ग्वालियर से झाँसी और फिर झाँसी से कानपुर तक चलने वाली ट्रेनों में अवैध वेंडरों का आतंक चरम पर है, जहाँ यात्रियों को लूटा जा रहा है और उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। इन अवैध वेंडरों द्वारा ₹10 की सामग्री ₹30 में बेची जा रही है, जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही, मौका पाकर ये लोग यात्रियों का सामान भी उड़ा लेते हैं। यात्रियों ने बताया कि ऐसे अनगिनत वेंडर सक्रिय हैं। इस दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि छोटी-छोटी बच्चियों से ट्रेन के अंदर सर्कस के खेल तमाशे करवाए जा रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। खेल दिखाने के बाद ये बच्चियाँ यात्रियों से भीख मांगती हुई देखी जाती हैं। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि ग्वालियर से झाँसी और फिर झाँसी से चलकर कानपुर तक ट्रेन पहुँच जाती है, लेकिन इन अवैध वेंडरों की जाँच करने कोई नहीं आता। कम से कम 10 से 15 वेंडर लगातार इधर-उधर घूमते रहते हैं, पर रेलवे प्रशासन को ये दिखाई नहीं देते। यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन की आँखें तभी खुलती हैं जब कोई बड़ी घटना घट जाती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या रेलवे प्रशासन अब इन पर धरपकड़ शुरू करेगा, या फिर यह अवैध सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे ही रहेगी।
ग्वालियर से झाँसी और फिर झाँसी से कानपुर तक चलने वाली ट्रेनों में अवैध वेंडरों का आतंक चरम पर है, जहाँ यात्रियों को लूटा जा रहा है और उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। इन अवैध वेंडरों द्वारा ₹10 की सामग्री ₹30 में बेची जा रही है, जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही, मौका पाकर ये लोग यात्रियों का सामान भी उड़ा लेते हैं। यात्रियों ने बताया कि ऐसे अनगिनत वेंडर सक्रिय हैं। इस दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि छोटी-छोटी बच्चियों से ट्रेन के अंदर सर्कस के खेल तमाशे करवाए जा रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। खेल दिखाने के बाद ये बच्चियाँ यात्रियों से भीख मांगती हुई देखी जाती हैं। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि ग्वालियर से झाँसी और फिर झाँसी से चलकर कानपुर तक ट्रेन पहुँच जाती है, लेकिन इन अवैध वेंडरों की जाँच करने कोई नहीं आता। कम से कम 10 से 15 वेंडर लगातार इधर-उधर घूमते रहते हैं, पर रेलवे प्रशासन को ये दिखाई नहीं देते। यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन की आँखें तभी खुलती हैं जब कोई बड़ी घटना घट जाती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या रेलवे प्रशासन अब इन पर धरपकड़ शुरू करेगा, या फिर यह अवैध सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे ही रहेगी।
- ग्वालियर से झाँसी और फिर झाँसी से कानपुर तक चलने वाली ट्रेनों में अवैध वेंडरों का आतंक चरम पर है, जहाँ यात्रियों को लूटा जा रहा है और उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। इन अवैध वेंडरों द्वारा ₹10 की सामग्री ₹30 में बेची जा रही है, जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही, मौका पाकर ये लोग यात्रियों का सामान भी उड़ा लेते हैं। यात्रियों ने बताया कि ऐसे अनगिनत वेंडर सक्रिय हैं। इस दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि छोटी-छोटी बच्चियों से ट्रेन के अंदर सर्कस के खेल तमाशे करवाए जा रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है। खेल दिखाने के बाद ये बच्चियाँ यात्रियों से भीख मांगती हुई देखी जाती हैं। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि ग्वालियर से झाँसी और फिर झाँसी से चलकर कानपुर तक ट्रेन पहुँच जाती है, लेकिन इन अवैध वेंडरों की जाँच करने कोई नहीं आता। कम से कम 10 से 15 वेंडर लगातार इधर-उधर घूमते रहते हैं, पर रेलवे प्रशासन को ये दिखाई नहीं देते। यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन की आँखें तभी खुलती हैं जब कोई बड़ी घटना घट जाती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या रेलवे प्रशासन अब इन पर धरपकड़ शुरू करेगा, या फिर यह अवैध सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे ही रहेगी।1
- झांसी में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ टीआई देवेंद्र कुमार शर्मा ने जीवन शाह तिराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान, एक इंटरसेप्टर 650 बाइक को मॉडिफाई साइलेंसर, फॉल्टी नंबर प्लेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के चलाया जा रहा था, जिस पर तत्काल ₹27,500 का चालान किया गया और बाइक जब्त कर ली गई। इसी कार्रवाई के तहत, नो एंट्री का उल्लंघन करते हुए पाए गए एक ट्रक पर ₹20,000 का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त, इलाइट चौराहे पर एक कार चालक नशे की हालत में वाहन चलाता हुआ पकड़ा गया, जिस पर ₹10,000 का जुर्माना लगाकर कार जब्त की गई। आज की अन्य कार्रवाइयों को मिलाकर, कुल ₹87,500 का समान शुल्क वसूला गया। टीआई ने इस अवसर पर स्पष्ट चेतावनी दी कि मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर फर्राटा भरने वाले हाई-फाई बाइक सवार सावधान रहें और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें।2
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी विरोधी अभियान के तहत झाँसी की नवाबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिरगांव निवासी रामजी रायकवार और आनंद नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के कब्जे से लगभग एक किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार में कीमत हजारों रुपये आंकी जा रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी यह गांजा कहाँ से प्राप्त करते थे और किन क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करते थे। इसके साथ ही, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। नवाबाद पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे सभी तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।1
- धानक धानुक धानका वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा कबीर दास जयंती एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धानक, धानुक और धानका समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया गया।1
- दतिया पुलिस ने रतनगढ़ मेले में सक्रिय जेबकतरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक माँ-बेटे की जोड़ी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह बड़ी कार्रवाई अतरेटा पुलिस थाना द्वारा की गई, जिससे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। पुलिस को यह सफलता दिनांक 29 जून 2026 को मिली, जब मेले में सक्रिय दो शातिर जेबकतरों को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि (पुत्र संजय सिंह परिहार) और रानी (पत्नी संजय सिंह परिहार) के रूप में हुई है। ये दोनों मूलतः कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और वर्तमान में भिंड के आर्या नगर में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से ₹70,500 नकद और एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत लगभग ₹1,20,000 है, बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद नकदी में पूर्व में की गई चोरियों की रकम भी शामिल है। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि उनकी अन्य वारदातों का भी खुलासा किया जा सके। दतिया पुलिस ने मेले में आए सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि उनके साथ भी चोरी या जेबकटाई की कोई घटना हुई है, तो वे तुरंत थाना अतरेटा से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह राजपूत, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक ब्रजेश मिश्रा सहित उनकी पूरी टीम (आरक्षक शुभांशु चौबे, नीतू परिहार, प्रधान आरक्षक सीतासरण, प्रमोद यादव, आरक्षक परमल, जगेंद्र, संजय सोलंकी एवं प्रदीप) की सराहनीय भूमिका रही।1
- भांडेर तहसील के ग्राम सिमिरिया निवासी उमाशंकर पाल ने सोमवार को नवीन तहसील कार्यालय पहुंचकर भांडेर एसडीएम ब्रजेन्द्र राजपूत को आवेदन दिया। उमाशंकर पाल ने अपनी कृषि भूमि का शीघ्र सीमांकन कराने की मांग की है और आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग सीमांकन नहीं होने दे रहे हैं। आवेदन के अनुसार, उमाशंकर पाल की भूमि सर्वे नंबर 155/1 है जिसका रकबा 0.400 हेक्टेयर है। उन्होंने इस भूमि के सीमांकन के लिए 19 मई 2026 को आवेदन किया था। सोमवार दोपहर 03 बजे उन्होंने आरोप लगाया कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन नहीं कराया गया है। उमाशंकर पाल ने आवेदन में यह भी कहा है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले यह कार्य नहीं हुआ तो इसे कराना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने एसडीएम से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द सीमांकन कराने की मांग की है।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रतनगढ़ माता मंदिर के पहाड़ी वाले मुख्य मार्ग पर ग्राम पंचायत खमरोली द्वारा विधायक निधि से लगभग 11 लाख रुपये की लागत से 365 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क निर्माण के महज 11 महीने बाद ही पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर तक पहुँचना बेहद जोखिम भरा हो गया है। खासकर बरसात के मौसम में सड़क पर फिसलने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप किया गया होता तो इतनी कम अवधि में यह क्षतिग्रस्त नहीं होती। लोगों ने संबंधित इंजीनियर, जनपद पंचायत के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क का शीघ्र ही गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रतनगढ़ माता मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल तक पहुँचने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।1
- झांसी शहर के सुभाषगंज क्षेत्र स्थित चौधरी पेंट हाउस में अचानक लगी भीषण आग से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। पेंट और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिस पर नियंत्रण पाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने के लिए लगभग 7 दमकल गाड़ियों की मदद ली जा रही है। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई गई है। दमकल विभाग के कर्मचारी लगातार पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि आशंका है कि इमारत के अंदर कुछ जगहों पर आग अभी भी सुलग रही है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, जबकि घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई है और प्रशासन द्वारा स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।3