ई-रिक्शा विवाद पहुंचा पुलिस चौकी, नाराज़ लोगों ने पुलिस को पीटा फाड़ी वर्दी मिर्जापुर में कानून तार-तार: ई-रिक्शा टक्कर का विवाद पहुंचा चौकी, नाराज लोगों ने सिपाही-चौकी इंचार्ज को पीटा, फाड़ी वर्दी मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर में पुलिस चौकी के भीतर ही कानून व्यवस्था बेबस नजर आई। ई-रिक्शा टक्कर के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ा कि मामला सीधे पुलिस चौकी पहुंच गया। दोनों पक्षों को चौकी लाया गया, लेकिन आरोप है कि बातचीत के दौरान सिपाही द्वारा मोबाइल छीने जाने पर माहौल अचानक बिगड़ गया। इसके बाद नाराज लोगों ने चौकी के अंदर ही सिपाही और चौकी इंचार्ज के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक थप्पड़ और घूंसे चलने लगे, यहां तक कि पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई। चौकी के भीतर ही पुलिसकर्मी खुद को सुरक्षित नहीं रख पाए। घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। चौकी परिसर में हुए इस हमले से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। मै इस वीडियो की पुष्टि नही करता जांच के बाद ही सच का पता चल पायेगा
ई-रिक्शा विवाद पहुंचा पुलिस चौकी, नाराज़ लोगों ने पुलिस को पीटा फाड़ी वर्दी मिर्जापुर में कानून तार-तार: ई-रिक्शा टक्कर का विवाद पहुंचा चौकी, नाराज लोगों ने सिपाही-चौकी इंचार्ज को पीटा, फाड़ी वर्दी मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर में पुलिस चौकी के भीतर ही कानून व्यवस्था बेबस नजर आई। ई-रिक्शा टक्कर के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ा कि मामला सीधे पुलिस चौकी पहुंच गया। दोनों पक्षों को चौकी लाया गया, लेकिन आरोप है कि बातचीत के दौरान सिपाही द्वारा मोबाइल छीने जाने पर माहौल अचानक बिगड़ गया। इसके बाद नाराज लोगों ने चौकी के अंदर ही सिपाही और चौकी इंचार्ज के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक थप्पड़ और घूंसे चलने लगे, यहां तक कि पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई। चौकी के भीतर ही पुलिसकर्मी खुद को सुरक्षित नहीं रख पाए। घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। चौकी परिसर में हुए इस हमले से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। मै इस वीडियो की पुष्टि नही करता जांच के बाद ही सच का पता चल पायेगा
- मिर्जापुर में कानून तार-तार: ई-रिक्शा टक्कर का विवाद पहुंचा चौकी, नाराज लोगों ने सिपाही-चौकी इंचार्ज को पीटा, फाड़ी वर्दी मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर में पुलिस चौकी के भीतर ही कानून व्यवस्था बेबस नजर आई। ई-रिक्शा टक्कर के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ा कि मामला सीधे पुलिस चौकी पहुंच गया। दोनों पक्षों को चौकी लाया गया, लेकिन आरोप है कि बातचीत के दौरान सिपाही द्वारा मोबाइल छीने जाने पर माहौल अचानक बिगड़ गया। इसके बाद नाराज लोगों ने चौकी के अंदर ही सिपाही और चौकी इंचार्ज के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक थप्पड़ और घूंसे चलने लगे, यहां तक कि पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई। चौकी के भीतर ही पुलिसकर्मी खुद को सुरक्षित नहीं रख पाए। घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। चौकी परिसर में हुए इस हमले से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। मै इस वीडियो की पुष्टि नही करता जांच के बाद ही सच का पता चल पायेगा1
- Post by Gajendra gupta1
- महराजगंज। गोरखपुर वन प्रभाग के बांकी रेंज अंतर्गत परतावल बभनौली रोड पर स्थित दौलतपुर बीट में एक लगभग 35 वर्षीय अज्ञात महिला का शव जंगल में जामुन के पेड़ से साड़ी के फंदे से लटकता मिला। मृतका के गले में मंगलसूत्र है और शव सूख गया है जिससे बुरी तरह बदबू निकल रही है। बताया गया कि महिला का शव सड़क से लगभग पांच सौ मीटर अंदर पेड़ से लटका था। गुरुवार को लकड़ी लेने गये किसी व्यक्ति ने देखा तो बभनौली के ग्राम प्रधान को सूचना दी। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस पहुंची है और जांच पड़ताल कर रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि शव बीस पच्चीस दिन पुरानी है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही शिनाख्त कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।1
- महराजगंज जनपद के नौतनवां तहसील में प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ आज जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी की अगुवाई में सैकड़ों समर्थकों ने तहसील परिसर में विरोध जताया। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले पूर्व विधायक ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। उस समय प्रशासन ने इन मांगों के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई। इसी को लेकर आज बड़ी संख्या में लोग तहसील पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जब अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो तहसील प्रशासन ने एक बार फिर 15 दिन का अतिरिक्त समय मांग लिया। वहीं, अमन मणि त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर संज्ञान लेकर उचित निस्तारण नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के चलते तहसील परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन की ओर से आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया, लेकिन अब सभी की नजरें अगले 15 दिनों पर टिकी हैं।1
- Post by Trt rustam shah1
- महराजगंज जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत से आम जनता परेशान है। सुबह 4 बजे से लाइन में लगने के बावजूद लोगों को तेल नहीं मिल पा रहा, जबकि “जुगाड़” वाले लोग आसानी से गैलन में तेल ले जा रहे हैं। फरेंदा समेत कई इलाकों में पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं और कालाबाजारी के आरोप भी सामने आ रहे हैं। आखिर कब खत्म होगा यह संकट? देखिए पूरी रिपोर्ट। . || Maharajganj News || Aapan Maharajganj || Fuel Shortage in Maharajganj || Black marketing . #Maharajganj #PetrolCrisis #DieselShortage #FuelCrisis #BlackMarketing1
- नौतनवा तहसील परिसर में आज पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी के प्रस्तावित विशाल धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। सुबह से ही तहसील परिसर में भारी पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए थे। इधर, धरना स्थल की ओर रवाना होने से पहले पूर्व विधायक के कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। नौतनवा थाना अध्यक्ष पुरुषोत्तम राव, तहसील प्रशासन, लेखपाल सहित पुलिस और पीएसी के जवान बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। मौके पर अधिकारियों और पूर्व विधायक पक्ष के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद प्रशासन ने तहसील परिसर में आने की अनुमति दी। इसके साथ ही ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग उठाई गई।1
- कोरोना जैसी 'डीजल-पेट्रोल की महामारी': पंपों पर उमड़ रही सैकड़ों की भीड़, एक-एक बूंद के लिए मारा-मारी निचलौल - महराजगंज।कोरोना महामारी का वो दौर शायद ही कोई भूल पाए। लॉकडाउन, दवा-ऑक्सीजन के लिए लंबी कतारें और अफरा-तफरी। ठीक उसी तरह अब देश के कई हिस्सों में डीजल-पेट्रोल की नई ‘महामारी’ फैल गई है। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही सैकड़ों की भीड़ जुट जाती है। लोग घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। टैंकर आते ही पंप पर ऐसे हालात बन जाते हैं जैसे कोई आपदा राहत सामग्री बंट रही हो। एक-एक लीटर के लिए लोग मारा-मारा फिर रहे हैं। इस ‘ईंधन संकट’ ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। किसान खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे, स्कूली वाहन रुक गए हैं और रोजमर्रा के कामकाज ठप होने की कगार पर हैं। कोरोना में जहां जान बचाने की जंग थी, वहीं अब पहिया चलाने की जद्दोजहद है। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई चेन में गड़बड़ी, मांग-आपूर्ति का असंतुलन और अफवाहों के चलते पैनिक बाइंग ने हालात और बिगाड़े हैं। प्रशासन से लोगों ने डीजल-पेट्रोल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि कोरोना जैसी यह ‘ईंधन महामारी’ जल्द खत्म हो।1