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या बस जो है दिल्ली से शाहजहांपुर जा रही है आनंद विहार से लेकर हापुड़ तक ट्रैफिक 12:00 बजे से फांसी रात के 3:00 बजे निकली है ट्रैफिक से बाहर
JYOTI SINGH
या बस जो है दिल्ली से शाहजहांपुर जा रही है आनंद विहार से लेकर हापुड़ तक ट्रैफिक 12:00 बजे से फांसी रात के 3:00 बजे निकली है ट्रैफिक से बाहर
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- रेखा सिंह दिल्ली शुभ प्रभात गुड मॉर्निंग सभी दोस्तों के लिए कैसे हैं आप बढ़िया है चाय नाश्ते के साथ गुड मॉर्निंग आप सब लोग खुश रहिए और मस्त रहिए और वीडियो देखें और लाइक करें शेयर करें आप लोग कहां-कहां से वाला वीडियो देख रहे हैं यह बताइए कमेंट में जरूर गुड मॉर्निंग4
- MCD office mein Aam Janata Party ke sadasyon Ne Kata Hungama1
- हर्ष शिव के युवासेना में प्रवेश से विदर्भ में युवा शक्ति को नई ताकत हर्ष शिव के युवासेना में प्रवेश से युवा वर्ग में उत्साह! विदर्भ के युवा नेता हर्ष शिव ने अपने सहयोगियों और समर्थकों के साथ शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट की युवासेना में प्रवेश किया है। यह प्रवेश युवासेना के कार्याध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक की मौजूदगी में हुआ। हर्ष शिव के साथ बड़ी संख्या में युवाओं के युवासेना में शामिल होने से विदर्भ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके प्रवेश को युवाओं को संगठन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हर्ष शिव ने युवाओं के मुद्दों और संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प लिया है। अब सवाल है—युवा शक्ति विदर्भ की राजनीति में क्या नया बदलाव लाएगी?1
- नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि महंगाई कंट्रोल में है, जबकि सच्चाई यह है कि देश के अंदर बेरोजगारी और महंगाई ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा है। नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि महंगाई कंट्रोल में है, जबकि सच्चाई यह है कि देश के अंदर बेरोजगारी और महंगाई ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा है। मतलब देश की जनता आपके PR कैंपेन में बोले गए झूठ को सच मानकर अपने हालात भुला दे। देश में स्कूल-कॉलेज बंद हो रहे हैं, आप एक परीक्षा ठीक से करवा नहीं पा रहे और यूनिवर्सिटी में जाकर, छात्रों को 'हिरासत' में लेकर अपना PR कैंपेन चला रहे हैं। मोदी जी, अब आपकी सच्चाई सबके सामने आ चुकी है। इसलिए आपको 'छात्रों की गूंज' से परेशानी हो रही है। लेकिन याद रखिए, छात्रों की यही गूंज देश में बदलाव की आवाज बनेगी। यही आवाज आपके झूठ और खोखले दावों का पर्दाफाश करेगी।1
- मुख्यमंत्री भगवंत मान का पंजाब की जनता को नौकरी का प्रस्ताव मुख्यमंत्री भगवंत मान का पंजाब की जनता को नौकरी का खुला ऑफर अपना रेट तय करो और नौकरी हो1
- प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया मेंSC-ST समुदाय के अधिकारों को लेकर मंथन, सब-कैटेगरी और क्रीमी लेयरपर उठे सवाल1
- कुछ पूर्व पदाधिकारियों को पद मोह ने अपनी गिरफ्त में जकड़ रखा है... बात जब राजनीति की हो तो सोचा जा सकता है कि नेताओं के बीच कुछ भी संभव है परंतु जब समाजसेवी संस्थाओ में भी यही उठापटक दिखे, आरोप प्रत्यारोप के दौर में एक पक्ष दूसरे को नीचा दिखाने लगे तो लगता है कि पद के लोभ ने समाजसेवियों को भी अपनी गिरफ्त में जकड़ लिया है। जी हां हम बात कर रहें हैं, दिल्ली में उत्तर प्रदेश बिहार के प्रवासियों को एकजुट करने वाली संस्था उत्तर प्रदेश बिहार महासंघ जैसे वटवृक्ष की जिसमें संस्था के कुछ पदाधिकारी सुप्तावस्था में बताए जा रहे थे दिल्ली के अनेकों कालोनियों में अपनी पकड़ बनाए रखने वाले काशी प्रसाद तिवारी गत माह स्वतंत्रता दिवस के दिन हुई संस्था सदस्यों की आम सभा में सर्व सम्मति से पुनः दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए जिसमें कोई भी संस्थापक सदस्य शामिल नहीं था, इसके बाद दूसरे पक्ष ने इस चुनाव को अवैध बताते हुए एक पदाधिकारी उत्तम तिवारी को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया। जिसकी तस्वीर भी साझा की गई। जब हमने इस संबंध में जानकारी ली तो दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कुछ पदाधिकारियों के बीच स्पष्ट रूप से कहा कि दूसरे पक्ष को अध्यक्ष पद का मोह छोड़ नहीं पा रहा है। आप भी सुनिए क्या कहा अहम पदाधिकारियों ने1
- विधायक जी! निगम पार्षद जी! आखिर कब तक मां अपने बच्चे को हाथ पकड़कर सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजेगी? त्रिलोकपुरी 21 ब्लॉक में सड़क नहीं, मजबूरी बह रही है ईंटों पर संभलकर चल रहे बच्चे, गंदे पानी से गुजर रहे लोग और जिम्मेदारों से पूछ रही जनता: हादसा होने का इंतजार है क्या? विधायक हों, निगम पार्षद हों या फिर सीवर और जल निकासी की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग त्रिलोकपुरी के 21 ब्लॉक की यह तस्वीर सबके सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। यहां सड़क पर सिर्फ पानी नहीं भरा दिखाई दे रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के मुताबिक लंबे समय से सीवर का गंदा पानी रास्ते में फैल रहा है। जिस सड़क से रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं, महिलाएं मंदिर जाती हैं और सैकड़ों लोग बाजार व अपने काम पर निकलते हैं, आज उसी रास्ते को पार करना किसी परीक्षा से कम नहीं रह गया है। सबसे दर्दनाक दृश्य उस मां का है, जो अपनी छोटी बच्ची का हाथ पकड़कर उसे एक-एक ईंट पर संभालकर आगे बढ़ा रही है। नीचे गंदा पानी, ऊपर गिरने का डर और सामने स्कूल पहुंचने की मजबूरी। सोचिए… अगर उस मासूम का पैर फिसल जाए तो जवाब कौन देगा? विधायक? निगम पार्षद? संबंधित विभाग? या फिर हमेशा की तरह हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के बयान जारी होंगे? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल बारिश के दौरान पैदा हुई परेशानी नहीं है। उनका आरोप है कि सीवर का पानी बैक होकर सड़क पर फैल रहा है और लंबे समय से हालात जस के तस बने हुए हैं। मजबूरी में लोगों ने सड़क पर ईंटें रख दी हैं, ताकि किसी तरह बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रास्ता पार कर सकें। सेंटर पार्क के सामने वाले मेन रोड की हालत भी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। यहां सवाल केवल टूटी सड़क या जलभराव का नहीं है। सवाल उस बच्चे का है जिसे स्कूल पहुंचने से पहले अपनी जान संभालनी पड़ रही है। सवाल उस मां का है, जिसे हर कदम पर डर है कि उसकी बच्ची फिसल न जाए। सवाल उन श्रद्धालुओं का है, जिन्हें मंदिर जाने के लिए भी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। त्रिलोकपुरी की जनता अब जवाब चाहती है आखिर जिम्मेदार कौन है और कार्रवाई कब होगी? क्योंकि कागजों में विकास के दावे चाहे जितने बड़े हों, लेकिन अगर एक मां को अपने बच्चे को ईंटों के सहारे सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजना पड़े, तो यह तस्वीर सिर्फ एक सड़क की बदहाली नहीं… पूरे सिस्टम से जवाब मांगती हुई एक मजबूरी है।1