सतना जिले के पिथौराबाद में शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है, जिसके चलते एक जनपद सदस्य ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस संबंध में 15 दिन पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके बाद जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रुख किया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिथौराबाद क्षेत्र में संचालित इस शराब दुकान के कारण इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाएं, बच्चे एवं आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें और मांगें करने के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। भूख हड़ताल स्थल पर स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार अपना समर्थन दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्षेत्रवासियों की मांग पर क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
सतना जिले के पिथौराबाद में शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है, जिसके चलते एक जनपद सदस्य ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस संबंध में 15 दिन पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके बाद जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रुख किया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिथौराबाद क्षेत्र में संचालित इस शराब दुकान के कारण इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाएं, बच्चे एवं आम नागरिकों को परेशानी
का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें और मांगें करने के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। भूख हड़ताल स्थल पर स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार अपना समर्थन दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्षेत्रवासियों की मांग पर क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
- मैहर में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ स्वर्णकार विकास समिति के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्री देवदत्त सोनी के प्रथम आगमन पर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। समाज के कार्यकर्ताओं और स्वर्णकार समाज के बंधुओं ने जगह-जगह फूल-मालाओं, आत्मीय अभिनंदन और उत्साहपूर्ण तरीके से श्री सोनी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने नए नेतृत्व पर अपना विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया, जिससे समाज की एकजुटता परिलक्षित हुई। श्री देवदत्त सोनी ने सभी कार्यकर्ताओं और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज की एकता, सम्मान, संगठन की मजबूती और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ कार्य करना है। उन्होंने युवाओं को संगठन से जोड़ने, समाज के हितों की रक्षा करने तथा सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करने का भी विश्वास दिलाया।1
- आज बुधवार, दिनांक 01/07/2026 को जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के प्रातःकालीन श्रृंगार के अद्भुत दर्शन हुए हैं। यह श्रृंगार अत्यंत मनमोहक और अलौकिक था। जय हो माई की।2
- मध्यप्रदेश के मैहर में स्वजातीय स्वर्णकार समाज विकास समिति के प्रदेश स्तरीय चुनाव शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए, जिसमें देवदत्त सोनी को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इन चुनावों में कुल 2118 पंजीकृत मतदाताओं में से 1075 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के बाद 1072 मत वैध पाए गए और केवल 3 मत निरस्त कर दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए देवदत्त सोनी ने 544 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुरारी लाल सोनी को 65 मतों के अंतर से पराजित किया, जिन्हें 479 मत मिले। तीसरे प्रत्याशी रतन लाल सोनी को 33 मत प्राप्त हुए। वहीं, प्रदेश कोषाध्यक्ष पद पर मोहन लाल सोनी ने 418 मतों के साथ विजय हासिल की, जबकि लक्ष्मण प्रसाद सोनी को 344 मत और दयाशंकर सोनी को 287 मत प्राप्त हुए। प्रदेश सहसचिव पद के लिए जयप्रकाश सोनी ने 438 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि कमलेश कुमार सोनी को 394 मत और विनीत कुमार सोनी को 216 मत मिले। मतगणना पूरी होने के बाद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी विजयी प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित किया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों और समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी व्यक्त की। समाज के वरिष्ठजनों ने आशा जताई है कि यह नई टीम समाज के संगठन, एकता और विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगी।4
- सतना जिले के पिथौराबाद पोड़ी क्षेत्र में शराब दुकान के विरोध में स्थानीय जनआक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दुकान हटाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। करीब 15 दिन पहले प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर यह चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, तय समय बीत जाने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस निष्क्रियता के बाद जनपद सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं और शराब दुकान हटाने की मांग अब और भी तेज हो गई है।1
- सतना जिले के पिथौराबाद में शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है, जिसके चलते एक जनपद सदस्य ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस संबंध में 15 दिन पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके बाद जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रुख किया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिथौराबाद क्षेत्र में संचालित इस शराब दुकान के कारण इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाएं, बच्चे एवं आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें और मांगें करने के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। भूख हड़ताल स्थल पर स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार अपना समर्थन दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्षेत्रवासियों की मांग पर क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।2
- चित्रकूट न्यूज चैनल के संपादक अरुण कुमार शर्मा चित्रकूट स्थित कामतानाथ धाम से समाचारों का प्रसारण करेंगे।1
- मैहर के घुनवारा वितरण केंद्र में दो सेवानिवृत्त कर्मचारियों – श्री श्रीनिवास द्विवेदी, जो कार्यालय सहायक थे, और श्री दुलीचंद पटेल, जो लाइन परिचारक/लाइनमैन के पद पर थे – के सम्मान में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता श्री शाह आलम खान, कनिष्ठ अभियंता (ट्रेनी) श्री योगेन्द्र प्रजापति, और कंप्यूटर डाटा एंट्री ऑपरेटर शुभम मौर्य उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, अवधेश तिवारी, पंकज कुशवाहा, पप्पू गुप्ता, राजभान पटेल, जितेंद्र कुमार पटेल, बालकराम सिंह, संजू यादव, महेंद्र साहू, कैलाश यादव, नितेश चौहान (लाइन परिचारक), शारदा तिवारी, राकेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह पटेल, तेजभान सिंह पटेल, दिलीप चतुर्वेदी, सुदीप कुमार पटेल, राकेश कुशवाहा और सुरेंद्र विश्वकर्मा ने भी समारोह की गरिमा बढ़ाई। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबे, समर्पित और अनुकरणीय सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया, तथा सभी ने भावभीनी विदाई देते हुए उनके योगदान को याद किया।4
- मध्यप्रदेश के सतना जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर 'स्मार्ट सिटी' के विकास संबंधी दावों की पोल खोल दी है। शहर के वार्ड क्रमांक-12 में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया और रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक स्थानीय युवक को स्वयं नाले में उतरकर जाम हटाना पड़ा, जिसके बाद ही पानी की निकासी शुरू हो सकी और क्षेत्र में जलभराव में कुछ सुधार आया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम द्वारा समय-समय पर नालियों की सफाई और रखरखाव नहीं किए जाने के कारण ही ऐसी नौबत आई। इसी तरह शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में भी बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और आसपास के कई घरों में प्रवेश कर गया। प्रभावित लोगों का आरोप है कि अव्यवस्थित निर्माण कार्य, अधूरी ड्रेनेज व्यवस्था और जल निकासी की अनदेखी के कारण हर वर्ष बरसात में यही समस्या दोहराई जाती है। रहवासियों ने बताया कि 'स्मार्ट सिटी' परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति आज भी संतोषजनक नहीं है, जिसके चलते हर बारिश में जलभराव और घरों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन प्रभावित होता है। अब सतना की जनता यह सवाल उठा रही है कि आखिर उन्हें 'स्मार्ट सिटी' के दावों के बावजूद जलभराव जैसी गंभीर समस्या से स्थायी राहत कब मिलेगी। नागरिकों ने प्रशासन से प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने, नियमित सफाई अभियान चलाने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।1