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पीड़िता प्रार्थीया महिला को बेइज्जती एवं गलत नियत से छेड़छाड करने वाला आरोपी को थाना उरंदाबेडा पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर किया गया गिरफ्तार...
ESHENDRA PATEL
पीड़िता प्रार्थीया महिला को बेइज्जती एवं गलत नियत से छेड़छाड करने वाला आरोपी को थाना उरंदाबेडा पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर किया गया गिरफ्तार...
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- दुर्ग में भीम जयंती के मौके पर आयोजित कव्वाली में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की उपस्थिति पर पार्षद अजीत वैध ने क्या कहा सुनते हैं।1
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- सोनभद्र में ट्रकों की टक्कर से भीषण आग, लोगों की निष्क्रियता पर उठे सवाल! मदद की जगह वीडियो, इंसानियत पर गंभीर सवाल... क्या इंसान इतना सस्ता हो गया हैं कि वो इंसान ड्राइवर फस गया धीरे धीरे आग बढ़ती गईं कोई भी नहीं मदद के लिये आघे नही आया लेकिन वीडियो तो बननी चाहिए. पोस्ट करना हैं और तो और हस्ते हस्ते इंजॉय करते हुए वीडियो बनाई जान रहिये तो मोबाइल एक तरह का बीमारी बन गया हैं क्योंकि लोगो सब तरह के चीज को छोड़ सकता है लेकिन मोबाइल नहीं छोड़ सकता... ये लोग बचा सकते थे लेकिन बचा लेंंगे तो विडिओ के लिए फिर और न्यूज़ कहा से लाएंगे....1
- Post by तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम1
- सक्ती जिले के सिंहितराय गांव में वेदांता लिमिटेड बिजली संयंत्र में भीषण औद्योगिक दुर्घटना, जिसमें कम से कम नौ श्रमिकों की मौत हो गई और चालीस से अधिक अन्य घायल हो गए। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई जब एक बॉयलर ट्यूब में कथित तौर पर विस्फोट हो गया, जिससे एक अराजक स्थिति और श्रमिकों के बीच भगदड़ जैसी भीड़ हो गई। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमों द्वारा मलबे के नीचे फंसे श्रमिकों का पता लगाने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया था। गंभीर रूप से घायलों को जिंदल फोर्टिस सहित रायगढ़ के अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और सुरक्षा चूक की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।1
- जहर बनी दवाई या धोखा? धमधा में 4 एकड़ फसल बर्बाद, न्याय के लिए भटकता रहा किसान लोकेशन - धमधा रिपोर्टर -हेमंत उमरे धमधा क्षेत्र के बसनी गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां किसानों ने एक कृषि केंद्र पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित किसान अनुभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि बसनी गांव के सरपंच पति सत कुमार निषाद की लगभग चार एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। किसान का आरोप है कि यह नुकसान कृषि केंद्र से खरीदी गई दवाई और सामग्री के कारण हुआ, जो या तो घटिया थी या गलत तरीके से दी गई थी। जिसमें शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। किसान की शिकायत पर धमधा एसडीएम सोनल डेविड ने कृषि विस्तारक अधिकारी को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धमधा नगर गेट के सामने संचालित गुरुद्धन कृषि केंद्र, जिसके संचालक कृष्णा साहू बताए जा रहे हैं,जीन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं: किसानों को पक्के बिल की जगह कच्ची रसीद देना जीएसटी नियमों का उल्लंघन दवाइयों को अधिक कीमत पर बेचना नुकसान होने पर किसानों को बहला-फुसलाकर मामला दबाना किसानों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कई किसान पहले भी इस कृषि केंद्र के चक्कर काट चुके हैं। कुछ को मुआवजे का आश्वासन दिया गया, तो कुछ को थोड़ी रकम देकर चुप करा दिया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है और जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, किसानों का भरोसा अब प्रशासन पर से उठता जा रहा है क्योंकि अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बढ़ता आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या किसानों को न्याय मिलेगा? क्या दोषी कृषि केंद्र संचालक पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? इस घटना ने न सिर्फ कृषि व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि किसानों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।1
- ब्रेकिंग न्यूज़… तिल्दा-नेवरा से दिल दहला देने वाली खबर घटना रात करीब 8 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है।” तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत1
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन) भारत की संसद द्वारा सितंबर 2023 में पारित एक ऐतिहासिक कानून है, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करता है। इस कानून का उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें नीति निर्माता बनाना है, जो 2029 के चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम की मुख्य विशेषताएं: 33% आरक्षण: लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी। अवधि: यह आरक्षण 15 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। लागू करने की प्रक्रिया: परिसीमन (Delimitation) के बाद यह कानून लागू होगा, जिसके 2029 तक प्रभावी होने की उम्मीद है। सीटों का रोटेशन: प्रत्येक परिसीमन के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट (बदलना) किया जाएगा। SC/ST आरक्षण: आरक्षित सीटों में से ही अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल है। अधिनियम का महत्व: यह भारतीय राजनीति में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व (वर्तमान में लोकसभा में लगभग 14-15%) को सीधे संबोधित करता है। यह अधिनियम मातृशक्ति को सम्मानित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य केवल महिलाओं का विकास नहीं, बल्कि महिला-नेतृत्व में विकास सुनिश्चित करना है जागरूकता अभियान: इस अधिनियम के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और अन्य जागरूकता कार्यक्रम, जैसे कि Instagram और YouTube पर प्रचार, चलाए जा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। बॉयलर ब्लास्ट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 14 मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। 👉 मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी 👉 प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात 👉 हादसे के कारणों की जांच शुरू ⚠️ मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है 📢 Jay Johar CG News — खबर सच की जड़ तक1