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कैमरे से आखिर किसकी सुरक्षा। पुलिस प्रशासन का अजब-गजब खेल।। कासगंज रोडवेज बस स्टेंड पर प्रशासन द्वारा लगाया गया कैमरा आसमान को कवर कर रहा है अगर इस एरिया में कोई दुर्घटना या अपराध होता है तो कार्यवाही के नाम पे सिर्फ खानापूर्ति ही होगी बीते दिन रोडवेज कर्मियों और पुलिस की तकरार में एक दूसरे पे आरोप प्रत्यारोप लगे है कौन सही ओर कौन गलत हैं इसका निर्धारण कैसे हो सरकारी कैमरों की गलत लोकेशन, खराब मेंटेनेंस (बंद होना), या गलत एंगल (ब्लाइंड स्पॉट) सुरक्षा व्यवस्था को नाकाम कर सकते हैं। जब कैमरे सही, महत्वपूर्ण जगहों (चौराहों) पर नहीं लगे होते या काम नहीं करते, तो अपराध निरोध और अपराधी की पहचान में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाती।
Expose live News (खबर का सच)
कैमरे से आखिर किसकी सुरक्षा। पुलिस प्रशासन का अजब-गजब खेल।। कासगंज रोडवेज बस स्टेंड पर प्रशासन द्वारा लगाया गया कैमरा आसमान को कवर कर रहा है अगर इस एरिया में कोई दुर्घटना या अपराध होता है तो कार्यवाही के नाम पे सिर्फ खानापूर्ति ही होगी बीते दिन रोडवेज कर्मियों और पुलिस की तकरार में एक दूसरे पे आरोप प्रत्यारोप लगे है कौन सही ओर कौन गलत हैं इसका निर्धारण कैसे हो सरकारी कैमरों की गलत लोकेशन, खराब मेंटेनेंस (बंद होना), या गलत एंगल (ब्लाइंड स्पॉट) सुरक्षा व्यवस्था को नाकाम कर सकते हैं। जब कैमरे सही, महत्वपूर्ण जगहों (चौराहों) पर नहीं लगे होते या काम नहीं करते, तो अपराध निरोध और अपराधी की पहचान में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाती।
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- सिकंदराराऊ के मोहल्ला शिव कॉलोनी में जलभराव से परेशान लोगों ने मंगलवार सुबह नगर पालिका पहुंचकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि सड़कें नीचे और नालियां ऊंची होने से गंदा पानी घरों के सामने भर रहा है। सूचना पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष मुशीर कुरैशी ने मौके का निरीक्षण किया और अस्थायी रोकथाम के इंतज़ाम कराए। साथ ही जल्द सड़क सुधार और स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। सफाई कर्मी समस्या के समाधान में जुट गए हैं।1
- आगामी होली के पर्व को लेकर यह साफ तौर से निर्देश दिया गया है कि जिलेभर की सभी तहसीलों में, होली में खाने वाली कचरी ब भंडारण चेक करें जिसके चलते आज दिनांक 24 फरवरी दिन मंगलवार को जिले से आई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सिकंदरा राव उप जिलाधिकारी और पुलिस टीम के साथ नगर की कई दुकानों की रूटीन चेकिंग की, चेकिंग अभियान के दौरान नगर में कई प्रमुख दुकानदार अपनी दुकानों की शटर बंद करके मौके से चले गए जहां कुछ को अधिकारियों ने फोन करके पूछा और उन्हें समझाया कि यह रूटीन चेक ने पर दुकानदारों ने अपना बाहर होने का हबाला बताते हुए आने से इनकार कर दिया जहां अधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि आगामी त्यौहार के चलते यह रूटीन चेकिंग चल रही है और नगर में यह चेकिंग अगले के दिन तक चलेगी, उन्होंने बताया नगर में कुछ के सैंपल तेल का लिया गया है और कहीं पनीर का भी सैंपल लिया गया है जिसको जांच के लिए भेजा गया है3
- यादव जी की लव स्टोरी पर मचा घमासान राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद भारत बदायूं जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव ने दिया ज्ञापन विधानसभा 113 सहसवान विधायक बृजेश यादव को उन्होंने मांग की है कि उक्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए अन्यथा इस फिल्म को बन कराया जाए1
- दक्षिण के किसी राज्य का है, लेकिन ये ट्रीटमेंट प्रत्येक राज्य, प्रत्येक पुलिस स्टेशन में दिया जाता है। ज्यादातर जगह इसको "आन मिलो सजना" बोलते हैं। क्षेत्रीय भाषा में इस वस्तु/ट्रीटमेंट के नाम परिवर्तन भी हो सकते हैं।1
- Post by Hari Singh Goutam1
- संभल के धनारी स्थित ग्राम गढ़ा में कालका मंदिर पर आयोजित तीसरा विशाल भंडारा धूमधाम से संपन्न हुआ। मुख्य झलकियां: आयोजन: बाबा भीमसेन एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से भव्य भंडारा। पूजा-पाठ: सुबह विधि-विधान से क्षेत्र की सुख-शांति हेतु विशेष पूजा की गई। प्रसाद वितरण: सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। सहयोग: पंडित मनोज कुमार गौड़ सहित गांव के युवाओं और महिलाओं ने व्यवस्था संभालने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्तिमय भजनों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। क्या आप इस खबर को सोशल मीडिया (Ashok pareniting presh rajpura) पर पोस्ट करने के लिए एक छोटा कैप्शन भी चाहेंगे?2
- सिकंदराराऊ में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” के विरोध में तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी संजय कुमार को सौंपा। संगठन का कहना है कि फिल्म से एक समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। कार्यकर्ताओं ने फिल्म की जांच कर प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।1
- *'तेरा ब' की गौशाला या बेजुबानों का कत्लखाना?* *'तेरा ब' गौशाला में 'कागजी' केयरटेकर और असली भ्रष्टाचार,पर गौसेवक राजा राम राही ने खोला मोर्चा* नरैनी (बांदा): "गौ सेवा" के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये बह रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायत 'तेरा ब' की तस्वीरें रूह कंपा देने वाली हैं। सवाल सीधा है— आखिर कब तक? कब तक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहेंगे ये बेजुबान? कब तक कागजों पर 3 केयरटेकर पालकर 2 का पैसा प्रधान और सचिव की जेब में जाता रहेगा? और कब तक VDO साहब की जांच फाइलों में दबी रहेगी, जबकि बाहर गौवंश दम तोड़ रहे हैं? प्रशासनिक निर्लज्जता की पराकाष्ठा: गौसेवक राजाराम राही द्वारा उठाए गए सवाल प्रशासन की संवेदनशीलता पर तमाचा हैं। जब सरकारी रिकॉर्ड में 3 लोग तैनात हैं, तो मौके पर सिर्फ एक ही क्यों? बाकी दो का वेतन किसकी तिजोरी भर रहा है? पशु चिकित्सक बदौसा की चुप्पी और अतर्रा तहसील के अधिकारियों की अनदेखी यह दर्शाती है कि यहाँ 'ऊपर से नीचे तक' सब गोलमाल है। यह पाप है, लापरवाही नहीं: तड़पती हुई गायें, कीचड़ में सने शव और खाली चरहियां (नाद) यह चीख-चीख कर कह रही हैं कि यहाँ विकासखंड नरैनी के जिम्मेदार अधिकारी अपना धर्म भूल चुके हैं। मुख्यमंत्री जी के कड़े निर्देशों के बावजूद बांदा के इस कोने में सरकारी तंत्र बेलगाम है। जनता की पुकार: अब समय सिर्फ ज्ञापन देने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है। अगर आज इन बेजुबानों की मौत पर पर्दा डाला गया, तो कल यह भ्रष्टाचार किसी और रूप में समाज को डसेगा। प्रशासन को जागना होगा, वरना 'तेरा ब' की ये मौतों का हिसाब इतिहास जरूर मांगेगा।6
- पुलिस में सख्ती की गूंज: रील बनाने पर टीएसआई सुरेश बाबू लाइन हाजिर, एसएसपी श्याम नारायण सिंह का स्पष्ट संदेश—वर्दी की गरिमा सर्वोपरि एटा। जनपद एटा के पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया रील बनवाने का मामला सामने आया। जीटी रोड पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (टीएसआई) सुरेश बाबू की वर्दी में बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मामला संज्ञान में आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए टीएसआई सुरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। बताया जाता है, कि टीएसआई सुरेश बाबू ड्यूटी के दौरान वर्दी में रील बनवाते नजर आए। वीडियो के वायरल होते ही विभागीय अनुशासन पर सवाल उठने लगे। एसएसपी ने बिना देरी किए कार्रवाई कर स्पष्ट कर दिया कि वर्दी मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और जनसेवा का प्रतीक है। इस त्वरित कार्यवाही से पुलिस महकमे में सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह स्पष्ट संकेत मिला है। कि ड्यूटी के समय किसी भी प्रकार की लापरवाही या सोशल मीडिया प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि सोशल मीडिया गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह कार्यवाही न केवल अनुशासन की मिसाल है, बल्कि पुलिस की छवि और विश्वसनीयता को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम भी मानी जा रही है। एटा पुलिस में अब एक ही संदेश गूंज रहा है। “ड्यूटी पहले, दिखावा बाद में।”1