*महुआडांड़ में उमड़ा आस्था का सैलाब: विराट हिंदू सम्मेलन में गूंजा 'हिंदू-सरना एक हैं' का उद्घोष* रामप्रवेश गुप्ता *सांसद कालीचरण सिंह ने धर्मांतरण पर साधा निशाना, कहा— ईसाई हुए लोग अब आदिवासी नहीं, अल्पसंख्यक हैं* महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा बाड़ी मंदिर प्रांगण में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में सनातनी धर्मावलंबियों ने शिरकत की। जय श्रीराम, भारत माता की जय और सरना माता की जय के नारों से पूरा महुआडांड़ क्षेत्र भक्तिमय और राष्ट्रवाद के रंग में सराबोर नजर आया। *भव्य शोभायात्रा और शक्ति प्रदर्शन* कार्यक्रम का शुभारंभ एक विशाल शोभायात्रा से हुआ। महुआडांड़ के विभिन्न सुदूरवर्ती गांवों से आए हजारों लोग "जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई" के संकल्प के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा दुर्गा बाड़ी से शुरू होकर शास्त्री चौक, बिरसा चौक, विवेकानंद चौक और दीपाटोली होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ यह एक विशाल धर्मसभा में तब्दील हो गई। *सांसद का कड़ा रुख: 'ईसाई आदिवासी नहीं'* मुख्य अतिथि चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए हिंदू और सरना समाज की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "हिंदू और सरना समाज अलग नहीं हैं, हमारी जड़ें और संस्कृति एक ही है।" धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जो आदिवासी ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे अब आदिवासी की श्रेणी में नहीं बल्कि अल्पसंख्यक हैं। उन्होंने समाज से अपनी पहचान और संस्कृति की रक्षा का आह्वान किया। *संघ के 100 वर्ष: राष्ट्र निर्माण का संकल्प* आरएसएस के प्रांत प्रचारक महेंद्र जी ने संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू समाज को अब संगठित होकर राष्ट्र निर्माण और ग्राम विकास की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने सामाजिक समरसता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया। *जशपुर और बिरसा फ्रंट के दिग्गजों ने भी भरी हुंकार* मंच को राष्टीय बिरसा फाउन्डेसन एवं बिरसा फ्रंट के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिया मुण्डा, जशपुर छतीसगढ के युवराज सह नगरपालिका के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जशपुर छतीसगढ के नगरपालिका के अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत, जशपुर छतीसगढ के सरना समिती के अध्यक्ष मैनेजर राम नगेसिया, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, विराट हिन्दू सम्मेलन के अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, अधिवक्ता नवीन गुप्ता ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने हिंदुत्व की रक्षा और सामाजिक एकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन बजरंग दल के विभाग संयोजक सूरज साहू ने किया। *अतिथियों का सम्मान और गरिमामयी उपस्थिति* कार्यक्रम का आरंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और बजरंगबली की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर उपरोक्त अतिथियों के अलावे आरएसएस विभाग कार्यवाह सत्येन्द्र सिंह, जिला सह कार्यवाह रमेश जी, जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष वंशी यादव, गारू प्रखंड के खंड कार्यवाह राजेश सिंह, सरना धाम के स्वामी सुभाष सिंह, जैरागी से विहिप के संजय साहू, डुमरी के नीतेश प्रसाद गुप्ता समेत क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति, संघ के पदाधिकारी और हजारों की भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उपरोक्त सभी अतिथियों को आयोजन समिति द्वारा भगवा तौलिया और शौर्य का प्रतीक तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। *इन्होंने निभाया सफल आयोजन में मुख्य किरदार* सम्मेलन को सफल बनाने में हिन्दू महासभा के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, विराट हिन्दू सम्मेलन समिती के अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष श्री विनोद कुमार सिंह, बजरंग दल के विभाग संयोजक सूरज साहू, महुआडांड खण्ड कार्यवाह देवानंद प्रसाद, सह खंड कार्यवाह रामप्रवेश गुप्ता, जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के संयोजक राजन साहू, क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष आनंद किशोर नाथ शाह, दिलीप प्रसाद गुप्ता, वनवासी कल्याण केन्द्र के जिलाध्यक्ष अजय उरांव, यादव समाज के अध्यक्ष मोहन यादव, भाजपा मंडल पूर्वी अध्यक्ष प्रशांत सिंह, पश्चिम अध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, भंडारा प्रमुख रोहित कुमार, मंगल सोनी, आलोक कुमार, बंधा राम की सराहनीय भूमिका रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरे समय मुस्तैद रहा। *आरपीएस विद्यालय महुआडांड़ की छोटी छोटी आदिवासी बच्चियों के द्वारा देवी देवताओं के सजीव चित्रण की झांकी के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। वही सरना धाम के स्वामी सुभाष सिंह के नेतृत्व में झांकी रथ निकल गई। आयोजन समिति के द्वारा भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया वहीं आरपीएस विद्यालय के संचालक ओम सर के द्वारा पूरे कार्यक्रम में पेयजल की व्यवस्था की गई*
*महुआडांड़ में उमड़ा आस्था का सैलाब: विराट हिंदू सम्मेलन में गूंजा 'हिंदू-सरना एक हैं' का उद्घोष* रामप्रवेश गुप्ता *सांसद कालीचरण सिंह ने धर्मांतरण पर साधा निशाना, कहा— ईसाई हुए लोग अब आदिवासी नहीं, अल्पसंख्यक हैं* महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा बाड़ी मंदिर प्रांगण में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में सनातनी धर्मावलंबियों ने शिरकत की। जय श्रीराम, भारत माता की जय और सरना माता की जय के नारों से पूरा महुआडांड़ क्षेत्र भक्तिमय और राष्ट्रवाद के रंग में सराबोर नजर आया। *भव्य शोभायात्रा और शक्ति प्रदर्शन* कार्यक्रम का शुभारंभ एक विशाल शोभायात्रा से हुआ। महुआडांड़ के विभिन्न सुदूरवर्ती गांवों से आए हजारों लोग "जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई" के संकल्प के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा दुर्गा बाड़ी से शुरू होकर शास्त्री चौक, बिरसा चौक, विवेकानंद चौक और दीपाटोली होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ यह एक विशाल धर्मसभा में तब्दील हो गई। *सांसद का कड़ा रुख: 'ईसाई आदिवासी नहीं'* मुख्य
अतिथि चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए हिंदू और सरना समाज की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "हिंदू और सरना समाज अलग नहीं हैं, हमारी जड़ें और संस्कृति एक ही है।" धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जो आदिवासी ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे अब आदिवासी की श्रेणी में नहीं बल्कि अल्पसंख्यक हैं। उन्होंने समाज से अपनी पहचान और संस्कृति की रक्षा का आह्वान किया। *संघ के 100 वर्ष: राष्ट्र निर्माण का संकल्प* आरएसएस के प्रांत प्रचारक महेंद्र जी ने संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू समाज को अब संगठित होकर राष्ट्र निर्माण और ग्राम विकास की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने सामाजिक समरसता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया। *जशपुर और बिरसा फ्रंट के दिग्गजों ने भी भरी हुंकार* मंच को राष्टीय बिरसा फाउन्डेसन एवं बिरसा फ्रंट के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिया मुण्डा, जशपुर छतीसगढ के युवराज सह नगरपालिका के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जशपुर छतीसगढ के नगरपालिका के अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत, जशपुर छतीसगढ के सरना समिती के अध्यक्ष
मैनेजर राम नगेसिया, हिन्दू महासभा के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, विराट हिन्दू सम्मेलन के अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, अधिवक्ता नवीन गुप्ता ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने हिंदुत्व की रक्षा और सामाजिक एकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन बजरंग दल के विभाग संयोजक सूरज साहू ने किया। *अतिथियों का सम्मान और गरिमामयी उपस्थिति* कार्यक्रम का आरंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और बजरंगबली की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर उपरोक्त अतिथियों के अलावे आरएसएस विभाग कार्यवाह सत्येन्द्र सिंह, जिला सह कार्यवाह रमेश जी, जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष वंशी यादव, गारू प्रखंड के खंड कार्यवाह राजेश सिंह, सरना धाम के स्वामी सुभाष सिंह, जैरागी से विहिप के संजय साहू, डुमरी के नीतेश प्रसाद गुप्ता समेत क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति, संघ के पदाधिकारी और हजारों की भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उपरोक्त सभी अतिथियों को आयोजन समिति द्वारा भगवा तौलिया और शौर्य का प्रतीक तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। *इन्होंने निभाया सफल आयोजन में मुख्य किरदार* सम्मेलन को सफल बनाने में हिन्दू महासभा
के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, विराट हिन्दू सम्मेलन समिती के अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष श्री विनोद कुमार सिंह, बजरंग दल के विभाग संयोजक सूरज साहू, महुआडांड खण्ड कार्यवाह देवानंद प्रसाद, सह खंड कार्यवाह रामप्रवेश गुप्ता, जिला पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के संयोजक राजन साहू, क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष आनंद किशोर नाथ शाह, दिलीप प्रसाद गुप्ता, वनवासी कल्याण केन्द्र के जिलाध्यक्ष अजय उरांव, यादव समाज के अध्यक्ष मोहन यादव, भाजपा मंडल पूर्वी अध्यक्ष प्रशांत सिंह, पश्चिम अध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, भंडारा प्रमुख रोहित कुमार, मंगल सोनी, आलोक कुमार, बंधा राम की सराहनीय भूमिका रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरे समय मुस्तैद रहा। *आरपीएस विद्यालय महुआडांड़ की छोटी छोटी आदिवासी बच्चियों के द्वारा देवी देवताओं के सजीव चित्रण की झांकी के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। वही सरना धाम के स्वामी सुभाष सिंह के नेतृत्व में झांकी रथ निकल गई। आयोजन समिति के द्वारा भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया वहीं आरपीएस विद्यालय के संचालक ओम सर के द्वारा पूरे कार्यक्रम में पेयजल की व्यवस्था की गई*
- मांदर की थाप पर झूमा चैनपुर, सरहुल महोत्सव में इक्कीस गांवों के खोड़ा दलों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा चैनपुर प्रखंड में प्रकृति और आस्था का महापर्व सरहुल हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। जानकारी देते हुए शाम तीन बजे बताया गया कि प्रेम नगर स्थित सरना स्थल पर आयोजित मुख्य समारोह में श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम बैगा रवि प्रसाद बैगा द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर की गई। सरना स्थल पर विधिवत पूजा संपन्न कर क्षेत्र की सुख-शांति, अच्छी वर्षा और समृद्धि की कामना की गई। परंपरा अनुसार बैगा द्वारा श्रद्धालुओं के कानों में सरई फूल लगाया गया तथा जल अर्पित कर आशीर्वाद दिया गया। पूजा के बाद सरना स्थल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो प्रेम नगर एवं बस स्टैंड होते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र मांदर, ढोल, नगाड़ा और झांझ की गूंज से गुंजायमान रहा। पारंपरिक वेशभूषा में पुरुष, महिलाएं और युवा एक साथ लोकधुनों पर थिरकते नजर आए। महोत्सव में कुल इक्कीस गांवों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दुर्गा मंदिर परिसर में विभिन्न गांवों से पहुंचे खोड़ा दलों ने आकर्षक लोकनृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा उपस्थित रहे। अतिथियों ने कलाकारों और खोड़ा दलों को सम्मानित करते हुए प्रकृति संरक्षण एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बचाए रखने का संदेश दिया। समारोह को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष कुलदीप बैगा, सचिव अंतु भगत, संतोष कुमार, बसंत कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। सरहुल पर्व को लेकर पूरे चैनपुर क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का वातावरण बना रहा। #Sarhul2026 #SarhulFestival #ChainpurGumla #JharkhandCulture #AdivasiSanskriti #SarnaDharma #GumlaNews #JharkhandNews #LocalNews #FestivalCelebration #TraditionalDance #PublicAppNews1
- चैनपुर (गुमला): चैनपुर थाना क्षेत्र के केड़ेंग गांव में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल जेम्स टोप्पो को इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।1
- यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन और नई फसलों के स्वागत का एक अत्यंत खूबसूरत और प्राचीन आदिवासी उत्सव है। चैनपुर क्षेत्र में सरहुल को लेकर स्थानीय लोगों और जनजातीय समाज में एक अलग ही उत्साह और उमंग देखने को मिला। सरहुल का शाब्दिक अर्थ 'साल (सखुआ) के पेड़ों की पूजा' है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रकृति ही हमारी सच्ची रक्षक है।4
- Post by Shoaib Siddiqui1
- रायडीह थाना क्षेत्र के सीलम ढलान के समीप ऑटो सवार महिलाओं को तेज रफ्तार की पिकअप ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 6 लोग गंभीर रूप जख्मी हो गए, जिसमें 5 महिलाएं शामिल है। बताया जाता है कि गैस की किल्लत से महिलाएं परेशान थी और सभी सीलम जंगल लकड़ी लाने जा रहे थे। क्योंकि गैस खत्म होने के कारण चूल्हा नहीं जल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार की पिकअप ने टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों द्वारा सभी घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे के 3 महिलाओं को गंभीर चोट पहुंची है, अन्य को हल्की चोट पहुंची है । वहीं पुलिस अज्ञात पिकअप वाहन की तलाश में जुट गई है।1
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- लातेहार लातेहार:जिला मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत चन्दनदीह, अम्बवाटिकर,पहाड़पुरी, किनामाड़ में पिछले रात आंधी तूफान आने के कारण 28 घंटों से बिजली गुल है,बिजली विभाग अपनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है जिससे बिजली विभाग के कर्मचारियों को बिजली सप्लाई शुरू करने हेतु आने वाली त्रुटियों को ठीक करने में काफी कष्टों का सामना करना पड़ रहा है,जो बिजली विभाग के कमियों को उजागर करता है|स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के पास ना अपना टॉर्च,न सीढ़ी, ना मरम्मत के कार्य के लिए समुचित वाहन का व्यवस्था है|बताया जा रहा है कि मरम्मत का कार्य ट्रकों में चढ़ कर किया जा रहा है|मौके पर स्थानीय कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने स्थिति का जायजा लेते हुए विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई तथा उन्होंने कहा की इस तरह की व्यवस्था से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है और आम जनता को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वही पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ने निशाना साधते हुए कहा कि इस समय जनता के समस्याओं की अनदेखी की जा रही हैं|2
- मशरूम खेती से बदलेगी डुमरी की तस्वीर, पाँच सौ जनजातीय परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल 📍 डुमरी (गुमला) : आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत डुमरी प्रखंड में मशरूम कल्टीवेशन परियोजना के माध्यम से जनजातीय एवं पीवीटीजी परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष पहल शुरू की गई है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे बताया गया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत डुमरी प्रखंड के कुल पाँच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को मशरूम खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में मॉडल गांव औरापाट के पैंतालीस परिवारों के बीच मशरूम किट का वितरण किया गया तथा उन्हें ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को कम लागत में घर के छोटे स्थानों पर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक सिखाई गई। साथ ही उत्पादन, भंडारण एवं विपणन से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि ग्रामीण परिवार नियमित आय अर्जित कर सकें। उन्होंने बताया कि परियोजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मशरूम उत्पादन से जुड़े लाभुकों को उनके उत्पाद की खरीद सुनिश्चित करने के लिए चेक प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ जीवन स्तर में भी सुधार देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि डुमरी प्रखंड आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके। #GumlaNews #DumriGumla #MushroomFarming #AakankshiBlockProgram #JharkhandNews #RuralDevelopment #SelfReliance #TeamPRDGumla1