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झारखंड के चतरा जिले के टंडवा में हुई घटना के बाद डॉ. अभिषेक सिंह ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रशासन और कंपनियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।
Aakash Kumar paswan
झारखंड के चतरा जिले के टंडवा में हुई घटना के बाद डॉ. अभिषेक सिंह ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रशासन और कंपनियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।
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- झारखंड के चतरा जिले के टंडवा में हुई घटना के बाद डॉ. अभिषेक सिंह ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रशासन और कंपनियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।1
- रांची जिले के बुढ़मू थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा किया गया। यह कार्रवाई थाना क्षेत्र के सीमांत इलाकों में संपन्न हुई।1
- राँची के टाटीसिल्वे स्थित मानकी डिपा रिंग रोड पर एक युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने रिंग रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया है।1
- लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के गुरतुर गांव में शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे 65 वर्षीय केशव राम की टांगी से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला सुनीता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद कर ली गई है। मृतक के बेटे सुकुल राम ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान 10-20 ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी उनके पिता को बचाने का प्रयास नहीं किया। सुकुल राम के दावों के अनुसार, उनके पिता ओझागुनी का काम करते थे और इसे लेकर गांव में पहले एक मीटिंग में एक लाख रुपये की डील भी हुई थी। सुकुल राम ने बताया कि उनके पिता तालाब से लगभग एक किलोमीटर तक अपनी जान बचाने के लिए भागते रहे, लेकिन हमलावरों ने घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी।1
- चतरा में हुए एक दर्दनाक हादसे को लेकर पूर्व एवं भावी लोकसभा प्रत्याशी डॉ. अभिषेक सिंह ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना के लिए पूरी तरह से सिस्टम की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया है। डॉ. अभिषेक सिंह ने इस मामले में प्रशासन और वहां की व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया है।1
- हजारीबाग में सड़कों की वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी नाराजगी जताई जा रही है, जहाँ सड़कों को विकास के बजाय हादसों का जाल बताया जा रहा है। खराब सड़कों के कारण आए दिन हो रही दुर्घटनाओं ने जनजीवन को संकट में डाल दिया है। सड़क सुरक्षा को लेकर उठते इन गंभीर सवालों के बीच हजारीबाग के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार लोग अब तक कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं, जिससे स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।1