उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, खाद्यान्न वितरण एवं e-KYC में तेजी लाने के निर्देश गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज जिला आपूर्ति विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत खाद्यान्न उठाव एवं वितरण, ग्रीन राशन कार्ड, मुख्यमंत्री चना दाल एवं नमक वितरण, e-KYC, आधार एवं मोबाइल सीडिंग, सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना सहित अन्य बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में माह अगस्त से अक्टूबर 2026 तक NFSA खाद्यान्न के उठाव एवं DSD, अगस्त माह के खाद्यान्न वितरण, ग्रीन खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण, मुख्यमंत्री चना दाल एवं मुख्यमंत्री नमक वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही Rightful Targeting Dashboard (KPI) के अंतर्गत लाभुकों के सत्यापन, राशन कार्ड में लाभुकों के कास्ट अपडेशन, e-KYC, आधार सीडिंग एवं मोबाइल सीडिंग तथा जन वितरण प्रणाली दुकानों की निलंबित अनुज्ञप्तियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। *समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश* समीक्षा के दौरान आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि सरकार के निर्देशानुसार सितंबर एवं अक्टूबर माह के खाद्यान्न का उठाव एक साथ किया जाना है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि चालू माह के खाद्यान्न का FCI से उठाव पूर्ण कर लिया गया है। इस पर उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) को खाद्यान्न का समय पर उठाव एवं वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से विशुनपुर प्रखंड में खाद्यान्न वितरण की प्रगति लगभग 59 प्रतिशत पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया। गेहूं एवं बीएस के वितरण में कमी को दूर करते हुए लंबित खाद्यान्न का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही विशुनपुर में नमक एवं दाल वितरण की खराब प्रगति को देखते हुए अगस्त माह के लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। पाठ क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। *FCI गोदाम एवं राशन दुकानों की नियमित जांच के निर्देश* उपायुक्त ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान विशुनपुर स्थित FCI गोदाम के सामने सड़क पर कीचड़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित BSO को सड़क को तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी BSO को जन वितरण प्रणाली की दुकानों के पंजी एवं POS मशीनों की सूक्ष्मता से जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी खाद्यान्न गोदामों का नियमित निरीक्षण करते हुए सीपेज एवं सीलन की स्थिति पर विशेष ध्यान देने तथा खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लाभुकों को निम्न गुणवत्ता का खाद्यान्न वितरित नहीं किया जाए। राशन डीलरों को खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में आवश्यक हिदायत देने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित जांच एवं कठोर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। *e-KYC एवं Aadhaar-Mobile Seeding में तेजी लाने पर जोर* बैठक में e-KYC की प्रगति की समीक्षा के क्रम में वर्तमान उपलब्धि लगभग 76 प्रतिशत पाई गई। उपायुक्त ने e-KYC की प्रगति में तेजी लाने के लिए विशेष कैंप एवं अभियान संचालित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लाभुकों का e-KYC निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जा सके। Aadhaar Seeding एवं Mobile Seeding की भी प्रखंडवार समीक्षा की गई। विशुनपुर में UID Seeding की स्थिति में सुधार लाने तथा सभी प्रखंडों में सीडिंग का प्रतिशत बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही Mobile Seeding से संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण करने को कहा गया। रायडीह प्रखंड में Mobile Seeding की प्रगति को बढ़ाकर 16 प्रतिशत तक करने हेतु विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया। *अपात्र लाभुकों के राशन कार्डों के सत्यापन एवं विलोपन की कार्रवाई* उपायुक्त ने Rightful Targeting Dashboard (KPI), आय समूह एवं निर्धारित मानदंडों के आधार पर अपात्र राशन कार्डधारियों के सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार राशन कार्ड से नाम विलोपन की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि निर्धारित मानदंडों के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के एकल/अपात्र कार्डधारी, बिना सत्यापन के 100 वर्ष से अधिक आयु दर्शाए गए कार्डधारी, पिछले छह माह से राशन का उठाव नहीं करने वाले लाभुक, ₹6 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले करदाता, ₹25 लाख से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी तथा सरकारी एवं पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों से संबंधित अपात्र राशन कार्डों की जांच कर नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राशन कार्ड से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में निर्धारित मानकों का पालन करते हुए पात्र लाभुकों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ निर्बाध रूप से उपलब्ध कराया जाए तथा अपात्र लाभुकों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, खाद्यान्न वितरण एवं e-KYC में तेजी लाने के निर्देश गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज जिला आपूर्ति विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत खाद्यान्न उठाव एवं वितरण, ग्रीन राशन कार्ड, मुख्यमंत्री चना दाल एवं नमक वितरण, e-KYC, आधार एवं मोबाइल सीडिंग, सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना सहित अन्य बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में माह अगस्त से अक्टूबर 2026 तक NFSA खाद्यान्न के उठाव एवं DSD, अगस्त माह के खाद्यान्न वितरण, ग्रीन खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण, मुख्यमंत्री चना दाल एवं मुख्यमंत्री नमक वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही Rightful Targeting Dashboard (KPI) के अंतर्गत लाभुकों के सत्यापन, राशन कार्ड में लाभुकों के कास्ट अपडेशन, e-KYC, आधार सीडिंग एवं मोबाइल सीडिंग तथा जन वितरण प्रणाली दुकानों की निलंबित अनुज्ञप्तियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। *समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश* समीक्षा के दौरान आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि सरकार के निर्देशानुसार सितंबर एवं अक्टूबर माह के खाद्यान्न का उठाव एक साथ किया जाना है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि चालू माह के खाद्यान्न का FCI से उठाव पूर्ण कर लिया गया है। इस पर उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) को खाद्यान्न का समय पर उठाव एवं वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से विशुनपुर प्रखंड में खाद्यान्न वितरण की प्रगति लगभग 59 प्रतिशत पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए
वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया। गेहूं एवं बीएस के वितरण में कमी को दूर करते हुए लंबित खाद्यान्न का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही विशुनपुर में नमक एवं दाल वितरण की खराब प्रगति को देखते हुए अगस्त माह के लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। पाठ क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। *FCI गोदाम एवं राशन दुकानों की नियमित जांच के निर्देश* उपायुक्त ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान विशुनपुर स्थित FCI गोदाम के सामने सड़क पर कीचड़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित BSO को सड़क को तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी BSO को जन वितरण प्रणाली की दुकानों के पंजी एवं POS मशीनों की सूक्ष्मता से जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी खाद्यान्न गोदामों का नियमित निरीक्षण करते हुए सीपेज एवं सीलन की स्थिति पर विशेष ध्यान देने तथा खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लाभुकों को निम्न गुणवत्ता का खाद्यान्न वितरित नहीं किया जाए। राशन डीलरों को खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में आवश्यक हिदायत देने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित जांच एवं कठोर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। *e-KYC एवं Aadhaar-Mobile Seeding में तेजी लाने पर जोर* बैठक में e-KYC की प्रगति की समीक्षा के क्रम में वर्तमान उपलब्धि लगभग 76 प्रतिशत पाई गई। उपायुक्त ने e-KYC की प्रगति में तेजी लाने के लिए विशेष कैंप एवं
अभियान संचालित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लाभुकों का e-KYC निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जा सके। Aadhaar Seeding एवं Mobile Seeding की भी प्रखंडवार समीक्षा की गई। विशुनपुर में UID Seeding की स्थिति में सुधार लाने तथा सभी प्रखंडों में सीडिंग का प्रतिशत बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही Mobile Seeding से संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण करने को कहा गया। रायडीह प्रखंड में Mobile Seeding की प्रगति को बढ़ाकर 16 प्रतिशत तक करने हेतु विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया। *अपात्र लाभुकों के राशन कार्डों के सत्यापन एवं विलोपन की कार्रवाई* उपायुक्त ने Rightful Targeting Dashboard (KPI), आय समूह एवं निर्धारित मानदंडों के आधार पर अपात्र राशन कार्डधारियों के सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार राशन कार्ड से नाम विलोपन की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि निर्धारित मानदंडों के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के एकल/अपात्र कार्डधारी, बिना सत्यापन के 100 वर्ष से अधिक आयु दर्शाए गए कार्डधारी, पिछले छह माह से राशन का उठाव नहीं करने वाले लाभुक, ₹6 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले करदाता, ₹25 लाख से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी तथा सरकारी एवं पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों से संबंधित अपात्र राशन कार्डों की जांच कर नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राशन कार्ड से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में निर्धारित मानकों का पालन करते हुए पात्र लाभुकों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ निर्बाध रूप से उपलब्ध कराया जाए तथा अपात्र लाभुकों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।
- विधानसभा पहुंचे छात्र,अनोखे अंदाज में किया प्रदर्शन.? #shorts #shortvideo #short #viral #vidhansabha1
- ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बताया की गठबंधन की छात्रों के साथ है ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बताया की गठबंधन की छात्रों के साथ है1
- मां बेटा जमीन विवाद पर मां का बयान, मां ने कहा हमारे बेटे हमारे साथ... बेटों पर मां का गंभीर आरोप—दुर्व्यवहार कर जेवर अपने कब्जे में रखने का लगाया आरोप...1
- *JSSC-JPSC में अनियमितताओं के खिलाफ लातेहार की महिलाओं ने खोला मोर्चा, SDO को सौंपा ज्ञापन, CBI जांच और कड़े कानून की मांग* *लातेहार। संवाददाता* *17 अगस्त 2026* JSSC और JPSC सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के विरोध में लातेहार की महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्याओं ने रविवार को अनुमण्डल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से झारखण्ड के बेरोजगार युवा और छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली, पेपर लीक और फर्जी रिजल्ट से परेशान हैं। इससे न सिर्फ अभ्यर्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, बल्कि राज्य में अयोग्य लोगों की नियुक्ति का खतरा भी बढ़ गया है। *5 सूत्री मांगें सौंपीं* ज्ञापन के माध्यम से महिलाओं ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं: 1. *CBI जांच* - संदिग्ध परीक्षाओं की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. *कड़ा कानून* - पेपर लीक और नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू हो। 3. *परीक्षा रद्द* - जिन परीक्षाओं में अनियमितता पाई गई है उन्हें रद्द कर पुनः कराया जाए। 4. *पारदर्शिता* - परीक्षा के बाद OMR शीट और Answer Key सार्वजनिक की जाए। 5. *राजनीतिक हस्तक्षेप मुक्त आयोग* - JSSC और JPSC को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए। *महिलाओं ने जताई नाराजगी* ज्ञापन देने वालों में *प्रमिला कुमारी, कल्याणी पाण्डेय, संगीता कुमारी और अर्पणा सिंह* सहित कई महिला समूह की सदस्याएं शामिल थीं। महिलाओं ने कहा कि योग्य अभ्यर्थी मेहनत करके भी पीछे रह जा रहे हैं और भ्रष्टाचार के कारण उनका हक मारा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले और जल्द ठोस कदम उठाए। ज्ञापन प्राप्त कर अनुमण्डल पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि महिलाओं की मांगों को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।1
- JPSC-JSSC CGL छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद फूटा गुस्सा: 'सरकार हमें लाठी नहीं गोली मार दे, जब तक जिंदा हैं विरोध करेंगे' रांची। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और विधानसभा घेराव करने पहुंचे JPSC और JSSC CGL के अभ्यर्थियों पर 10 अगस्त को हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पर अपना दर्द और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। लाठीचार्ज की घटना से आहत अभ्यर्थियों ने सरकार की इस कार्रवाई पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। गुस्साए छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, "सरकार हमें लाठी मारने के बजाय सीधे गोली मार दे, ताकि विरोध ही समाप्त हो जाए। जब तक हम जिंदा रहेंगे, अपने हक और रोजगार के लिए विरोध करते रहेंगे। जब हम मर जाएंगे, तो विरोध करने वाला ही कोई नहीं बचेगा।" शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता का आरोप छात्रों का कहना है कि वे 10 अगस्त को अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन ने संवाद कायम करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाईं, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अपनी वाजिब मांगों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की आवाज उठाने पर सरकार लाठी के बल पर उनकी आवाज दबाना चाहती है। जारी रहेगा आंदोलन छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिसिया कार्रवाई से डरकर वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल परीक्षा की नहीं, बल्कि उनके भविष्य और आत्मसम्मान की है।1
- छात्रों पर जमकर बरसी लाठियां, प्रदर्शन के दौरान मचा हड़कंप.? #ranchi #vidhansabha #students #news1
- बड़ी खबर झारखंड की मिट्टी में जो प्यार और अपनापन है वो और कहीं नहीं। आई चेक वैन ले कर जब हमलोग गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने इस तरह अपना आभार प्रकट किया जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सेवा का इससे बड़ा इनाम कुछ भी नहीं हो सकता झारखंड की मिट्टी में जो प्यार और अपनापन है वो और कहीं नहीं। आई चेक वैन ले कर जब हमलोग गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने इस तरह अपना आभार प्रकट किया जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सेवा का इससे बड़ा इनाम कुछ भी नहीं हो सकता1
- झारखंड में नाश्ते पर हिरासत में लिया गया? आज सुबह रांची में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बढ़ने के दौरान पत्रकार अमन चोपड़ा को नाश्ता करते समय हिरासत में लिया गया। CJP प्रोटेस्ट के दौरान, किसी भी पत्रकार को गिरफ्तार नहीं किया गया। झारखंड स्टूडेंट मार्च: मार्च शुरू भी नहीं हुआ था, फिर भी चोपड़ा को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया। प्रोटेस्ट शुरू होने से पहले ही एक पत्रकार को हिरासत में क्यों लिया गया? झारखंड सरकार को कुछ गंभीर सवालों के जवाब देने हैं। परेशान झारखंड पुलिस और सरकार अब मीडिया के पीछे पड़ गई है। रांची पुलिस पत्रकार अमन चोपड़ा से पूछताछ करने उनके होटल पहुंची। वह सिर्फ़ स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट को कवर कर रहे थे। भारत में, वे (हर नेता) या तो ऐड के पैसे से मीडिया को खरीद लेते हैं या उन्हें परेशान करना शुरू कर देते हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज, पत्रकारों पर FIR, जो मुझपर भी हो चुकी है लेकिन तानाशाह मोदी हैं 🙏🏻1
- छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपाइयों ने किया सड़क जाम लातेहार: राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों पर सोमवार शाम हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदेश भाजपा द्वारा आहूत झारखंड बंद के समर्थन में लातेहार भाजपा जिला इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में सड़क जाम कर टायर जलाए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर लाठीचार्ज की निंदा की। जाम से थाना चौक पर तीनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों को परेशानी हुई। भाजपा नेताओं ने सरकार पर छात्र-युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए मांगों पर गंभीरता से विचार की मांग की।1