लाखेरी उपखंड क्षेत्र के भाण्ड गवार गांव में चल रहे ठाकुर जी महाराज के पंचदिवसीय मेले के अंतर्गत शनिवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ ठाकुर जी महाराज के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा। जैसे ही शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी, श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर ठाकुर जी महाराज का भव्य स्वागत किया, जिससे सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित समाज के हर वर्ग के लोगों ने इस शोभायात्रा में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान, पारंपरिक परिधान पहने घोड़ों पर सवार युवाओं ने आकर्षक करतब दिखाए, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, और श्रद्धालु नाचते-गाते हुए ठाकुर जी महाराज की महिमा का गुणगान करते नजर आए। इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने जलपान एवं स्वागत की व्यवस्थाएं कर अतिथियों का अभिनंदन किया। भाण्ड गवार की धरती पर निकली यह भव्य शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनी। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। देर शाम तक ठाकुर जी महाराज के जयकारों से गांव का वातावरण गुंजायमान रहा, और श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति एवं उल्लास साफ झलकता रहा।
लाखेरी उपखंड क्षेत्र के भाण्ड गवार गांव में चल रहे ठाकुर जी महाराज के पंचदिवसीय मेले के अंतर्गत शनिवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ ठाकुर जी महाराज के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा। जैसे ही शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी, श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर ठाकुर जी महाराज का भव्य स्वागत किया, जिससे सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें
लगी रहीं। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित समाज के हर वर्ग के लोगों ने इस शोभायात्रा में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान, पारंपरिक परिधान पहने घोड़ों पर सवार युवाओं ने आकर्षक करतब दिखाए, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, और श्रद्धालु नाचते-गाते हुए ठाकुर जी महाराज की महिमा का गुणगान करते नजर आए। इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने जलपान
एवं स्वागत की व्यवस्थाएं कर अतिथियों का अभिनंदन किया। भाण्ड गवार की धरती पर निकली यह भव्य शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनी। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। देर शाम तक ठाकुर जी महाराज के जयकारों से गांव का वातावरण गुंजायमान रहा, और श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति एवं उल्लास साफ झलकता रहा।
- लाखेरी शहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभिन्न स्कूलों और सरकारी कार्यालयों के कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक योग अभ्यास किया। इस दौरान आमजन ने भी योगाभ्यास में भागीदारी की। आदर्श विद्या मंदिर के बालाजी गणेशपुरा आदर्श विद्या मंदिर में आचार्य दीदी और भैया बहिनों सहित आमजन ने योगाभ्यास किया। इसी क्रम में रघुनाथ धर्मशाला में भी अधिकारियों और कर्मचारियों सहित आम लोगों ने योग अभ्यास किया। इस आयोजन में उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी नरेश राठौर, तथा उपखंड कार्यालय एवं नगर पालिका कार्यालय के सभी कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान योग के दैनिक जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिसमें बताया गया कि योग करके शरीर को निरोगी रखा जा सकता है। समाजसेवी हनुमान राठौर ने सभी को योग दिवस की बधाई दी और योग से होने वाले फायदों को बताते हुए इसे जीवन का आवश्यक भाग बनाने तथा इसके लिए समय निकालने की सलाह दी।4
- उनियारा में नवनियुक्त पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार ने शनिवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका एकमात्र ध्येय "आम जन में विश्वास और अपराधियों में डर" पैदा करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी अपराधी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून की गिरफ्त से बच नहीं पाएगा। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि वे सबसे पहले सभी पुलिस थानों का दौरा करेंगे ताकि वहां के डेटा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जा सके। इसके बाद वे अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर क्षेत्र की बेहतरी के लिए ठोस कदम उठाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाने की बात कही। इसमें अवैध बजरी खनन और वन विभाग से जुड़ी शिकायतों पर पुलिस एक सक्रिय पक्ष बनकर अधिक से अधिक कार्रवाई करेगी। साथ ही, क्षेत्र में देह व्यापार से मुक्त कराई गईं बालिकाओं के मामले की फाइल का गहन अध्ययन कर इसके खिलाफ एक विशेष रणनीति बनाई जाएगी। अवैध शराब के धंधे पर भी सख्ती बरतते हुए उन्होंने कहा कि नियमों के तहत स्वीकृत शराब की दुकानें तो चलेंगी, क्योंकि इनसे राजस्व जुड़ा है, लेकिन क्षेत्र में कहीं भी अवैध रूप से चलाई जा रही शराब की शाखाओं पर पूरी तरह रोक लगाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अशोक कुमार ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि "अपराधियों को किसी भी कीमत पर छोड़ेंगे नहीं, चाहे कोई भी हो", जो उनकी सख्त चेतावनी का अहम हिस्सा है।1
- शनिवार की दोपहर को उनियारा में तेज गर्मी के बाद अचानक भारी बारिश का दौर शुरू हुआ, जो काफी देर तक जारी रहा। इस तेज बरसात के कारण सड़कों पर पानी बह निकला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बारिश को देखकर किसानों के चेहरे भी खिल उठे, जिससे उनके लिए यह एक सकारात्मक संकेत रहा।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह आयोजित इन सामूहिक योग सत्रों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न योगासन तथा प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया और लोगों को इसे अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने नियमित रूप से योग का अभ्यास कर एक स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश के कछवा में योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरे कार्यक्रम में जोश और उमंग का माहौल रहा।1
- सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी पर गए पर्यटकों को वन्यजीवन का एक दुर्लभ और रोमांचकारी नज़ारा देखने को मिला। रणथंभौर के ज़ोन नंबर-5 में सफारी कर रहे पर्यटकों ने बाघिन टी-111 'शक्ति' के एक शावक को सांभर का सफलतापूर्वक शिकार करते हुए देखा। इस अद्भुत घटना के बाद, बाघिन शक्ति और उसके दोनों शावक शिकार का आनंद लेते नज़र आए, जिससे पर्यटक बेहद रोमांचित हो उठे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरों में कैद कर लिया। सफारी के दौरान, बाघिन शक्ति अपने दोनों शावकों के साथ पहले दिखाई दी थी, जिसके कुछ ही देर बाद उसके एक शावक ने सांभर पर हमला कर उसका शिकार कर लिया। शिकार की इस प्रक्रिया के दौरान, बाघिन शक्ति अपने शावकों के साथ ही मौजूद रही और उन्हें शिकार से जुड़े व्यवहार के साथ-साथ जंगल में जीवित रहने की महत्वपूर्ण बारीकियां सिखाती हुई दिखी। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग आठ वर्षीय बाघिन टी-111 शक्ति इन दिनों अपने करीब एक वर्ष के शावकों को शिकार करने और जंगल में आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दे रही है। रणथंभौर की प्रसिद्ध बाघिनों में शामिल शक्ति अपने शावकों को प्राकृतिक वातावरण में जीवन के महत्वपूर्ण कौशल सिखाने के लिए जानी जाती है। जंगल सफारी के दौरान इस तरह के दुर्लभ दृश्य पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होते हैं, और बाघिन शक्ति तथा उसके शावकों की इस गतिविधि ने एक बार फिर रणथंभौर की समृद्ध वन्यजीव विरासत और प्राकृतिक आकर्षण को उजागर किया है।1
- सवाई माधोपुर के पुलिस लाइन परेड मैदान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रशासन सवाई माधोपुर द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस अवसर पर ‘योग भी और वोट भी’ के अंतर्गत मतदाताओं को विशेष शपथ भी दिलवाई गई।1
- लाखेरी उपखंड क्षेत्र के भाण्ड गवार गांव में चल रहे ठाकुर जी महाराज के पंचदिवसीय मेले के अंतर्गत शनिवार को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ ठाकुर जी महाराज के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा। जैसे ही शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी, श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर ठाकुर जी महाराज का भव्य स्वागत किया, जिससे सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित समाज के हर वर्ग के लोगों ने इस शोभायात्रा में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान, पारंपरिक परिधान पहने घोड़ों पर सवार युवाओं ने आकर्षक करतब दिखाए, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, और श्रद्धालु नाचते-गाते हुए ठाकुर जी महाराज की महिमा का गुणगान करते नजर आए। इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने जलपान एवं स्वागत की व्यवस्थाएं कर अतिथियों का अभिनंदन किया। भाण्ड गवार की धरती पर निकली यह भव्य शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनी। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। देर शाम तक ठाकुर जी महाराज के जयकारों से गांव का वातावरण गुंजायमान रहा, और श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति एवं उल्लास साफ झलकता रहा।3