विधायक जी! निगम पार्षद जी! आखिर कब तक मां अपने बच्चे को हाथ पकड़कर सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजेगी? त्रिलोकपुरी 21 ब्लॉक में सड़क नहीं, मजबूरी बह रही है ईंटों पर संभलकर चल रहे बच्चे, गंदे पानी से गुजर रहे लोग और जिम्मेदारों से पूछ रही जनता: हादसा होने का इंतजार है क्या? विधायक हों, निगम पार्षद हों या फिर सीवर और जल निकासी की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग त्रिलोकपुरी के 21 ब्लॉक की यह तस्वीर सबके सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। यहां सड़क पर सिर्फ पानी नहीं भरा दिखाई दे रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के मुताबिक लंबे समय से सीवर का गंदा पानी रास्ते में फैल रहा है। जिस सड़क से रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं, महिलाएं मंदिर जाती हैं और सैकड़ों लोग बाजार व अपने काम पर निकलते हैं, आज उसी रास्ते को पार करना किसी परीक्षा से कम नहीं रह गया है। सबसे दर्दनाक दृश्य उस मां का है, जो अपनी छोटी बच्ची का हाथ पकड़कर उसे एक-एक ईंट पर संभालकर आगे बढ़ा रही है। नीचे गंदा पानी, ऊपर गिरने का डर और सामने स्कूल पहुंचने की मजबूरी। सोचिए… अगर उस मासूम का पैर फिसल जाए तो जवाब कौन देगा? विधायक? निगम पार्षद? संबंधित विभाग? या फिर हमेशा की तरह हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के बयान जारी होंगे? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल बारिश के दौरान पैदा हुई परेशानी नहीं है। उनका आरोप है कि सीवर का पानी बैक होकर सड़क पर फैल रहा है और लंबे समय से हालात जस के तस बने हुए हैं। मजबूरी में लोगों ने सड़क पर ईंटें रख दी हैं, ताकि किसी तरह बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रास्ता पार कर सकें। सेंटर पार्क के सामने वाले मेन रोड की हालत भी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। यहां सवाल केवल टूटी सड़क या जलभराव का नहीं है। सवाल उस बच्चे का है जिसे स्कूल पहुंचने से पहले अपनी जान संभालनी पड़ रही है। सवाल उस मां का है, जिसे हर कदम पर डर है कि उसकी बच्ची फिसल न जाए। सवाल उन श्रद्धालुओं का है, जिन्हें मंदिर जाने के लिए भी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। त्रिलोकपुरी की जनता अब जवाब चाहती है आखिर जिम्मेदार कौन है और कार्रवाई कब होगी? क्योंकि कागजों में विकास के दावे चाहे जितने बड़े हों, लेकिन अगर एक मां को अपने बच्चे को ईंटों के सहारे सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजना पड़े, तो यह तस्वीर सिर्फ एक सड़क की बदहाली नहीं… पूरे सिस्टम से जवाब मांगती हुई एक मजबूरी है।
विधायक जी! निगम पार्षद जी! आखिर कब तक मां अपने बच्चे को हाथ पकड़कर सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजेगी? त्रिलोकपुरी 21 ब्लॉक में सड़क नहीं, मजबूरी बह रही है ईंटों पर संभलकर चल रहे बच्चे, गंदे पानी से गुजर रहे लोग और जिम्मेदारों से पूछ रही जनता: हादसा होने का इंतजार है क्या? विधायक हों, निगम पार्षद हों या फिर सीवर और जल निकासी की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग त्रिलोकपुरी के 21 ब्लॉक की यह तस्वीर सबके सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। यहां सड़क पर सिर्फ पानी नहीं भरा दिखाई दे रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के मुताबिक लंबे समय से सीवर का गंदा पानी रास्ते में फैल रहा है। जिस सड़क से रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं, महिलाएं मंदिर जाती हैं और सैकड़ों लोग बाजार व अपने काम पर निकलते हैं, आज उसी रास्ते को पार करना किसी परीक्षा से कम नहीं रह गया है। सबसे दर्दनाक दृश्य उस मां का है, जो अपनी छोटी बच्ची का हाथ पकड़कर उसे एक-एक ईंट पर संभालकर आगे बढ़ा रही है। नीचे गंदा पानी, ऊपर गिरने का डर और सामने स्कूल पहुंचने की मजबूरी। सोचिए… अगर उस मासूम का पैर फिसल जाए तो जवाब कौन देगा? विधायक? निगम पार्षद? संबंधित विभाग? या फिर हमेशा की तरह हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के बयान जारी होंगे? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल बारिश के दौरान पैदा हुई परेशानी नहीं है। उनका आरोप है कि सीवर का पानी बैक होकर सड़क पर फैल रहा है और लंबे समय से हालात जस के तस बने हुए हैं। मजबूरी में लोगों ने सड़क पर ईंटें रख दी हैं, ताकि किसी तरह बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रास्ता पार कर सकें। सेंटर पार्क के सामने वाले मेन रोड की हालत भी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। यहां सवाल केवल टूटी सड़क या जलभराव का नहीं है। सवाल उस बच्चे का है जिसे स्कूल पहुंचने से पहले अपनी जान संभालनी पड़ रही है। सवाल उस मां का है, जिसे हर कदम पर डर है कि उसकी बच्ची फिसल न जाए। सवाल उन श्रद्धालुओं का है, जिन्हें मंदिर जाने के लिए भी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। त्रिलोकपुरी की जनता अब जवाब चाहती है आखिर जिम्मेदार कौन है और कार्रवाई कब होगी? क्योंकि कागजों में विकास के दावे चाहे जितने बड़े हों, लेकिन अगर एक मां को अपने बच्चे को ईंटों के सहारे सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजना पड़े, तो यह तस्वीर सिर्फ एक सड़क की बदहाली नहीं… पूरे सिस्टम से जवाब मांगती हुई एक मजबूरी है।
- आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से राष्ट्रीय पुस्तक पठन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं, पढ़ें सीखे और आगे बढ़ें।1
- हर्ष शिव के युवासेना में प्रवेश से विदर्भ में युवा शक्ति को नई ताकत हर्ष शिव के युवासेना में प्रवेश से युवा वर्ग में उत्साह! विदर्भ के युवा नेता हर्ष शिव ने अपने सहयोगियों और समर्थकों के साथ शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट की युवासेना में प्रवेश किया है। यह प्रवेश युवासेना के कार्याध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक की मौजूदगी में हुआ। हर्ष शिव के साथ बड़ी संख्या में युवाओं के युवासेना में शामिल होने से विदर्भ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके प्रवेश को युवाओं को संगठन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हर्ष शिव ने युवाओं के मुद्दों और संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प लिया है। अब सवाल है—युवा शक्ति विदर्भ की राजनीति में क्या नया बदलाव लाएगी?1
- जनता दर्शन में विधायक राजकुमार भाटिया ने सुनीं लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश आदर्श नगर विधानसभा के विधायक राजकुमार भाटिया ने सेवक कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले के शीघ्र और प्रभावी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनना, उन्हें समझना और उनके समाधान को सुनिश्चित करना ही उनकी जनसेवा का संकल्प है।1
- जन्माष्टमी पर्व पर सभी भक्तगणों और दर्शकों को बहुत बहुत शुभ: कामनाएं। BC1
- या बस जो है दिल्ली से शाहजहांपुर जा रही है आनंद विहार से लेकर हापुड़ तक ट्रैफिक 12:00 बजे से फांसी रात के 3:00 बजे निकली है ट्रैफिक से बाहर1
- शिक्षक दिवस पर विद्यालय में हुआ शिक्षकों का प्रबंधन कमेटी ने सम्मान किया मैनपुरी। शिक्षक दिवस के अवसर पर मैनपुरी जनपद के प्रखर समाजसेवी एवं एडवोकेट विजय कुमार आजाद जी ने अपने विद्यालय में भारत के महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती सरोजा यादव जी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अर्जुन सक्सेना जी ने सभी शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान और उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि शिक्षक केवल शिक्षा प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षकों के सम्मान के साथ समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का वातावरण सम्मान, प्रेरणा और उत्साह से भरा रहा।3
- नरेला प्रमोद हत्याकांड के बाद बवाल, परिजनों ने किया चक्का जाम | DCP ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्वासन दिल्ली के नरेला इलाके में गुरुवार को हुए प्रमोद हत्याकांड के बाद परिवार में आक्रोश देखने को मिला। शुक्रवार को मृतक के परिजनों ने बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ पुलिस के खिलाफ अपना विरोध जताया और मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया। परिजनों के प्रदर्शन के चलते मुख्य सड़क पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण वाहन भी मौके पर लगाए। हालात को देखते हुए जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी ने खुद प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उन्हें मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रमोद हत्याकांड की जांच गंभीरता से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।1
- विधायक जी! निगम पार्षद जी! आखिर कब तक मां अपने बच्चे को हाथ पकड़कर सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजेगी? त्रिलोकपुरी 21 ब्लॉक में सड़क नहीं, मजबूरी बह रही है ईंटों पर संभलकर चल रहे बच्चे, गंदे पानी से गुजर रहे लोग और जिम्मेदारों से पूछ रही जनता: हादसा होने का इंतजार है क्या? विधायक हों, निगम पार्षद हों या फिर सीवर और जल निकासी की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग त्रिलोकपुरी के 21 ब्लॉक की यह तस्वीर सबके सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। यहां सड़क पर सिर्फ पानी नहीं भरा दिखाई दे रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के मुताबिक लंबे समय से सीवर का गंदा पानी रास्ते में फैल रहा है। जिस सड़क से रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं, महिलाएं मंदिर जाती हैं और सैकड़ों लोग बाजार व अपने काम पर निकलते हैं, आज उसी रास्ते को पार करना किसी परीक्षा से कम नहीं रह गया है। सबसे दर्दनाक दृश्य उस मां का है, जो अपनी छोटी बच्ची का हाथ पकड़कर उसे एक-एक ईंट पर संभालकर आगे बढ़ा रही है। नीचे गंदा पानी, ऊपर गिरने का डर और सामने स्कूल पहुंचने की मजबूरी। सोचिए… अगर उस मासूम का पैर फिसल जाए तो जवाब कौन देगा? विधायक? निगम पार्षद? संबंधित विभाग? या फिर हमेशा की तरह हादसे के बाद जांच और कार्रवाई के बयान जारी होंगे? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल बारिश के दौरान पैदा हुई परेशानी नहीं है। उनका आरोप है कि सीवर का पानी बैक होकर सड़क पर फैल रहा है और लंबे समय से हालात जस के तस बने हुए हैं। मजबूरी में लोगों ने सड़क पर ईंटें रख दी हैं, ताकि किसी तरह बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रास्ता पार कर सकें। सेंटर पार्क के सामने वाले मेन रोड की हालत भी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। यहां सवाल केवल टूटी सड़क या जलभराव का नहीं है। सवाल उस बच्चे का है जिसे स्कूल पहुंचने से पहले अपनी जान संभालनी पड़ रही है। सवाल उस मां का है, जिसे हर कदम पर डर है कि उसकी बच्ची फिसल न जाए। सवाल उन श्रद्धालुओं का है, जिन्हें मंदिर जाने के लिए भी गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। त्रिलोकपुरी की जनता अब जवाब चाहती है आखिर जिम्मेदार कौन है और कार्रवाई कब होगी? क्योंकि कागजों में विकास के दावे चाहे जितने बड़े हों, लेकिन अगर एक मां को अपने बच्चे को ईंटों के सहारे सीवर के पानी के बीच से स्कूल भेजना पड़े, तो यह तस्वीर सिर्फ एक सड़क की बदहाली नहीं… पूरे सिस्टम से जवाब मांगती हुई एक मजबूरी है।1