बीना में अथक पथ संग्रहालय की स्थापना के 8 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में महाराणा प्रताप जयंती और महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया, जिसका समापन वृक्षारोपण के साथ हुआ। संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ चित्रों, पत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे और इस कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम के पहले दिन महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर धर्म अधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप को देश की आन-बान-शान और साहस का प्रतीक बताया। उन्होंने उनकी वीरता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस मौके पर बुंदेली गायन का भी आयोजन हुआ, जिसमें शशि नंदन रावत, निवेदिता रावत, मीनाक्षी लाचारिया, रितिका तिवारी, जयदीप ठाकुर, सत्यम राजपूत और तान्या पाठक ने लोकगीतों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन राम शर्मा ने किया। दूसरे दिन महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य मंजू यादव, डॉ. जयश्री साहू, पी.डी. साहू, प्रो. सुधा शुक्ला और रितिका तिवारी ने रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य, साहस और बलिदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रसिद्ध कविता “खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झांसी वाली रानी थी” का संपूर्ण पाठ भी किया गया। आयोजन के दौरान महाराणा प्रताप और महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़े दुर्लभ चित्रों, पत्रों और दस्तावेजों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके साथ ही देश के शहीदों और क्रांतिकारियों के चित्र एवं ऐतिहासिक दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग गौरवान्वित हुए। तीसरे और अंतिम दिन प्रातः हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इसके बाद संग्रहालय परिसर में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का समापन हुआ। तीनों दिनों में नगर पालिका अध्यक्ष लता सतवार, पूर्व विधायक डॉ. विनोद पंथी सहित हजारों लोगों ने संग्रहालय पहुंचकर ऐतिहासिक सामग्री और दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अथक पथ संग्रहालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बीना में अथक पथ संग्रहालय की स्थापना के 8 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में महाराणा प्रताप जयंती और महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया, जिसका समापन वृक्षारोपण के साथ हुआ। संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ चित्रों, पत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे और इस कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम के पहले दिन महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर धर्म अधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप को देश की आन-बान-शान और साहस का प्रतीक बताया। उन्होंने उनकी वीरता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस मौके पर बुंदेली गायन का भी आयोजन हुआ, जिसमें शशि नंदन रावत, निवेदिता रावत, मीनाक्षी लाचारिया, रितिका तिवारी, जयदीप ठाकुर, सत्यम राजपूत और तान्या पाठक ने लोकगीतों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन राम शर्मा ने किया। दूसरे दिन महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य मंजू यादव, डॉ. जयश्री साहू, पी.डी. साहू, प्रो. सुधा शुक्ला और रितिका तिवारी ने रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य, साहस और बलिदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रसिद्ध कविता “खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झांसी वाली रानी थी” का संपूर्ण पाठ भी किया गया। आयोजन के दौरान महाराणा प्रताप और महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़े दुर्लभ चित्रों, पत्रों और दस्तावेजों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके साथ ही देश के शहीदों और क्रांतिकारियों के चित्र एवं ऐतिहासिक दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग गौरवान्वित हुए। तीसरे और अंतिम दिन प्रातः हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इसके बाद संग्रहालय परिसर में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का समापन हुआ। तीनों दिनों में नगर पालिका अध्यक्ष लता सतवार, पूर्व विधायक डॉ. विनोद पंथी सहित हजारों लोगों ने संग्रहालय पहुंचकर ऐतिहासिक सामग्री और दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अथक पथ संग्रहालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- बीना क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही के कारण 200 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर संकट मंडरा गया है। बीना से उमरिया तक बन रही सड़क पिछले 15 दिनों से बदहाल स्थिति में है, जिससे ग्रामीणों और विशेषकर साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि PWD ने सड़क निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ दिया है, जहां मिट्टी के ऊपर गिट्टी डालकर काम रोक दिया गया है। इससे सड़क पर वाहन चलाना असंभव हो गया है। देहरी और आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं, और अब उन्हें साइकिल चलाने में आ रही दिक्कत के कारण पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। देहरी के बच्चों को स्कूल तक पहुँचने के लिए 5 से 6 किलोमीटर और बीना में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लगभग 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। किसान नेता सीताराम ठाकुर ने बताया कि इस गंभीर समस्या के बारे में एसडीएम को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि अधिकारियों की तरफ से हर बार केवल यही जवाब मिलता है कि "मैं क्या कर सकता हूं।" ग्रामीण तत्काल मांग कर रहे हैं कि सड़क को साइकिल और छोटे वाहनों के चलने योग्य बनाया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और आम लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।1
- अशोकनगर जिले की पिपरई तहसील के चिकमंगलूर चौराहे पर एक ट्रक ड्राइवर दिलीप यादव के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। पुलिस ने आरोपियों से "अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है" के नारे भी लगवाए, जिसे देखने के लिए पूरा बाजार उमड़ पड़ा। यह घटना तब हुई जब चिकमंगलूर चौराहे पर सड़क के बीच हुई एक मामूली टक्कर ने मारपीट का रूप ले लिया। इसमें पांच लोगों ने मिलकर ट्रक ड्राइवर दिलीप यादव को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, ड्राइवर दिलीप यादव ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुकेश लोधी, शेर सिंह लोधी और सतेंद्र लोधी के रूप में तीन आरोपियों की पहचान की, जिनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई, जबकि एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस ने इन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें यह सबक सिखाया।1
- सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने राहतगढ़ में आयोजित एक विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।1
- आज, 23 जून 2026 को विदिशा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने जिलेभर से आए 70 से अधिक आवेदकों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुना। उन्होंने प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी प्रकरण, आपसी विवाद, मारपीट तथा अन्य सामाजिक मामलों से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। विशेष रूप से, ऐसे बुजुर्ग और घायल शिकायतकर्ता जिन्हें चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी, उनके पास स्वयं पुलिस अधीक्षक ने पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों का समाधान तो मौके पर ही करा दिया गया, जबकि विस्तृत जांच की आवश्यकता वाले प्रकरणों में संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक नागरिक की समस्या पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा असहाय व्यक्तियों की शिकायतों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं के साथ सहयोगात्मक, सकारात्मक और मानवीय व्यवहार करते हुए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल शिकायतों के समाधान का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद और पारदर्शिता को मजबूत करने का एक सशक्त मंच है। विदिशा पुलिस आमजन की सुरक्षा, सेवा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रयासरत है।3
- विदिशा में सीबीआई टीम ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नकली गोल्ड लोन से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई टीम एमपी ज्वेलर्स और कैलाश नारायण अमित कुमार ज्वेलर्स पर पहुँची, जहाँ इस फर्जीवाड़े के तार जुड़े हुए हैं। इस मामले में आरोपियों ने कथित तौर पर नकली सोना गिरवी रखकर एसबीआई बैंक से गोल्ड लोन हासिल किए थे। इस घोटाले में एसबीआई बैंक के एक मैनेजर और एक अन्य कर्मचारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। करोड़ों के इस फर्जी लोन प्रकरण में विदिशा के कई लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोल्ड का वैल्यूएशन एमपी ज्वेलर्स द्वारा किया जाता था, जिसके बाद एसबीआई बैंक द्वारा लोन दिया जाता था। सीबीआई टीम अब मामले से जुड़े आरोपियों और संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है।4
- बीना में अथक पथ संग्रहालय की स्थापना के 8 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 से 19 जून तक तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में महाराणा प्रताप जयंती और महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस मनाया गया, जिसका समापन वृक्षारोपण के साथ हुआ। संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ चित्रों, पत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे और इस कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम के पहले दिन महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर धर्म अधिकारी दशरथ लाल पुरोहित ने संबोधित करते हुए महाराणा प्रताप को देश की आन-बान-शान और साहस का प्रतीक बताया। उन्होंने उनकी वीरता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस मौके पर बुंदेली गायन का भी आयोजन हुआ, जिसमें शशि नंदन रावत, निवेदिता रावत, मीनाक्षी लाचारिया, रितिका तिवारी, जयदीप ठाकुर, सत्यम राजपूत और तान्या पाठक ने लोकगीतों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन राम शर्मा ने किया। दूसरे दिन महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य मंजू यादव, डॉ. जयश्री साहू, पी.डी. साहू, प्रो. सुधा शुक्ला और रितिका तिवारी ने रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य, साहस और बलिदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रसिद्ध कविता “खूब लड़ी मर्दानी, वो तो झांसी वाली रानी थी” का संपूर्ण पाठ भी किया गया। आयोजन के दौरान महाराणा प्रताप और महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़े दुर्लभ चित्रों, पत्रों और दस्तावेजों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके साथ ही देश के शहीदों और क्रांतिकारियों के चित्र एवं ऐतिहासिक दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोग गौरवान्वित हुए। तीसरे और अंतिम दिन प्रातः हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इसके बाद संग्रहालय परिसर में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का समापन हुआ। तीनों दिनों में नगर पालिका अध्यक्ष लता सतवार, पूर्व विधायक डॉ. विनोद पंथी सहित हजारों लोगों ने संग्रहालय पहुंचकर ऐतिहासिक सामग्री और दुर्लभ दस्तावेजों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अथक पथ संग्रहालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- मध्य प्रदेश के बीना स्थित भानगढ़ थाना क्षेत्र में रमपुरा गांव के पास एक मजदूर की ट्रैक्टर से गिरने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान छायनकाछी निवासी 40 वर्षीय देवी पिता मुल्ला आदिवासी के रूप में हुई है। उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, देवी आदिवासी उत्तर प्रदेश के बालाबेहट में एक रिश्तेदार की बारात में शामिल होने के लिए रमपुरा से गया था। बारात से लौटने के बाद, ट्रैक्टर चालक देवी को उसके पैतृक गांव छायनकाछी छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान रमपुरा के पास वह अचानक ट्रैक्टर से नीचे गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही भानगढ़ पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीना सिविल अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। भानगढ़ थाना प्रभारी धनेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में मर्ग कायम कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।1