुवे सूर्य को अर्घ दिया सलग्न.....दिनांक 25.03.2026. को चैती छठ व्रत रख कर आज सूर्य देव को अर्घ देकर अपने व्रत का समापन किया वही व्रती महिलो ने बताया की यह छठ पूजा नीरजल रह कर किया जाता है हर साल की तरह इस साल भी खूब धूम धाम से मनाया गया वही व्रती महिलाओ ने बताया की चैती छठ पूजा का महत्व क्या है इसके बारे मे विस्तार से बताया की यह मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ मनाने के मुख्य कारण और महत्व इस प्रकार हैं: की यह छठ पूजा संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य: माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं यह चेत छठ पूजा विशेषकर माघ महीने में आता है और कहा जाता है, भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और मुसीबतें दूर हो जाती हैं।रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि (बुद्धि और सफलता) की प्राप्ति होती है। पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार, भगवान शिव ने गणेश जी को यह वरदान दिया था कि जो भी चतुर्थी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे 'तिलकुट चौथ' भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाया जाता है।3