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सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863

2 hrs ago
user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Court reporter Pati, Barwani•
2 hrs ago

सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863

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  • सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
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    सुनील शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Pati, Barwani•
    2 hrs ago
  • बड़वानी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणगौर माता का पर्व पूरे हर्षोल्लास, आस्था और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। शहर में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन के अंतर्गत माता जी के रथों का स्वागत किया जाता है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पूजा-अर्चना करते हैं। समाज के वरिष्ठ सदस्य मनोज पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि गणगौर पर्व के दौरान समाज की ओर से सामूहिक भोज, भंडारा एवं अन्नकूट का भव्य आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होकर प्रसादी ग्रहण करते हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध के चलते गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसके कारण गैस टंकियों की उपलब्धता में भारी कमी देखी जा रही है। ऐसे हालात में समाज ने एक सराहनीय पहल करते हुए अपनी पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाया है। पहले के समय में जिस प्रकार लकड़ी की भट्टियों पर भोजन तैयार किया जाता था, उसी परंपरा को इस वर्ष भी जीवित किया गया है। आयोजन स्थल पर बड़े स्तर पर लकड़ी की भट्टियां तैयार की गई हैं, जहां महिलाओं और समाजजनों की टीम द्वारा भोजन प्रसादी बनाई जा रही है। इसमें पूरी, सब्जी, दाल, चावल सहित विभिन्न व्यंजन पारंपरिक तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि अन्नकूट और गणगौर पर्व की पंगत—दोनों समय का भोजन पूरी तरह लकड़ी की भट्टियों पर ही बनाया जा रहा है। इस पारंपरिक पद्धति से न केवल गैस संकट का समाधान निकाला गया है, बल्कि पुराने समय की संस्कृति और स्वाद को भी पुनर्जीवित किया गया है। समाज के बुजुर्गों का कहना है कि लकड़ी की भट्टियों पर बना भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि उसमें पारंपरिक खुशबू और श्रद्धा का भाव भी जुड़ा होता है। गणगौर पर्व के इस आयोजन में समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा है। महिलाएं जहां पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्मों में व्यस्त हैं, वहीं युवा वर्ग आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहा है। पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय बना हुआ है। इस तरह विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज ने यह संदेश दिया है कि आस्था, परंपरा और एकता के बल पर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है
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    बड़वानी।
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणगौर माता का पर्व पूरे हर्षोल्लास, आस्था और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। शहर में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन के अंतर्गत माता जी के रथों का स्वागत किया जाता है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पूजा-अर्चना करते हैं।
समाज के वरिष्ठ सदस्य मनोज पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि गणगौर पर्व के दौरान समाज की ओर से सामूहिक भोज, भंडारा एवं अन्नकूट का भव्य आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होकर प्रसादी ग्रहण करते हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध के चलते गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसके कारण गैस टंकियों की उपलब्धता में भारी कमी देखी जा रही है। ऐसे हालात में समाज ने एक सराहनीय पहल करते हुए अपनी पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाया है। पहले के समय में जिस प्रकार लकड़ी की भट्टियों पर भोजन तैयार किया जाता था, उसी परंपरा को इस वर्ष भी जीवित किया गया है।
आयोजन स्थल पर बड़े स्तर पर लकड़ी की भट्टियां तैयार की गई हैं, जहां महिलाओं और समाजजनों की टीम द्वारा भोजन प्रसादी बनाई जा रही है। इसमें पूरी, सब्जी, दाल, चावल सहित विभिन्न व्यंजन पारंपरिक तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि अन्नकूट और गणगौर पर्व की पंगत—दोनों समय का भोजन पूरी तरह लकड़ी की भट्टियों पर ही बनाया जा रहा है।
इस पारंपरिक पद्धति से न केवल गैस संकट का समाधान निकाला गया है, बल्कि पुराने समय की संस्कृति और स्वाद को भी पुनर्जीवित किया गया है। समाज के बुजुर्गों का कहना है कि लकड़ी की भट्टियों पर बना भोजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि उसमें पारंपरिक खुशबू और श्रद्धा का भाव भी जुड़ा होता है।
गणगौर पर्व के इस आयोजन में समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा है। महिलाएं जहां पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्मों में व्यस्त हैं, वहीं युवा वर्ग आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहा है। पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय बना हुआ है।
इस तरह विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज ने यह संदेश दिया है कि आस्था, परंपरा और एकता के बल पर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Hemant Nagziriya
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    Post by Hemant Nagziriya
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • माँ की कुक्षी मे प्रतिष्ठा के पूर्व आचार्यश्री के समक्ष श्रीसंघ के मन का उल्लास और उमंग भरा भाव आया नजर। आचार्य श्री हुए प्रसन्न दिया खूब खूब आशीर्वाद।
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    माँ की कुक्षी मे प्रतिष्ठा के पूर्व आचार्यश्री के समक्ष श्रीसंघ के मन का उल्लास और उमंग भरा भाव आया नजर। आचार्य श्री  हुए प्रसन्न दिया खूब खूब आशीर्वाद।
    user_MP 11 NEWS
    MP 11 NEWS
    Court reporter कुक्षी, धार, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • राजपुर। नगर में रविवार को गणगौर उत्सव श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं और युवतियों ने सोलह श्रृंगार कर आकर्षक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भव्य झांकियां निकालीं, जो पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। नगर परिषद द्वारा रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट के बीच कलाकारों ने गणगौर माता की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों पर नृत्य करते हुए माता गौरी एवं भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बना रहा। आयोजकों के अनुसार गणगौर पर्व नारी शक्ति, प्रेम और अटूट सौभाग्य का प्रतीक है, जिसे हर वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी आयोजन ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष शिखा विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व पार्षद सहित दोनों पार्टियों के नेतागण शामिल रहे है साथ ही हजारो लोग महिलाओं सहित बच्चों ने आनंद लिया है।
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    राजपुर। नगर में रविवार को गणगौर उत्सव श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं और युवतियों ने सोलह श्रृंगार कर आकर्षक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भव्य झांकियां निकालीं, जो पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
नगर परिषद द्वारा रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट के बीच कलाकारों ने गणगौर माता की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों पर नृत्य करते हुए माता गौरी एवं भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बना रहा।
आयोजकों के अनुसार गणगौर पर्व नारी शक्ति, प्रेम और अटूट सौभाग्य का प्रतीक है, जिसे हर वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी आयोजन ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष शिखा विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व पार्षद सहित दोनों पार्टियों के नेतागण शामिल रहे है साथ ही हजारो लोग महिलाओं सहित बच्चों ने आनंद लिया है।
    user_Allrounder Rahul Gupta
    Allrounder Rahul Gupta
    पत्रकार राजपुर, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मांडू में गणगौर माता का तीन दिवसीय कार्यक्रम पारंपरिक गीतों और पूजा से विदाई दी अंतिम दिन भंडारे का आयोजन भी हुआ महिलाओं ने सिर पर रथ लेकर चतुर्भुज राम मंदिर से गोमती कुंड तक यात्रा निकाली राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/सोमवार रात मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों में गणगौर माता की पारंपरिक सवारी और रथ यात्राएं धूमधाम से निकाली गईं। यह यात्रा परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक रही। माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं 25 से अधिक घरों में बने माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते और गरबा खेलते हुए ये महिलाएं चतुर्भुज राम मंदिर पहुंचीं। मंदिर में आचार्य पंडित शुभम त्रिवेदी और पंडित महेंद्र शर्मा ने माता की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता को जल पिलाया, पुष्पमाला पहनाई और मंत्रोच्चार के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती की।गणगौर पर्व आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक इन भव्य सवारियों में मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक पोशाक में शामिल हुईं। नगर की वरिष्ठ महिलाओं, इंदिरा बाई शर्मा और पुष्पा यादव ने बताया कि गणगौर पर्व उनके लिए आस्था, परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। वे इस पर्व का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं और अपने सुहाग, नगर और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए 16 दिनों तक माता रानी की आराधना करती हैं। भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा पर्व के दौरान महिलाओं ने रात्रि जागरण किया, हाथों में मेहंदी लगाई और गणगौर माता के गीत गाकर नृत्य किया। प्रत्येक घर में भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा गया। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा और गणगौर माता के गीत गूंजते रहे। छोटे बच्चे बने गणगौर माता ओर ईश्वर जी मांडू में छोटे छोटे बच्चे गणगौर के इस आयोजन में गणगौर माता ओर ओर उनके पति ईश्वर जी बने ओर खूब गणगौर के भजनों पर नत्य क्या चतुर्भुज श्री राम की नगरी में तीन दिवसीय गणगौर महोत्सव का आज समापन हो गया। यह महोत्सव आस्था और परंपरा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पुरानी परंपरा के अनुसार गणगौर की विदाई पारंपरिक गीत गाकर और पूजा-अर्चना करके की गई वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर में गणगौर माता के रथ की पूजा ओर आरती के बाद गणगौर माता के रथ को पूरे नगर में घुमा कर गोमती कुंड पहुंच कर माता को विदाई दी । समापन के अवसर पर नितिन पटेल के द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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    मांडू में गणगौर माता का तीन दिवसीय कार्यक्रम पारंपरिक गीतों और पूजा से विदाई दी
अंतिम दिन भंडारे का आयोजन भी हुआ
महिलाओं ने सिर पर रथ लेकर चतुर्भुज राम मंदिर से गोमती कुंड तक यात्रा निकाली
राहुल सेन मांडव 
मो 9669141814
मांडू न्यूज/सोमवार रात मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों में गणगौर माता की पारंपरिक सवारी और रथ यात्राएं धूमधाम से निकाली गईं। यह यात्रा परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक रही।
माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं
25 से अधिक घरों में बने माता के रथों को महिलाएं अपने सिर पर लेकर निकलीं। ढोल-ताशे और डीजे की धुन पर धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते और गरबा खेलते हुए ये महिलाएं चतुर्भुज राम मंदिर पहुंचीं।
मंदिर में आचार्य पंडित शुभम त्रिवेदी और पंडित महेंद्र शर्मा ने माता की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता को जल पिलाया, पुष्पमाला पहनाई और मंत्रोच्चार के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती की।गणगौर पर्व आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक
इन भव्य सवारियों में मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं पारंपरिक पोशाक में शामिल हुईं। नगर की वरिष्ठ महिलाओं, इंदिरा बाई शर्मा और पुष्पा यादव ने बताया कि गणगौर पर्व उनके लिए आस्था, परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
वे इस पर्व का पूरे वर्ष इंतजार करती हैं और अपने सुहाग, नगर और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए 16 दिनों तक माता रानी की आराधना करती हैं।
भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा
पर्व के दौरान महिलाओं ने रात्रि जागरण किया, हाथों में मेहंदी लगाई और गणगौर माता के गीत गाकर नृत्य किया। प्रत्येक घर में भुने हुए चने और मक्के की धानी का प्रसाद बांटा गया। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा और गणगौर माता के गीत गूंजते रहे।
छोटे बच्चे बने गणगौर माता ओर ईश्वर जी 
मांडू में छोटे छोटे बच्चे गणगौर के इस आयोजन में गणगौर माता ओर  ओर उनके पति ईश्वर जी बने ओर खूब गणगौर के भजनों पर नत्य क्या 
चतुर्भुज श्री राम की नगरी में तीन दिवसीय गणगौर महोत्सव का आज समापन हो गया। यह महोत्सव आस्था और परंपरा के साथ संपन्न हुआ।
इस दौरान पुरानी परंपरा के अनुसार गणगौर की विदाई पारंपरिक गीत गाकर और पूजा-अर्चना करके की गई वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर में गणगौर माता के रथ की पूजा ओर आरती के बाद गणगौर माता के रथ को पूरे नगर में घुमा कर गोमती कुंड पहुंच कर माता को विदाई दी ।
समापन के अवसर पर नितिन पटेल के द्वारा   भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_राहुल सेन मांडव
    राहुल सेन मांडव
    Barber Dhar, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • *इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना: टीही–धार खंड पर कार्य में तेजी* *पीथमपुर से धार के मध्य टॉवर वेगन से ट्रैक परीक्षण प्रारंभ* पश्चिम रेलवे, रतलाम मंडल की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब अपने साकार रूप की ओर तेज़ी से अग्रसर है। इस परियोजना के अंतर्गत इंदौर से टीही तक का कार्य पूर्व में सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जबकि टीही से धार के मध्य निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परियोजना की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए टीही से धार तक के कार्य को विभिन्न खंडों में विभाजित कर योजनाबद्ध तरीके से निष्पादित किया जा रहा है। टीही–पीथमपुर खंड में टनल निर्माण कार्य शेष होने के कारण निर्माण विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए ट्रैक मशीन (टीटीएम) को सड़क मार्ग से रेलवे ट्रैक पर उतारा गया। इसके माध्यम से पीथमपुर से धार तक ट्रैक की पैकिंग एवं आवश्यक मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। इसी क्रम में, ट्रैक की गुणवत्ता एवं फिटनेस की जांच हेतु टॉवर वेगन को भी सड़क मार्ग से लाकर पीथमपुर के निकट रेलवे लाइन पर उतारा गया। निर्माण विभाग द्वारा 23 से 26 मार्च 2026 के मध्य टॉवर वेगन को निर्धारित गति सीमा तक संचालित कर ट्रैक की स्थिरता एवं सुरक्षा का परीक्षण किया जा रहा है। इस संबंध में रेलवे द्वारा पूर्व में ही रेलवे ट्रैक के आस-पास नहीं जाने के लिए जन-सूचना जारी कर आम नागरिकों को सूचित किया गया था, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्य इंजीनियर (निर्माण), श्री धीरज कुमार, मुंबई, स्वयं इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्य की निगरानी हेतु इंदौर पहुंचे हैं। दिनांक 23 मार्च 2026 को उन्होंने पीथमपुर से धार तक टॉवर वेगन के माध्यम से ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया एवं ट्रैक की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया। यह पहली बार है जब इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन पर टॉवर वेगन चलाकर ट्रैक की क्षमता का परीक्षण किया गया है, जो परियोजना की प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है। जब तक पीथमपुर–धार रेल खंड पूर्ण रूप से तैयार होगा, तब तक इसके समानांतर टनल निर्माण कार्य भी तीव्र गति से जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन द्वारा पूर्ण तैयारी के साथ इंदौर–दाहोद रेल लाइन को धार तक शीघ्र प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को शीघ्र ही रेलवे सेवा का लाभ मिलेगा तथा इंदौर से धार के बीच आवागमन सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध हो सकेगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगी, बल्कि औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
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    *इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना: टीही–धार खंड पर कार्य में तेजी*
*पीथमपुर से धार के मध्य टॉवर वेगन से ट्रैक परीक्षण प्रारंभ*
पश्चिम रेलवे, रतलाम मंडल की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब अपने साकार रूप की ओर तेज़ी से अग्रसर है। इस परियोजना के अंतर्गत इंदौर से टीही तक का कार्य पूर्व में सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जबकि टीही से धार के मध्य निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परियोजना की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए टीही से धार तक के कार्य को विभिन्न खंडों में विभाजित कर योजनाबद्ध तरीके से निष्पादित किया जा रहा है। टीही–पीथमपुर खंड में टनल निर्माण कार्य शेष होने के कारण निर्माण विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए ट्रैक मशीन (टीटीएम) को सड़क मार्ग से रेलवे ट्रैक पर उतारा गया। इसके माध्यम से पीथमपुर से धार तक ट्रैक की पैकिंग एवं आवश्यक मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
इसी क्रम में, ट्रैक की गुणवत्ता एवं फिटनेस की जांच हेतु टॉवर वेगन को भी सड़क मार्ग से लाकर पीथमपुर के निकट रेलवे लाइन पर उतारा गया। निर्माण विभाग द्वारा 23 से 26 मार्च 2026 के मध्य टॉवर वेगन को निर्धारित गति सीमा तक संचालित कर ट्रैक की स्थिरता एवं सुरक्षा का परीक्षण किया जा रहा है। इस संबंध में रेलवे द्वारा पूर्व में ही रेलवे ट्रैक के आस-पास नहीं जाने के लिए जन-सूचना जारी कर आम नागरिकों को सूचित किया गया था, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य इंजीनियर (निर्माण), श्री धीरज कुमार, मुंबई, स्वयं इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्य की निगरानी हेतु इंदौर पहुंचे हैं। दिनांक 23 मार्च 2026 को उन्होंने पीथमपुर से धार तक टॉवर वेगन के माध्यम से ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया एवं ट्रैक की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया। यह पहली बार है जब इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन पर टॉवर वेगन चलाकर ट्रैक की क्षमता का परीक्षण किया गया है, जो परियोजना की प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है।
जब तक पीथमपुर–धार रेल खंड पूर्ण रूप से तैयार होगा, तब तक इसके समानांतर टनल निर्माण कार्य भी तीव्र गति से जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन द्वारा पूर्ण तैयारी के साथ इंदौर–दाहोद रेल लाइन को धार तक शीघ्र प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को शीघ्र ही रेलवे सेवा का लाभ मिलेगा तथा इंदौर से धार के बीच आवागमन सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध हो सकेगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगी, बल्कि औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
    user_Journalist Akki
    Journalist Akki
    Local News Reporter धार, धार, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *अतिक्रमण की कार्यवाही राजस्व विभाग की जमीन तक तो समझ आती है पर बिना किसी वन विभाग की अनुमति के वन विभाग पर अतिक्रमण की कार्यवाही की जाने लगी वाह वाही लूटने के चक्कर में ऐसा कार्य नियमों के विरुद्ध।*
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    *अतिक्रमण की कार्यवाही राजस्व विभाग की जमीन तक तो समझ आती है पर बिना किसी वन विभाग की अनुमति के वन विभाग पर अतिक्रमण की कार्यवाही की जाने लगी वाह वाही लूटने के चक्कर में ऐसा कार्य नियमों के विरुद्ध।*
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Barwani, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
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