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इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण 13 लोगों की दुखद मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन सवालों के घेरे में है। इस गंभीर त्रासदी पर जब एक पत्रकार ने भाजपा मंत्री से सवाल पूछा, तो मंत्री ने कथित तौर पर भड़कते हुए इन सवालों को 'फोकट के सवाल' बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। मंत्री का यह बयान अत्यंत निंदनीय बताया गया है, जिसने दूषित पानी से हुई मौतों के मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। इस घटना के बाद, 13 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों और मंत्री की असंवेदनशील प्रतिक्रिया को लेकर प्रशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
Mohammad Afzal
इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण 13 लोगों की दुखद मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन सवालों के घेरे में है। इस गंभीर त्रासदी पर जब एक पत्रकार ने भाजपा मंत्री से सवाल पूछा, तो मंत्री ने कथित तौर पर भड़कते हुए इन सवालों को 'फोकट के सवाल' बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। मंत्री का यह बयान अत्यंत निंदनीय बताया गया है, जिसने दूषित पानी से हुई मौतों के मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। इस घटना के बाद, 13 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों और मंत्री की असंवेदनशील प्रतिक्रिया को लेकर प्रशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
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- प्रयागराज से एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक मामला सामने आया है, जिसके प्रति सभी नागरिकों का सतर्क रहना आवश्यक है। शातिर अपराधी अब आम लोगों को निशाना बनाने के लिए एक घातक तरीका अपना रहे हैं: वे रास्तों या सार्वजनिक स्थानों पर आकर्षक और साधारण दिखने वाले पेन छोड़ रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन पेन की बनावट के भीतर विस्फोटक सामग्री छिपाई जाती है। जब कोई व्यक्ति लालच या उत्सुकतावश इन्हें उठाता है और इनका बटन दबाता है, तो इनमें लगा बम सक्रिय हो जाता है, जिससे उसकी जान भी जा सकती है। आम जनता से विशेष अपील की गई है कि सड़क, पार्क या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पड़े किसी भी अनजान पेन को बिल्कुल न उठाएं। किसी भी संदिग्ध वस्तु के साथ छेड़छाड़ न करें और न ही उसे खोलने की कोशिश करें। इसके साथ ही, अपने बच्चों को भी ऐसी चीजों से दूर रहने की सख्त हिदायत देने को कहा गया है। यदि किसी को ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु दिखती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस को इसकी सूचना देने की सलाह दी गई है। यह भी जोर दिया गया है कि सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है और इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।1
- प्रयागराज जिले के नारायणपुर हटापति में नाली का निर्माण कार्य पिछले एक साल से बंद पड़ा है।1
- प्रयागराज के बरिया बाबूगंज गाँव से एक 'निशान' गुजर रहा था, जिसकी खुशी में लोग नृत्य करते हुए दिखाई दिए।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ थाने में शुक्रवार को उपजिलाधिकारी डॉ. गणेश कनौजिया की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेदव्यास मिश्रा, थानाध्यक्ष सुशील कुमार दुबे, क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें मुख्य रूप से जमीन विवाद, राजस्व, पेंशन और पुलिस से संबंधित मामले शामिल थे। अधिकारियों ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान, एसडीएम बारा डॉ. गणेश कनौजिया ने एक विशेष जमीन विवाद का मौके पर ही समाधान कर दिया, जो पिछले 14 सालों से लंबित था। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत मिली। प्रशासन के अनुसार, इस तरह के समाधान दिवस आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का तुरंत निपटारा करना है, ताकि लोगों को तहसील और कचहरी के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।2
- प्रयागराज की ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी बुडढा ताजिया ने एक महत्वपूर्ण बैठक में फैसला लिया है कि इस साल मोहर्रम के दौरान सभी आयोजन पूरे शानो-शौकत के साथ किए जाएंगे। कमेटी के निर्णय के अनुसार, 5 तारीख को मेहंदी का कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि बुडढा ताजिया को 9 और 10 तारीख को पूरी भव्यता के साथ उठाया जाएगा। इस बैठक में बुडढा ताजिया के अध्यक्ष मोहम्मद शमीम हसनैन नियाजी के साथ-साथ जफर नियाजी, फैयाज अहमद नियाजी, फैज जमाल रूमी, कलीम सैफ अली सफदर कलीम और नदीम खान जैसे कमेटी के जिम्मेदार सदस्य मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, ताजशाही कमेटी के भी कई जिम्मेदार सदस्य इस मीटिंग में शामिल हुए, जहां इन आयोजनों को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया।1
- प्रयागराज के करछना स्थित चुप्पेपुर डीहा गांव में नाली और सड़क से जुड़े एक पुराने विवाद ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे हिंसक और खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने एक परिवार के सदस्यों पर ईंट-पत्थरों से भयंकर हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में 26 वर्षीय बाल गोबिंद पटेल (पुत्र दयाशंकर पटेल) को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। ईंट-पत्थरों के वार से बाल गोबिंद का सिर बुरी तरह फट गया और मौके पर ही काफी ज्यादा खून बहने लगा। घायल बाल गोबिंद को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करछना ले जाया गया, जहाँ चोट इतनी गहरी थी कि डॉक्टरों ने टांका लगाने में असमर्थता जताई। प्राथमिक उपचार के बाद, युवक की बेहद नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत प्रयागराज के स्वरूप रानी (SRN) जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इस घटना के बाद, परिजनों और ग्रामीणों ने करछना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि यदि पुलिस ने इस पुराने विवाद में समय रहते सख्त कार्यवाही की होती, तो आज यह नौबत नहीं आती।1
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- प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित झलवा देवघाट इलाके में 13 जून 2026, शनिवार सुबह बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने फल विक्रेता विनोद पर गोली चला दी। इस हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।1